पढ़ाई के लिए मां ने डांटा, किशोरी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

मदनपुर: सलैया थाना क्षेत्र के कोल्हुआ गांव में रविवार की सुबह एक 14 वर्षीय किशोरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। मृतका की पहचान कोल्हुआ निवासी धनंजय पासवान की 14 वर्षीय पुत्री प्रियंका कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, रविवार की सुबह प्रियंका घर से बाहर से वापस लौटी थी। इसी दौरान उसकी मां कविता देवी ने उसे पढ़ाई करने के लिए डांटा। इसके कुछ देर बाद मां अपने घरेलू काम में व्यस्त हो गयी। काम निपटाने के बाद जब वह घर के अंदर गयी तो बेटी को फंदे से लटका हुआ पाया। यह देखकर परिजनों के होश उड़ गये। परिजनों ने आनन-फानन में किशोरी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मदनपुर पहुंचाया, जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. कुमार जय ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सक ने बताया कि 14 वर्षीय किशोरी को परिजन मृत अवस्था में अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उसके गर्दन पर निशान पाए गए थे। प्रथम दृष्टया मामला फांसी लगाने का प्रतीत हुआ। घटना की सूचना मिलने पर सलैया थाना के एसआई लक्ष्मण पांडेय पुलिस बल के साथ सीएचसी मदनपुर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद भेज दिया। सलैया थानाध्यक्ष कन्हैया शर्मा ने बताया कि 14 वर्षीय किशोरी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की सूचना मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी घटना को लेकर शोक का माहौल है।

औरंगाबाद पुलिस ने दिया मुसलमानों को भाइचारे का संदेश

औरंगाबाद पुलिस की अनोखी पहल, जामा मस्जिद के पास मुस्लिम समुदाय को गुलाब देकर दिया भाईचारे का संदेश औरंगाबाद : शनिवार को दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर औरंगाबाद पुलिस-प्रशासन ने स्थानीय जामा मस्जिद के पास आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनोखी मिसाल पेश की। शहर के जामा मस्जिद के समीप नगर थाना अध्यक्ष बबन बैठा के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को गुलाब का फूल देकर भाईचारे के साथ दुर्गा पूजा मनाने की अपील की।इस अवसर पर सदर एसडीपीओ-1 सुशील कुमार,नगर थाना के सर्किल इंस्पेक्टर फहीम आजाद खान एवं सदर अंचल अधिकारी रामानुज कुमार सहित जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे। सभी अधिकारियों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से गले मिलकर एक-दूसरे को दुर्गा पूजा की मुबारकबाद दी।औरंगाबाद पुलिस ने त्योहारों के दौरान सभी वर्गों से मिलकर रहने, एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करने और अफवाहों से बचने की अपील की, साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने को कहा। पुलिस प्रशासन ने सभी नागरिकों को सुरक्षा का पूरा भरोसा भी दिलाया।इस अवसर पर जामा मस्जिद के मौजिम मो.फारूक,वार्ड पार्षद सिकंदर हयात,पैगाम-ए-इंसानियत के अध्यक्ष मो. शाहनवाज रहमान उर्फ सल्लू खान,मो.औरंगजेब, मो.इबरार, मो.इमरोज,मो.अनवर,मोहम्मद यूसुफ, मोहम्मद नूर आलम,मो.जलालुद्दीन, छोटे खान,मो.मुन्ना,मो.नौशाद राजा, फिरोज अख्तर,जियाउद्दीन खान, मोहम्मद इमरान,मो.कामरान, निजामुद्दीन खान,नईमुद्दीन खान एवं अमीरुद्दीन खान सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

पांच दिवसीय कला महोत्सव का होगा भव्य आयोजन

21 अक्टूबर से सभी प्रखंडों में ऑडिशन, 25 अक्टूबर को होगा फाइनल मुकाबला; संगीत और नृत्य की प्रतिभाओं को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर पर पहचान औरंगाबाद : आगामी 25 अक्टूबर को राष्ट्रीय कला दिवस के अवसर पर पांच दिवसीय कला महोत्सव आयोजित किया जायेगा। कला महोत्सव की तैयारियों को लेकर अधिवक्ता संघ सभागार में एक बैठक आयोजित की गई।बैठक की अध्यक्षता कला कौशल मंच के संरक्षक एवं वरिष्ठ कवि लवकुश प्रसाद सिंह ने की। बैठक में महोत्सव के आयोजन, प्रखंडवार ऑडिशन, प्रतियोगिताओं की रूपरेखा और कलाकारों को सम्मानित करने सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक का संचालन करते हुए कला कौशल मंच के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक आदित्य श्रीवास्तव ने बताया कि महोत्सव की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। इस बार राष्ट्रीय कला दिवस के अवसर पर कला महोत्सव को व्यापक स्तर पर आयोजित करने की योजना बनाई गई है। पांच दिवसीय कला महोत्सव का मुख्य उद्देश्य जिले में छिपी हुई कलात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना तथा उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का एक शुभ अवसर उपलब्ध कराना है।आदित्य श्रीवास्तव ने बताया कि महोत्सव में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के चयन के लिए 21 अक्टूबर से प्रखंडवार ऑडिशन आयोजित किए जाएंगे। पहले चरण में 21 अक्टूबर को दाउदनगर में ऑडिशन होगा, जिसमें हसपुरा, गोह, ओबरा और दाउदनगर प्रखंड के प्रतिभागी शामिल होंगे।दूसरे चरण का ऑडिशन 22 अक्टूबर को नवीनगर में आयोजित किया जाएगा। इसमें नवीनगर, कुटुंबा, अंबा और बारुण क्षेत्र के प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इसके बाद देव में आयोजित ऑडिशन में रफीगंज, मदनपुर और देव क्षेत्र के प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। 24 अक्टूबर को जिला स्तरीय ऑडिशन आयोजित किया जाएगा,जबकि 25 अक्टूबर को चयनित कलाकारों के बीच फाइनल मुकाबला होगा।इस बार कला महोत्सव में संगीत और नृत्य की विधाओं को विशेष रूप से शामिल किया गया है। संगीत प्रतियोगिता में शास्त्रीय संगीत एवं लोकगीत के प्रतिभागी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे,वहीं,नृत्य प्रतियोगिता में कथक और भरतनाट्यम विधाओं को प्रमुख स्थान दिया गया है।संगीत प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विजेता बनने वाले प्रतिभागियों को ‘सुरों का बादशाह’ सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। वहीं, नृत्य प्रतियोगिता के विजेताओं को ‘भरतनाट्यम नृत्य सम्मान’ प्रदान किया जाएगा। आयोजन समिति का उद्देश्य इन प्रतिभाओं को प्रोत्साहित कर उनकी पहचान जिले से आगे राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है।इसके अतिरिक्त, जिले के नामचीन एवं वरिष्ठ कलाकारों को भी महोत्सव के मंच से ‘कला गौरव सम्मान’ प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। इसके माध्यम से कला और संस्कृति के क्षेत्र में लंबे समय से योगदान दे रहे कलाकारों के प्रति सम्मान प्रकट किया जाएगा।महोत्सव परिवार के प्रमुख एवं महोत्सव पुरुष सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने कहा कि कला महोत्सव का मुख्य उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को उचित मंच प्रदान करना, उनकी प्रतिभा को निखारना और कला-संस्कृति की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाना है।बैठक में महोत्सव के सफल संचालन के लिए विभिन्न पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। कार्यक्रम प्रभारी के रूप में राम श्लोक रामा तथा सह प्रभारी के रूप में अक्षय पाठक को जिम्मेदारी दी गई। कार्यक्रम प्रमुख के रूप में मुकेश चौबे,राम श्याम और धर्मेंद्र यादव को दायित्व सौंपा गया। वहीं, महिला कार्यक्रम प्रमुख के रूप में कंचन,प्रज्ञा और सविता सिन्हा सहित अन्य सहयोगियों को जिम्मेदारी दी गई।

56 सालों से हो रही है अनुग्रह नारायण रोड स्टेशन में दुर्गा पूजा

औरंगाबाद :सदर प्रखंड स्थित ग्राम जम्होर के अनुग्रह नारायण रोड स्टेशन के समीप रेलवे कंपाउंड में पिछले 56 साल से माता दुर्गा की पूजा हो रही है।शनिवार को पूजा के निमित्त भक्तिमय वातावरण में माता का पट शुभ मुहूर्त में खुला।सुंदर पंडाल से सुसज्जित माता का दर्शन करने के लिए श्रद्धालु भक्तों की भारी भीड़ रही।जम्होर विकास मंच के संयोजक सुरेश विद्यार्थी जम्होरिया ने बताया कि अनुग्रह नारायण रोड स्टेशन पर पूजा 1970 ईस्वी में शुरू की गई थी। इस स्थल पर विगत 56 सालों से दुर्गा पूजा होती आ रही है शुरुआती दौर में अनुग्रह नारायण रोड रेलवे कंपाउंड के कर्मचारियों ने इसकी शुरुआत की थी।एक दशक के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने भी इसमें सहभागिता निभाई तब से लेकर रेलवे कर्मचारी और अनुग्रह नारायण रोड स्टेशन के स्थानीय ग्रामीण मिलजुलकर पूजा करते हैं। अनुग्रह नारायण रेलवे स्टेशन पर संकट मोचन हनुमान जी का भव्य एवं दिव्य प्रतिमा भी स्थापित है।

हसपुरा में लंका दहन ने सबका मन मोहा

हसपुरा(औरंगाबाद):नवरात्रा को लेकर हसपुरा के प्राचीन दुर्गा मंदिर में चल रहे रामलीला में प्रतिदिन दूर दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।श्रद्धालुओं से देर रात तक प्रतिदिन कार्यक्रम से चिपके नजर आते हैं।शनिवार की रात सातवें दिन यूपी मिर्जापुर के कलाकारों ने लंका दहन का भव्य मंचन किया। हनुमान की वीरता, संवादों और सोने की लंका को जलाने के दृश्य ने सबका मन मोह लिया।कलाकारों के अभिनय से सीता की खोज में वन में भटक रहे भगवान राम और लक्ष्मण की हनुमान से भेंट दृश्य से दर्शक मोहित हुए। हनुमान साधु का वेश धारण कर दोनों भाइयों से मिलते हैं और उनके वन में भटकने का कारण पूछते हैं। अंत में भगवान राम अपना परिचय देते हैं। हनुमान अपने वास्तविक स्वरूप में आकर उनकी भेंट वनराज सुग्रीव से करवाते हैं।श्री राम सुग्रीव को पूरा वृत्तांत सुनाकर माता सीता की खोज में सहयोग मांगते हैं। हनुमान को उनकी शक्तियों का स्मरण कर वह समुद्र पार कर लंका पहुंचते हैं। अशोक वाटिका में माता सीता को खोज लेते हैं। वहां माता सीता श्रीराम का स्मरण कर रही होती हैं। भगवान राम की ओर हनुमान को दी गई मुद्रिका से विश्वास हो जाता है कि हनुमान उनके दूत हैं।हनुमान अशोक वाटिका के फल खाने लगते हैं। पूरी वाटिका को तहस-नहस कर देते हैं। सूचना रावण तक पहुंचती है।हनुमान को बंदी बनाकर रावण के दरबार में ले जाया जाता है। रावण द्वारा हनुमान की पूंछ में आग लगाने के आदेश देने के बाद पूंछ में आग लगा दी जाती है।हनुमान पूरी लंका में आग लगा देते हैं और देखते ही देखते सोने की लंका जलकर राख हो जाती है। मंडली के लीडर पुष्पराज द्वारा डॉ कुणाल कामाख्या नारायण,मोहन प्रसाद,उप सरपंच सोनू गुप्ता, उपाध्यक्ष केदार प्रसाद, कोषाध्यक्ष बैजू कुमार को सम्मानित किया। अध्यक्ष अनिल आर्य, संरक्षक संजय शौंडिक,बैजू कुमार, राजू भारती,रंजन कुमार,सुरेश आर्य,राजू भारती ने योगदान के लिये आभार प्रकट किया।कहा कि ग्रामीणों का सहयोग का परिणाम है कि कार्यक्रम सफल है।

जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने किया पूजा पंडालों का निरीक्षण

औरंगाबाद:रविवार को अष्टमी के दिन जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा द्वारा संयुक्त रूप से औरंगाबाद जिले के विभिन्न पूजा पंडालों का निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा औरंगाबाद शहर अंतर्गत कर्मा रोड,महाराणा प्रताप चौक एवं जसोइया मोड़ स्थित पूजा पंडालों का निरीक्षण किया।इसके इसके अतिरिक्त ओबरा प्रखंड अंतर्गत कारा मोड़ सहित अन्य पूजा पंडालों तथा दाउदनगर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पूजा पंडालों का भी जायजा लिया गया।जिलाधिकारी ने बताया कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विधि व्यवस्था का जायजा लेना, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा पूजा समितियों द्वारा की गयी व्यवस्थाओं का अवलोकन करना था।निरीक्षण के दौरान संबंधित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था,भीड़ प्रबंधन,श्रद्धालुओं के आवागमन तथा विधि-व्यवस्था संधारण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई।निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी पूजा पंडालों में सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।भीड़भाड़ वाले स्थानों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, साथ ही, पूजा पंडालों एवं आसपास के क्षेत्रों में विधि-व्यवस्था बनाए रखने, श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए तत्पर रहने का निर्देश दिया गया।निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह,उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

अष्टमी पर मां दुर्गा के दर्शन-पूजन को उमड़ी भीड़, भक्तिमय हुआ दाउदनगर

दाउदनगर (औरंगाबाद)शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि पर रविवार को दाउदनगर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा। मां दुर्गा के दर्शन-पूजन के लिए विभिन्न मंदिरों और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से शुरू हुआ श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।शहर के मौलाबाग स्थित सूर्य मंदिर तालाब, टाउन हॉल परिसर, सिनेमा हॉल रोड, नवयुवक दुर्गा क्लब, पटवा टोली, पटना फाटक, चावल बाजार, पुराना शहर संघत, शिव मंदिर और राष्ट्रीय इंटर स्कूल के खेल मैदान सहित विभिन्न पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। हनुमान मंदिर, श्रीराम मंदिर और मां काली मंदिर में भी भक्तों ने दर्शन-पूजन किया।आकर्षक सजावट से जगमगाए पूजा पंडालशहर के विभिन्न पूजा पंडालों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी, भव्य सजावट, भक्ति गीतों और मां के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु परिवार के साथ पूजा पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन कर रहे हैं।सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था पर प्रशासन की नजरदुर्गापूजा के दौरान शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूजा पंडालों के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई है। दाउदनगर थानाध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि शहर में कुल 46 लाइसेंसधारी पूजा समितियां हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यातायात व्यवस्था लागू की गई है। नवमी के दिन भीड़ समाप्त होने तक नो-इंट्री लागू रहेगी।प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस का राष्ट्रीय स्तर पर हुआ पुनर्गठन

पटना : ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस का राष्ट्रीय स्तर पर पुनर्गठन किया है ,जिनमें प्रत्येक प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष,महासचिव एवं संयोजक बनाये गए हैं। उपरोक्त जानकारी देते हुए ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि एक बार फिर से दीपक अभिषेक पर भरोसा जताते हुए उन्हें बिहार प्रदेश अध्यक्ष के साथ-साथ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेवारी दी गई है,वहीं नूतन सिन्हा को को असम प्रदेश की अध्यक्षा बनाया गया है,जबकि मुकेश श्रीवास्तव को छत्तीसगढ का प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश महासचिव की जवाबदेही ज्ञान प्रकाश को दी गयी है।श्री प्रसाद ने बताया संजय सिन्हा(गुजरात),रजनी श्रीवास्तव( हरियाणा),ब्रिगेडियर अनिल कायस्थ (हिमाचल),नीरज सहाय(झारखंड),नीतेश शरण (कर्नाटक),शैलेन्द्र श्रीवास्तव(मध्य प्रदेश),अशोक दास (पश्चिम बंगाल),गिरीश माथुर (राजस्थान),सुभाष कुमार श्रीवास्तव(तेलंगाना),शुभ्रांशु श्रीवास्तव (उत्तर प्रदेश)के प्रदेश अध्यक्ष बनाये गये हैं,इसके अतिरिक्त संजय कामता प्रसाद को महाराष्ट्र का प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।श्री प्रसाद ने बताया कि अनिल चंचल को महाराष्ट्र प्रदेश का संयोजक एवं सुनील कुमार को महाराष्ट्र प्रदेश का महासचिव बनाया गया है।ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस के राष्ट्रीय सचिव बृज भूषण श्रीवास्तव ने बताया कि सुनील श्रीवास्तव (असम),ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव (छत्तीसगढ),उत्कर्ष आनंद (कर्नाटक),रंजीत कर्ण (पश्चिम बंगाल),दीपेश भटनागर (राजस्थान) एवं राजीव सक्सेना को उत्तर प्रदेश का प्रदेश महासचिव बनाया गया है।

81 साल से जम्होर दुर्गा मैदान में आयोजित हो रही है दुर्गा पूजा

औरंगाबाद :सदर प्रखंड स्थित ग्राम जम्होर की हृदय स्थली दुर्गा मैदान के प्रांगण में नवरात्रि पर्व के निमित्त महा सप्तमी के अवसर पर मां दुर्गा का पट भक्तिमय वातावरण में खुला ।योग्य आचार्यों के सान्निध्य में वेद मंत्रोच्चार के साथ मां दुर्गा एवं अन्य देवी देवताओं की षोडशोपचार विधि विधान से विशेष पूजा अर्चना की गई। ‌ महाआरती की गई । महाआरती में माता के विभिन्न रूपों से संबंधित आरती की गयी ।जम्होर विकास मंच के संयोजक सुरेश विद्यार्थी ने बताया कि दुर्गा मैदान में 81 वर्षों से मां दुर्गा की पूजा- आराधना होते आ रही है। 1945 ईस्वी में इसकी शुरुआत की गई थी। शुरुआती दौर में दुर्गा मैदान के पूर्वी छोर के पास चबूतरा बनाकर मां दुर्गा की पूजा की जाती थी। बाद के वर्षों में इस स्थान पर भव्य एवं दिव्य दो मंजिली इमारत खड़ी की गई ।जम्होर के स्थानीय नागरिकों ने इस इमारत को खड़ा करने का कार्य किया था ।संध्या में प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाता है।

पट खुलते ही भक्तिमय हुआ हसपुरा क्षेत्र

हसपुरा(औरंगाबाद): मां काली पूजा महोत्सव को लेकर हसपुरा में उत्साह तथा उमंग देखा जा रहा है।शनिवार को मां का पट खुल गया। दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई है।हसपुरा के बड़ी खेल मैदान में 5 वर्षों से लगातार मां काली पूजा महोत्सव हो रहा है।प्रखंड में मात्र एक ही जगह काली पूजा होती है।पहले प्रखंड में कहीं नही होती थी।हसपुरा में 2022 से काली महोत्सव की शुरुआत की गई है। महोत्सव बड़े ही श्रद्धा व उमंग के साथ मनाया जा रहा है।इसे सफल बनाने को लेकर कमिटी के साथ ग्रामीण भी सहयोग करते हैं।श्रद्धालू मां से आशीर्वाद लेने दूर-दूर से पहुंच रहे हैं।पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह चरम पर है।भक्तिगीतों से क्षेत्र गुंजायमान है। कमिटी के अध्यक्ष बैजू कुमार,कोषाध्यक्ष दिलीप कुमार,उप कोषाध्यक्ष शंकर गुप्ता,सचिव सरोज कुमार,उपाध्यक्ष संजीत कुमार समेत सभी सदस्य व श्रद्धालुओं की सक्रियता तेज हो गई है।बताया गया कि यहां 21 अक्टूबर को शोभा यात्रा व 22 को भंडारा है।यहां का भंडारा पूरे प्रखंड में प्रसिद्ध है।क्योंकि भंडारा का रूप भव्य होता है।कमिटी द्वारा भक्तिभाव से सभी को खिलाया जाता है।इसलिए महोत्सव से लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है।यहां का काली पूजा महत्वपूर्ण पूजा में से एक है। अन्य प्रखंडों तथा दूर-दूर से श्रद्धालुओं काली की पूजा करने आते हैं।यहां भक्तगणों को मां काली के विभिन्न स्वरूपों के बारे में जानकारी मिलती है। इनकी स्वयं की और शत्रुओं का नियंत्रण होता है। इनकी उपासना से तंत्र मंत्र के सारे असर समाप्त हो जाते हैं। आचार्य प.लालमोहन शास्त्री ने बताया कि मां काली की पूजा का उपयुक्त समय रात्रि काल होता है।पाप ग्रहों, विशेषकर राहु और केतु शनि की शांति के लिए मां काली की उपासना अचूक होती है।