
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह जनहित से जुड़े अहम मुद्दों पर भी अनावश्यक राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज इस मामले को बेवजह राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।
सत्या शर्मा ने स्पष्ट किया कि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के सामने स्थित पार्किंग क्षेत्र में संदिग्ध और अवैध गतिविधियों का खुलासा पूरी तरह जनता की सुरक्षा, पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा मामला है, न कि राजनीति का। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए यह मुद्दा उठाया, लेकिन आम आदमी पार्टी इसे भटकाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि इससे यह साफ होता है कि आम आदमी पार्टी हर गंभीर विषय को भी राजनीतिक नजरिए से देखने की आदी हो चुकी है। सत्या शर्मा ने सौरभ भारद्वाज को सलाह दी कि वे बयानबाजी के बजाय दिल्ली की जनता के हित में सकारात्मक कार्यों पर ध्यान दें।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा हमेशा जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देती रही है और अवैध गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाना उसका दायित्व है। चांदनी चौक क्षेत्र में किए गए निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताओं और संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा हुआ है, जो प्रशासनिक सख्ती की आवश्यकता को दर्शाता है।
सत्या शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी को इन कार्रवाइयों से असहजता हो रही है, जिससे यह सवाल उठता है कि कहीं इन गतिविधियों से उसके कुछ नेताओं के संबंध तो नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए भी आम आदमी पार्टी ने जनता के हितों की अनदेखी की और अब विपक्ष में आने के बाद भी उसका रवैया नहीं बदला है। उनके अनुसार, पार्टी के शासनकाल में दिल्ली में भ्रष्टाचार चरम पर था, जिससे आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
आगे उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए बेबुनियाद आरोप लगाते हैं। यदि पार्टी इसी तरह केवल राजनीतिक बयानबाजी में उलझी रही, तो आगामी चुनावों में उसका जनाधार और कमजोर होगा।
सत्या शर्मा ने दावा किया कि दिल्ली की जनता पहले ही आम आदमी पार्टी की कार्यशैली से निराश होकर उसे सत्ता से बाहर कर चुकी है और एमसीडी में भी उसके कई पार्षद पार्टी छोड़ चुके हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी की निष्क्रियता और कमजोर कार्यप्रणाली के कारण उसका जनाधार लगातार घट रहा है। पंजाब, गोवा और गुजरात जैसे राज्यों में भी पार्टी की स्थिति कमजोर होती दिख रही है।
अंत में सत्या शर्मा ने कहा कि भाजपा दिल्ली के समग्र विकास, पारदर्शी प्रशासन और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि आम आदमी पार्टी आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में उलझी हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में दिल्ली की जनता भाजपा के विकास कार्यों पर फिर से भरोसा जताएगी।