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जिला विधिज्ञ संघ के चुनाव के लिए दस अभ्यर्थी ने किया नामांकन

औरंगाबाद। सोमवार को जिला विधिज्ञ संघ औरंगाबाद में 12 मार्च को होने वाले चुनाव को लेकर कुल दस अभ्यर्थीयो ने नामांकन किया। जिला विधिज्ञ संघ औरंगाबाद के चुनाव समिति के अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता महेंद्र प्रसाद सिंह और सहायक सदस्य कामता प्रसाद सिंह, राधेश्याम प्रसाद, सरोज रंजन सिन्हा,अभय कुमार ने बताया कि महासचिव पद पर सतीश कुमार सिंह, प्रमोद कुमार सिंह और रामावतार यादव ने नामांकन किया। वरिष्ठ सदस्य पद पर यमुना प्रसाद सिंह और अनील कुमार सिंह ने नामांकन किया, संयुक्त सचिव पद पर विनय कुमार मिश्रा ने नामांकन किया। सहायक सचिव पद पर सतीश कुमार स्नेही ने नामांकन किया। पुस्तकालय अध्यक्ष पद पर त्रिपुरारी कुमार वैद्य ने नामांकन किया और कार्यसमिति सदस्य पद पर विनय द्वेवेदी ने नामांकन किया। कार्यसमिति के कुल 27 पदों पर अब तक 46 अभ्यर्थीयो ने नामांकन हेतु रसीद कटवा लिया है। ज्ञात हो कि 25 फरवरी तक नामांकन दाखिल किया जाएगा।

अखिल भारतीय राजपूत एकता मिशन द्वारा वैवाहिक परिचय सम्मेलन का आयोजन पटना।अभिभावकों के लिए अपने बच्चों हेतु उपयुक्त जीवनसाथी की तलाश आज के समय में एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। इसी उद्देश्य से अखिल भारतीय राजपूत एकता मिशन की ओर से रविवार, 22 फरवरी को जगजीवन राम शोध संस्थान, पटना में “राजपूत युवक-युवती वैवाहिक परिचय सम्मेलन” का सफल आयोजन किया गया। सम्मेलन में विवाह योग्य युवक-युवतियों के अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में 100 से अधिक अभिभावक उपस्थित रहे, जबकि अब तक लगभग 300 परिवारों ने अपना पंजीकरण कराया है। इस अवसर पर अभिभावकों को एक साझा मंच प्रदान किया गया, जहां उन्होंने अपने बच्चों की शैक्षणिक योग्यता, पारिवारिक पृष्ठभूमि एवं वैवाहिक अपेक्षाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी साझा की। आपसी सहमति और संवाद के माध्यम से संभावित वैवाहिक संबंधों पर गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श किया गया। आयोजकों ने इसे समाज में पारदर्शी, संगठित एवं सकारात्मक वैवाहिक व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति कार्यक्रम में बिहार विधान परिषद सदस्य डॉ. समीर कुमार सिंह, विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. रविन्द्र नारायण सिंह, आईआरएस बिनोद कुमार सिंह, प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील सिंह, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेश कुमार सिंह, बिहार पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह, सितयोग इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के सचिव राजेश कुमार सिंह तथा प्रो. अजय प्रताप सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अखिल भारतीय राजपूत एकता मंच के अध्यक्ष एस.के. सिंह एवं संरक्षक प्रो. डॉ. आर.एन. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे सम्मेलन समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इस पहल को डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा जाए, ताकि देश-विदेश में बसे राजपूताना समाज के परिवारों को भी इसका लाभ मिल सके और अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित हो। दहेज और दिखावे के विरुद्ध सामाजिक पहल संस्थापक अध्यक्ष एस.के. सिंह ने कहा कि संगठन समाजहित में निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने सम्मेलन की सफलता का श्रेय कार्यकारिणी सदस्यों, अभिभावकों और समाज के सहयोग को दिया। उन्होंने दहेज प्रथा एवं विवाह में अनावश्यक दिखावे को समाज की गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए विशेष रूप से सहायक सिद्ध होंगे। वैवाहिक संस्कारों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता संरक्षक डॉ. आर.एन. सिंह ने कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का पवित्र बंधन है। बदलते सामाजिक परिवेश में वैवाहिक मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों को मजबूत करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के वैवाहिक परिचय सम्मेलन सामाजिक समरसता, पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण और स्वस्थ वैवाहिक परंपराओं को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम हैं। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे सम्मेलन नियमित रूप से आयोजित करने की घोषणा की तथा समाज के सभी वर्गों से सक्रिय सहयोग की अपील की।