मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश के विकास में सहभागी उद्यमियों का किया सम्मान

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विकास में सहभागी उद्यमियों का मंच पर सम्मान किया। उन्होंने भारत इनोवेट्स में हिस्सा लेने वाले उद्यमियों को सम्मानित किया। उन्होंने स्टार्टअप प्रोत्साहन, इन्क्यूबेटर्स प्रोत्साहन राशि के चेक का वितरण किया। साथ ही इन्क्यूबेटर मान्यता प्रमाण पत्र व यूपी स्टार्टअप फंड समर्थित स्टार्टअप्स का भी सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने किया स्टार्टअप प्रोत्साहन राशि के चेक का वितरणमुख्यमंत्री ने मंच पर 5 स्टार्टअप को प्रोत्साहन राशि के चेक का वितरण किया। उन्होंने सिंह डायनमिक प्रा. लि. की अनुषी वर्मा, डिकोड सॉफ्टवेयर्स प्रा. लि. की रिया कुमारी वंशगोपाल, त्रिशूल स्पेस के दिव्यम, जीनोमिकी सॉल्यूशन प्रा. लि. की डॉ. दीक्षा भारती व पीएचएसआई टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च प्रा. लि. के तुषार राज को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इन्क्यूबेटर्स प्रोत्साहन राशि के चेक का भी किया वितरणसीएम ने इन्क्यूबेटर्स प्रोत्साहन राशि के चेक का भी वितरण किया। इसके अंतर्गत उन्होंने नवयुग नवाचार फाउंडेशन, आईईटी लखनऊ के डॉ. पुष्कर व एनआईईटी के डॉ. संजय कुमार को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने दिया इन्क्यूबेटर मान्यता प्रमाण पत्रमुख्यमंत्री ने इन्क्यूबेटर मान्यता प्रमाण पत्र भी प्रदान किया। उन्होंने मंच पर वीबीएसपीयू इन्क्यूबेशन एंड इनोवेशन जौनपुर के राकेश सिंह/अविनाश, एमएसयू एकेडमिक फाउंडेशन सहारनपुर की डॉ. विमला वाई व अभिनव पुंडीर को सम्मानित किया। सीएम ने यूपी स्टार्टअप फंड (यूपीएसएफ) समर्थित स्टार्टअप्स का किया सम्मानसीएम ने यूपी स्टार्टअप फंड (यूपीएसएफ) समर्थित स्टार्टअप्स का भी सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने मंच पर मैग्नम टेक्नोलॉजी के तरुण सेनानी, अल्फाड्रायड इंडिया के अक्षत राज व गौरव जोशी को सम्मानित किया। सीएम ने ब्रिस्क ओलिफ के सुनील प्रेमजी को लेटर ऑफ इंटेंट प्रदान किया। सीएम ने भारत इनोवेट्स में हिस्सा लेने वाले उद्यमियों को सम्मानित कियासीएम योगी ने मंच पर भारत इनोवेट्स में हिस्सा लेने वाले उद्यमियों को भी सम्मानित किया। उन्होंने अननंत सिस्टम्स, एंड्योर एयरसिस्टम्स, सूयो मैन्युफेक्चरिंग, राफे, वर्वेसमी मिक्स्ड सिग्नल के प्रतिनिधियों को भी मंच पर सम्मानित किया।

यूपी के स्टार्टअप्स को योगी सरकार का भरोसा, फाउंडर्स बोले- बढ़ेगा इनोवेशन का दायरा

ड्रोन से क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन तक, यूपी में नए आइडिया को मिल रहा सरकार का साथ चेक के साथ सीएम योगी का भरोसा, स्टार्टअप फाउंडर्स बोले – यूपी में बढ़ा है अवसर योगी सरकार की नीति से महिला फाउंडर्स को प्रोत्साहन, एडूबुक ने 50 प्रतिशत महिला स्टाफ को दिया मौका लखनऊ, 27 अगस्त। उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार के प्रयासों को उस समय और मजबूती मिली, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्टार्टअप फाउंडर्स और उनकी टीमों से सीधे संवाद कर उन्हें सरकार के हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने 107 स्टार्टअप्स को 3.42 करोड़ रुपये से अधिक और 9 इनक्यूबेटर्स को 1.79 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि के चेक सौंपे। कार्यक्रम में मौजूद कई स्टार्टअप प्रमुखों ने भी सरकार की नीतियों, सहयोग और प्रोत्साहन व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे यूपी के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए अहम कदम बताया। एडूबुक के सह-संस्थापक एवं सीईओ अपूर्व बजाज और सीओओ शिवानी मल्होत्रा ने आयोजन के दौरान योगी सरकार की स्टार्टअप नीति की सराहना की। उन्होंने बताया कि उनका स्टार्टअप साइबर सिक्योरिटी, ब्लॉकचेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स की शिक्षा देता है। इसके साथ ही इस क्षेत्र में बच्चों की बायोडाटा तैयार कराकर देश-विदेश में जॉब मेलों के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। उनके पोर्टल के जरिए छात्रों का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन भी तुरंत हो जाता है, जिसमें पहले आमतौर पर 20 दिन से अधिक समय लगता था। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए योगी सरकार की ओर से 4.50 लाख रुपये का अनुदान मिला है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स की सुविधा के लिए सरकार की ओर से शुरू किया गया ‘वन पोर्टल, वन विंडो’ अच्छा कदम है। इससे उत्तर प्रदेश में उनके जैसे स्टार्टअप्स के लिए काम करना और फंडिंग प्राप्त करना आसान होगा। उन्होंने बताया कि कंपनी में अब तक 80 लाख रुपये तक का निवेश किया जा चुका है। कंपनी में महिलाओं को 50 प्रतिशत रोजगारशिवानी मल्होत्रा ने कहा कि योगी सरकार ने महिला स्टार्टअप फाउंडर्स को भी प्रोत्साहित किया है। इसका सीधा असर प्रदेश में महिलाओं के रोजगार पर पड़ेगा। उनके लखनऊ स्थित कार्यालय में भी 50 प्रतिशत स्टाफ में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। पाइप लाइन से घर-घर तक पानी पहुंचाने का विजनवीडीटी पाइपलाइन के प्रबंध निदेशक भुवनेश शर्मा ने कहा कि उनकी कंपनी उत्तर प्रदेश में तेल, पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने का काम कर रही है। इसके लिए पाइपलाइन व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यूपी स्टार्टअप समिट में आकर वह काफी खुश हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनसे बातचीत की और प्रदेश के घर-घर तक पानी पहुंचाने को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए उनकी टीम पाइपलाइन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर काम करेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री ने जमीन और फंड उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। टीम के अब तक के कार्य के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र भी मिला। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को बीमारू प्रदेश के तौर पर देखा जाता था, लेकिन अब प्रदेश तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। स्टार्टअप इकोसिस्टम का हो रहा विस्तारसीएम योगी ने सिंह डायनेमिक्स प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक डॉ. अनुशी वर्मा और डॉ. हिमांशु सिंह को स्टार्टअप प्रोत्साहन के तौर पर 4.50 लाख रुपये का चेक सौंपा। डॉ. हिमांशु सिंह ने कहा कि उनकी कंपनी सुरक्षा बलों के लिए छोटे हथियार बनाने का काम कर रही है। इस राशि से कारोबार को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश का स्टार्टअप इकोसिस्टम लगातार विकसित होगा और उनकी कंपनी उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास में योगदान दे सकेगी। यूपी में मिलेगा भरपूर सहयोगएंड्योरएयर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ रामा कृष्णा ने बताया कि उनकी कंपनी सुरक्षा बलों के लिए ड्रोन बनाने का काम करती है। इनमें लॉजिस्टिक्स, सर्विलांस और अटैक ड्रोन शामिल हैं। उनकी कंपनी में करीब 150 लोग काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से साफ हो गया है कि उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप्स को पहले से भी ज्यादा सहयोग मिलने वाला है। योगी सरकार की नई स्टार्टअप नीति काफी अच्छी है। इसमें जमीन, सुविधाएं, फंडिंग और पूंजी की जरूरतों का पूरा ध्यान रखा गया है। योगी सरकार का विजन सराहनीयत्रिशूल पल्सेशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक दियांम को स्टार्टअप में प्रोटोटाइप विकास के लिए पांच लाख रुपये का प्रोत्साहन चेक मिला। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन पर काम कर रही है। साथ ही, उनके उत्पाद एक विदेशी कंपनी को भी सप्लाई किए जा रहे हैं। प्रोटोटाइप तैयार करने में योगी सरकार से मिली ग्रांट काफी उपयोगी साबित हुई है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार का विजन और उसके लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। योगी सरकार में पूरा हो रहा सपनाजेनोमिक्स सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड की सह-संस्थापक डॉ. दीक्षा भारतीया को मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप प्रोत्साहन के रूप में 4.50 लाख रुपये का चेक सौंपा। उन्होंने बताया कि वह नवजात शिशुओं में होने वाली दुर्लभ बीमारियों पर काम कर रही हैं। भारत में करोड़ों बच्चे ऐसी बीमारियों से प्रभावित हैं। उनका स्टार्टअप नए इनोवेशन के जरिए जन्म के समय बच्चों की हेल्थ स्क्रीनिंग कर रहा है, जिससे बीमारियों की समय रहते पहचान की जा सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश की कई लैब और अस्पतालों को अपने साथ जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अपने उत्पाद के लिए पेटेंट भी फाइल किया गया है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने इस सपने को पूरा करने के लिए वित्तीय सहायता के साथ अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई हैं। इसका परिणाम है कि उत्तर प्रदेश में नवाचार और स्टार्टअप्स की संख्या लगातार बढ़ रही है।

नेपाल की आपदा में फंसे यूपी के नागरिकों को निकालने के लिए योगी सरकार ने संभाला मोर्चा

सीएम योगी की सक्रियता से राहत-बचाव का कार्य तेजी पर, नेपाल पहुंची एसडीआरएफ, पीएसी मुख्यमंत्री की निगरानी में राहत-बचाव का व्यापक इंतजाम, परिजनों के लिए 1070 हेल्पलाइन 4 रबर बोट के साथ नेपाल भेजी जा रही एल्युमिनियम बोट लखनऊ, 27 अगस्त। नेपाल में बाढ़ व प्राकृतिक आपदा के बीच उत्तर प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने मोर्चा संभाल लिया है। नेपाल में फंसे यूपी के नागरिकों को सुरक्षित निकालने और उन्हें तत्काल राहत पहुंचाने के लिए सरकार ने संसाधनों के साथ राहत-बचाव टीमों को सक्रिय किया है। राहत आयुक्त कार्यालय के कंट्रोल रूम से नेपाल सीमावर्ती जिलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री की निगरानी में राहत-बचाव का व्यापक इंतजाम योगी सरकार ने नेपाल में राहत-बचाव अभियान के लिए एसडीआरएफ की एक प्लाटून भेजी है। इसमें 32 जवान शामिल हैं। इसके अलावा पीएसी की 26वीं बटालियन के 22 जवानों को भी नेपाल भेजा गया है। सरकार ने जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त बल और संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी की है, जिससे प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में किसी तरह की कमी न रहे। 4 रबर बोट के साथ एल्युमिनियम बोट भी भेजी जा रही सीएम योगी के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू अभियान को प्रभावी बनाने के लिए मौके पर चार रबर बोट मौजूद हैं। अतिरिक्त एसडीआरएफ प्लाटून के साथ एल्युमिनियम बोट भी नेपाल भेजी जा रही है। सिंधुरिया क्षेत्र में राहत-बचाव अभियान की तैयारियां की जा रही हैं। सरकार का पूरा फोकस फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित निकालने और जरूरतमंदों तक तत्काल सहायता पहुंचाने पर है। नेपाल की बाढ़ और वहां की स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। नेपाल में फंसे यूपी के नागरिकों के परिजन किसी भी सूचना या सहायता के लिए 1070 पर संपर्क कर सकते हैं।

महाकुंभ के भव्य आयोजन के बाद माघ मेला-2026 की तैयारियां अंतिम चरण में

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक बार फिर भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित माघ मेला संपन्न कराने की तैयारी मुख्य सचिव ने प्रतीक चिन्ह के अनावरण, सेक्टरवार रंग योजना और अवसंरचनात्मक सुधारों पर बैठक में की चर्चा 7 सेक्टर्स और 7 पॉन्टून पुलों को 7 ऊर्जा चक्रों के रंगों से सजाया जाएगा हर क्षेत्र में माघ मेला का प्रतीक चिन्ह किया जाएगा अंकित लखनऊ, 10 दिसंबर। महाकुंभ-2025 के सफल आयोजन के बाद अब राज्य सरकार माघ मेला-2026 को भी अभूतपूर्व, व्यवस्थित और सौंदर्यपूर्ण स्वरूप देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में माघ मेले की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। अभी हाल ही में मुख्य सचिव के समक्ष प्रतीक चिन्ह का अनावरण, सेक्टरवार रंग योजना और अवसंरचनात्मक सुधारों पर विशेष चर्चा हुई थी। इस बार अनुमानित है कि प्रयागराज में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु संगम पर पवित्र स्नान करेंगे, जिनमें प्रतिदिन आने वाले लाखों कल्पवासी भी शामिल होंगे। 7 सेक्टर्स – 7 ऊर्जा चक्रों के रंगपूरा मेला क्षेत्र रंग-समन्वित थीम पर आधारित होगा। हर सेक्टर एकरूपता का अनुभव कराएगा। मेले को सुसंगत और आकर्षक रूप देने के लिए सातों सेक्टर्स और सात पॉन्टून पुलों को “सात ऊर्जा चक्रों” के अनुरूप रंगों से सजाया जाएगा। हर सेक्टर की चहारदीवारी पर 3 फुट चौड़ी सीमांकन पट्टी बनाई जाएगी, जिससे मेले का आकार दृष्टिगत रूप से स्पष्ट, व्यवस्थित और सुंदर दिखाई देगा। सभी सेक्टर्स में उत्तर प्रदेश सरकार और माघ मेला-2026 का प्रतीक चिन्ह अंकित होगा। चेंजिंग रूम होंगे अधिक सुविधाजनकविभिन्न घाटों पर उपलब्ध चेंजिंग रूम भी सेक्टरवार रंग योजना के अनुरूप तैयार किए जाएंगे। पहले की तुलना में दोगुनी क्षमता, रंग योजनाओं से मेल खाते हुए होंगे। अब 2 यूनिट में 2 के स्थान पर 4 लोग एक साथ सुविधा का उपयोग कर सकेंगे। इससे भीड़ प्रबंधन अधिक सुचारू और सुविधाजनक होगा तथा मेले की एकरूपता कायम रहेगी। पॉन्टून पुलों पर बढ़ेगी सौंदर्य और सुरक्षा दोनोंसातों पॉन्टून पुलों को इंद्रधनुषी सात रंगों से सजाया जाएगा। पुलों पर लगे लाइट, पोलों पर एलईडी लाइटें धार्मिक चिन्हों के साथ प्रदर्शित होंगी, जो दिन और रात दोनों समय आकर्षण का केंद्र रहेंगी। हर पुल पर रंग अनुरूप झंडे लगाए जाएंगे।यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलों पर कैनोपी का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विश्वस्तरीय अनुभव देने पर फोकसमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि माघ मेला-2026 न केवल धार्मिक भावना का प्रतीक हो, बल्कि साफ-सफाई, सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा सुविधाओं और आधुनिक अवसंरचना के मामले में भी देशभर के मेले आयोजनों के लिए एक आदर्श बने। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में मेला प्रशासन श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित, व्यवस्थित, आध्यात्मिक और विश्वस्तरीय अनुभव प्रदान करने में जुट गया है।

महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद का संस्थापक सप्ताह समारोह

नशे से बचकर ही खुद को और देश के भविष्य को बचा पाएंगे युवा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 93वें संस्थापक सप्ताह समारोह के मुख्य महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ड्रग्स के साथ स्मार्टफोन का नशा भी आज युवाओं के सामने चुनौती : मुख्यमंत्री किसी न किसी रूप में घुसना चाहता है देश का दुश्मन : मुख्यमंत्री गोरखपुर, 10 दिसंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आज युवाओं के सामने दो चुनौतियां सामने हैं। एक ड्रग्स का नशा और दूसरा मोबाइल या स्मार्टफोन का नशा। इन दोनों ही नशे से बचना होगा। इनसे युवा जितना बच पाएंगे, उतना ही खुद को और देश के भविष्य को भी बचा पाएंगे। नशे से बचकर ही युवा अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन कर पाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में, महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 93वें संस्थापक सप्ताह समारोह के समापन पर आयोजित मुख्य महोत्सव की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने युवाओं को मोबाइल फोन के नशे से दूर रहने की सलाह दी। एक शिक्षक और अभिभावक के रूप में मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि आपको सतर्क रहना होगा क्योंकि नशा माफिया तेजी के साथ युवा पीढ़ी को अपनी चपेट में लेने का कुत्सित प्रयास करता है। अकादमिक संस्थाओं को भी इसके प्रति उतना ही अलर्ट रहना पड़ेगा। सीएम योगी ने कहा कि युवाओं को इसके खिलाफ एक नई लड़ाई लड़ने के लिए अपने आप को तैयार करना पड़ेगा क्योंकि देश का दुश्मन किसी न किसी रूप में आपके बीच में घुसना चाहता है। उसको हम अवसर नहीं दें। मस्तिष्क को कुंद कर देगा स्मार्टफोन का अत्यधिक उपयोगमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्मार्टफोन पर युवाओं का अत्यधिक समय खर्च हो रहा है, इसको कम करना होगा। उन्होंने युवाओं को समझाया, हालांकि एकाएक यह कर पाना कठिन होगा, इसलिए धीरे-धीरे कम करिए। आवश्यक हो तभी आधा या एक घंटा तक ही आप मोबाइल फोन का इस्तेमाल करिए। समय तय करिए कि मुझे जब आवश्यक बात करनी है तभी बात करूंगा, अनावश्यक नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा स्मार्टफोन का अत्यधिक उपयोग आपकी आंख की साइट को प्रभावित करेगा। मस्तिष्क को कुंद कर देगा, बुद्धि, विवेक और शारीरिक क्षमता को भी यह पूरी तरह कमजोर कर देगा। इसलिए स्मार्टफोन से जितना बच सकते हैं, बचने का प्रयास करना चाहिए। तकनीक से अपने आप ही जुड़ जाएंगे रोजगार के नए अवसरसमय और तकनीक के साथ चलते हुए भविष्य की चुनैतियों के लिए खुद को तैयार करने की सीख देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ड्रोन और रोबोटिक्स के एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है। हममें से कोई व्यक्ति उससे अपने आप को अलग नहीं कर सकता। हमें करना भी नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें उस मानसिकता से भी उबरना पड़ेगा कि तकनीक आएगी तो रोजगार के अवसर कम करेगी। यह तथ्य सही नहीं है बल्कि तकनीक आएगी रोजगार के नए अवसर अपने आप ही जुड़ जाएंगे। हमें अपने आप को उसके अनुरूप शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करना होगा। हिम्मत न हारने वाला ही जीतता हैसमारोह में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में जीतता वही है जो हिम्मत नहीं हारता है और धैर्य बनाए रखता है। उन्होंने कहा कि जीवन में हार तभी होती है जब हम हमारा दृष्टिकोण नकारात्मक होता है। दूसरों को कोसने की बजाय, अंधकार को धिक्कारने की बजाय, यदि हम ‘आओ मिलकर दीया जलाएं’ का काम करने लग जाएं, हर व्यक्ति मिलकर एक साथ आगे बढ़ने लग जाए तो कहीं भी अंधकार नहीं रहेगा। शार्ट कट से नहीं मिलेगी सफलतामुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और टीम वर्क का महत्व समझाते हुए कहा कि यह केवल एक गेम में नहीं बल्कि पूरी जनरेशन में उपयोगी होता है। हमें अपने आप को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से, टीम वर्क से जोड़ना पड़ेगा। कहा कि यह भी याद रखना होगा, शॉर्ट कट का रास्ता कभी जीवन में सफलता नहीं प्रदान कर सकता है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति और संस्था को हमेशा इस बात के लिए तैयार होना होगा कि तकनीक जितना आसान जीवन को कर रही है, उतनी ही चुनौतियां और कठिनाई भी हमारे सामने प्रस्तुत कर रही है। युवाओं और अकादमिक संस्थाओं को उसके प्रति अपने आप को तैयार करना होगा। संस्थाओं और मेधावियों को किया गया पुरस्कृतसंस्थापक सप्ताह के मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं में से उत्कृष्ट संस्था, उत्कृष्ट शिक्षक, उत्कृष्ट कर्मचारी, उत्कृष्ट परिचारक और स्नातकोत्तर, स्नातक एवं हाईस्कूल-इंटर के उत्कृष्ट विद्यार्थियों तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया। मंच से करीब डेढ़ सौ पुरस्कार वितरित किए गए। करीब सात सौ पुरस्कार, संस्थाओं के माध्यम से वितरित किए जाएंगे। प्रो यूपी सिंह स्मृति ग्रंथ सहित दो पुस्तकों का हुआ विमोचनसंस्थापक समारोह के मुख्य महोत्सव में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के पूर्व अध्यक्ष प्रो. यूपी सिंह स्मृति ग्रंथ और एमपीपीजी कॉलेज जंगल धूसड़ की पुस्तक ‘जीवन मूल्य प्रमाण पत्र संग्रह पाठ्यक्रम’ का विमोचन हुआ। इस दौरान सीएम योगी ने प्रो. यूपी सिंह स्मृति ग्रंथ की प्रकाशन संस्था प्लाक्षा के प्रबंध निदेशक सौरभ सिंह को स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित किया। संस्थापक सप्ताह के मुख्य महोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह में स्वागत संबोधन महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह, आभार ज्ञापन महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष राजेश मोहन सरकार और संचालन डॉ. श्रीभगवान सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, महायोगी गुरु गोरखनाथ राज्य आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के. रामचंद्र रेड्डी, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु सिद्धार्थनगर की कुलपति प्रो. कविता शाह, मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय मीरजापुर की कुलपति प्रो. शोभा गौड़, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, देवीपाटन शक्तिपीठ के महंत मिथिलेशनाथ, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, भारत

मुख्यमंत्री के विजन से उत्तर प्रदेश बना ‘डिजिटल डेस्टिनेशन’

आईटी, स्टार्टअप और डेटा सेंटर के क्षेत्र में ऐतिहासिक छलांग सीएम योगी आदित्यनाथ की नीति से यूपी बना स्टार्टअप और आईटी निवेशकों की पहली पसंद योगी सरकार की डिजिटल क्रांति से बदल रही यूपी की तस्वीर 14 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश, 60 हजार से अधिक रोजगार लखनऊ, 10 दिसम्बर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व और नीति-नियोजन का असर स्टार्टअप, आईटी और डेटा सेंटर के क्षेत्र में तेज गति से हो रहे विकास के तौर पर देखने को मिल रहा है। बीते वर्षों में उत्तर प्रदेश ने डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की है, जिससे उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख डिजिटल डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। इंफोसिस, एडोब, आईबीएम, और टेली पर्फार्मेंस जैसी वैश्विक आईटी कंपनियों के निवेश से न केवल प्रदेश में आर्थिक प्रगति हो रही है, बल्कि लाखों की संख्या में रोजगारों का भी सृजन हो रहा है। स्टार्टअप प्रोत्साहन में यूपी ने तोड़ा रिकॉर्ड, 2,600 लाख तक पहुँची आर्थिक मददमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजन के मुताबिक उत्तर प्रदेश को स्टार्टअप, आईटी सेक्टर और डाटा प्रॉसेसिंग के हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस क्रम में स्टार्टअप के विकास के लिए प्रदेश सरकार की ओर से दिये जाने वाले वित्तीय प्रोत्साहन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल है। वर्ष 2021-22 में जहां स्टार्टअप प्रोत्साहन के लिए मात्र 274 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी, वहीं 2022-23 में यह बढ़कर 866 लाख रुपये और 2023-24 में 1,326 लाख रुपये तक पहुँच गई। जबकि वर्ष 2025 में स्टार्टअप प्रोत्साहन राशि के रूप में 2,600 लाख रुपये दिये जा चुके हैं। स्टार्टअप प्रोत्साहन में लगातार वृद्धि स्पष्ट करती है कि, सीएम योगी आदित्यनाथ का विजन प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को लगातार मजबूती देना है। इंफोसिस, एडोब, आईबीएम, और टेली पर्फार्मेंस ने यूपी में किया 868 करोड़ रुपये का निवेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आईटी और आईटीईएस नीति के तहत भी उत्तर प्रदेश ने निवेश और रोजगार के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। वर्ष 2025 की शुरुआत में ही 2 एलओसी से जरिये ₹28.34 करोड़ का निवेश और 1,600 नए रोजगार सृजित हुए जबकि सितंबर 2025 के बाद प्राप्त 3 बड़े प्रस्तावों के माध्यम से ₹868 करोड़ के निवेश और लगभग 7,800 रोजगार का सृजन हुआ है। इनमें इंफोसिस, एडोब, आईबीएम, और टेली पर्फार्मेंस जैसी वैश्विक आईटी कंपनियां निवेश कर,उत्तर प्रदेश को आईटी और टेक्नालॉजी निवेश के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित कर रही हैं। डेटा सेंटर नीति- 2021 के तहत यूपी बना रहा देश का डिजिटल हबसीएम के विजन में बनी डेटा सेंटर नीति- 2021 के माध्यम से उत्तर प्रदेश ने डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस नीति का परिणाम है कि एनआईडीपी के 9,134 करोड़, एनटीटी ग्लोबल डाटा सेंटर के 1,687 करोड़, अडानी इंटरप्राइजेज़ के दो अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में 2,416 करोड़ और 2,713 करोड़ और एसटी टेली मीडिया ग्लोबल डेटा सेंटर के 2,130 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। जिनको तेजगति से क्रियान्वित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्टार्टअप प्रोत्साहन, आईटी विस्तार और डेटा सेंटर जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में भारी निवेश यह साबित करता है कि उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू राज्य’ की पुरानी छवि से बाहर निकलकर ‘ब्रांड यूपी’ के रूप में देश के अग्रणी औद्योगिक और डिजिटल राज्यों में शामिल हो चुका है।

क्या है स्वदेशी प्लेटफॉर्म Zoho? जिसे रेलमंत्री भी कर चुके हैं इस्तेमाल — माइक्रोसॉफ्ट और गूगल को टक्कर देने वाला भारतीय टेक दिग्गजक्या है स्वदेशी प्लेटफॉर्म Zoho? जिसे रेलमंत्री भी रहे इस्तेमाल, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल को देगा टक्कर

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स्वदेशी प्लेटफॉर्म Zoho: भारतीय टेक्नोलॉजी की दुनिया में क्रांति भारत ने पिछले कुछ वर्षों में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कई नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। इन्हीं में से एक चमकता हुआ नाम है Zoho Corporation, जो पूरी तरह से भारतीय स्वदेशी सॉफ्टवेयर कंपनी है। यह प्लेटफॉर्म न केवल भारत में बल्कि दुनियाभर में माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी दिग्गज कंपनियों को चुनौती दे रहा है। रेलमंत्री समेत कई सरकारी अधिकारी हैं इसके यूज़र Zoho की लोकप्रियता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि भारत के रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इस स्वदेशी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने की पुष्टि की थी। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि वे Zoho का प्रयोग करते हैं क्योंकि यह “पूरी तरह भारतीय और सुरक्षित” है।यह बयान आने के बाद Zoho का नाम देशभर में ट्रेंड करने लगा और लोगों ने इस प्लेटफॉर्म को विदेशी विकल्पों के मुकाबले अपनाने की दिशा में रुचि दिखानी शुरू की। क्या है Zoho? Zoho Corporation एक भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी है जिसकी स्थापना 1996 में श्रीधर वेम्बू (Sridhar Vembu) ने की थी। इसका मुख्यालय चेन्नई और अमेरिका के कैलिफोर्निया में स्थित है।Zoho कई तरह के क्लाउड-आधारित बिज़नेस टूल्स और एप्लिकेशन प्रदान करता है, जिनमें शामिल हैं: इन सेवाओं के ज़रिए कंपनियां अपने पूरे बिज़नेस सिस्टम को डिजिटल रूप से चला सकती हैं — बिना माइक्रोसॉफ्ट 365 या गूगल वर्कस्पेस पर निर्भर हुए। Zoho क्यों है खास? दुनिया में बढ़ता प्रभाव Zoho के आज 100 मिलियन (10 करोड़) से ज़्यादा यूज़र हैं। यह 180 से अधिक देशों में अपनी सेवाएं दे रहा है।भारत के अलावा अमेरिका, जापान, सिंगापुर और यूरोप में भी Zoho का बड़ा ग्राहक आधार है। कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अब Zoho के टूल्स को अपने सिस्टम में इंटीग्रेट कर रही हैं। माइक्रोसॉफ्ट और गूगल को दे रहा है टक्कर Zoho का पूरा ईकोसिस्टम (ईमेल, डॉक्यूमेंट, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, अकाउंटिंग, CRM आदि) इसे सीधे तौर पर Microsoft 365 और Google Workspace के बराबर खड़ा करता है।जहां विदेशी प्लेटफॉर्म्स के लिए भारत को केवल एक “मार्केट” के रूप में देखा जाता है, वहीं Zoho ने भारत को “इनोवेशन सेंटर” बना दिया है। संस्थापक का विज़न Zoho के सीईओ श्रीधर वेम्बू का कहना है — “हमारा लक्ष्य सिर्फ सॉफ्टवेयर बेचना नहीं, बल्कि भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।” वेम्बू ने ग्रामीण क्षेत्रों में Zoho के R&D सेंटर खोलकर यह साबित किया है कि भारत के छोटे कस्बों से भी विश्वस्तरीय तकनीक विकसित की जा सकती है। निष्कर्ष Zoho आज भारत की उस नई टेक पहचान का प्रतीक बन चुका है जो “Made in India, Built for the World” की भावना को साकार करता है।रेलमंत्री से लेकर छोटे स्टार्टअप तक, हर कोई इस स्वदेशी प्लेटफॉर्म की ओर रुख कर रहा है। आने वाले समय में Zoho, भारत की डिजिटल स्वतंत्रता की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकता है।