जनमानस की सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं : डॉ. जी.डी. गुप्ता
संतोष मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर, मरीजों को बांटी गईं दवाएंपड़ाव/चंदौली। संतोष मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मरीजों की आवश्यकता के अनुसार लिवर, शुगर, ब्लड प्रेशर (बीपी), ईसीजी, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे की जांच की गई। ऑर्थोपेडिक, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, पीडियाट्रिक्स और मेडिसिन विभाग के चिकित्सकों ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। साथ ही, जरूरत के अनुसार दवाएं वितरित की गईं और आवश्यक जांच की गई।अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. जी.डी. गुप्ता ने कहा कि जनमानस की सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं है। अस्पताल परिवार समय-समय पर आम लोगों की सेवा के उद्देश्य से नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित करता रहता है और भविष्य में भी इस तरह के आयोजन जारी रखेगा।शिविर में डॉ. एस. अग्रवाल, डॉ. शाहरुख रऊफ, डॉ. शाहिस्ता खान और डॉ. अनन्या अग्रवाल सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे। शिविर के सफल आयोजन में सहायक प्रबंध निदेशक ऋषभ गुप्ता, मैनेजर शाहिद खान, सुनील यादव, अजय कुमार सहित अस्पताल के सभी कर्मचारियों का सहयोग रहा।फोटो कैप्शन: संतोष मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में आयोजित नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर में मरीजों का परीक्षण करते चिकित्सक एवं उपस्थित अस्पताल कर्मी।
सुरक्षा, सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि से आलोकित हो रहा है नारीशक्ति का जीवन: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि पर की मां महागौरी की पूजा, कहा- सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने सरकार के प्रयास से नारीशक्ति के जीवन में आए बदलाव की दी जानकारी सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय ₹3,000 से बढ़ाकर ₹12,000 प्रतिमाह किया: मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक कंपनियों से जुड़कर 31 जनपदों की 4 लाख से अधिक महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रदान कर रहीं मजबूती: मुख्यमंत्री स्वयं सहायता समूहों से आत्मनिर्भरता की नई गाथा लिख रहीं 1.20 करोड़ से अधिक महिलाएं: मुख्यमंत्री लखनऊ, 18 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि पर मां महागौरी के स्वरूप की पूजा की। उन्होंने मां महागौरी को शांति, पवित्रता और करुणा की प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने रविवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि मां महागौरी की आराधना हमें स्मरण कराती है कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब हर मां स्वस्थ और सुरक्षित हो, हर बेटी को पोषण एवं बेहतर भविष्य मिले तथा प्रत्येक नारी सम्मान के साथ आत्मनिर्भर होकर जीवन यापन कर सके। अब सुरक्षा, सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि से नारीशक्ति का जीवन आलोकित हो रहा है। नारीशक्ति को बनाया प्रगति का सक्रिय भागीदारमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने नारीशक्ति को प्रदेश की प्रगति का सक्रिय भागीदार बनाते हुए सुरक्षा, सम्मान, पोषण, शिक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के अवसरों का विस्तार किया है। आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग किया प्रशस्तमुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले सरकार की नाकामी पर भी प्रहार किया। कहा कि उस समय जहां प्रदेश में बच्चों के पोषण से जुड़ी व्यवस्था माफिया के शिकंजे में दम तोड़ रही थी, वहीं प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनने के बाद हमने टेक होम राशन के उत्पादन और वितरण की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सौंपकर व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की और नारीशक्ति के आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त किया। इस पहल ने प्रदेश में पोषण सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ ही कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई को अधिक प्रभावी बनाया। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ायासीएम ने बताया कि हमने बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की आधारशिला रखने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय में वृद्धि कर इसे ₹3,000 से बढ़ाकर ₹12,000 प्रतिमाह किया है। साथ ही, स्वास्थ्य बीमा का लाभ देकर उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक कल्याण को भी संबल प्रदान किया जा रहा है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहीं 4 लाख से अधिक महिलाएंमुख्यमंत्री ने लिखा कि आज प्रदेश में बलिनी, सामर्थ्य, काशी, बाबा गोरखनाथ और सृजनी जैसी दुग्ध उत्पादक कंपनियों से जुड़कर 31 जनपदों की 4 लाख से अधिक महिलाएं दुग्ध उत्पादन को आय, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बनाते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में बीसी सखी पहल ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेशमुख्यमंत्री ने बताया कि आज प्रदेश में 1 करोड़ 20 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई गाथा लिख रही हैं। लखपति दीदी पहल के माध्यम से महिलाएं अपनी मेहनत और हुनर को नियमित आय एवं आर्थिक समृद्धि में बदलकर अपने परिवार की खुशहाली सुनिश्चित कर रही हैं। मां महागौरी की कृपा से प्रदेश में आज नारीशक्ति का जीवन सुरक्षा, सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि से आलोकित हो रहा है। सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश।
दुर्गा पंडालों में सुरक्षा की हो समुचित व्यवस्थाः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी पुलिस कमिश्नर, एडीजी, जिलाधिकारी व पुलिस कप्तानों को दिए सख्त निर्देश हर पंडाल में इमरजेंसी एग्जिट के लिए हो पर्याप्त व्यवस्था रामनवमी, विजयादशमी, मूर्ति विसर्जन के मार्गों तथा आयोजन स्थलों पर किए जाएं समुचित प्रबंध पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान जनहानि पर सीएम ने जताया शोक बलरामपुर हादसे पर भी सीएम ने शोक प्रकट कर किया मुआवजे का ऐलान लखनऊ, 18 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में लगाए गए दुर्गा पंडालों और आमजन की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए हैं। बस्ती दौरे पर निकलने से पहले मुख्यमंत्री ने शासन व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर आवश्यक सुझाव भी दिए। मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा में हुई जनहानि पर शोक जताते हुए शासन, प्रशासन, पुलिस व ऊर्जा विभाग आदि के अधिकारियों को समुचित सुरक्षात्मक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने दुर्गा पंडालों में सुरक्षा के संबंध में सभी पुलिस कमिश्नर, एडीजी, आईजी, डीआईजी, जिलाधिकारी, पुलिस कप्तान को निर्देश दिए कि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं पंडालों में अग्नि सुरक्षा की अवश्य जांच कराएं। डीएम, कप्तान पंडालों का निरीक्षण कर एंट्री व एग्जिट पॉइंट की जांच भी सुनिश्चित करें। किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में इमरजेंसी एग्जिट के लिए पर्याप्त व्यवस्था अनिवार्य रूप से हो। विद्युत व्यवस्था के मद्देनजर प्रशासन व ऊर्जा विभाग के अधिकारी सुरक्षात्मक प्रबंधों का परीक्षण भी कर लें। इसमें किसी भी प्रकार की हीला-हवाली अक्षम्य होगी। मुख्यमंत्री ने रामनवमी व विजयादशमी त्योहार पर प्रशासन, पुलिस, विद्युत, नगर निगम, नगर निकायों, पेयजल समेत संबंधित सभी विभागों के अधिकारियों को फील्ड में रहने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी दुर्गा पंडालों, मार्गों आदि पर सुरक्षा, स्वच्छता के साथ ही जनसुविधा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित रहें। मूर्ति विसर्जन के दौरान भी यात्रा मार्गों तथा विसर्जन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था, बिजली के तारों, स्वच्छता आदि से जुड़ी व्यवस्थाओं पर नजर रखी जाए। आस्था का सम्मान करें, लेकिन किसी नई परंपरा को प्रोत्साहित न करें। यह भी सुनिश्चित करें कि इस दौरान आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बॉक्ससीएम ने बलरामपुर हादसे पर जताया शोक, मुआवजे का ऐलानमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर में रविवार सुबह सड़क दुर्घटना पर शोक जताया। यहां देहात क्षेत्र में तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से हुई जनहानि पर सीएम ने दुख प्रकट किया और जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था की जाए। इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न हो। सीएम ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख व घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद का भी ऐलान किया।
यूपी में ‘रूल ऑफ माफिया’ मिटाकर स्थापित किया ‘रूल ऑफ लॉ’: मुख्यमंत्री
डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में बोले सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ, 17 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले माफियाराज का प्रभाव था, लेकिन अब प्रदेश में रूल ऑफ लॉ यानी कानून का राज स्थापित किया गया है। यही विकास, निवेश और आमजन के विश्वास की सबसे मजबूत नींव है। एक समय यूपी को बीमारू राज्यों की श्रेणी में रखा जाता था, निवेश तथा कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जाते थे, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रभावी कार्ययोजना से प्रदेश ने अपनी स्थिति बदली है। आज उत्तर प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री शनिवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ के पांचवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने युवा विधि स्नातकों से कहा कि वे कानून को केवल धाराओं और मुकदमों तक सीमित न रखें, बल्कि आम नागरिक के विश्वास, अधिकारों की रक्षा और न्याय की सुलभता को अपने कार्य का आधार बनाएं। विकसित भारत की कल्पना केवल सड़कों, कारखानों और एक्सप्रेसवे के निर्माण से साकार नहीं होगी। इसके लिए न्याय, अधिकारों और कर्तव्यों पर आधारित व्यवस्था को मजबूत करना होगा। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को बिना भेदभाव सहज और सुलभ न्याय मिलना चाहिए। कानून की सबसे बड़ी पूंजी उसकी धाराएं नहीं, बल्कि आमजन का विश्वास है। यह विश्वास निष्पक्षता, पीड़ित के सम्मान और विधिवेत्ताओं के आचरण से मजबूत होता है। विधिवेत्ताओं को सत्य, धर्म, निष्पक्षता और संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखनी होगी। पहले यूपी को लेकर थी नकारात्मक धारणामुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश को लेकर यह धारणा थी कि यहां निवेश सुरक्षित नहीं है, कनेक्टिविटी कमजोर है और विकास की संभावनाएं सीमित हैं। सबको यही लगता था कि उत्तर प्रदेश नहीं सुधर सकता। इस सोच को बदलने के लिए इच्छाशक्ति और परिणाम देने वाली कार्ययोजना जरूरी थी। प्रदेश में कानून का राज स्थापित करना इसी परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमने प्रदेश को माफियाराज से मुक्त कर कानून का शासन स्थापित किया। पहले हाल यह था कि प्रयागराज के एक माफिया के सामने प्रशासनिक और संवैधानिक पदों से जुड़े लोगों के काफिले तक रुक जाते थे। लेकिन, अब कानून के राज में प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। ‘विकसित भारत’ 2047 की पैरवी करेंगे विधि विद्यार्थीमुख्यमंत्री ने इस दीक्षांत समारोह को एक काल्पनिक मुकदमे के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा कि यदि ‘विकसित भारत 2047’ एक केस है, तो 140 करोड़ भारतीय उसके याची हैं और युवा विधिवेत्ता उनके अधिवक्ता हैं। इस मुकदमे में तथ्य, साक्ष्य, तर्क और ईमानदार पैरवी की आवश्यकता होगी। इसका प्रतिवादी कोई व्यक्ति या राजनीतिक दल नहीं, बल्कि वह यथास्थितिवादी सोच है, जो यह मानने को तैयार नहीं होती कि परिवर्तन संभव है। *मई 2014 के बाद देश में सुधारों को गति *सीएम योगी ने कहा कि देश की स्वतंत्रता, संविधान का लागू होना, आपातकाल, न्यायपालिका के ऐतिहासिक निर्णयों और देश में हुए सुधारों को हमारी यात्रा की महत्वपूर्ण तिथियों के रूप में देखा जा सकता है। 15 अगस्त 1947 को देश स्वतंत्र हुआ और 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ। 25 जून 1975 को आपातकाल लागू होने की घटना ने ‘रूल ऑफ लॉ’ और ‘रूलर के लॉ’ के बीच का अंतर स्पष्ट किया। मई 2014 के बाद देश में सुधारों की प्रक्रिया को गति मिली। अप्रासंगिक हो चुके 1,500 से अधिक कानून समाप्त किए गए। जन विश्वास अधिनियम के माध्यम से 42 कानूनों के 183 प्रावधानों में छोटी-छोटी चूकों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया। दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता, जीएसटी, अनुच्छेद 370 से संबंधित बदलाव और नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सुधार का अर्थ केवल नए कानून बनाना नहीं, बल्कि उन पुराने कानूनों को हटाना भी है जिनकी प्रासंगिकता समाप्त हो चुकी है। 2029-30 तक वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्यमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2013 में भारत को दुनिया की पांच नाजुक अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, जबकि आज वह दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। इस बदलाव ने भारत के प्रति वैश्विक विश्वास को मजबूत किया है। इसी तरह यूपी को अब वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विजन डॉक्यूमेंट जारी किया गया है और कार्ययोजना लागू की गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2029-30 तक यह लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा। कहा कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति और विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कानून के शासन, निष्पक्षता और आमजन के विश्वास को मजबूत बनाए रखना जरूरी है। पीड़ित को सम्मान देना और न्याय को सुलभ बनाना इस विश्वास के प्रमुख आधार हैं। एआई सहायक बने, अंतिम निर्णय मनुष्य के विवेक से होतकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक ने अपराध और साक्ष्य, दोनों का स्वरूप बदल दिया है। एआई ने शोध, आंकड़ों के विश्लेषण और संभावित परिणामों के आकलन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ नई चुनौतियां भी सामने आई हैं। डीपफेक के माध्यम से किसी व्यक्ति का चेहरा और आवाज इस तरह प्रस्तुत की जा सकती है कि देखने-सुनने वाला उसे वास्तविक मान ले। ऐसे में डिजिटल साक्ष्य की प्रामाणिकता की वैज्ञानिक जांच करना आवश्यक होगा। जब किसी दूसरे देश में बैठा अपराधी किसी व्यक्ति की जीवनभर की कमाई एक झटके में उड़ा लेता है, तो उसकी पहचान और उस तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इन परिस्थितियों में युवा विधिवेत्ताओं को तकनीक और कानून, दोनों की समझ विकसित करनी होगी। सभी 75 जनपदों में साइबर थाने स्थापितमुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में साइबर थाने स्थापित किए गए हैं। प्रदेश के 1,583 थानों में साइबर हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है। राज्य में फॉरेंसिक संस्थान भी स्थापित किया गया है। एआई प्रज्ञा कार्यक्रम के माध्यम से 10 लाख युवाओं को एआई, डेटा एनालिटिक्स और साइबर सिक्योरिटी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नए आपराधिक कानूनों में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को मान्यता दी गई है। सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले मामलों में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य है। सीएम ने कहा कि एआई
हाईवे-एक्सप्रेसवे पर बढ़ेगी सुरक्षा, शीतलहर-कोहरे में हादसे रोकने के लिए योगी सरकार ने शुरू की तैयारी
एंबुलेंस और रेस्क्यू वाहन, हाईवे-एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना संभावित जगहों पर रहेंगे तैनात कोहरे में सड़क सुरक्षा के लिए रिफ्लेक्टिव संकेतक और सफेद पट्टियां सही करने के निर्देश लखनऊ, 17 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में शीतलहर और घने कोहरे के दौरान हादसों पर अंकुश लगाने के लिए योगी सरकार ने सड़क सुरक्षा के इंतजाम मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना संभावित स्थलों के आस-पास पर्याप्त संख्या में पेट्रोलिंग वाहन, एंबुलेंस और रेस्क्यू वाहन उपलब्ध रखने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि हादसा होने की स्थिति में घायलों को तत्काल सहायता और समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। दुर्घटना संभावित स्थलों पर तैनात रहेंगे एंबुलेंस और रेस्क्यू वाहनराहत आयुक्त ने राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना संभावित स्थलों के आस-पास पर्याप्त संख्या में पेट्रोलिंग वाहन, एंबुलेंस और रेस्क्यू वाहन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य हादसे की स्थिति में घायलों तक जल्द पहुंचना और उन्हें बिना देरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। सर्दियों में घने कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में राहत एवं बचाव व्यवस्था को पहले से तैयार रखना महत्वपूर्ण है। रिफ्लेक्टिव संकेतक और सफेद पट्टियां स्पष्ट रखने के निर्देशसड़क सुरक्षा के लिए हाईवे और एक्सप्रेसवे पर लगे रिफ्लेक्टिव चिह्नों, कैट्स आई, दिशासूचक बोर्ड और अन्य संकेतकों की नियमित जांच करने के लिए कहा गया है। राहत आयुक्त ने सड़क की बॉर्डर लाइन और मध्य रेखा पर बनी सफेद पट्टियों को स्पष्ट रखने के निर्देश दिए हैं। धूल से ढकी, मिट चुकी या उखड़ी पट्टियों का तत्काल नवीनीकरण कराया जाएगा, ताकि कम दृश्यता के दौरान वाहन चालकों को सड़क की सीमा और दिशा समझने में परेशानी न हो। मोड़ और दुर्घटना संभावित स्थानों पर बढ़ेगी सतर्कताउन्होंने कहा कि प्रमुख चौराहों, तिराहों, क्रॉसिंग, मोड़ों और दुर्घटना संभावित स्थलों पर स्टॉप लाइन, जेब्रा क्रॉसिंग व यातायात संकेतकों को दुरुस्त रखा जाएगा। जरूरत के अनुसार चेतावनी संकेतक और गति सीमा से जुड़े बोर्ड भी लगाए जाएंगे। इन व्यवस्थाओं से कोहरे के दौरान वाहन चालकों को सड़क की स्थिति और संभावित खतरों के बारे में समय रहते जानकारी मिल सकेगी। अनफिट और असुरक्षित वाहनों के संचालन पर लगेगी रोकराहत आयुक्त ने निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं चलने वाले अनफिट वाहनों और जुगाड़ से निर्मित असुरक्षित वाहनों के संचालन पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस आपसी समन्वय से जांच और प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे, ताकि असुरक्षित वाहनों से होने वाले संभावित हादसों को रोका जा सके। फॉग लाइट और रिफ्लेक्टिव टेप के प्रति जागरूक होंगे चालकसड़क हादसों की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे। वाहन चालकों को फॉग लाइट और रिफ्लेक्टिव टेप का इस्तेमाल करने, आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त सुरक्षित दूरी बनाए रखने और गति नियंत्रित रखने के लिए जागरूक किया जाएगा। साथ ही, सड़क पर लगे चेतावनी संकेतकों और निर्धारित गति सीमा का पालन करने पर जोर दिया जाएगा। कोहरे में दृश्यता के अनुसार नियंत्रित रखनी होगी गतिराहत आयुक्त ने आगामी दिनों में घने कोहरे के दौरान दृश्यता के अनुरूप वाहनों की गति नियंत्रित रखने और आवश्यक यातायात प्रबंधन उपाय अपनाने पर जोर दिया है। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे अत्यधिक कोहरे में विशेष सावधानी बरतें और परिस्थितियों के अनुकूल ही वाहन चलाएं। कम दृश्यता में तेज गति और आगे चल रहे वाहन से कम दूरी दुर्घटना का जोखिम बढ़ा सकती है। राहत आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी इंतजामों की नियमित जांच करने और कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए हैं। यातायात नियमों के पालन की अपीलराहत आयुक्त ने आमजन और वाहन चालकों से अपील की है कि घने कोहरे में फॉग लाइट का प्रयोग करें, सुरक्षित गति बनाए रखें और आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी रखें। दृश्यता कम होने पर अतिरिक्त सतर्कता बरतें व यातायात नियमों का पालन करें।
बैलेट पेपर से हो रहा है चुनाव, न्याय के पक्ष में परिणाम देने का काम जनता-जनार्दन का: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लखनऊ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा सम्मेलन को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया संबोधित। लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह शिक्षा की घोषित दुश्मन है। शिक्षा व्यवस्था की उपेक्षा और शिक्षकों का अपमान उसकी राजनीति का आधार रहा है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के समय शिक्षण संस्थानों पर पेशेवर गुंडों का दबदबा था और युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा हुआ। इसके विपरीत, भाजपा सरकार ने शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए काम किया है। मुख्यमंत्री ने शिक्षक एवं स्नातक मतदाताओं से अपील की कि वे इस चुनाव में परिवारवाद और वंशवाद को नकारते हुए योग्य और सक्षम प्रतिनिधि चुनें। ‘शिक्षक-स्नातक सम्मेलन’ में जनता को किया संबोधितउत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगामी लखनऊ खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर लखनऊ में ‘शिक्षक-स्नातक सम्मेलन’ का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए एवं कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। यह सम्मेलन लखनऊ स्नातक क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह और लखनऊ शिक्षक क्षेत्र से प्रत्याशी उमेश द्विवेदी के समर्थन में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में पहुंचने पर क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, भाजपा प्रदेश महामंत्री दिलीप पटेल और दोनों प्रत्याशियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बुके भेंट कर भव्य स्वागत व अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र ,पुष्पगुच्छ भेंट किया गया और स्मृति चिह्न के रूप में भगवान श्रीराम की प्रतिमा भेंट की गई। मुख्यमंत्री ने लखनऊ खंड के मतदाता महासम्मेलन को संबोधित करते हुए सपा की नीतियों पर सवाल उठाए और शिक्षकों, युवाओं तथा अधिवक्ताओं के हित में सरकार की ओर से किए गए कार्यों का उल्लेख किया। ‘समाजवादी पार्टी शिक्षा की घोषित दुश्मन’मुख्यमंत्री ने कहा, “शिक्षा की व्यवस्था की उपेक्षा, शिक्षकों का अपमान, यहीं से समाजवादी पार्टी ने अपनी राजनीति की थी।” उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के समय शिक्षण संस्थानों में पेशेवर गुंडे हावी हो जाते थे और शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। उनके अनुसार, शिक्षा और युवा पिछली सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल नहीं थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की व्यवस्था कमजोर होने का असर केवल शिक्षकों और विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे समाज, प्रदेश और देश का भविष्य भी प्रभावित होता है। उन्होंने शिक्षकों के सम्मान, विद्यालयों की सुविधाओं और युवाओं के अवसरों को बेहतर बनाने की जरूरत पर जोर दिया। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ के मुकाबले वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्टमुख्यमंत्री ने सपा सरकार पर माफिया के प्रभाव को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा, “समाजवादी पार्टी ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ दिया, हमने ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ दिया, ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ दिया।” उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में माफिया जमीनों पर कब्जा कर लेते थे और आम लोगों, शिक्षकों तथा सरकारी संपत्तियों की जमीनों को भी निशाना बनाया जाता था। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने कानून-व्यवस्था में सुधार के साथ विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों के विस्तार, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश से रोजगार के अवसर बढ़ने का भी उल्लेख किया। ‘परिवारवाद और वंशवाद की विषबेल हटाइए’मुख्यमंत्री ने शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह और उमेश द्विवेदी के समर्थन में मतदान की अपील की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के मतदाताओं को ऐसा प्रतिनिधि चुनना चाहिए, जो उनकी समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठा सके और जिम्मेदारी के साथ काम करे। उन्होंने कहा, “आपका प्रतिनिधि वह बनेगा जिसमें जज्बा हो और जिसमें सामर्थ्य हो।” परिवारवाद और वंशवाद पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से इसे बढ़ावा देने वाली राजनीति को नकारने का आह्वान किया। उन्होंने दोनों प्रत्याशियों को शिक्षकों और स्नातकों की आवाज उठाने में सक्षम बताया। बैलेट पेपर से चुनाव, न्याय के पक्ष में परिणाम देने की अपीलमुख्यमंत्री ने कहा, एमएलसी चुनाव “ईवीएम से नहीं, बैलेट पेपर से हो रहा है और परिणाम न्याय के पक्ष में देने का काम आपको करना है।” उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने की प्रवृत्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि यह चुनाव उसका भी जवाब होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से सतर्क रहकर मतदान करने और अति-आत्मविश्वास से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनाव में प्रत्येक मत महत्वपूर्ण है और कार्यकर्ताओं को मतदाताओं तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास करना चाहिए। शिक्षकों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाजमुख्यमंत्री ने शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों और स्ववित्तपोषित संस्थानों सहित विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों तथा उनके परिवारों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि सरकारी और सहायता प्राप्त संस्थानों से जुड़े शिक्षकों, शिक्षामित्रों तथा अनुदेशकों के साथ किसी अनहोनी या दुर्घटना की स्थिति में परिवार को बीमा कवर के माध्यम से 40 लाख रुपये से लेकर 1.5 करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था है। रसोइयों के लिए भी दो लाख रुपये का सुरक्षा बीमा कवर उपलब्ध कराने का उल्लेख किया। ऑपरेशन कायाकल्प से स्कूलों में बेहतर सुविधाएं, ड्रॉपआउट दर 20 से घटकर तीन प्रतिशत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर करने के लिए काम किया है। बेसिक शिक्षा में ऑपरेशन कायाकल्प और निपुण भारत अभियान के तहत स्कूलों में बेहतर कक्षाएं, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, पेयजल, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर कक्ष जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, बेसिक शिक्षा में ड्रॉपआउट दर 20 प्रतिशत से घटकर तीन प्रतिशत रह गई है, जबकि सैचुरेशन का स्तर 36 प्रतिशत से बढ़कर 96 प्रतिशत हो गया है। माध्यमिक शिक्षा में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत राजकीय इंटर कॉलेजों, राजकीय बालिका इंटर कॉलेजों, सहायता प्राप्त कॉलेजों और संस्कृत महाविद्यालयों के भवनों का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण किया गया है। इन संस्थानों में प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, स्मार्ट क्लास और अटल टिंकरिंग लैब जैसी सुविधाओं का भी विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री ने अटल आवासीय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों और आश्रम
छात्रवृत्ति आवेदन अग्रसारित करने के लिए समय-सीमा तय, जनपद के संस्थानों को कड़े निर्देश
चंदौली । वित्तीय वर्ष/शैक्षणिक सत्र 2026–27 में अन्य पिछड़ा वर्ग (अल्पसंख्यक पिछड़ा वर्ग को छोड़कर) के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना को लेकर जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रत्नेश सिंह ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। निदेशक, पिछड़ा वर्ग कल्याण, उत्तर प्रदेश लखनऊ के आदेशों के क्रम में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रत्नेश सिंह ने जिले के सभी नोडल अधिकारियों, जिला विद्यालय निरीक्षक, उच्च, तकनीकी, चिकित्सा, प्राविधिक एवं व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों के प्राचार्यों और प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी किए हैं कि शिक्षण संस्थानों के स्तर पर लंबित आवेदनों को नियमानुसार जल्द से जल्द आगे (फॉरवर्ड) बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कक्षा 9 से 12 तक के छात्र/छात्राओं के लिए अंतिम तिथि 20 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। अन्य दशमोत्तर कक्षाओं (कक्षा 11-12 को छोड़कर) के लिए: अंतिम तिथि 25 अक्टूबर 2026 तय की गई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कुल लंबित आवेदन डेटा कक्षा 9–10 का 5,471 है। कक्षा 11–12 का 5,472 एवं अन्य (उच्च शिक्षा/समान): 14,260 है। जिला प्रशासन एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने सभी संबंधित शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे प्राथमिकता के आधार पर पोर्टल पर फाइनल सबमिट करते हुए छात्र-छात्राओं का डेटा समय से अग्रसारित (फारवर्ड) करें ताकि कोई भी पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित न रह जाय।
जब नारीशक्ति स्वस्थ-शिक्षित और समर्थ होती है, तभी राष्ट्र का वर्तमान सुरक्षित और भविष्य उज्ज्वल: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने मां स्कंदमाता को बताया वात्सल्य, ममता और पोषण की अधिष्ठात्री देवी बेटियों की शिक्षा में निवेश उनके आत्मविश्वास और प्रदेश के भविष्य को सशक्त बनाने का जरिया: सीएम 2017 से पहले बेटियों को संबल देने के बजाय अपने राजनीतिक कुनबे को पोषित करने में व्यस्त थीं पूर्ववर्ती सरकारें: मुख्यमंत्री लखनऊ, 15 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जगतजननी मां भगवती के स्कंदमाता स्वरूप को वात्सल्य, ममता और पोषण की अधिष्ठात्री देवी बताया। उन्होंने कहा कि मां स्कंदमाता की आराधना हमें यह पावन संदेश देती है कि जब नारीशक्ति स्वस्थ, शिक्षित और समर्थ होती है, तभी राष्ट्र का वर्तमान सुरक्षित और भविष्य उज्ज्वल होता है। 2017 से पहले सिर्फ उपेक्षा एवं भ्रष्टाचारसीएम ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि वर्ष 2017 से पहले बेटियों को संबल देने के बजाय पूर्ववर्ती सरकारें केवल अपने राजनीतिक कुनबे को पोषित करने में व्यस्त थीं। प्रदेश में माताओं का स्वास्थ्य और बेटियों की शिक्षा घोर उपेक्षा एवं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी। अस्पतालों की बदहाली, दवाओं का अभाव और संस्थागत प्रसव की लचर व्यवस्था के कारण मातृ-शिशु मृत्यु दर चिंताजनक स्थिति में थी। डबल इंजन सरकार ने बनाया समग्र सुरक्षा एवं कल्याण चक्रमुख्यमंत्री ने लिखा कि विगत साढ़े 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदला है। पहले सुविधाओं के अभाव में प्रदेश की लाखों बेटियां पढ़ाई छोड़ने को मजबूर थीं, लेकिन विगत 9.5 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा और सुरक्षित मातृत्व तक समग्र सुरक्षा एवं कल्याण चक्र तैयार किया है। बदले परिदृश्य पर कराया ध्यानाकर्षणमुख्यमंत्री ने 2017 के बाद बदले परिदृश्य पर भी ध्यानाकर्षण कराया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प से प्राथमिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का सैचुरेशन 36 से बढ़कर 96 फीसदी से अधिक हो गया है। स्कूल ड्रॉपआउट रेट 20 से घटकर 3 प्रतिशत से भी कम रह गया है। अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से श्रमिक व वंचित वर्ग की बेटियों को आधुनिक, विश्वस्तरीय आवासीय शिक्षा मिल रही है। कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में कक्षा 12 तक पढ़ाई की सुविधा के विस्तार से बेटियों को अपनी शिक्षा पूरी करने के अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की शिक्षा में निवेश, उनके आत्मविश्वास और प्रदेश के भविष्य को सशक्त बनाने का निवेश है।
माफिया की जगह सिर्फ मिट्टी, कब्जाई जमीन पर गरीबों की बनेंगी हवेलियां: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
वाराणसी में विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी के 76 दिवसीय वार्ड प्रवास अभियान के समापन एवं स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित स्वच्छता कर्मियों का पैसा काटने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, न्यूनतम 16 हजार रुपये मानदेय की व्यवस्था वाराणसी, 15 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माफिया की जगह सिर्फ मिट्टी में है। जिन जमीनों पर कभी माफिया का कब्जा था, वहां अब गरीबों की हवेलियां बनेंगी। प्रयागराज में माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों, वंचितों और दलितों के लिए बहुमंजिला आवासीय इमारतों के निर्माण का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘अब माफिया नहीं, माफिया की जगह मिट्टी में है, अब गरीबों के लिए बड़ी-बड़ी हवेलियां बनेंगी।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार गरीबों के हितों के संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने स्वच्छता कर्मियों के मानदेय में कटौती करने वालों को भी चेताया। कहा कि उत्तर प्रदेश में तय कर दिया गया है कि कोई भी व्यक्ति स्वच्छता कर्मियों का पैसा काटेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री योगी गुरुवार को वाराणसी दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी के 76 दिवसीय वार्ड प्रवास अभियान के समापन एवं स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अभियान के चौथे संस्करण की सराहना करते हुए इसे अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणादायक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता के बीच रहकर उसकी समस्याओं का समाधान करें, सरकारी निर्माण कार्यों का संरक्षण सुनिश्चित करें और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दस स्वच्छता कर्मियों को अंगवस्त्र पहनाकर और बैग भेंटकर सम्मानित किया। परिवार को ही प्रदेश मानने वालों की दुर्गति तयमुख्यमंत्री योगी ने जनप्रतिनिधियों की सक्रियता का उल्लेख करते हुए परिवारवाद पर तंज कसा। उनका इशारा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की तरफ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि ही दोपहर 12 बजे सोकर उठेगा, नेतृत्व देने वाला भी 12 बजे सोकर उठेगा, अपने परिवार के बीच मस्त रहेगा और परिवार को ही समाज व प्रदेश मानने की भूल करेगा तो दुर्गति होनी ही है। उन्होंने कहा कि जो समाज, प्रदेश और देश को अपना परिवार मानते हैं, वही परिवर्तन ला सकते हैं। मुख्यमंत्री ने उन जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधा, जो एक बार चुने जाने के बाद लखनऊ में पड़े रहते हैं और दोबारा अपने क्षेत्र में झांकने नहीं पहुंचते। स्वच्छता कर्मियों का मानदेय काटा तो होगी कड़ी कार्रवाईमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले स्वच्छता कर्मियों से काम लेने के बाद उनकी मजदूरी और मानदेय में कटौती कर दी जाती थी। कई बार पूरा पैसा भी नहीं दिया जाता था। अब ऐसी मनमानी नहीं चलेगी। सरकार ने मानदेय में कटौती पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स कॉरपोरेशन के माध्यम से कर्मियों को न्यूनतम 16 हजार रुपये मानदेय देने की व्यवस्था की गई है। उन्हें ईएसआई के तहत अस्पतालों में उपचार, सुरक्षा बीमा और पीएफ का लाभ भी मिलेगा। दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को आर्थिक सहायता मिल सकेगी। पीएफ की व्यवस्था से सेवानिवृत्ति के बाद कर्मियों के पास अपनी पूंजी होगी और उन्हें दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। स्वच्छता मित्र नींव के पत्थर, उन्हीं पर टिकी भव्य व्यवस्थामुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्वच्छता कर्मी तब सड़कों और मोहल्लों की सफाई करते हैं, जब अधिकांश लोग सो रहे होते हैं। सर्दी, गर्मी, बरसात, आंधी और त्योहारों में भी वे पहले दूसरों के लिए स्वच्छ वातावरण तैयार करते हैं। प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन के बावजूद स्वच्छता की प्रशंसा हुई। इसके पीछे स्वच्छता कर्मियों का परिश्रम था। उन्होंने कहा कि नींव का पत्थर दिखाई नहीं देता, लेकिन पूरी भव्य इमारत उसी पर खड़ी होती है। स्वच्छता कर्मियों का योगदान भी ऐसा ही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह नगर निगमों के कार्यक्रमों में स्वच्छता मित्रों का सम्मान कराने पर विशेष जोर देते हैं। 403 विधानसभा क्षेत्रों में चले ऐसा अभियानमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि डॉ. नीलकंठ तिवारी का 76 दिवसीय वार्ड प्रवास अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा है। प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर जनप्रतिनिधि इसी जागरूकता के साथ कार्य करें तो जनता के मन में नकारात्मकता पैदा नहीं होगी। लोकप्रिय जनप्रतिनिधि वही है, जिसकी पहुंच हर घर तक हो। शासन की योजनाएं उपलब्ध हैं, लेकिन कई पात्र लोगों को उनकी जानकारी तक नहीं होती। ऐसे में जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि शिविर लगवाकर वृद्धों, निराश्रित महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड और अन्य योजनाओं का लाभ दिलाएं। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान गाली-गलौज या मारपीट से नहीं, संवाद से निकलता है। प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर जनहित के काम कराए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बदली काशी की तस्वीरमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले काशी की गलियों में गंदगी, सड़कों पर जाम और बिजली का संकट आम बात थी। निराश्रित गोवंश सड़कों पर घूमते थे। भू-माफिया गरीबों और व्यापारियों की जमीन-मकान पर कब्जा कर भय का वातावरण बनाते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी का कायाकल्प हुआ है। अब यह अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए नई आभा के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य सरकार करा सकती है, लेकिन उनके संरक्षण की जिम्मेदारी जागरूक समाज की है। समय पर सफाई और मरम्मत से सार्वजनिक सुविधाओं की उपयोगिता बढ़ती है। 76 दिनों में 24 वार्डों तक पहुंचा अभियानविधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बताया कि लगातार चौथे वर्ष आयोजित वार्ड प्रवास अभियान में दक्षिणी विधानसभा के सभी 24 वार्ड शामिल किए गए। 19 जुलाई से दो अक्टूबर तक चले अभियान में प्रत्येक वार्ड में तीन से चार दिन प्रवास किया गया। इस दौरान 11 रविवार को जनकल्याण शिविर लगाए गए। अभियान में 800 से अधिक पौधे रोपे गए। करीब दो हजार लोगों की निशुल्क जांच कर चश्मे वितरित किए गए। पीएम स्वनिधि और पीएम विश्वकर्मा सहित विभिन्न योजनाओं से लाभार्थियों को जोड़ा गया। पेयजल, सीवर और सफाई संबंधी समस्याओं के समाधान की भी पहल हुई। दस स्वच्छता मित्रों को किया सम्मानितमुख्यमंत्री योगी ने समारोह में वसीम, रोहित रावत, राजकुमार, पुनवासी, आशुतोष, दिनेश, सुनील, रेखा, अल्पना और चिंता देवी को अंगवस्त्र पहनाकर तथा बैग भेंटकर
जनसमस्याओं के समाधान के रास्ते का बैरियर है सपा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मीरजापुर में शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी ने भरी हुंकार, भाजपा प्रत्याशियों के लिए मांगा समर्थन मीरजापुर, 15 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी को विकास और जनसमस्याओं के समाधान के रास्ते का बैरियर करार दिया। उन्होंने कहा कि अच्छा जनप्रतिनिधि चुनने से आधी से अधिक समस्याओं के समाधान का रास्ता खुल जाता है, जबकि गलत प्रतिनिधि चुनने से समाधान के मार्ग में बाधा खड़ी हो जाती है। समाजवादी पार्टी ऐसा ही बैरियर है। सपा ने मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर, विश्वविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों, पुलों और घाटों के निर्माण में रोड़े अटकाए। इनका काम ही विकास में बाधा डालना है। ऐसे लोगों को बैरियर ही बने रहने दीजिए, चुनकर मत भेजिए। इनके बैरियर को एक झटके में उखाड़कर बाहर कर देंगे। मुख्यमंत्री योगी मीरजापुर में वाराणसी खंड शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिक्षक सीट से भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद मिश्रा और स्नातक सीट से केदारनाथ सिंह के समर्थन में आयोजित सम्मेलन में कहा कि दोनों प्रत्याशी पिछला चुनाव नहीं जीतने के बावजूद शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं को लेकर लगातार उनके पास आते रहे। उन्होंने 23 अक्टूबर को सुबह आठ से शाम चार बजे तक होने वाले मतदान में भागीदारी का आह्वान किया। कहा कि इनके माध्यम से आने वाली शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं के समाधान का रास्ता सरकार निकालेगी। पीडीए का नारा, टिकट परिवार और धन्ना सेठ कोमुख्यमंत्री योगी ने सपा के पीडीए के नारे पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव में इसका वास्तविक चेहरा सामने आ गया। दो प्रत्याशी बनाने थे तो एक टिकट अपने चाचा को और दूसरा मुंबई के धन्ना सेठ को दे दिया। न दलित को टिकट दिया, न पिछड़े को और न ही मुसलमान को। दूसरी ओर भाजपा ने आठ टिकटों में तीन सामान्य वर्ग, तीन पिछड़े वर्ग और दो अनुसूचित जाति को दिए। सभी आठ प्रत्याशी जीते। सपा ने परिवार और धन्ना सेठ को प्राथमिकता दी तो पीडीए की हवा निकल गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने खुद को नेहरू परिवार और सपा ने सैफई परिवार तक सीमित रखा। दोनों ने प्रदेश को बेगाना बनाया तो जनता ने भी इन्हें बेगाना बना दिया। माफिया के सामने नाक रगड़ने वाले दे रहे उपदेशमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जिन लोगों ने प्रदेश के सामने पहचान का संकट खड़ा किया, जो माफिया के सामने गिड़गिड़ाते, घुटने टेकते और नाक रगड़ते थे, वे आज कानून-व्यवस्था पर उपदेश दे रहे हैं। सपा शासन में न सड़क थी, न बिजली, न पानी और न शिक्षा की समुचित व्यवस्था। नवरात्र में दुर्गा प्रतिमा स्थापित करने के लिए भी श्रद्धालुओं को मशक्कत करनी पड़ती थी। मंदिरों में गंदगी और अव्यवस्था रहती थी। आज सरकार जनता के साथ खड़ी है। सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रत्येक ब्लॉक में शिविर लगाकर पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ा गया। सैफई सिंडिकेट के कब्जे से मुक्त हुई नौकरियांमुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि सपा शासन में नौकरियों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था। जिसे सिंडिकेट चाहता था, उसी को नौकरी मिलती थी। तत्कालीन आयोग अध्यक्ष अनिल यादव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अयोग्य व्यक्ति को अध्यक्ष बनाया गया, जिसे हाई कोर्ट ने पद से हटाया। नौजवान सड़कों पर आंदोलन करते थे और अखिलेश सरकार उनकी आवाज अनसुनी करती थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। 65 लाख लोगों को रोजगार मिला और एक जिला एक उत्पाद योजना से तीन करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर विकसित हुए। अब युवा स्टार्टअप के माध्यम से नौकरी देने वाला भी बन रहा है। चुनाव के बाद फिर शुरू होगा टैबलेट वितरणमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विधान परिषद चुनाव संपन्न होने के बाद बड़े कार्यक्रम आयोजित कर स्नातक युवाओं को फिर टैबलेट वितरित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य दो करोड़ युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराना है। अब तक 62 लाख युवाओं को टैबलेट दिए जा चुके हैं। डिजिटल अभियान को और तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत नीट, आईआईटी-जेईई, यूपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी कराई जा रही है। युवा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से इसका लाभ उठा सकते हैं। 15 लाख शिक्षकों को स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षामुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले शिक्षकों को न सम्मान मिलता था, न स्वास्थ्य सुविधाएं। अब बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा और स्ववित्तपोषित संस्थानों के 15 लाख शिक्षकों को परिवार सहित प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर दिया गया है। दुर्घटना की स्थिति में 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक सामाजिक सुरक्षा की गारंटी है। प्रोजेक्ट अलंकार से माध्यमिक विद्यालयों में नए भवन, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस और सपा को शिक्षा विरोधी बताते हुए कहा कि इनके शासन में शिक्षण संस्थानों की उपेक्षा हुई और युवाओं को पलायन करना पड़ा। तीन जिलों में न मेडिकल कॉलेज था, न विश्वविद्यालयमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सपा को चार बार प्रदेश में सरकार चलाने का अवसर मिला, लेकिन विकास उसके एजेंडे में नहीं था। वर्ष 2017 से पहले मीरजापुर मंडल के तीनों जिलों में न मेडिकल कॉलेज था, न विश्वविद्यालय। अब मीरजापुर और सोनभद्र में मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय और भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय प्रारंभ हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आस्था के केंद्र आर्थिक समृद्धि का माध्यम बन रहे हैं। प्रयागराज महाकुंभ, काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या इसके उदाहरण हैं। राम मंदिर का विरोध करने वाले आज अयोध्या पर उपदेश दे रहे हैं। पहले जमीनों पर कब्जे में होता था धन का दुरुपयोगमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर और त्रिकोण क्षेत्र के विकास से श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिली हैं। प्रतिदिन दो लाख श्रद्धालु दर्शन कर पा रहे हैं। गंगा के पक्के घाट बनने से दुर्घटनाओं की समस्या दूर हुई है। पहले विकास की यही धनराशि गरीबों की जमीनों पर कब्जे के लिए दुरुपयोग की जाती थी। उन्होंने नवरात्र की पंचमी पर मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए और विकास कार्यों तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं की समीक्षा भी की। नंदी बोले- माफिया की जगह उत्पाद से पहचानकैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि