जिला स्तरीय रबी प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई

महिला किसान दिवस-2026 का जिला पदाधिकारी ने किया शुभारंभ औरंगाबाद: गुरुवार को स्थानीय नगर भवन में जिला स्तरीय वासंतिक (रबी) प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला एवं महिला किसान दिवस-2026 का शुभारंभ जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।दीप प्रज्वलित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को रबी मौसम में संचालित कृषि योजनाओं, उन्नत कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती तथा कृषि उत्पादन एवं किसानों की आय में वृद्धि के उपायों से अवगत कराना है।इस अवसर पर जिलधिकारी द्वारा प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली तीन महिला कृषकों को सम्मानित किया गया साथ ही जिले में नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण हुई फसल क्षति के आलोक में कुल 4,011 कृषकों के बीच 1 करोड़ 92 लाख रुपए की कृषि इनपुट अनुदान राशि अंतरित किए जाने की जानकारी दी गई। फसल क्षति के आकलन एवं अनुदान वितरण कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच प्रखंडों के प्रखंड कृषि पदाधिकारियों, कृषि समन्वयकों एवं अन्य संबंधित कर्मियों को भी सम्मानित किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने उपस्थित सभी कृषकों,महिला कृषकों, कृषि विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कृषि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। कृषि क्षेत्र के समग्र विकास, उत्पादन में वृद्धि तथा किसानों की आय में सुधार के लिए वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, आधुनिक तकनीकों एवं विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।उन्होंने कहा कि कृषि का विकास केवल फसल उत्पादन तक सीमित नहीं है,बल्कि पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य कृषि आधारित गतिविधियां भी किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कृषि विभाग एवं इससे संबंधित विभिन्न शाखाओं द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाकर कृषि को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है।जिला कृषि पदाधिकारी ने बेबी कॉर्न एवं स्वीट कॉर्न की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए जिले को प्राप्त लक्ष्य के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक फसलों की खेती को बढ़ावा देने से किसानों को कृषि उत्पादन एवं आय में वृद्धि के अतिरिक्त अवसर प्राप्त हो सकते हैं।कार्यक्रम में बिहार कृषि ऐप के संबंध में जानकारी देते हुए जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि औरंगाबाद जिले में अब तक लगभग 42,000 किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जिले के अधिकाधिक किसानों को इस ऐप से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं, सुविधाओं एवं आवश्यक सूचनाओं की जानकारी एक ही डिजिटल माध्यम से प्राप्त हो सके।इस अवसर पर अनुमंडल कृषि पदाधिकारी,सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी,प्रखंड कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार,कृषि विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी तथा बड़ी संख्या में कृषक एवं महिला कृषक उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने किया दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ

सतत विकास की योजनाओं में स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना आवश्यक कुलदीप कुमार देहरादून, 15 अक्टूबर। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज दून विश्वविद्यालय में “बदलती जलवायु में हिमालयः आपदाएं, सतत विकास एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालयी क्षेत्र में उत्पन्न हो रही चुनौतियों के समाधान, आपदाओं के प्रभावी आकलन और जोखिमों को कम करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। इसके लिए आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग करने के साथ ही सतत विकास की योजनाओं में स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना आवश्यक है।मुख्य सचिव ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशीलता और यहां की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए आपदाओं के आकलन, उनके संभावित प्रभावों का पूर्वानुमान लगाने तथा प्रभावी योजना निर्माण में नवीन तकनीकों का उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित समाधान स्थानीय आवश्यकताओं और परिस्थितियों के अनुरूप होने चाहिए, ताकि उनका लाभ आमजन तक पहुंच सके। संगोष्ठी में दक्षिण कैरोलिना विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं आईएआईआरओ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा संस्थापक निदेशक प्रो. अमित शेठ ने एआई की उभरती तकनीक ‘स्मॉल एआई’ की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कम संसाधनों में सुलभ एवं प्रभावी तकनीकी समाधान विकसित कर भारत की विशिष्ट विकास संबंधी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकता है। हिमालयी क्षेत्र में एक के बाद एक उत्पन्न होने वाली आपदाओं की चुनौतियों से निपटने में भी इन तकनीकों का उपयोग महत्वपूर्ण हो सकता है। अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) के संयुक्त सचिव डॉ. निशांत वर्मा ने दून विश्वविद्यालय में विकसित हो रहे शोध एवं अनुसंधान के वातावरण की सराहना की। उन्होंने देश में अनुसंधान गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा शोध के लिए अनुकूल वातावरण विकसित करने में एएनआरएफ की भूमिका पर प्रकाश डाला। दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध संबंधी उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षकों एवं शोधार्थियों के प्रयासों से अनुसंधान गतिविधियों को निरंतर सशक्त किया जा रहा है। दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालयी क्षेत्र में उत्पन्न हो रहे खतरों, आपदा आकलन एवं जोखिम न्यूनीकरण, सतत विकास की संभावनाओं तथा शोध, नियोजन एवं निर्णय प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान एवं परिचर्चाएं आयोजित की जाएंगी। संगोष्ठी में दिल्ली विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की सहित देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं दून विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। संगोष्ठी के संयोजक एवं भूविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. विपिन कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे।

देर रात तक चली मैराथन बैठक में दिखे एसएसपी दून के कड़े तेवर

त्योहारी सीजन व आगामी वीआईपी कार्यक्रमों के दृष्टिगत अधीनस्थ अधिकारियों को दिये कडे निर्देश कुलदीप कुमार देहरादून -वर्तमान में चल रहे नवरात्रों, आगामी त्यौहारों तथा शहीद दिवस व राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली रैतिक परेड में प्रस्तावित वीआईपी/वीवीआईपी कार्यक्रमों के दृष्टिगत यातायात व्यवस्था के साथ-साथ कानून एवं शान्ति व्यवस्था को सुदृढ बनाये रखने हेतु आज दिनांक 14-10-2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा पुलिस कार्यालय स्थित सभागार में जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों, यातायात निरीक्षकों, अग्निशमन अधिकारियों व शाखा प्रभारियों के साथ गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा उपस्थित अधिकारियों के साथ आगामी त्यौहारी सीजन व वीवीआईपी कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्हें निम्न दिशा निर्देश दिये गये। 1- आगामी त्यौहारी सीजन के दौरान सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में पूर्व में चिन्हित किये गये चैकिंग प्वाइंटो पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल को नियुक्त करते हुए प्रभावी चैकिंग करना सुनिश्चित करें। साथ ही थाना क्षेत्रान्तर्गत भीड़ भाड़ वाले स्थानों व मुख्य बाजारों में पुलिस की विजिबिलिटी को बढाते हुए संदिग्धों व अराजक तत्वों पर सतर्क दृष्टि हेतु सादे वस्त्रों में पुलिस बल को नियुक्त किया जाये। यदि किसी थाना क्षेत्र में पुलिस चैकिंग की लापरवाही अथवा शिथिलता के कारण कोई घटना घटित होती है तो सम्बन्धित थाना प्रभारी की जवाबदेही तय करते हुए उसके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही की जायेगी। 2- त्यौहारी सीजन के दौरान लोगों का आवागमन बढने तथा उससे यातायात व्यवस्था में पडने वाले अतिरिक्त दबाव के दृष्टिगत सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में यातायात के सुचारू संचालन हेतु थाने से अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करें। सभी क्षेत्राधिकारी व थाना प्रभारी पीक आवर्स के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों के व्यस्ततम मार्गों/चौराहों पर स्वंय मौजूद रहकर यातायात का सुचारू संचालन सुनिश्चित करेंगे। यातायात व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कोताही को नजरअंदाज नहीं किया जायेगा व सम्बन्धित के विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही की जायेगी। 3- सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में मुख्य बाजारों व भीड-भाड वाले स्थानों, मुख्य चौराहों व यातायात के दबाव वाले क्षेत्रों में सडक किनारे व फुटपाथों पर किये गये अस्थाई अतिक्रमण के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सभी थाना क्षेत्रों में मुख्य बाजारों तथा भीड-भाड वाले स्थानों को संवेदनशीलता की दृष्टि से चिन्हित करते हुए उक्त स्थानों पर अग्नि सुरक्षा के समुचित प्रबन्ध करना सुनिश्चित करें। सभी थाना प्रभारी इस बात को सुनिश्चित कर लें कि मुख्य बाजारों में दुकानों के बाहर अथवा फुटपाथों पर किसी भी दशा में कोई अस्थाई अतिक्रमण न हो, जिससे किसी आकस्मिक स्थिती में आपात सेवा के वाहनों का मुख्य बाजारों तक निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जा सके। 4- आगामी धनतेरस व दीपावली के त्यौहार के दृष्टिगत सभी थाना प्रभारी अपने अपने थाना क्षेत्रों में स्थित ज्वैलरी शॉप्स, बैंक, एटीएम, फाइनेंस कार्यालय व सर्राफा बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करना सुनिश्चित करे। समस्त ज्वैलरी / सर्राफा दुकानों, बैंकों, एटीएम बूथों व गोल्ड लोन / फाइनेंस कार्यालयों का निरीक्षण कर सीसीटीवी कैमरे, अलार्म सिस्टम व सुरक्षा गार्डों की व्यवस्था को चैक किया जाये तथा बिना सुरक्षा गार्ड व बिना सीसीटीवी के संचालित एटीएम बूथों/प्रतिष्ठानों की सूची तैयार कर सम्बन्धित प्रबंधकों को नोटिस दिया जाये। उक्त सभी कार्रवाई का विवरण थाने में एक रजिस्टर बनाकर उसमें अंकित किया जाए, तथा सभी क्षेत्राधिकारी नियमित रूप से उक्त रजिस्टर का अवलोकन करते हुए पुलिस कार्यवाही का जायजा लेना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त सर्राफा बाजार, पलटन बाजार व अन्य भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर सादे व वर्दी में पुलिस गश्त बढ़ाई जाये। 5- आगामी राजकीय पर्वो व राज्य स्थापना दिवस के दौरान विशिष्ट तथा अति विशिष्ट महानुभावों के जनपद में आगमन के दृष्टिगत सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश हेतु प्रभावी चैकिंग/सत्यापन अभियान चलाना सुनिश्चित करें। सुरक्षा की मध्यनजर सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी सतर्क दृष्टि रखी जाये तथा सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक खबरें प्रचारित/प्रसारित कर शान्ति एवं कानून व्यवस्था को बिगाडने का प्रयास करने वालों को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्ध प्रभावी वैधानिक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। 6- विभिन्न थाना क्षेत्रों में घटित अपराधों की समीक्षा के दौरान लम्बित घटनाओं के अनावरण हेतु की गई कार्यवाही की जानकारी प्राप्त करते हुए सम्बन्धित थाना प्रभारियो को उनके त्वरित अनावरण के निर्देश दिये गये। साथ ही आपराधिक घटनाओ पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु सवेंदनशील/भीड भाड वाले स्थानों पर पुलिस गश्त को बढाने व पूर्व में आपराधिक घटनाओ में प्रकाश में आये/जमानत पर चल रहे अभियुक्तों पर सतर्क निगरानी रखते हुए नियमित रूप से उनके भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिये गये। 7- सीसीटीएनएस के अन्तर्गत विभिन्न पोर्टलों में की जा रही कार्यवाहियों की समीक्षा करते हुए पोर्टलों में सूचनाओं को समय से अध्यावधिक न करने पर सम्बन्धित थाना प्रभारियों को कडी फटकार लगाते हुए सभी सूचनाओं को नियमित रूप से पोर्टल पर अध्यवधिक करने तथा इसमें किसी प्रकार की कोताही न बरतने के निर्देश दिये गये। 8- साइबर शिकायतों के निस्तारण, ई जीरो एफआईआर/नेशनल क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल की समीक्षा के दौरान साइबर सम्बन्धी शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षानुरूप कार्यवाही न करने पर सभी थाना प्रभारियों को सख्त चेतावनी देते हुए उनके शीघ्र विधिक निस्तारण के निर्देश दिये गये। साथ ही उन्हें स्पष्ट हिदायत दी गई कि साइबर सम्बन्धित मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनावश्यक देरी को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा तथा कोताही बरतने वालों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।

एसएसपी दून के निर्देशों पर नियमों के उल्लंघन पर सख्त: दून पुलिस

अव्यवस्थित पार्किंग तथा अस्थाई अतिक्रमण कर यातायात व्यवस्था बाधित करने वालो पर चला दून पुलिस का डंडा कुलदीप कुमार देहरादून: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा त्यौहारी सीजन के दृष्टिगत यातायात व्यवस्था के सुचारू संचालन व मुख्य मार्गो से यातायात के दबाव को कम करने के लिए मुख्य मार्गो, बाज़ारो, चौराहों आदि जगहों पर अस्थाई अतिक्रमण करने वालो के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए गए है। उक्त निर्देशों के क्रम में आज दिनाँक 15/10/2026 को कोतवाली नगर पुलिस द्वारा डिस्पेंसरी रोड, तहसील चौक, पलटन बाजार क्षेत्र में अभियान चलाकर नो पार्किंग में वाहन खड़ा करने व फुटपाथों/दुकानों के बाहर सामान लगाकर लोगो के आवागमन/यातायात व्यवस्था को बाधित करने वालो के विरुद्ध कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान सड़क पर बेतरतीब ढंग से व नो-पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा करने पर 50 वाहन चालको के विरुद्ध एमवी एक्ट के अन्तर्गत चालानी कार्रवाई की गई, इसके अतिरिक्त सड़क किनारे/सार्वजनिक मार्गों/दुकानों के बाहर सामान फैलाकर अतिक्रमण करने व लोगो का आवागमन बाधित करने वाले 10 दुकानदारों के विरुद्ध 83 पुलिस एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए कुल ₹ 1,00,000/- (एक लाख रुपये) का जुर्माना किया गया। यातायात व्यवस्था बाधित करने, नो-पार्किंग में वाहन खड़ा करने तथा सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई निरन्तर जारी रहेगी। दून पुलिस की आमजन से अपील है कि अपने वाहन निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें तथा यातायात व्यवस्था बनाये रखने में पुलिस का सहयोग करें।

चारधाम यात्रा में अब तक 59.08 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन: सतपाल महाराज

अब तक 72.45 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण कुलदीप कुमार हरिद्वार, 15 अक्टूबर। कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज ने वर्तमान यात्राकाल में चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त की है। हरिद्वार भ्रमण के दौरान उन्होंने बताया कि अब तक कुल 59,08,972 श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा सुचारू एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है और श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर व्यापक उत्साह बना हुआ है।श्री महाराज ने बताया कि वर्तमान यात्राकाल में यमुनोत्री धाम में 8,26,965, गंगोत्री धाम में 9,29,664, केदारनाथ धाम में 17,29,170 तथा बदरीनाथ धाम में 20,32,477 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।उन्होंने बताया कि वर्तमान सीजन की चारधाम यात्रा के लिए अब तक कुल 72,45,218 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है। राज्य सरकार श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी में अंकित भंडारी प्रकरण और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाये जाने पर लेकर की पत्रकार वार्ता

राकेश कुमार देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड के आरोपी दुष्यन्त कुमार गौतम को सिक्किम प्रदेश का राज्यपाल बनाये जाने के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। पत्रकार वार्ता को प्रदेश कंाग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, प्रदेश चुनाव प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष डॉ0 हरक सिंह रावत, प्रदेश सहप्रभारी सुरेन्द्र शर्मा ने संयुक्त रूप से संबोधित किया।पत्रकारों को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सितम्बर 2022 में जनपद पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर क्षेत्र स्थित वनन्तरा रिजॉर्ट में कार्यरत उत्तराखण्ड की बेटी अंकिता भंडारी की निर्मम हत्या ने न केवल देवभूमि उत्तराखण्ड, बल्कि पूरे देश की आत्मा को झकझोर कर रख दिया था। इस जघन्य हत्याकांड के बाद से ही प्रदेश की जनता, विशेषकर महिलाओं, युवाओं एवं सामाजिक संगठनों द्वारा इस प्रकरण में कथित वीवीआईपी की भूमिका उजागर करने तथा पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराये जाने की मांग लगातार उठाई जाती रही है।कंग्रेस नेताओं ने कहा कि यह अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंताजनक है कि चार वर्ष से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीवीआईपी की पहचान एवं उसकी भूमिका को लेकर जनता के मन में व्याप्त संदेह का संतोषजनक निराकरण नहीं हो पाया है। इस प्रकरण में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री दुष्यंत कुमार गौतम का नाम भी सार्वजनिक आरोपों एवं चर्चाओं में सामने आया है। ऐसे समय में जब अंकिता भंडारी के परिजन एवं उत्तराखण्ड की जनता कथित वीवीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच तथा सम्पूर्ण सत्य सामने लाये जाने की मांग कर रहे हैं, श्री दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम प्रदेश के महामहिम राज्यपाल जैसे अत्यन्त गरिमामय एवं संवैधानिक पद पर नियुक्त किये जाने के निर्णय से प्रदेश की जनता की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी का स्पष्ट मानना है कि किसी भी व्यक्ति को संवैधानिक पद पर नियुक्त किये जाने से पूर्व उससे जुड़े गंभीर सार्वजनिक आरोपों एवं विवादों का निष्पक्ष निराकरण होना चाहिए, ताकि संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा, निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता पर किसी प्रकार का प्रश्नचिह्न न लगे। राज्यपाल का पद भारतीय संविधान के अन्तर्गत अत्यन्त सम्मानित एवं महत्वपूर्ण संवैधानिक पद है। इस पद पर आसीन व्यक्ति से उच्चतम नैतिक मानदण्डों, निष्पक्षता एवं सार्वजनिक जीवन में निर्विवाद आचरण की अपेक्षा की जाती है। ऐसी स्थिति में अंकिता भंडारी जैसे संवेदनशील हत्याकांड में कथित भूमिका को लेकर सार्वजनिक आरोपों का सामना कर रहे व्यक्ति की नियुक्ति से जनमानस में गलत संदेश जाने की आशंका है।यह भी अत्यन्त पीड़ादायक है कि उत्तराखण्ड की एक बेटी को न्याय दिलाने के लिए उसके परिजनों एवं प्रदेश की जनता को वर्षों से संघर्ष करना पड़ रहा है तथा उनके माता पिता को उत्तराखंड एवं दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर प्रताडित किया जा रहा है। अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता तथा सत्ता के प्रभाव से मुक्त जांच सुनिश्चित करने की संवैधानिक जिम्मेदारी से जुड़ा अत्यन्त गंभीर विषय है।प्रदेश कांग्रेस कमेटी का यह भी कहना है कि यदि किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं तो उसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। कानून की दृष्टि में सभी नागरिक समान हैं तथा किसी भी व्यक्ति की राजनीतिक हैसियत अथवा संवैधानिक पद न्यायिक जांच में बाधा नहीं बनना चाहिए।

मेजर जनरल ने लिया अग्निवीर रैली का जायजानिष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई

कुलदीप कुमार रुड़की, 15 अक्टूबर। मुख्यालय भर्ती क्षेत्र (उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड) के अतिरिक्त महानिदेशक, मेजर जनरल मनीष कुमार वायएसएम, एसएम ने रुड़की स्थित बंगाल इंजीनियर ग्रुप एंड सेंटर के पैवेलियन ग्राउंड में चल रही ‘अग्निवीर भर्ती रैली’ का व्यापक निरीक्षण किया। 05 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक चलने वाला यह बड़ा भर्ती अभियान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र के युवाओं के लिए भारतीय सेना में शामिल होने का एक सुनहरा अवसर है, जो भर्ती वर्ष 2027 के लिए है। रैली का आज का चरण विशेष रूप से चमोली जिले के उन ‘अग्निवीर जनरल ड्यूटी’ उम्मीदवारों के लिए था, जिन्होंने इस साल की शुरुआत में आयोजित कॉमन एंट्रेंस एग्जाम पास किया है। वहाँ पहुँचने पर, मेजर जनरल ने रैली ग्राउंड का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने शारीरिक फिटनेस परीक्षण क्षेत्रों, बायोमेट्रिक सत्यापन केंद्रों और दस्तावेजों की डिजिटल जाँच प्रक्रिया का जायजा लिया। युवाओं से बातचीत करते हुए, उन्होंने उनके साहस, बड़ी संख्या में उपस्थिति और देश सेवा के प्रति उनके दृढ़ संकल्प की सराहना की। मेजर जनरल ने दोहराया कि भारतीय सेना, नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर, एक पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और केवल योग्यता (मेरिट) पर आधारित भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उम्मीदवारों को सलाह दी कि वे किसी भी दलाल, एजेंट या बिचौलिए के संपर्क में न आएँ और न ही उन्हें कोई पैसा दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पूरी प्रक्रिया स्वचालित और डिजिटल रूप से सुरक्षित है, जिसे कोई भी व्यक्ति प्रभावित नहीं कर सकता।इतने बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाली रैली के लिए किए गए भारी प्रशासनिक और शारीरिक प्रयासों को देखते हुए, ADG ने आयोजन टीम से बातचीत की और उनके निरंतर समर्पण तथा कार्यकुशलता की प्रशंसा की। अपने दौरे के दौरान, ADG ने BEG एंड सेंटर के कमांडेंट, नागरिक प्रशासन के अधिकारियों, तथा शिक्षा और चिकित्सा विभागों के कर्मचारियों से भी मुलाकात की, ताकि प्रशासनिक तालमेल और लॉजिस्टिक सहयोग की समीक्षा की जा सके। मेजर जनरल ने नागरिक और सैन्य प्रशासन के बीच बेहतरीन समन्वय की सराहना की, जिसकी बदौलत हजारों युवाओं के लिए एक सुचारू, सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित हो पा रहा है।

उत्तराखण्ड राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल : सीएम

सीएम ने किया पं. दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार वितरण समारोह में प्रतिभागसीएम ने किया 63 मेधावी छात्र-छात्राओं तथा उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले छह विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित कुलदीप कुमार देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज शासकीय आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित पं. दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार वितरण समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वाले 63 मेधावी छात्र-छात्राओं तथा उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले छह विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया। समारोह में हाईस्कूल के 38 और इंटरमीडिएट के 25 मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। इसके साथ ही हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट स्तर पर उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले तीन-तीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को प्रशस्ति पत्र एवं मुख्यमंत्री ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित मेधावी छात्र-छात्राओं एवं प्रधानाचार्यों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। इसमें शिक्षकों और अभिभावकों का भी महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में प्रदेश का हाईस्कूल परीक्षाफल 92.10 प्रतिशत तथा इंटरमीडिएट का परीक्षाफल 85.11 प्रतिशत रहा, जो सराहनीय उपलब्धि है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के विद्यार्थी भविष्य में भी अपनी प्रतिभा और परिश्रम के बल पर राज्य एवं देश का नाम रोशन करेंगे। मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय का स्मरण करते हुए कहा कि वे एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता होने के साथ ही महान विचारक, शिक्षाविद् और समाजसेवी थे। उनका मानना था कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसमें राष्ट्रप्रेम, नैतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और व्यावहारिक ज्ञान का भी समावेश होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से देश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उत्तराखण्ड राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य सरकार शिक्षा में नवाचार, डिजिटल लर्निंग और भारतीय जीवन मूल्यों को बढ़ावा देने के साथ ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नंदा गौरा योजना के अंतर्गत 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली पात्र छात्राओं को 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लासरूम एवं सेंट्रल स्टूडियो की व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित किए गए हैं तथा सरकारी विद्यालयों में NCERT की पुस्तकों को अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही विद्यालयों की प्रयोगशालाओं को आधुनिक बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों में व्यावहारिक ज्ञान और नई तकनीकों की समझ विकसित हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री बालाश्रय योजना के माध्यम से अनाथ बच्चों की निःशुल्क शिक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अपनी प्रतिभा को निखारने के समान अवसर प्राप्त हों।उन्होंने उत्तराखण्ड के पूर्ण साक्षर राज्य बनने की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इस संकल्प को साकार करने में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के मेधावी विद्यार्थी अपने ज्ञान, कौशल और परिश्रम के बल पर सफलता के नए आयाम स्थापित करेंगे तथा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक श्रीमती सविता कपूर, सचिव शिक्षा सुश्री ज्योति यादव, अपर सचिव शिक्षा श्रीमती नमामि बंसल एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

सोशल मीडिया की लत छीन रही है बच्चों की मासूमियत समय से पहले बड़े हो रहे है बच्चे: सीमा त्यागी

अभिभावक बच्चों के साथ रोज बिताएं समय, बच्चो की बातों को समझें और बनाएं भरोसे का रिश्ता: सीमा त्यागी अनिल कुमार गाज़ियाबाद। हम सभी जानते है कि सोशल मीडिया आज बच्चों के जीवन का हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसका अत्यधिक इस्तेमाल उनके मानसिक और शारीरिक विकास के साथ बचपन की सहजता को भी प्रभावित कर रहा है। कम उम्र में बच्चे ऐसी सामग्री और जीवनशैली के संपर्क में आ रहे हैं, जिन्हें समझने और उनके प्रभावों का आकलन करने के लिए वे अभी पूरी तरह परिपक्व नहीं हैं। सोशल मीडिया की बढ़ती लत बच्चों को समय से पहले वयस्क बना रही है। बचपन खेलने, सीखने, सवाल पूछने और जीवन के संस्कार समझने की उम्र होती है, लेकिन सोशल मीडिया पर दिखावटी जीवनशैली और दूसरों से तुलना करने की आदत बच्चों पर अनावश्यक मानसिक दबाव डाल रही है। बच्चों को केवल डांटने, मोबाइल छीनने या प्रतिबंध लगाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। इसके लिए जरूरी है कि अभिभावक बच्चों के साथ संवाद बढ़ाएं और उन्हें अपनी बात खुलकर कहने का अवसर दें , किसी ना किसी खेल का हिस्सा बनाए और साथ ही उन्हें अपने समय की तरह सभी पारिवारिक रिश्तों को जीना सिखाए सीमा त्यागी ने अभिभावकों से अपील की कि वे रोज कुछ समय मोबाइल से दूर रहकर बच्चों के साथ समय बिताएं। बच्चो से पूछें कि दिनभर क्या हुआ, वे किस बात से खुश या परेशान हैं और इंटरनेट पर क्या देख रहे हैं। बच्चों की बातों को धैर्य से सुनें, ताकि वे अपनी जिज्ञासाओं और परेशानियों को परिवार के साथ साझा कर सकें। अपने बच्चों को डिजिटल दुनिया के खतरों से बचाने के लिए अभिभावकों को स्वयं भी मोबाइल के इस्तेमाल में अनुशासन अपनाना होगा।“बच्चों को मोबाइल और इंटरनेट देने से ज्यादा जरूरी है उन्हें अपना समय, विश्वास और सही मार्गदर्शन देना। हर दिन बच्चों के साथ ‘मन की बात’ कीजिए, क्योंकि संवाद ही बच्चों को गलत प्रभावों से बचाने और उनके करीब आने का सबसे प्रभावी माध्यम है।”उन्होंने सरकार, शिक्षण संस्थानों, अभिभावकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म से मिलकर बच्चों के लिए सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाने की अपील की, ताकि तकनीक उनके विकास का माध्यम बने, उनके बचपन को छीनने का नहीं।