सीएम की सौगात, ग्राम प्रहरियों का बढ़ाया मानदेय, अब मिलेंगे 3500 रुपये

68 हजार ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की मिलेगी सुविधा 2017 से पहले जो सत्ता में थे, वही लूट-खसोट करते थे, जो रहनुमा थे वही चोर भी थे: सीएम योगी बरेली, 13 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेश के करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय एक हजार रुपये बढ़ाने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार ग्राम प्रहरियों व उनके परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये कैशलेस इलाज की सुविधा भी देने जा रही है। मानदेय में एकमुश्त 40 प्रतिशत की वृद्धि से अब उन्हें 2500 के बजाय 3500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इस तरह प्रत्येक ग्राम प्रहरी को सालाना 12 हजार रुपये की अतिरिक्त आय होगी। वर्ष 2017 में ग्राम प्रहरियों को महज 1500 रुपये मानदेय मिलता था, जिसे वर्ष 2019 में बढ़ाकर 2500 रुपये किया गया था। अब जिम्मेदारी के साथ सरकार उनकी सुविधाएं भी बढ़ा रही है। ग्राम प्रहरी गांव की सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनकी सजगता और समय पर दी गई सूचना किसी बड़ी अनहोनी को टाल सकती है। बरेली पुलिस लाइन में आयोजित भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के पहले जो लोग सत्ता में थे, वही लूट-खसोट भी करते थे। जो रहनुमा थे, वही चोर भी थे, वही डकैती डालते थे या डलवाते थे। तो जनता किससे उम्मीद करती? पुलिस भी मौन रह जाती थी। आज उत्तर प्रदेश में अपराधियों के मन में कानून का भय है। लोग बेखौफ होकर पर्व-त्योहार मनाते हैं। नवरात्रि पर मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इसका जीवंत उदाहरण है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था के प्रति देश-दुनिया की धारणा बदल चुकी है। बेटी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले या लूट-चेन स्नेचिंग करने वाले अपराधियों का गंभीर परिणाम भुगतना तय है। जिन लोगों ने बुराई पाली थी, जनता ने उनको जवाब दे दिया और जो अच्छाई लेकर के चले थे, वे प्रदेश को भी अच्छा बनाने में सफल हुए हैं। अब उपद्रव नहीं, उत्सव मनाता है उत्तर प्रदेशमुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की तृतीया तिथि पर मां चंद्रघंटा को नमन करते हुए कहा कि घंटे का नाद भयमुक्त वातावरण पैदा करता है। जगत जननी मां भगवती का यह स्वरूप असुरों, अराजक तत्वों, दंगाइयों और आतंकियों के मन में भय पैदा करने का प्रतीक है। यह गूंज घंटे की भी हो सकती है और हमारी कड़कदार आवाज की भी। वर्ष 2017 से पहले कोई पर्व या त्योहार आने से पहले ही उपद्रव शुरू हो जाता था। लोग उत्सव मनाने के बजाय अशांति की आशंका से चिंतित रहते थे। अब लोग उपद्रव भूल चुके हैं और प्रदेशभर में शारदीय नवरात्रि का आयोजन हर्षोल्लास से हो रहा है। देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में दर्शन कर पा रहे हैं, क्योंकि सरकार ने सुरक्षा की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की है। हजारों स्थानों पर स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं और पूजा पंडालों में आस्था का उत्सव इसी सुरक्षित वातावरण का प्रमाण है। यूपी के लोगों को अब पहचान छिपाने की जरूरत नहींमुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित उत्तर प्रदेश ने देश और दुनिया में अपनी छवि बदल दी है। पहले मुट्ठीभर लोगों के अपराधों का खामियाजा प्रदेश के 25 करोड़ लोगों को भुगतना पड़ता था। सबके सामने पहचान का संकट था। यूपी के बाहर जाने पर लोग अपनी पहचान छिपाने को मजबूर होते थे। स्थिति यह थी कि धर्मशालाओं और होटलों में कमरा मिलना मुश्किल होता था। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद सबसे बड़ी चिंता इस धारणा को बदलने की थी। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार ने इस दिशा में सफलता हासिल की है। अब उत्तर प्रदेश के लोगों को अपनी पहचान छिपाने की जरूरत नहीं है। जो लोग पहले यूपी से दूरी बनाते थे, आज वे उत्तर प्रदेश के करीब आना चाहते हैं। सुरक्षा का माहौल बनने से व्यापार बढ़ा है और निवेश को प्रोत्साहन मिला है। रोजगार के अवसर बढ़े और विकास की गति तेज हुई है। पुलिस के साथ होमगार्ड, पीआरडी और ग्राम प्रहरियों को भी सम्मानमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि पुलिस को अच्छी ट्रेनिंग और सुविधाएं मिलें तो होमगार्ड, पीआरडी जवानों, और ग्राम प्रहरियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। इन सभी को सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना आवश्यक है। वर्ष 2017 से पहले ग्राम प्रहरियों की कोई सुध लेने वाला नहीं था। उस समय प्रदेश में करीब 68 हजार ग्राम पंचायतें थीं। अनेक ग्राम पंचायतों के नगर निकायों में शामिल होने और प्रशासनिक बदलावों के बाद आज भी प्रदेश में 57,600 से अधिक ग्राम पंचायतें हैं। प्रदेश में करीब 1.05 लाख राजस्व गांव हैं। इतने बड़े ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम प्रहरियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि अंतिम पायदान पर बैठा व्यक्ति सजग और सचेत है, तो गांव में कोई भी अप्रिय घटना होने से पहले उसकी जानकारी मिल सकती है। ग्राम प्रहरी की भूमिका यहीं से शुरू होती है। ग्राम प्रहरी अपने गांव में सजग रहकर सूचनाएं एकत्र करें। किसी आपात स्थिति में फोन के माध्यम से थानाध्यक्ष या क्षेत्र के दरोगा को सूचना दें। थानाध्यक्ष अथवा क्षेत्र का दरोगा सप्ताह में कम से कम एक दिन ग्राम प्रहरियों के साथ बैठक कर सूचनाएं एकत्र करे और समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करे। सीसीटीवी कैमरे की तरह है ग्राम प्रहरियों की भूमिकामुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों की भूमिका को गांव की सुरक्षा व्यवस्था में सीसीटीवी कैमरे के समान महत्वपूर्ण बताया। ग्राम प्रहरी सजग रहकर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकते हैं। उन्हें किसी से उलझने या स्वयं कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है। उनका प्रमुख काम गांव में रहकर गतिविधियों पर नजर रखना, विश्वसनीय सूचना एकत्र करना और उसे समय पर पुलिस तक पहुंचाना है। कोई सूचना पूरी तरह पुष्ट न भी हो, लेकिन यदि कोई संदिग्ध बात सामने आई है तो उसकी जानकारी पुलिस को दी जा सकती है, ताकि उसकी सत्यता की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जा सकें। अफवाहों, वन्यजीवों और भू-माफिया पर भी रखें नजरमुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के समय गांवों में अफवाहें तेजी से फैलती हैं। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जैसे जिलों

नारी के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन के लिए समर्पित है सरकार: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने किया पोस्ट- नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाभिमान ही सशक्त-समृद्ध समाज का आधार नारी सशक्तीकरण के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रही डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री 2017 से पहले अराजकता के तांडव ने महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान पर लगा रखा था ग्रहण लखनऊ, 13 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की तृतीया पर मां चंद्रघंटा के स्वरूप की आराधना की। इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा कि डबल इंजन सरकार की हर पहल नारी के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन के लिए समर्पित है। मां चंद्रघंटा के दिव्य स्वरूप का संदेशमुख्यमंत्री ने लिखा कि नारी शक्ति के तेज, गरिमा और अदम्य साहस के प्रतीक के रूप में मां चंद्रघंटा का दिव्य स्वरूप हमें यह संदेश देता है कि नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाभिमान ही सशक्त और समृद्ध समाज का आधार है। इसी भावना को आत्मसात कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार सुशासन के माध्यम से नारी सशक्तीकरण के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। 2017 से पहले सत्ताधीशों के परिवारों का होता था सशक्तीकरणमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में फैले अराजकता के तांडव ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पर ग्रहण लगा रखा था। उस समय माताओं-बहनों के सशक्तीकरण के बजाय सत्ताधीशों के परिवारों का सशक्तीकरण ही मुख्य उद्देश्य हुआ करता था। मातृत्व को सहारा, इज्जत घर से गरिमा की रक्षामुख्यमंत्री ने कहा कि अब ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ से बेटियों के अस्तित्व की रक्षा, शिक्षा के प्रति जागरूकता, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से उनके उज्ज्वल भविष्य को संबल, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से विवाह को गरिमापूर्ण आधार, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मातृत्व को सहारा, उज्ज्वला से धुएं से मुक्ति, इज्जत घर से गरिमा की रक्षा, घरौनी से संपत्ति का अधिकार, 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए आजीवन निःशुल्क बस यात्रा और वृद्धावस्था पेंशन के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा तक, डबल इंजन सरकार की हर पहल नारी के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन के लिए समर्पित है।

मुख्यमंत्री के दरबार मे पहुंचा आरटीई के दाखिले का मामला , उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने दिया आश्वासन

डीपीएसजी की मनमानी नहीं लिया आरटीई का दाखिला , आईपीए ने मुख्यमंत्री से की मान्यता रद्द करने की अपील संवाददाता अनिल कुमार गाज़ियाबाद। जिले के नामी स्कूलों की निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 ( आरटीई ) के अंतर्गत चयनित दुर्बल वर्ग एवं अलभित समूह के बच्चो को दाखिले नहीं देने की मनमानी लगातार जारी है मामला है मेरठ रोड स्थित नामी दिल्ली पब्लिक स्कूल गाजियाबाद का जिसमें अभिभावक अरुण कुमार शर्मा की पुत्री का आरटीई की लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से दुर्बल वर्ग में निःशुल्क प्रवेश के लिए 28 फरवरी 2026 को चयन हुआ था।अभिभावक का आरोप है कि 12 मार्च 2026 को आवंटन पत्र लेकर विद्यालय पहुंचने पर स्कूल प्रबंधन ने प्रवेश देने से मना कर दिया।जिसके बाद अभिभावक ने अपनी बेटी के दाखिले के लिए खंड शिक्षा अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिलाधिकारी से भी प्रार्थना पत्र देकर दाखिले की गुहार लगाई साथ ही अतिरिक्त, विद्या समीक्षा केंद्र (एसएसए- यूपी ) में शिकायत संख्या UP 26RTE00033 तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर संदर्भ संख्या 92614000012782 के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई गई। अभिभावक के अनुसार, कई बार शिकायत करने और अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटने के बावजूद अब तक प्रवेश सुनिश्चित नहीं हो सका जिसके बाद अभिभावक ने अपनी बेटी के दाखिले के लिए मुख्यमत्री दरबार में जाने का निर्णय लिया और 12 अक्टूबर को मुख्यमंत्री दरबार में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई हालांकि मुख्यमंत्री जी के गोरखपुर में होने के कारण उनसे मुलकात नहीं हो पाई लेकिन उपमुख्यमत्री बृजेश पाठक से मुलाकात कर उनको शिकायत पत्र दिया गया और उन्होंने अभिभावक को दाखिला कराने के लिए आश्वस्त किया है इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा त्यागी ने गाजियाबाद में शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (आरटीई) के तहत चयनित बच्ची को विद्यालय में प्रवेश नहीं दिए जाने के मामले में गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से विषय का संज्ञान लेकर बच्ची का दाखिला स्कूल में सुनिश्चित करा” बेटी बचाओ बटी पढ़ाओ ” के नारे को सार्थक करने की अपील एवं दाखिले नहीं लेने वाले स्कूलों की तत्काल प्रभाव से मान्यता रद्द करने की मांग की है।

मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना मे धूमधाम से निकली प्रभु श्री राम जी बारात

चेतन शर्माबुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना कस्बे में ऐतिहासिक रामलीला की परंपरा आज भी लोगों की आस्था और आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। लगभग 200 वर्षों से आयोजित हो रही इस रामलीला के दौरान हर साल विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग रामलीला और मेले का आनंद लेने के लिए पहुंचते हैं। इसी परंपरा के तहत इस वर्ष भी रामलीला कमेटी के अध्यक्ष आशीष जैन के नेतृत्व में भगवान श्रीराम की भव्य बारात निकाली गई।राम बारात में सजीव झांकियों और भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत तथा शत्रुघ्न के आकर्षक स्वरूपों ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। बारात के दौरान कस्बे में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा और जगह-जगह लोगों ने इसका स्वागत किया।चांदनी वाले मंदिर से शुरू हुई राम बारातरामलीला कमेटी के सदस्य मनीष शर्मा ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रीराम बारात धूमधाम से निकाली गई। बारात की शुरुआत चांदनी वाले मंदिर से हुई। इसके बाद बारात बुढ़ाना कस्बे के बड़े बाजार सहित विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। लगभग तीन से चार किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद बारात वापस चांदनी वाले मंदिर पहुंची, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ।बारात में शामिल सुंदर झांकियां और रामायण के प्रमुख पात्रों के आकर्षक स्वरूप लोगों के लिए विशेष आकर्षण रहे। रास्ते में स्थानीय लोगों ने बारात का स्वागत किया और धार्मिक आयोजन में भागीदारी निभाई।जगह-जगह की गई जलपान की व्यवस्थाराम बारात के स्वागत के लिए विभिन्न स्थानों पर जलपान की व्यवस्था की गई थी। रामलीला कमेटी के सदस्य मनीष शर्मा के अनुसार, लाला दिनेश आढ़ती के यहां भव्य नाश्ते का आयोजन किया गया। वहीं, राष्ट्रीय लोकदल की नेता अनुपमा चौधरी की ओर से भी बारात के लिए दावत की व्यवस्था की गई।आयोजन में प्रेम त्यागी, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष आशीष जैन, अरविंद सिंघल, आशीष सिंघल, राजेश शर्मा, राजू वर्मा और मनीष शर्मा सहित कमेटी के लगभग 150 सदस्य मौजूद रहे। इसके अलावा क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। रामलीला के पात्र निभा रहे हैं महत्वपूर्ण भूमिका इस वर्ष रामलीला में विभिन्न कलाकार रामायण के प्रमुख पात्रों की भूमिका निभा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भगवान श्रीराम की भूमिका लक्षित गोयल, लक्ष्मण की भूमिका वर्णित गोयल, भरत की भूमिका दामोदर शर्मा, शत्रुघ्न की भूमिका धर्मेंद्र गोयल और माता सीता की भूमिका माधव शर्मा निभा रहे हैं।इसी क्रम में राजा दशरथ की भूमिका आशीष गोयल, राजा जनक की भूमिका अंश त्यागी और विश्वामित्र की भूमिका टीनू गोयल निभा रहे हैं। बाणासुर की भूमिका चंचल त्यागी को सौंपी गई है। इसके अलावा राजेश शर्मा, टोनू गोयल, अनुराग सिंघल, सोनू कुमार शर्मा, वाला राजू शर्मा, दामोदर शर्मा, गौरव कुमार, अश्विनी त्यागी, प्रवीण कुमार कश्यप, अंकित बंसल और आर्यन सहित अन्य कलाकार भी रामलीला के आयोजन में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। देवताओं के पात्रों में सुनील ठाकुर, अनुराग सिंघल और नितिन मित्तल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। धार्मिक परंपरा से जुड़ा है बुढ़ाना का आयोजन बुढ़ाना की रामलीला स्थानीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। वर्षों से आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को देखने और समझने का अवसर मिलता है। राम बारात जैसे आयोजनों में स्थानीय लोगों की भागीदारी से धार्मिक उत्सव का माहौल बनता है।इस वर्ष भी रामलीला कमेटी के सदस्यों और क्षेत्रवासियों के सहयोग से श्रीराम बारात का आयोजन संपन्न हुआ। आयोजन में श्रद्धालुओं की भागीदारी ने बुढ़ाना की पुरानी रामलीला परंपरा को एक बार फिर सामने रखा।

किसानों का पैसा हजम कर गए सपाई, उसी का श्राप ले डूबा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी ने गोरखपुर से 9,18,091 किसानों के खातों में भेजे 493 करोड़ रुपये, आपदा प्रभावितों को सौंपे सहायता राशि के चेक अतिवृष्टि, बाढ़ और चक्रवात से फसल क्षति पर महज 10 दिन में मुआवजा, इस वर्ष अब तक आपदा प्रभावितों को करीब एक हजार करोड़ की सहायता जाति के नाम पर समाज को बांटते रहे सपाई, किसानों के खून-पसीने की कमाई पर डालते थे डकैती : मुख्यमंत्री योगी हुदहुद चक्रवात में केंद्र ने भेजे 3200 करोड़, किसानों को सिर्फ 800 करोड़ बांट सकी थी सपा सरकार गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा राहत वितरण को लेकर पिछली सरकारों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि किसानों का पैसा हजम करने वाले सपाइयों को उन्हीं का श्राप ले डूबा। वर्ष 2014 में हुदहुद चक्रवात के दौरान केंद्र सरकार ने 3200 करोड़ रुपये भेजे थे, लेकिन तत्कालीन सपा सरकार किसानों को महज 800 करोड़ रुपये ही बांट सकी। शेष धनराशि किसानों तक नहीं पहुंची। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद इसकी पड़ताल कराई और अलग से धनराशि की व्यवस्था कर किसानों को बकाया मुआवजा दिलाया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सपाई जाति के नाम पर समाज को बांटते रहे, लेकिन किसानों के खून-पसीने की कमाई पर डकैती डालने से भी नहीं चूके। किसानों का पैसा हजम करने वालों को उन्हीं का श्राप ले डूबा। सोमवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में मुख्यमंत्री योगी ने बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात से प्रभावित प्रदेश के 9,18,091 किसानों के खातों में रिमोट का बटन दबाकर 493 करोड़ रुपये कृषि निवेश अनुदान हस्तांतरित किए। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने महज आठ से दस दिन में किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराया है। इस वर्ष बरसात के दौरान आपदा प्रभावित किसानों और नागरिकों को करीब एक हजार करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। कांग्रेस राज में 100 रुपये चलते थे, किसान तक पहुंचते थे 15मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस के शासन में 100 रुपये भेजे जाते थे तो लाभार्थी तक महज 15 रुपये पहुंचते थे। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी इसे स्वीकार किया था। बाकी पैसा कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के लोग हजम कर जाते थे। अब जिस किसान को 25 हजार रुपये स्वीकृत होते हैं, उसके खाते में पूरे 25 हजार पहुंचते हैं। न कोई बिचौलिया सेंध लगा सकता है और न किसी प्रकार की कटौती होती है। जनहानि पर 24 घंटे में चार लाख, दुर्घटना पर पांच लाख की सहायतामुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर परिवार को 24 घंटे के भीतर चार लाख रुपये उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। आकाशीय बिजली समेत दुर्घटना के मामलों में पात्र किसान, बटाईदार और उनके परिवारों को मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पांच लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त आवासों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना से 1.20 लाख रुपये अलग से दिए जा रहे हैं। आंशिक मकान क्षति और पशुहानि पर भी सहायता मिलेगी। पूर्व में 1,29,326 किसानों को फसल क्षति के लिए करीब 78 करोड़ रुपये तथा जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति के मामलों में 225.93 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। सड़कों की मरम्मत और कटान रोकने के लिए धन की कमी नहींमुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ से कटान रोकने के कार्य तत्काल शुरू करें। सिंचाई विभाग को पर्याप्त धनराशि दी गई है। पीडब्ल्यूडी, नगर विकास विभाग और विकास प्राधिकरण मौसम साफ होते ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत शुरू कराएं। आपदा राहत और आवागमन बहाल करने के लिए जितना धन चाहिए, सरकार उपलब्ध कराएगी। आकाशीय बिजली से बचाव के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम और वर्षा मापने के लिए रेन गेज लगाए गए हैं। नागरिकों को मोबाइल पर मौसम संबंधी अलर्ट भी भेजे जा रहे हैं। 15 अक्टूबर से प्रभावित जिलों में खुलेंगे धान क्रय केंद्रमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जिन जिलों में अतिवृष्टि हुई है, वहां 15 अक्टूबर से धान, ज्वार, बाजरा और मक्का के क्रय केंद्र खोले जाएंगे। अन्य जिलों में सोमवार से खरीद शुरू हो रही है। किसानों की उपज खरीदने की कोई सीमा नहीं होगी। भुगतान सीधे खाते में पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि सरकार 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये कर्ज माफ कर चुकी है। 16 लाख निजी नलकूपों की बिजली निशुल्क की गई है और 22 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को सौंपे सहायता राशि के चेकमुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम में आपदा प्रभावित लाभार्थियों को सहायता राशि के प्रतीकात्मक चेक सौंपे। इनमें सदर क्षेत्र की रेशमा देवी, चंदन कुमार पासवान, इंद्रावती, सविता देवी, चुन्नी देवी और सीमा देवी, कैंपियरगंज के बहराइची, बेचन प्रसाद, जोकखन, संपत और परमहंस शामिल रहे। इसके अलावा सदर क्षेत्र के चंद्रप्रकाश द्विवेदी और धरणीधर तथा गोला क्षेत्र के गिरजापति त्रिपाठी, कमलेश, रामदरश, जनार्दन प्रसाद और राणा प्रताप सिंह को भी चेक प्रदान किए गए। सहायता राशि डीबीटी से सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी गई। कृषि मंत्री बोले- किसानों के लिए खोला सरकार ने खजानाकृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार ने किसानों को प्राथमिकता दी है। अब तक कृषि क्षेत्र में 69,163 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। गन्ना मूल्य 280 से बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल किया गया। गन्ना किसानों को 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से नौ वर्षों में 6,125 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई है। सांसद रवि किशन बोले- संकट में किसानों के साथ सरकारसांसद रवि किशन ने कहा कि पिछली सरकारों में किसान कर्ज और आर्थिक संकट से परेशान रहते थे। योगी सरकार ने कर्जमाफी, गन्ना भुगतान और आपदा राहत को प्राथमिकता दी। अब किसानों को सहायता के लिए भटकना नहीं पड़ता। संकट आने पर सरकार उनके साथ खड़ी रहती है। मिशन शक्ति की रैली को दिखाई हरी झंडीमुख्यमंत्री योगी ने मिशन शक्ति के छठे चरण के अंतर्गत जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। स्कूटी सवार महिला पुलिसकर्मियों और महिलाओं ने रैली में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कृषि, उद्यान, मत्स्य पालन और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना समेत विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में ये रहे मौजूदकार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद रवि किशन, महापौर डॉ. मंगलेश

योगी सरकार ने किसानों के लिए मायावती-अखिलेश से तीन गुना ज्यादा बजट जारी किया : कृषि मंत्री

खुद को धरतीपुत्र और किसानपुत्र कहने वालों ने कुछ नहीं किया, योगी सरकार ने किसानों के लिए खोला खजाना : सूर्य प्रताप शाही कृषि मंत्री ने कहा-योगी सरकार ने किसानों को समय पर बीज, बिजली और पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की लखनऊ। बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात से फसल क्षति से प्रभावित प्रदेश के नौ लाख से अधिक किसानों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत राशि सौंपी। गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार ने किसानों के लिए खजाना खोल दिया है। उन्होंने कहा कि खुद को धरतीपुत्र और किसानपुत्र कहने वाली पिछली सरकारों ने किसानों के लिए अपेक्षित काम नहीं किया, जबकि योगी सरकार ने उनके मुकाबले तीन गुना से अधिक राशि खर्च की है। शाही ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट में 86 लाख किसानों के 36 हजार करोड़ रुपए के कर्ज माफ करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष मायावती की सरकार ने किसानों पर 10,207 करोड़ रुपए और अखिलेश यादव सरकार ने करीब 12 हजार करोड़ रुपए खर्च किए, जबकि योगी सरकार अब तक किसानों पर ₹69,163 करोड़ खर्च कर चुकी है। कृषि मंत्री ने कहा कि योगी सरकार ने किसानों को समय पर बीज, बिजली और पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। पिछले वर्ष प्रदेश में रिकॉर्ड 752 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन हुआ। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के समय आपदा राहत के लिए केंद्र सरकार से मिले 3,200 करोड़ रुपए में से केवल 800 करोड़ रुपए वितरित किए गए थे। योगी सरकार बनने के बाद शेष राशि में से 1,200 करोड़ रुपए सात दिनों के भीतर किसानों के खातों में भेजे गए। शाही ने कहा कि गन्ना किसानों के हित में गन्ने का मूल्य बढ़ाकर ₹400 प्रति क्विंटल किया गया। पिछली सरकार ने पांच वर्षों में करीब ₹62 हजार करोड़ का गन्ना भुगतान किया था, जबकि योगी सरकार ने दस वर्षों में ₹3.25 लाख करोड़ का भुगतान किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 105 चीनी मिलें 15 दिनों के भीतर भुगतान कर रही हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि वर्ष 2017-18 से अब तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को ₹6,125 करोड़ की क्षतिपूर्ति दी गई है। वर्ष 2025-26 में आपदा से प्रभावित 7.31 लाख किसानों को इस योजना के माध्यम से ₹812.76 करोड़ दिए गए। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बीमा कराने वाले किसानों की संख्या पिछले वर्ष के लगभग 18 लाख से बढ़कर 23 से 24 लाख हो गई है। मुख्यमंत्री ने इनके सर्वे और क्षतिपूर्ति वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। शाही ने कहा कि जालौन में भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत करीब ₹5 करोड़ किसानों को अंतरित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने किसानों के लिए ऐसे प्रयास किए होते तो उन्हें गरीबी और बदहाली का सामना नहीं करना पड़ता।

देश में अराजकता-अव्यवस्था का पर्याय बनी कांग्रेस: सीएम योगी

मुख्यमंत्री ने कहा- यूपी की जनता ने 1985 से कांग्रेस को नकारा, देशभर में जनाधार खो चुकी है कांग्रेस हार छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं व न्यायपालिका को भी कठघरे में खड़ा कर रही कांग्रेस: सीएम योगी चुनाव जीत जाएं तो पुरुषार्थ, हार जाएं तो ईवीएम दोषी, भारत की जागरूक जनता स्वीकार नहीं करेगी अराजकता: सीएम योगी मुख्यमंत्री की चेतावनी- अराजकता और असंवैधानिक कृत्यों से कांग्रेस को बचा-खुचा जनसमर्थन भी गंवाना पड़ेगा गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पिछले कई दिनों से देश की राजधानी दिल्ली में लगातार देखा जा रहा है कि कांग्रेस व इंडिया गठबंधन न केवल आम जन को परेशान, बल्कि अव्यवस्था व अराजकता पैदा कर देश की संवैधानिक संस्थाओं को भी कठघरे में खड़ा करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। पहचान का संकट खड़ा करने और भ्रष्ट मंसूबों के कारण कांग्रेस और उसके सहयोगी दल अपनी साख पूरी तरह खो चुके हैं और उनके इस गैर-राजनीतिक व्यवहार को देश की जनता भली-भांति देख रही है। चुनाव जीते तो पुरुषार्थ और हारने पर ईवीएम दोषीइलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत में सीएम योगी ने कहा, आश्चर्य है कि चुनाव जीतने पर इनका पुरुषार्थ और हारने पर ईवीएम और इलेक्शन कमीशन दोषी हो जाता है। न्यायालय अगर मेरिट के आधार पर कोई फैसला देता है, तो माननीय न्यायालय को भी कठघरे में खड़ा करने का कुत्सित प्रयास किया जाता है। तमाम प्रकार की धमकियां देने का प्रयास होता है। ऐसे ही तमाम अन्य संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करना, गाली-गलौच करना और अव्यवस्था फैलाना कांग्रेस की नियति का हिस्सा बन चुका है। कांग्रेस के लोग अपने नेतृत्व को बदलेंमुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को यह समझना चाहिए कि जनता उन्हें हर बार क्यों ठुकरा रही है। 1985 के बाद से यूपी में कांग्रेस फिर नहीं आ पाई। यूपी की जनता ने कांग्रेस को 41 वर्ष पहले ही विदा कर दिया था। देश के अन्य राज्यों में भी लोगों का कांग्रेस से मोहभंग हो चुका है और वे इससे मुक्ति पा चुके हैं। कांग्रेस के लोगों को चाहिए कि वे अपने अकर्मण्य, भ्रष्टाचारी और जनता का विश्वास खो चुके नेतृत्व को बदलें। भारत में अराजकता न फैलाने और भारत की संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करने का कुत्सित प्रयास न करें। अराजकता स्वीकार नहीं करेगी जनतासीएम योगी ने कहा कि भारत की जनता लोकतांत्रिक दृष्टि से बड़ी जागरूक है। वह इस अराजकता को स्वीकार नहीं करेगी। ऐसा नहीं है कि जनता बहुत दिनों और बहुत देर तक यह सब बर्दाश्त करेगी। अगर कांग्रेस व उनके सहयोगी दलों ने अपने असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक कृत्य बंद नहीं किए तो उन्हें बचा-खुचा जनाधार भी गंवाना पड़ेगा। युवाओं को गुमराह करने से बाज आएमुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस देश में अराजकता फैलाने से बाज आए। जनता-जनार्दन और युवाओं को गुमराह करने से बाज आए। मेरिट के आधार पर और मुद्दों पर चर्चा कर के स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा बने। यह देश के लोकतंत्र और जनता के हित में भी होगा।

अखिलेश को योगी की खुली चुनौती, कहा- अयोध्या से लड़ें चुनाव, मैं भी उतरूंगा मैदान में

बलरामपुर में 803 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, सपा के पीडीए को बताया ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव अयोध्या से नामांकन करें, वह भी उनके खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, “लड़ाई चेलों से क्यों? लड़ाई तो आमने-सामने होनी चाहिए।” वह शनिवार को बलरामपुर के रेहरा बाजार विकासखंड स्थित बिलरिया गांव में 803 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के बबुआ अभी से बौखला गए हैं, जबकि विकास की शुरुआत हुई है और आगे बहुत कुछ होना बाकी है। उन्होंने कहा कि अयोध्या उनकी आस्था की स्थली है और वहां चल रहे विकास कार्यों की निगरानी के लिए वह लगातार जाते हैं। योगी ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए 80 प्रतिशत सीटें जीतेगा, जबकि विपक्ष को अधिकतम 20 प्रतिशत सीटों से संतोष करना पड़ेगा। अयोध्या के विकास का किया उल्लेख मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सपा सरकार के दौरान अयोध्या को तीन-चार घंटे ही बिजली मिलती थी और विकास कार्यों में बाधाएं खड़ी की जाती थीं। आज अयोध्या विकास के नए उदाहरण के रूप में सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने धार्मिक स्थलों के विकास के साथ आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर भी ध्यान दिया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर सख्ती योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में छांगुर जैसे लोगों को पनपने नहीं दिया जाएगा और किसी को प्रदेश की जनसांख्यिकी बदलने की छूट नहीं मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान इस क्षेत्र में तस्करी और आपराधिक गतिविधियां बढ़ी थीं। वर्तमान सरकार ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने और क्षेत्र में विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। अपराधियों को संरक्षण देने वालों पर हमला मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों में माफिया और अपराधियों को संरक्षण मिलता था, जिससे आम लोगों में भय का माहौल था। अब प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है और सरकार अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को जेल या जहन्नुम के अलावा कोई रास्ता नहीं मिलेगा। सपा के पीडीए पर साधा निशाना समाजवादी पार्टी के पीडीए की व्याख्या करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ और ‘प्रदेश डुबाऊ अलायंस’ बताया। उन्होंने राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के चयन पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सपा ने दलितों और पिछड़ों सहित विभिन्न वर्गों की उपेक्षा की। उनके मुताबिक, पार्टी में परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता दी जाती है और अन्य वर्गों के हितों की अनदेखी होती है। कांग्रेस और सपा पर हमला बोलते हुए योगी ने कहा कि ये दल चुनाव जीतने पर इसे अपना पुरुषार्थ बताते हैं, लेकिन हारने पर ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब दंगों और अपराधों के लिए कोई जगह नहीं है। आपदा पीड़ितों को 24 घंटे में मुआवजा मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को 24 घंटे के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। मानव-वन्यजीव संघर्ष में जनहानि या पशुहानि होने पर भी 24 घंटे के भीतर सहायता देने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में साढ़े नौ वर्षों के दौरान करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। बलरामपुर में दस हजार करोड़ से अधिक का निवेश मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दस वर्षों में बलरामपुर के विकास के लिए दस हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। विश्वविद्यालय का भवन तैयार होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकार्पण के लिए आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बन रहे मेडिकल कॉलेज, रिंग रोड, चीनी मिल के विस्तार, थारू संग्रहालय और मथुरा घाट पुल जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। लाभार्थियों को चेक और प्रमाणपत्र वितरित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों का अवलोकन किया और छात्रा के विज्ञान मॉडल की सराहना की। उन्होंने एक बच्चे का अन्नप्राशन कराया तथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थियों विकास यादव और मोहम्मद शादाब को लैपटॉप प्रदान किए। कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए किरण वर्मा और हिमांश यादव को चार-चार लाख रुपये की सहायता से संबंधित चाबियां सौंपी गईं। युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत अजय कुमार पाल, हसन रजा और गुफरान अंसारी को पांच-पांच लाख रुपये के चेक दिए गए। किसना देवी और ननका देवी को आवास स्वीकृति पत्र तथा गुड़िया वर्मा और पिंकी को आजीविका मिशन के तहत 45 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। कार्यक्रम में बलरामपुर विधायक पल्टूराम, उतरौला विधायक रामप्रताप वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, विधान परिषद सदस्य साकेत मिश्रा और अवधेश कुमार सिंह, तुलसीपुर विधायक कैलाशनाथ शुक्ला, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू तथा उतरौला नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सविता गुप्ता सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किया सम्मानित

सीएम ने चेक, चाबी, लैपटॉप, स्वीकृति पत्र आदि प्रदान किया मुख्यमंत्री ने कराया बच्चों का अन्नप्राशन, स्टॉल आदि का अवलोकन भी किया बलरामपुर, 10 अक्टूबरः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर की विकास यात्रा पर आधारित लघु फिल्म भी देखी। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, चाबी, लैपटॉप, स्वीकृति पत्र आदि प्रदान किया। सीएम ने बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया। महिलाओं को फलों समेत पोषण की पोटली दी। उन्होंने यहां विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉल आदि का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कराया बच्चों का अन्नप्राशनमुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर बच्चों का अन्नप्राशन कराया। साथ ही महिलाओं को फलों समेत पोषण पोटली दी। उन्होंने यहां लगे विभिन्न विभागों के स्टॉल आदि का भी अवलोकन किया। सभी से जनपदों में चल रहे विभागीय कार्यों की जानकारी भी ली। सीएम के हाथों इन्हें मिला सम्मान विकास यादव- उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना- लैपटॉपमो. शादाब- उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना- लैपटॉपकिरन वर्मा- कस्टम हायरिंग सेंटर- चाबीहिमांशु यादव- कस्टम हायरिंग सेंटर- चाबीअजय कुमार पाल- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेकहसन रजा- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेकगुफरान अंसारी- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेककिशना देवी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्रउर्मिला देवी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्रसंगीता- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्रननका देवी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्रगुड़िया वर्मा/पिंकी- एनआरएलएम के तहत 45 लाख का चेक ।

विरोध प्रदर्शन के चलते उत्तर मध्य रेलवे ने रद्द कीं 14 ट्रेनें, यात्रियों को हुई परेशानी

मथुरा में रेलवे स्टेशन पर सुबह दिखी अफरा-तफरी, कांग्रेस और सपा नेताओं ने सरकार पर लगाए मनमानी के आरोप मथुरा। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर उत्तर मध्य रेलवे ने शनिवार को 14 ट्रेनों को रद्द कर दिया। अचानक ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल रहा, हालांकि बाद में यात्रियों की भीड़ कम हो गई। उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि यातायात संबंधी एडवाइजरी के अनुसार, सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे तक नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आसपास जाम और भीड़ की आशंका थी। इसके मद्देनजर कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशन से ही रद्द करने का निर्णय लिया गया। रद्द की गई प्रमुख ट्रेनों में मेवाड़ एक्सप्रेस, कोटा जनशताब्दी एक्सप्रेस, महाकौशल एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस, संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, निजामुद्दीन-जबलपुर एक्सप्रेस, निजामुद्दीन-इंदौर एक्सप्रेस और निजामुद्दीन-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस शामिल हैं। आगरा फोर्ट-गाजियाबाद और कोसी कलां-गाजियाबाद ईएमयू ट्रेनें भी रद्द रहीं। अमृतसर जाने वाले यात्री दिनेश ने बताया कि उन्होंने पहले से रिजर्वेशन कराया था, लेकिन ट्रेन रद्द होने की जानकारी मिलने से उनकी यात्रा प्रभावित हुई। इस बीच कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने सरकार पर विरोध की आवाज दबाने का आरोप लगाया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रदीप माथुर ने ट्रेनें रद्द किए जाने को आम जनता के अधिकारों से जुड़ा मामला बताया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन इसके कारण आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने दावा किया कि उन्हें गुरुवार से नजरबंद रखा गया है और शहर से बाहर जाने की अनुमति नहीं है। वहीं, सपा महानगर अध्यक्ष रितु गोयल ने भी नजरबंदी का आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों को अनावश्यक परेशानी हुई है।