सेवा ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कर राजनाथ सिंह ने शुरू की सेवा ज्योति कलश यात्रा
राजनाथ सिंह बोले- राजनीति का उद्देश्य केवल सरकार बनाना नहीं, देश का निर्माण करना होना चाहिएगाजियाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा एवं देशसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को घंटाघर स्थित रामलीला मैदान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेवा ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कर सेवा ज्योति कलश यात्रा का शुभारंभ किया। रामलीला मैदान में हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भी सुना। कार्यक्रम स्थल पर रक्षा मंत्री का विद्यालय की छात्राओं ने बैंड वादन के साथ स्वागत किया। मंच पर अतिथियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद राजनाथ सिंह ने जनसमूह को संबोधित किया। रक्षा मंत्री ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल सरकार बनाना नहीं, बल्कि देश का निर्माण करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी निष्ठा और सेवा भाव के साथ देश की सेवा की है और यह साबित किया है कि राजनीति देश निर्माण का माध्यम भी हो सकती है। राजनाथ सिंह ने कहा कि वह नरेंद्र मोदी को वर्ष 2001 से जानते हैं और उनके अनुसार प्रधानमंत्री ने लगातार देशसेवा को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बात को गंभीरता से सुना जाता है और दुनिया भारत का रुख जानना चाहती है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा, राज्यसभा सदस्य संगीता यादव, राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप, सांसद अतुल गर्ग, महापौर सुनीता दयाल, जिला पंचायत अध्यक्ष ममता त्यागी, विधायक नंदकिशोर गुर्जर, संजीव शर्मा, अजीत पाल त्यागी, डॉ. मंजू सिवाच सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। सेवा ज्योति यात्रा में युवाओं और नागरिकों ने भी सहभागिता की।
चिप क्रान्ति: सुनहरे भविष्य का द्वार
Made in India चिप्स, संभावनाएँ अपार धर्मेन्द्र तिवारी, आईआईएस क्रान्तियाँ अति आवश्यक हैं। इतिहास गवाह है कि विश्व के हर देश को आत्मनिर्भर बनने के लिए अनेकों क्रान्तियों से गुजरना पड़ा है। जिन देशों ने औद्योगिक क्रांति के समय पुरुषार्थ दिखाया, वे आज भी विश्व के राजनीतिक व आर्थिक परिदृश्य में महती भूमिका निभा रहे हैं। भारत की बात करें तो स्वतंत्रता के बाद हरित क्रांति की बदौलत हमने खाद्य सुरक्षा पाई। श्वेत क्रांति न होती तो आज क्या हाल होता? विश्व का कोई भी देश तीव्र गति से तभी अग्रसर होता है जब उसके नागरिकों में उद्यम की भावना हो, क्रांति का ज़ज्बा हो। उद्यमी बाजार समझे, सरकार आधुनिक तकनीक समझे, दोनों वैश्विक बाजार समझें और बाजार के अनुरूप साहस भरे क्रान्तिकारी निर्णय लें। तभी वह देश किसी एक क्षेत्र में अग्रणी गिना जाता है। ऐसी ही एक उद्यम गाथा आज भारत में लिखी जा रही है। नाम है चिप क्रान्ति। GenZ और आने वाली GenAlpha+ पीढ़ियों के लिए यह चिप क्रांति मील का पत्थर साबित होगी। क्योंकि आज भारत वैश्विक चिप बाजार में सिर्फ उपभोक्ता नहीं रहा। AI युग में हम न सिर्फ सटीक तथा अतित्वरित गणना करने वाले आधुनिक सुपरकंप्यूटर बना रहे हैं, बल्कि सस्ती दरों पर Made in India चिप्स भी। ये चिप्स घरेलू खपत और वैश्विक बाजार में बढ़ती माँग को देखते हुए बनाई जा रही हैं। किसी भी मशीन के लिए चिप उसका दिमाग होती है। जहाँ भारतीय उद्यमी दुनिया भर के बाजार को ध्यान में रख सभी जरूरी चिप्स बनाने में जुटे हैं, वहीं सरकार व उसके शोध संस्थान सुपर चिप बनाने में लगे हैं ताकि कम दरों पर अति त्वरित व सटीक गणना करने वाले सुपरकंप्यूटर पूरी तरह देश में ही बन सकें। सितंबर माह की 17 से 19 तारीख के बीच Semicon 2026 प्रदर्शनी में मैंने इस क्रांति के प्रमाण देखे। दिल्ली में लगी इस प्रदर्शनी के कई स्टॉल्स में बेहद सस्ती चिप्स थीं। मैं कई उद्यमियों से मिला। एक भारतीय कंपनी के स्टॉल पर मात्र 100 रुपये की Made in India चिप थी। हमारे घर और दफ्तर को WiFi स्मार्ट बनाने में यह बेहद कारगर है। किसी रिहाइशी सोसाइटी में एक ब्रॉडबैंड कनेक्शन से कई लोगों को WiFi देना हो तो जो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगती है, उसकी यह मदर चिप है। ऐसी चिप्स अब तक हम आयात करते थे। अब भारत में ही कई मदर चिप्स बनने लगी हैं। अहीसा नाम की यह चिप अब कई देशों में निर्यात भी हो रही है। आज के युवा वैज्ञानिकों को नए इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद सोचने व उन्हें मूर्त रूप देने के लिए कई अद्वितीय चिप्स चाहिए। मोबाइल तथा लैपटॉप कुछ ऐसे ही उत्पाद हैं जो मदर चिप्स की बदौलत ही काम करते हैं। सर्किट में जुड़े अन्य पुर्जों की सहायता से हर चिप उपलब्ध विकल्पों के आधार पर कार्य निष्पादन के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेती है। निर्णय लेने का यही गुण किसी भी चिप को उस डिवाइस का समझदार दिमाग बनाता है। इन्सानों के दिए किसी भी काम को आसानी से व तुरन्त करने में यह एक महत्वपूर्ण कड़ी होती है। पिछले कई दशकों तक भारत रोजमर्रा के इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में लगने वाली चिप्स देश में नहीं बनाता था। ये विदेशों से आती थीं। कुछ बहुत जरूरी व शोध से जुड़ी चिप्स ही देश में बनती थीं जो राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरिक्ष उपयोग में काम आती थीं। हम मुख्यतः उपभोक्ता थे। किंतु पिछले दो-तीन दशकों में इलेक्ट्रॉनिक बाजार बदला है। तेजी से हर उत्पाद का इलेक्ट्रॉनिकीकरण हुआ है। कारें व बसें अब सिर्फ गाड़ी नहीं हैं। इसके कई भाग इलेक्ट्रॉनिक हैं। यात्रियों को आरामदायक अनुभव देने के लिए कई डिजिटल सुविधाएँ उपलब्ध हैं। चिप इसी डिजिटल क्रांति की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है जो AI युग में किसी भी उत्पाद को स्मार्ट बनाती है। आज चिप अति सटीक गणना कर कम समय में बड़ा काम समझदारी से कर रही है। AI युग में ये बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि कई जटिल प्रश्नों के उत्तर के लिए इन्हें सटीक व त्वरित दोनों होना होता है। अपने इसी गुण के कारण वैश्विक बाजार में अत्याधुनिक चिप्स की भारी माँग है। मौजूदा AI युग में कोई भी देश नहीं चाहेगा कि रसोई से लेकर सेहत तक, मनोरंजन से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा तक, लगभग सभी क्षेत्रों में प्रयोग हो रही यह चिप वह आयात करे। इसीलिए भारत सरकार ने सेमीकन्डक्टर मिशन चलाया ताकि उद्यमियों को आत्मनिर्भरता की क्रांति करने का मौका मिल सके। परिणाम Semicon 2026 में प्रत्यक्ष दिखे। प्रदर्शनी में देश भर से हजारों युवाओं का पहुँचना एक बेहद सुखद अनुभूति थी। सरकारी उपक्रम भी पीछे नहीं थे। चिप क्रांति के पीछे की उत्कृष्ट शोध करने वाले C-DAC व C-MET के स्टाल आत्मनिर्भरता की क्रान्ति बयां कर रहे थे। अत्याधुनिक सुपरकंप्यूटर परम विद्या प्रदर्शनी में C-DAC के स्टाल में दिखाया गया था। वहाँ वैज्ञानिकों ने भारतीय सर्वर “रुद्र” भी दिखाया और समझाया कि कैसे भारत लगातार सटीक तथा अति त्वरित होती सुपरकम्प्यूटिंग की बदौलत स्वयं को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने के काफी करीब है। ओम नामक माइक्रो प्रोसेसर के बनते ही रुद्र जैसे सर्वर जो देश के शोध छात्रों तक देश-दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थानों की जानकारियाँ पहुँचाते हैं, शत प्रतिशत भारतीय हो जाएंगे। प्रदर्शनी में सूचना प्रौद्योगिकी व इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी अमितेश सिन्हा मिले। उन्होंने बताया कि पिछले करीब पाँच वर्षों में Semiconductor मिशन के तहत काफी काम हुआ है। आज हम एक इन्फ्लेक्शन पॉइंट पर हैं। चिप क्रांति हमारे युवाओं के लिए असीमित द्वार खोलती है। यह सुनहरा अवसर है कि देश के अनेकों क्षेत्रों से विद्वान किसी न किसी तरीके से इस क्रांति से जुड़ें। चिप्स सचमुच जादुई हैं क्योंकि ये मनुष्य के दिमाग से भी तेज गणना करने में सक्षम हैं। इंजीनियरिंग सोच वाले युवा इन सस्ती चिप्स से अनेकों इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बना कर हमारे घर व कार्यालय को स्मार्ट बना रहे हैं। इसी तरह C-MET पर मैंने भारत में पाई जाने वाली क्रांतिक धातु हाफनियम देखी। इसका एक बहुत छोटा सा टुकड़ा कई लाख का था। इलेक्ट्रॉनिक तकनीक में उपयोग होने वाले पदार्थों की शुद्धता बढ़ाने व हाफनियम जैसे अति महत्व के पदार्थों पर C-MET शोध करता है। महानिदेशक आर रतीश ने बताया कि प्रदर्शनी में कई उद्यमियों ने हाफनियम में
नवरात्र के दौरान रामलीला स्थलों एवं मंदिरों के आसपास विशेष स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने निगम आयुक्त को लिखा पत्र नवरात्र के दौरान मंदिरों के आसपास मांस की दुकानों को अनिवार्य रूप से बंद रखने के निर्देश दिए जाए। नई दिल्ली : स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने नवरात्र के दौरान रामलीला स्थलों एवं मंदिरों के आसपास विशेष स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस संबंध में निगम आयुक्त को पत्र लिखकर, कहा की त्योहारों मेंसभी जोन में विशेष सफ़ाई अभियान चलाए जाए। श्रीमती सत्या शर्मा ने सभी क्षेत्रीय उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार में स्थित रामलीला स्थलों एवं मंदिरों का निरीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करें। रामलीला स्थलों, मंदिरों एवं उनके आसपास नियमित सफाई कराई जाए उन्होंने कार्यक्रम स्थलों पर पर्याप्त संख्या में कूड़ेदान रखने तथा कूड़े-कचरे का नियमित एवं समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि श्रद्धालुओं एवं नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और आयोजन स्थलों के आसपास स्वच्छ वातावरण बना रहे। स्थायी समिति अध्यक्ष ने मच्छरों एवं अन्य कीटों की रोकथाम के लिए रामलीला स्थलों, मंदिरों एवं आसपास के क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार एंटी-लार्वा दवाइयों का छिड़काव एवं फॉगिंग कराने के भी निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने नवरात्र के दौरान मंदिरों के आसपास मांस की दुकानों को अनिवार्य रूप से बंद रखने के निर्देश दिए जाए। श्रीमती सत्या शर्मा ने संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को नवरात्र के दौरान रामलीला आयोजन स्थलों का नियमित निरीक्षण कर सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी करने को कहा है। उन्होंने कहा की किया कि उपरोक्त सभी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि नवरात्र एवं रामलीला आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं और नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।