कुछ लोग केवल उपचार नहीं करते, बल्कि जीवन भी लौटा देते हैं: राजेश पंत
देहरादून : विश्व प्रसिद्ध नंदा देवी राजजात की पवित्र यात्रा केवल पहाड़ों की कठिन पगडंडियों पर चलने वाली एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह हिमालय की आस्था, संस्कृति, लोकविश्वास और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी उत्तराखंड की महान सांस्कृतिक परंपरा है। इसी पावन यात्रा में शामिल होने का सौभाग्य मुझे भी मिला। लेकिन चमोली की दुर्गम पहाड़ियों में अचानक मेरी तबीयत इतनी गंभीर रूप से बिगड़ गई कि एक क्षण को जीवन और मृत्यु के बीच की दूरी बेहद छोटी दिखाई देने लगी।उस कठिन समय में चमोली के अनजान लोगों ने जिस आत्मीयता और अपनत्व के साथ मेरी सहायता की, उसे शब्दों में व्यक्त करना मेरे लिए संभव नहीं है। जिनसे मेरा कोई परिचय नहीं था, वे मेरे अपने बनकर खड़े हो गए। किसी ने संभाला, किसी ने रास्ता दिखाया, किसी ने अस्पताल पहुँचाने की चिंता की और किसी ने मेरे परिजनों को सूचना देने में सहयोग किया। गढ़वाल की यही तो पहचान है—भोलेपन में बसी मनुष्यता और अतिथि को अपना मान लेने वाली मेहमाननवाजी।यदि उन लोगों ने समय पर मेरी सुध न ली होती और मुझे शीघ्र चिकित्सा सहायता न मिली होती, तो शायद आज मैं यह शब्द लिखने के लिए जीवित न होता।मुझे तत्काल हिमालयन अस्पताल, जौलीग्रांट, देहरादून पहुँचाया गया। अस्पताल के चिकित्सकों और पूरे चिकित्सा दल ने जिस तत्परता, संवेदनशीलता और कुशलता के साथ मेरा उपचार किया, वह मेरे लिए किसी वरदान से कम नहीं है। मुझे उचित और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिला और वह भी अत्यंत वाजिब खर्च में।मैं अस्पताल के चिकित्सकों एवं समस्त चिकित्सा-कर्मियों के प्रति हृदय की गहराइयों से आभार व्यक्त करता हूँ।विशेष रूप से अस्पताल के जनसंपर्क अधिकारी श्री सत्यपाल जी का मैं आत्मीय धन्यवाद करता हूँ। बीमारी और असहायता के उस समय में उन्होंने जिस संवेदनशीलता और मानवीयता का परिचय दिया, वह मेरे लिए सदैव स्मरणीय रहेगी। अस्पताल में केवल दवाइयां और चिकित्सा ही नहीं मिलीं, बल्कि यह विश्वास भी मिला कि अभी जीवन बाकी है।आज जब मैं पीछे मुड़कर उस घटना को देखता हूँ तो लगता है कि नंदा देवी की राजजात ने मुझे केवल हिमालय के दर्शन ही नहीं कराए, बल्कि हिमालय के भीतर बसे मनुष्य के हृदय के भी दर्शन करा दिए।नंदा देवी को विदा करने और उनके मायके से ससुराल की ओर प्रस्थान की इस महान लोकयात्रा में मैं स्वयं भी जीवन की एक कठिन यात्रा से होकर लौटा हूँ। वहां के लोगों ने जिस तरह मुझे संभाला, वह मेरे लिए मां नंदा की कृपा से कम नहीं था।मेरे लिए वे सभी अनजान लोग अब अनजान नहीं रहे।वे मेरे जीवन के वे रक्षक हैं, जिनका ऋण मैं शायद जीवन भर नहीं चुका पाऊंगा।गढ़वाल की धरती को मेरा नमन।उसकी सरल, भोली और अतिथि-सत्कार करने वाली जनता को मेरा प्रणाम।नंदा देवी की उस पावन परंपरा को मेरा नमन, जिसने मुझे हिमालय की संस्कृति के साथ-साथ हिमालय की मानवता से भी परिचित कराया।और उन सभी चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा विशेष रूप से डाक्टर अनुराग रावत और जनसंपर्क अधिकारी श्री सत्यपाल जी को हृदय से धन्यवाद, जिन्होंने कठिन समय में मेरा हाथ थामा और मुझे फिर जीवन की ओर लौटाया। कभी-कभी जीवन हमें दूसरी बार मिलता है।ऐसे जीवन के हर श्वास में उन हाथों की स्मृति रहती है,जिन्होंने मृत्यु के अंधेरे से निकालकर हमें फिर उजाले में ला खड़ा किया।मैं उन सभी के प्रति नतमस्तक हूँ।
अखिलेश को योगी की खुली चुनौती, कहा- अयोध्या से लड़ें चुनाव, मैं भी उतरूंगा मैदान में
बलरामपुर में 803 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, सपा के पीडीए को बताया ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव अयोध्या से नामांकन करें, वह भी उनके खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, “लड़ाई चेलों से क्यों? लड़ाई तो आमने-सामने होनी चाहिए।” वह शनिवार को बलरामपुर के रेहरा बाजार विकासखंड स्थित बिलरिया गांव में 803 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के बबुआ अभी से बौखला गए हैं, जबकि विकास की शुरुआत हुई है और आगे बहुत कुछ होना बाकी है। उन्होंने कहा कि अयोध्या उनकी आस्था की स्थली है और वहां चल रहे विकास कार्यों की निगरानी के लिए वह लगातार जाते हैं। योगी ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए 80 प्रतिशत सीटें जीतेगा, जबकि विपक्ष को अधिकतम 20 प्रतिशत सीटों से संतोष करना पड़ेगा। अयोध्या के विकास का किया उल्लेख मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सपा सरकार के दौरान अयोध्या को तीन-चार घंटे ही बिजली मिलती थी और विकास कार्यों में बाधाएं खड़ी की जाती थीं। आज अयोध्या विकास के नए उदाहरण के रूप में सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने धार्मिक स्थलों के विकास के साथ आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर भी ध्यान दिया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर सख्ती योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में छांगुर जैसे लोगों को पनपने नहीं दिया जाएगा और किसी को प्रदेश की जनसांख्यिकी बदलने की छूट नहीं मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान इस क्षेत्र में तस्करी और आपराधिक गतिविधियां बढ़ी थीं। वर्तमान सरकार ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने और क्षेत्र में विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। अपराधियों को संरक्षण देने वालों पर हमला मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों में माफिया और अपराधियों को संरक्षण मिलता था, जिससे आम लोगों में भय का माहौल था। अब प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है और सरकार अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को जेल या जहन्नुम के अलावा कोई रास्ता नहीं मिलेगा। सपा के पीडीए पर साधा निशाना समाजवादी पार्टी के पीडीए की व्याख्या करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ और ‘प्रदेश डुबाऊ अलायंस’ बताया। उन्होंने राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के चयन पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सपा ने दलितों और पिछड़ों सहित विभिन्न वर्गों की उपेक्षा की। उनके मुताबिक, पार्टी में परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता दी जाती है और अन्य वर्गों के हितों की अनदेखी होती है। कांग्रेस और सपा पर हमला बोलते हुए योगी ने कहा कि ये दल चुनाव जीतने पर इसे अपना पुरुषार्थ बताते हैं, लेकिन हारने पर ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब दंगों और अपराधों के लिए कोई जगह नहीं है। आपदा पीड़ितों को 24 घंटे में मुआवजा मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को 24 घंटे के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। मानव-वन्यजीव संघर्ष में जनहानि या पशुहानि होने पर भी 24 घंटे के भीतर सहायता देने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में साढ़े नौ वर्षों के दौरान करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। बलरामपुर में दस हजार करोड़ से अधिक का निवेश मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दस वर्षों में बलरामपुर के विकास के लिए दस हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। विश्वविद्यालय का भवन तैयार होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकार्पण के लिए आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बन रहे मेडिकल कॉलेज, रिंग रोड, चीनी मिल के विस्तार, थारू संग्रहालय और मथुरा घाट पुल जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। लाभार्थियों को चेक और प्रमाणपत्र वितरित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों का अवलोकन किया और छात्रा के विज्ञान मॉडल की सराहना की। उन्होंने एक बच्चे का अन्नप्राशन कराया तथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थियों विकास यादव और मोहम्मद शादाब को लैपटॉप प्रदान किए। कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए किरण वर्मा और हिमांश यादव को चार-चार लाख रुपये की सहायता से संबंधित चाबियां सौंपी गईं। युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत अजय कुमार पाल, हसन रजा और गुफरान अंसारी को पांच-पांच लाख रुपये के चेक दिए गए। किसना देवी और ननका देवी को आवास स्वीकृति पत्र तथा गुड़िया वर्मा और पिंकी को आजीविका मिशन के तहत 45 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। कार्यक्रम में बलरामपुर विधायक पल्टूराम, उतरौला विधायक रामप्रताप वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, विधान परिषद सदस्य साकेत मिश्रा और अवधेश कुमार सिंह, तुलसीपुर विधायक कैलाशनाथ शुक्ला, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू तथा उतरौला नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सविता गुप्ता सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
वायु प्रदूषण और GI कैंसर के संबंध पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता, 15 साल के मरीज भी आ रहे सामने
सर गंगा राम अस्पताल और ब्रिटेन के द क्रिस्टी NHS फाउंडेशन ट्रस्ट के संयुक्त सम्मेलन में कैंसर की रोकथाम, शुरुआती पहचान और पर्यावरणीय जोखिमों पर चर्चा भारत-ब्रिटेन के डॉक्टर साझा करेंगे कैंसर उपचार की नई तकनीकें नई दिल्ली। वायु प्रदूषण और कैंसर के बीच संभावित संबंध को लेकर विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। सर गंगा राम अस्पताल, नई दिल्ली और ब्रिटेन के द क्रिस्टी NHS फाउंडेशन ट्रस्ट के संयुक्त अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विशेषज्ञों ने कहा कि PM2.5 जैसे सूक्ष्म कणों और जमीन के नजदीक मौजूद ओजोन सहित पर्यावरणीय कारकों की कैंसर के जोखिम में भूमिका को समझने के लिए भारत-विशिष्ट शोध की आवश्यकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अस्पताल की ओपीडी में 15 वर्ष तक की उम्र के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (GI) कैंसर के मरीज भी सामने आ रहे हैं। 10 और 11 अक्टूबर को नई दिल्ली के होटल शांगरी-ला में आयोजित इस सम्मेलन में कोलोरेक्टल और अन्य पाचन तंत्र संबंधी कैंसर के उपचार में हुई प्रगति, शुरुआती पहचान, रोकथाम और अंतरराष्ट्रीय शोध पर चर्चा की जा रही है। प्रदूषण और कैंसर पर शोध की जरूरत सम्मेलन के आयोजन अध्यक्ष और सर गंगा राम अस्पताल के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ. श्याम अग्रवाल ने कहा कि कैंसर की रोकथाम के लिए केवल तंबाकू, खानपान और जीवनशैली पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। लोगों के पर्यावरण और वायु गुणवत्ता का भी अध्ययन करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ओजोन जैसे प्रदूषकों पर विशेष ध्यान देने तथा भारतीय शहरों में इनके प्रभावों को लेकर ठोस शोध करने की जरूरत है। 2026 में एपिडेमियोलॉजिक रिव्यूज में प्रकाशित एक अध्ययन में 70 शोधों का विश्लेषण किया गया। इसमें लंबे समय तक PM2.5 के संपर्क और GI कैंसर से होने वाली मौतों के बीच संबंध पाया गया, विशेष रूप से कोलोरेक्टल कैंसर के मामले में। वहीं, नेचर हेल्थ में प्रकाशित एक अन्य अध्ययन में PM2.5, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और ओजोन के लंबे समय तक संपर्क तथा समग्र कैंसर जोखिम के बीच संबंध सामने आया। हालांकि, विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि ये निष्कर्ष प्रदूषण और कैंसर के बीच संबंध दर्शाते हैं, लेकिन ओजोन को सीधे GI कैंसर का कारण साबित नहीं करते। कम उम्र के मरीजों पर चिंता अस्पताल के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, GI एवं HPB ऑन्को-सर्जरी और लिवर ट्रांसप्लांट विभाग के चेयरमैन डॉ. सौमित्र रावत ने कहा कि कम उम्र के मरीजों में GI कैंसर की पहचान होने पर व्यापक जांच जरूरी है। इसके संभावित कारणों में पारिवारिक इतिहास, आनुवंशिक संवेदनशीलता, खानपान, जीवनशैली, संक्रमण और पर्यावरणीय जोखिम शामिल हैं। उन्होंने लगातार बनी रहने वाली पाचन संबंधी समस्याओं में समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने पर जोर दिया। भारत-ब्रिटेन सहयोग से बेहतर इलाज की उम्मीद सर गंगा राम अस्पताल की ट्रस्ट सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. डी.एस. राणा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग से चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुभव और शोध साझा होंगे, जिससे कैंसर की पहचान और उपचार बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। ब्रिटेन के द क्रिस्टी NHS फाउंडेशन ट्रस्ट के कंसल्टेंट कोलोरेक्टल एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जन सेल्वासकर चेलियाह ने भी बहु-विषयक सहयोग को मरीजों की देखभाल के लिए महत्वपूर्ण बताया। सम्मेलन में विशेषज्ञों ने वायु गुणवत्ता की निगरानी, कैंसर रजिस्ट्रियों को मजबूत करने और लंबे समय तक चलने वाले भारतीय अध्ययनों की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि प्रदूषण नियंत्रण के साथ कैंसर के स्थापित जोखिम कारकों, समय पर जांच और शुरुआती पहचान पर भी ध्यान देना जरूरी है।
दुर्गा पूजा को लेकर शांति समिति की बैठक, डीजे पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
डीएम और एसपी ने शांतिपूर्ण आयोजन के लिए दिए निर्देश, सीसीटीवी और ड्रोन से होगी निगरानी औरंगाबाद। आगामी दुर्गा पूजा के शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण आयोजन को लेकर समाहरणालय स्थित योजना भवन में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक हुई। इसमें प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पूजा समिति के आयोजक और शांति समिति के सदस्य शामिल हुए। बैठक में सड़क, पुल-पुलिया, यातायात, अतिक्रमण और जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याएं उठाई गईं। जिलाधिकारी ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए कहा कि पूजा पर्व आपसी भाईचारे और धार्मिक सौहार्द के साथ मनाया जाए। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रमुख स्थलों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की जाएगी। डीएम ने डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने, शहर के लिए ट्रैफिक प्लान तैयार करने और पूजा पंडालों में सीसीटीवी लगाने का निर्देश दिया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात रहेंगी। एसपी ने कहा कि प्रमुख स्थलों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी होगी। लाउडस्पीकर एक्ट का पालन करना अनिवार्य होगा। डीजे बजाने पर आयोजकों और संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। कैप : दुर्गा पूजा की तैयारियों को लेकर शांति समिति की बैठक में निर्देश देते जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किया सम्मानित
सीएम ने चेक, चाबी, लैपटॉप, स्वीकृति पत्र आदि प्रदान किया मुख्यमंत्री ने कराया बच्चों का अन्नप्राशन, स्टॉल आदि का अवलोकन भी किया बलरामपुर, 10 अक्टूबरः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर की विकास यात्रा पर आधारित लघु फिल्म भी देखी। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, चाबी, लैपटॉप, स्वीकृति पत्र आदि प्रदान किया। सीएम ने बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया। महिलाओं को फलों समेत पोषण की पोटली दी। उन्होंने यहां विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉल आदि का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कराया बच्चों का अन्नप्राशनमुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर बच्चों का अन्नप्राशन कराया। साथ ही महिलाओं को फलों समेत पोषण पोटली दी। उन्होंने यहां लगे विभिन्न विभागों के स्टॉल आदि का भी अवलोकन किया। सभी से जनपदों में चल रहे विभागीय कार्यों की जानकारी भी ली। सीएम के हाथों इन्हें मिला सम्मान विकास यादव- उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना- लैपटॉपमो. शादाब- उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना- लैपटॉपकिरन वर्मा- कस्टम हायरिंग सेंटर- चाबीहिमांशु यादव- कस्टम हायरिंग सेंटर- चाबीअजय कुमार पाल- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेकहसन रजा- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेकगुफरान अंसारी- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेककिशना देवी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्रउर्मिला देवी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्रसंगीता- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्रननका देवी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्रगुड़िया वर्मा/पिंकी- एनआरएलएम के तहत 45 लाख का चेक ।
देश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार है ‘अन्नदाता’: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 के पश्चात कृषि क्षेत्र में आए अभूतपूर्व परिवर्तन से प्रदेशवासियों को कराया अवगत 80 लाख से अधिक किसानों से खरीदा गया 519 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान, ₹1,03,833 करोड़ से अधिक भुगतान: मुख्यमंत्री लखनऊ।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 के बाद कृषि क्षेत्र में आए अभूतपूर्व परिवर्तन से प्रदेशवासियों को अवगत कराया। उन्होंने अन्नदाता किसान को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार भी बताया। किसान को बीज से लेकर बाजार तक की सुविधामुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार आज अन्नदाता किसान को बीज से लेकर बाजार तक की सुविधा उपलब्ध करा रही है। वर्ष 2017 से पहले जो अन्नदाता किसान कर्ज, बदहाली व लाचारी में डूबा रहता था और बिचौलियों के चक्कर लगाने को मजबूर था, आज वही अन्नदाता किसान कर्ज से मुक्त होकर उन्नत बीज, सिंचाई, और डीबीटी के माध्यम से एमएसपी एवं पीएम सम्मान निधि का लाभ ले रहा है। 8 से बढ़कर 18 प्रतिशत हुई कृषि विकास दरमुख्यमंत्री ने बताया कि दशकों से लटकी सिंचाई परियोजनाएं पूर्ण हुई हैं। प्रदेश, देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में 21 प्रतिशत का योगदान कर रहा है। कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हुई है। दुग्ध, गन्ना, गेहूं आदि के उत्पादन में यूपी देश में प्रथम स्थान पर है। धान किसानों को किया गया ₹1,03,833 करोड़ से अधिक का भुगतानमुख्यमंत्री ने बताया कि अन्नदाता किसान की मेहनत का सम्मान एवं उसकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करते हुए वर्ष 2017 से मार्च 2026 के बीच प्रदेश में 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की गई और ₹1,03,833 करोड़ से अधिक का सीधा भुगतान किया गया। उसी प्रतिबद्धता के साथ इस बार भी धान के समर्थन मूल्य में 71 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। किसान की खुशहाली सरकार की प्राथमिकतामुख्यमंत्री ने डबल इंजन सरकार के लिए अन्नदाता किसान को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार बताया। उन्होंने कहा कि इसीलिए अन्नदाता किसान के अधिकार की रक्षा और उसकी खुशहाली हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विरोध प्रदर्शन के चलते उत्तर मध्य रेलवे ने रद्द कीं 14 ट्रेनें, यात्रियों को हुई परेशानी
मथुरा में रेलवे स्टेशन पर सुबह दिखी अफरा-तफरी, कांग्रेस और सपा नेताओं ने सरकार पर लगाए मनमानी के आरोप मथुरा। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर उत्तर मध्य रेलवे ने शनिवार को 14 ट्रेनों को रद्द कर दिया। अचानक ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल रहा, हालांकि बाद में यात्रियों की भीड़ कम हो गई। उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि यातायात संबंधी एडवाइजरी के अनुसार, सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे तक नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आसपास जाम और भीड़ की आशंका थी। इसके मद्देनजर कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशन से ही रद्द करने का निर्णय लिया गया। रद्द की गई प्रमुख ट्रेनों में मेवाड़ एक्सप्रेस, कोटा जनशताब्दी एक्सप्रेस, महाकौशल एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस, संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, निजामुद्दीन-जबलपुर एक्सप्रेस, निजामुद्दीन-इंदौर एक्सप्रेस और निजामुद्दीन-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस शामिल हैं। आगरा फोर्ट-गाजियाबाद और कोसी कलां-गाजियाबाद ईएमयू ट्रेनें भी रद्द रहीं। अमृतसर जाने वाले यात्री दिनेश ने बताया कि उन्होंने पहले से रिजर्वेशन कराया था, लेकिन ट्रेन रद्द होने की जानकारी मिलने से उनकी यात्रा प्रभावित हुई। इस बीच कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने सरकार पर विरोध की आवाज दबाने का आरोप लगाया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रदीप माथुर ने ट्रेनें रद्द किए जाने को आम जनता के अधिकारों से जुड़ा मामला बताया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन इसके कारण आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने दावा किया कि उन्हें गुरुवार से नजरबंद रखा गया है और शहर से बाहर जाने की अनुमति नहीं है। वहीं, सपा महानगर अध्यक्ष रितु गोयल ने भी नजरबंदी का आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों को अनावश्यक परेशानी हुई है।