हर्बल कुंभ, जड़ी-बूटी कृषि मेला एवं धन्वंतरि महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ

-दुनिया के लिए धन्वंतरि धाम बनेगा अध्ययन का सबसे बड़ा केन्द्र: कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत-हिमालय में विकसित होगा विश्वस्तरीय हर्बल एवं आयुर्वेदिक ज्ञान केंद्र, पांच वर्षों में दुनिया का ध्यान खींचेगा धन्वंतरि धाम : आचार्य बालकृष्ण कुलदीप कुमार पौड़ी गढ़वाल/हरिद्वार, 4 नवंबर। हिमालय की सुरम्य वादियों में आयुर्वेद, औषधीय वनस्पतियों, प्राकृतिक खेती और भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में पतंजलि ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर ब्लॉक स्थित मालाग्राम में विकसित किए जा रहे ‘हर्बल वर्ल्ड हिमालय-श्री धन्वंतरि धाम’ में बुधवार को तीन दिवसीय ‘हर्बल कुंभ, जड़ी-बूटी कृषि मेला एवं धन्वंतरि महोत्सव-2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में धन्वंतरि धाम की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई देगी। यह स्थान केवल उत्तराखंड या भारत ही नहीं, बल्कि विश्व में औषधीय वनस्पतियों, आयुर्वेद, अनुसंधान, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मालाग्राम के दुर्गम वन क्षेत्र में जिस स्तर का कार्य हुआ है, वह अद्भुत है। प्रकृति, पर्यावरण, परंपरा और परमार्थ के समन्वय से विकसित यह परिसर आने वाले वर्षों में दुनिया के लिए अध्ययन और प्रेरणा का केंद्र बनेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि एक वर्ष के भीतर धन्वंतरि धाम प्रमुख तीर्थ के रूप में विकसित होगा। साथ ही प्रदेश के किसानों को यहां विशेष प्रशिक्षण दिलाने और विश्वविद्यालयों के शोधार्थियों को अध्ययन के लिए भेजने की बात कही।पांच वर्षों में दुनिया यहां देखने और सीखने आएगी : धन सिंह रावतमुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि वह पिछले पांच वर्षों से इस परियोजना की प्रगति देख रहे हैं। शुरुआती दौर में जब वह यहां आए थे, तब इस दुर्गम वन क्षेत्र में इतने बड़े प्रकल्प के विकसित होने की संभावनाओं को लेकर उनके मन में भी सवाल थे। लेकिन इस बार यहां पहुंचकर जो परिवर्तन देखा, वह कल्पना से परे है।उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में परिसर में व्यापक विकास हुआ है। आचार्य बालकृष्ण के साथ पूरे क्षेत्र का भ्रमण करने के बाद उन्हें विश्वास हो गया है कि आने वाले पांच वर्षों में दुनिया भर से लोग इस स्थान को देखने और यहां से सीखने आएंगे।मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में लगभग दस वर्षों के मंत्री पद के कार्यकाल के दौरान उन्होंने अनेक कठिन कार्य देखे हैं, लेकिन आचार्य बालकृष्ण जिस समर्पण और परिश्रम से इस दुर्गम क्षेत्र में काम कर रहे हैं, वह असाधारण है। प्रकृति, पर्यावरण, परंपरा और परमार्थ का एक साथ संरक्षण एवं संवर्धन करना किसी भगीरथ प्रयास से कम नहीं है। उन्होंने परिसर में स्थापित विभिन्न देशों के औषधीय वनस्पति विशेषज्ञों और महापुरुषों की प्रतिमाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां 29 देशों की जड़ी-बूटियों और उनसे जुड़ी ज्ञान परंपराओं पर कार्य किया गया है। इससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को विश्व की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों तथा उनके विकास में योगदान देने वाले महान व्यक्तित्वों के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।विश्वस्तरीय नर्सरी और ध्यान केंद्र की सराहनाडॉ. धन सिंह रावत ने धन्वंतरि धाम में विकसित नर्सरी, औषधीय पौधों और ध्यान केंद्र की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि इतने बड़े वन क्षेत्र में ध्यान और अध्यात्म का केंद्र विकसित करना आसान नहीं है। प्राचीन काल में ऋषि-मुनियों ने हिमालय को साधना का केंद्र बनाया था और आज आचार्य बालकृष्ण उसी परंपरा को आधुनिक स्वरूप प्रदान कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि परिसर में लगाए गए लगभग 50 हजार पौधों में से करीब 90 प्रतिशत सुरक्षित हैं। उन्होंने यहां की औषधीय खेती, विशेष रूप से हल्दी की खेती और उससे संबंधित गतिविधियों की भी प्रशंसा की।भगवान धन्वंतरि की भव्य प्रतिमा का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि यह प्रतिमा और यहां विकसित हो रहा आध्यात्मिक वातावरण धन्वंतरि धाम को विशिष्ट पहचान प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले एक वर्ष में यह स्थान प्रमुख तीर्थ के रूप में विकसित होगा।उत्तराखंड के किसानों को मिलेगा चार-पांच दिन का प्रशिक्षणकैबिनेट मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के प्रगतिशील किसानों को धन्वंतरि धाम में चार से पांच दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि वे यहां विकसित औषधीय खेती, कृषि तकनीकों और अनुसंधान गतिविधियों का प्रत्यक्ष अध्ययन कर सकें। उन्होंने विश्वविद्यालयों में शोध कर रहे विद्यार्थियों को भी यहां भेजने की बात कही।उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों और किसानों से कहा कि वे केवल भाषण सुनने तक सीमित न रहें, बल्कि पूरे परिसर का भ्रमण कर यहां विकसित व्यवस्थाओं, वनस्पतियों और कृषि मॉडल का अध्ययन करें।व्यापार नहीं, दुनिया को आत्मीयता से जोड़ने का संकल्प : आचार्य बालकृष्णआचार्य बालकृष्ण ने कहा कि हर्बल वर्ल्ड हिमालय की परिकल्पना किसी व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को भारतीय ज्ञान, संस्कृति और प्रकृति से आत्मीयता के साथ जोड़ने के संकल्प से की गई है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद हजारों वर्षों से मानव जीवन के कल्याण का आधार रहा है। भारत के ऋषियों और आयुर्वेद मनीषियों ने औषधीय वनस्पतियों के माध्यम से मानवता को जो ज्ञान दिया, उसके संरक्षण और वैश्विक प्रसार की आवश्यकता है।उन्होंने बताया कि 109 खंडों में 50 हजार से अधिक वनस्पतियों का औषधीय दृष्टि से संकलन किया गया है। धन्वंतरि धाम में विश्व की विभिन्न ज्ञान परंपराओं और उन महापुरुषों को भी सम्मान दिया जा रहा है, जिन्होंने औषधीय वनस्पतियों तथा पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि कई ऐसे महान व्यक्तित्व हैं, जिन्हें उनके अपने देशों में भी अपेक्षित सम्मान नहीं मिला, लेकिन धन्वंतरि धाम में उनके योगदान को वैश्विक पहचान देने का प्रयास किया जा रहा है।आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि लगभग पांच वर्षों के अथक परिश्रम से हिमालय के इस दुर्गम क्षेत्र में व्यापक स्तर पर कार्य किया गया है। परिसर में 50 हजार से अधिक औषधीय पौधे लगाए जा चुके हैं। प्राकृतिक जलस्रोतों, वनस्पतियों, पर्वतीय भूभाग और हिमालयी जैव विविधता के संरक्षण के साथ यहां अनुसंधान, अध्ययन, ध्यान और पर्यटन की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यह सैकड़ों लोगों के समर्पण और पुरुषार्थ का परिणाम है।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को हर्बल स्टेट बनाने की चर्चा लंबे समय से होती रही
राजधानी कॉलेज में शैक्षणिक और तकनीकी सुविधाओं का उद्घाटन, विद्यार्थियों को मिलेंगी आधुनिक संसाधनों की सौगात

दिल्ली विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष पर स्वामी विवेकानंद अकादमिक ब्लॉक सहित सात सुविधाओं का हुआ शुभारंभ, दीपावली मेले ने बढ़ाई समारोह की रौनक नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में राजधानी महाविद्यालय में बुधवार को भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय में विद्यार्थियों की शैक्षणिक, तकनीकी और कौशल विकास संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सुविधाओं का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता महाविद्यालय प्रो. बलराम पाणि मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता शासी निकाय के अध्यक्ष प्रो. अमित कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद अकादमिक ब्लॉक, वात्सल्य डे केयर सेंटर, कौशल विकास केंद्र, मेधा इलेक्ट्रॉनिक्स प्रयोगशाला, पर्यावरण विज्ञान प्रयोगशाला, शारीरिक शिक्षा निदेशक कक्ष और बैठक कक्ष का उद्घाटन किया गया। स्वामी विवेकानंद अकादमिक ब्लॉक विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। यह ब्लॉक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आत्मविश्वास, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास के लिए प्रेरित करेगा। प्राचार्य प्रो. दर्शन पांडेय ने स्वागत संबोधन में महाविद्यालय की विकास यात्रा में शिक्षकों के समर्पण, दूरदर्शी नेतृत्व और सामूहिक प्रयासों की भूमिका को रेखांकित किया। शासी निकाय के अध्यक्ष प्रो. अमित कुमार सिंह ने संस्थागत विकास और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। मुख्य अतिथि प्रो. बलराम पाणि ने उच्च शिक्षा में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्व पर विचार रखे। कार्यक्रम में वंदे मातरम् और दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलगीत की प्रस्तुति के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष पर वर्तमान एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों को उनके योगदान के सम्मान में घड़ियां भेंट की गईं। समारोह के साथ आयोजित दीपावली मेले में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन पर विकास एवं रखरखाव समिति के संयोजक प्रो. पंकज गर्ग ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आधुनिक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है।
मोबिक्विक ने वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में दर्ज किया अब तक का सर्वाधिक मुनाफा
पीएटी 11.8 करोड़ और ईबीआईटीडीए 22.7 करोड़ रुपये पर पहुंचा, प्लेटफॉर्म का जीएमवी 35 प्रतिशत बढ़कर 59,677 करोड़ रुपये हुआ नई दिल्ली। वन मोबिक्विक सिस्टम्स लिमिटेड ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। कंपनी ने लगातार चौथी तिमाही में मुनाफा दर्ज करते हुए अब तक का सर्वाधिक तिमाही कर अदायगी के बाद लाभ (पीएटी) 11.8 करोड़ रुपये और ईबीआईटीडीए 22.7 करोड़ रुपये हासिल किया। इस दौरान कंपनी की कुल आय 302.8 करोड़ रुपये रही। कंपनी के प्लेटफॉर्म का सकल व्यापारिक मूल्य (जीएमवी) 35 प्रतिशत सालाना वृद्धि के साथ 59,677 करोड़ रुपये के नए तिमाही उच्च स्तर पर पहुंच गया। वहीं, लेंडिंग वितरण में 34 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में 1,082.6 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के अनुसार, यह प्रदर्शन जीएमवी में वृद्धि और परिचालन मार्जिन में सुधार से प्रेरित रहा। मोबिक्विक के सह-संस्थापक, प्रबंध निदेशक एवं सीईओ बिपिन प्रीत सिंह ने कहा कि लगातार चौथी लाभदायक तिमाही कंपनी के टिकाऊ बिजनेस मॉडल की दिशा में हुई प्रगति को दर्शाती है। कंपनी ने लेंडिंग वितरण में 1,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया है। इसके साथ ही मर्चेंट पेमेंट्स के राजस्व में सालाना आधार पर 150 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि कंपनी लागत अनुकूलन और परिचालन दक्षता पर लगातार काम कर रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल से बिजनेस मॉडल में परिचालन क्षमता और मुनाफे को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। कंपनी इंजीनियरिंग, लेंडिंग, ग्राहक अनुभव और जोखिम प्रबंधन में एआई का उपयोग बढ़ा रही है। वित्त वर्ष 2028 तक एआई-फर्स्ट संगठन बनने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी के अनुसार, वर्तमान में उसके 92 प्रतिशत कोड का निर्माण एआई की मदद से हो रहा है, जबकि पिछली तिमाही में यह आंकड़ा 80 प्रतिशत था। इससे गो-टू-मार्केट प्रक्रिया भी 55 प्रतिशत तेज हुई है।
राहुल फुस्स रॉकेट, अखिलेश हार के बहानेबाज: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को मुख्यमंत्री ने किया संबोधित, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का किया स्वागत अखिलेश को नसीहत, लोकतंत्र में बदला नहीं, जनता करती है बदलाव राहुल का बारूद खत्म, कांग्रेस कितनी बार करेगी लॉन्च: मुख्यमंत्री योगी गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। राहुल गांधी को फुस्स रॉकेट बताते हुए उन्होंने कहा कि उनका बारूद समाप्त हो चुका है। कांग्रेस चाहे जितनी बार उन्हें लॉन्च कर ले, अब वह लॉन्च नहीं होने वाले। वहीं, अखिलेश यादव के बदला लेने संबंधी बयान पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी के बबुआ को कोई समझाए कि लोकतंत्र में बदला नहीं, जनता बदलाव करती है। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि पाकिस्तानी और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाने पर कांग्रेस और उसके सहयोगियों को आपत्ति क्यों है? उन्होंने आरोप लगाया कि इंडी गठबंधन अपनी चुनावी पराजय छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में भाजपा की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का यह पहला गोरखपुर दौरा है। लोकतंत्र को मजबूत करने और अराजकता के खिलाफ जनजागरण के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है और जनता अपने मताधिकार के माध्यम से सरकारों के कामकाज का मूल्यांकन करती है। चुनाव में हार-जीत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन हार स्वीकार करने के बजाय लगातार बहाने बनाना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेता कभी ईवीएम तो कभी एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर सवाल खड़े करते हैं। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि दो लड़कों की यह जोड़ी चुनावी नतीजों के बाद नए-नए बहाने तलाशती है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश को आपातकाल की याद आज भी है। कांग्रेस को आपातकाल लागू करने और 1984 के सिख विरोधी दंगों के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की बात करने वाली कांग्रेस को पहले अपने राजनीतिक इतिहास और कार्यों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया का विरोध समझ से परे है। उन्होंने सवाल किया कि यदि पाकिस्तानी और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं तो कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को इससे परेशानी क्यों हो रही है? मुख्यमंत्री ने इसे राष्ट्रीय हित और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा विषय बताया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र में किसी को भी अराजकता फैलाने या संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की छूट नहीं मिलनी चाहिए। चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर बात की जानी चाहिए। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और जनता के बीच जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की जनता लोकतंत्र की ताकत है। जनता समय आने पर अपने मताधिकार से बदलाव करती है। इसलिए राजनीतिक दलों को जनादेश का सम्मान करना चाहिए और जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए काम करना चाहिए। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने संगठन की भूमिका और कार्यकर्ताओं की सक्रियता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए जनभागीदारी आवश्यक है। भाजपा की पदयात्रा इसी उद्देश्य से जनता के बीच जागरूकता का संदेश देने का माध्यम है।
इंडी गठबंधन के नेतृत्वकर्ताओं में क्लैरिटी, कैपेसिटी और क्रेडिबिलिटी का अभाव: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस व इंडी गठबंधन पर किया कड़ा प्रहार चुनावों में हार के नए रिकॉर्ड बना रही कांग्रेस और इंडी गठबंधन की हताशा अब अराजकता की राजनीति में बदल गई है: मुख्यमंत्री भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ गोरखपुर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में शामिल होंगे मुख्यमंत्री लखनऊ, 4 नवंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कांग्रेस व इंडी गठबंधन पर करारा प्रहार किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि इनके नेतृत्वकर्ताओं में क्लैरिटी, कैपेसिटी और क्रेडिबिलिटी का पूरा अभाव है। जनादेश का अनादर इसी सोच का परिणाम है। हार के नए रिकॉर्ड बना रही कांग्रेस व इंडी गठबंधनमुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावों में हार के नए रिकॉर्ड बना रही कांग्रेस और इंडी गठबंधन की हताशा अब अराजकता की राजनीति में बदल गई है। इनके नेतृत्वकर्ताओं में क्लैरिटी, कैपेसिटी और क्रेडिबिलिटी का पूरा अभाव है। जनादेश का अनादर इसी सोच का परिणाम है। गोरखपुर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ आज पदयात्रा करेंगे मुख्यमंत्रीमुख्यमंत्री ने बताया कि इस अराजकता के विरुद्ध जनजागरण और लोकतंत्र की गरिमा की रक्षा का संकल्प लेकर बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन जी के साथ गोरखपुर में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में सहभागिता करूंगा। लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है भाजपामुख्यमंत्री ने एक तरफ कांग्रेस व इंडी गठबंधन की अराजकता पर सवालिया निशान उठाया तो दूसरी तरफ देशवासियों को आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में हम भारत के महान लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
दीपोत्सव में दिखेगा लोक संस्कृति का महाकुंभ
यूपी के अनेक जिलों सहित देशभर से आए लोक कलाकार बिखेरेंगे रंग मयूर से छऊ और घूमर से झिझिया तक… दिखेगी देश की लोक संस्कृतियों की झलक दीपोत्सव-2026 में लोकनृत्यों से सजेगी रामनगरी, पश्चिम बंगाल के श्री खोल से आंध्र प्रदेश के बोनालू तक दिखेगी सांस्कृतिक विविधता ढेढिया, मयूर और पाई डंडा नृत्य से सजेगी शोभायात्रा, लोक कलाकार बढ़ाएंगे रामनगरी की रौनक दीपोत्सव के जरिए दुनिया तक पहुंचेगा भारतीय लोक संस्कृति और परंपराओं का संदेश: जयवीर सिंह लखनऊ, 4 नवंबर: दीपोत्सव-2026 में रामनगरी की सड़कों और सांस्कृतिक मंचों पर देश की विविध लोक परंपराओं के रंग देखने को मिलेंगे। आयोजन में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए लोक कलाकार अपने पारंपरिक नृत्यों और लोक विधाओं की प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही अन्य प्रदेशों के कलाकार भी अपनी क्षेत्रीय लोककला के माध्यम से दीपोत्सव की सांस्कृतिक भव्यता बढ़ाएंगे। लोकनृत्यों की यह विविधता अयोध्या में देश की सांस्कृतिक एकता और परंपराओं का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगी। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश के लोक कलाकार दलों में मथुरा का मयूर और बम रसिया नृत्य, प्रयागराज का ढेढ़िया नृत्य, बांदा का पाई डंडा, सोनभद्र का मांदल-सिंघा और करमा नृत्य प्रमुख आकर्षण होंगे। अयोध्या के कलाकार बधावा, फरुवाही तथा डमरू एवं शंख नृत्य की प्रस्तुति देंगे। वहीं गाजीपुर का धोबिया, गोरखपुर का वनटांगिया, पीलीभीत का थारू, झांसी का राई, सुलतानपुर का नटवरी और बहराइच का डोमकच नृत्य भी अपनी लोक परंपरा की झलक दिखाएगा। दीपोत्सव में उत्तर प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों की लोक विधाओं को भी स्थान दिया गया है। पश्चिम बंगाल के कलाकार श्री खोल, ओडिशा के कलाकार मास्क डांस, शाही जात्रा, रणप्पा चढैय्या और शंख वादन की प्रस्तुति देंगे। झारखंड का पुरुलिया छऊ, मध्य प्रदेश का गुदुम बाजा, कर्नाटक का ढोलु कुनीथा और गुजरात का तलवार रास भी दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करेगा। इसके अलावा राजस्थान का घूमर-चरी, बिहार की झिझिया, चेन्नई की कावड़ी, कड़गम व मयूर नृत्य तथा आंध्र प्रदेश का बोनालू भी दीपोत्सव की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का हिस्सा होंगे। अलग-अलग राज्यों की इन लोक विधाओं के जरिए दर्शकों को देश की विविध लोक परंपराओं, वेशभूषा, संगीत और नृत्य शैलियों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। दीपोत्सव की शोभायात्रा में भी लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से उत्सव को जीवंत बनाएंगे। इसमें प्रयागराज का ढेढ़िया नृत्य, मथुरा का मयूर नृत्य, बांदा का पाई डंडा, सोनभद्र का मांदल एवं सिंघा नृत्य और अयोध्या का बधावा नृत्य शामिल रहेगा। इसके साथ ही आजमगढ़ के कलाकार धोबिया नृत्य और प्रयागराज के कलाकार कबीरी गायन प्रस्तुत करेंगे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से शोभायात्रा में प्रदेश की लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। दीपोत्सव में लोक कलाकारों की भागीदारी का उद्देश्य पारंपरिक कला रूपों को मंच देना और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना भी है। मयूर, करमा, राई, धोबिया, थारू और छऊ जैसी लोक विधाएं अपने क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी हैं। ऐसे आयोजनों से कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है, वहीं अलग-अलग क्षेत्रों की लोक परंपराएं व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचती हैं। पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि दीपोत्सव-2026 में दीपों की रोशनी के साथ लोकनृत्य, लोकसंगीत और पारंपरिक कलाओं की छटा भी रामनगरी को खास पहचान देगी। उन्होंने बताया उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों और देश के अनेक राज्यों से आने वाले कलाकार अयोध्या को सांस्कृतिक संगम का स्वरूप देंगे। लोक प्रस्तुतियों के जरिए दीपोत्सव भारतीय संस्कृति की विविधता, परंपरा और आपसी एकता का संदेश भी प्रसारित करेगा।
अंडमान समुद्री व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र : डॉ दिनेश शर्मा

नई दिल्ली। नीति आयोग में माननीय उपाध्यक्ष श्री अशोक कुमार लाहिड़ी की अध्यक्षता एवं डॉ. आर. सुब्रह्मण्यम, सदस्य, नीति आयोग, सीईओ श्री अनुराग जैन, मुख्य सचिव श्री ज्ञानेश भारती (अ.नि.), केंद्र सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय, पर्यटन, जहाजरानी, मत्स्य, सड़क परिवहन मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय में भारत सरकार के सचिव गण, नीति आयोग एवं अण्डमान तथा निकोबार प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अण्डमान तथा निकोबार द्वीपसमूह के समग्र, समावेशी और रणनीतिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से रखा।बैठक में अण्डमान तथा निकोबार द्वीपसमूह के माननीय उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने विकास कार्यों के सम्बंध में विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत किया।अण्डमान-निकोबार केवल भारत की समुद्री सीमाओं का महत्वपूर्ण भाग ही नहीं, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की सामरिक उपस्थिति और समुद्री व्यापार के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। लगभग 8,249 वर्ग किलोमीटर में फैले 31 आबाद द्वीपों की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विकास की नीतियों और योजनाओं में द्वीप-विशिष्ट दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।बैठक में निर्माण सामग्री एवं आवश्यक वस्तुओं की मुख्यभूमि से परिवहन के कारण बढ़ने वाली लागत को देखते हुए योजनाओं के लागत मानकों और पात्रता शर्तों में उपयुक्त अनुकूलनशीलता देने का आग्रह किया गया। साथ ही, ग्रेट निकोबार में प्रस्तावित परियोजनाओं के महत्व पर भी चर्चा हुई।कनेक्टिविटी के क्षेत्र में उड़ानों की घटती आवृत्ति और हवाई किरायों का मुद्दा उठाया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग-4 के उन्नयन तथा मिडिल स्ट्रेट ब्रिज के कार्य में तेजी लाने, और सागरमाला 2.0 के अंतर्गत 13 जेट्टियों के पुनर्निर्माण एवं नियमित मालवाहक जहाज सेवा को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।जनजीवन से जुड़े विषयों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पुरानी जलापूर्ति पाइपलाइनों के प्रतिस्थापन, 265 गांवों में जल भंडारण एवं वितरण व्यवस्था के सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं और ANIIMS में आवश्यक चिकित्सा पदों के सृजन, MRI सुविधा के विस्तार तथा नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रस्ताव रखे गए।द्वीपों की अर्थव्यवस्था को नई गति देने के लिए गहरे समुद्र में टूना मत्स्य संसाधनों के बेहतर उपयोग, स्थानीय रोजगार एवं निर्यात क्षमता बढ़ाने, तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप, वाइपर द्वीप और स्वराज द्वीप में पर्यटन विकास को गति देने पर विशेष चर्चा हुई। कृषि, शीत भंडारण, कृषि यंत्रीकरण और PMGSY-IV के अंतर्गत लंबित ग्रामीण सड़क प्रस्तावों पर भी ध्यान आकर्षित किया गया। उप राज्यपाल डॉ दिनेश शर्मा जी ने कहा हमारा उद्देश्य स्पष्ट है, अण्डमान तथा निकोबार द्वीपसमूह की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप एक समन्वित, स्थायी और समयबद्ध विकास मॉडल तैयार करना। नीति आयोग तथा संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों से अनुरोध किया गया कि लंबित प्रस्तावों पर समयबद्ध निर्णय, योजनाओं में उपयुक्त अनुकूलता, स्पष्ट नोडल जिम्मेदारी और नियमित उच्च स्तरीय समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
ग्रेटर नोएडा के बाद आगरा में महोत्सव का दूसरा पड़ाव संपन्न, हजारों युवाओं और विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

योगी सरकार में संस्कृति और युवा शक्ति के संगम का मंच बना ‘सनातन शंखनाद’, आगरा में उमड़ा युवाओं का हुजूम ग्रेटर नोएडा के बाद आगरा में महोत्सव का दूसरा पड़ाव संपन्न, हजारों युवाओं और विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, साध्वी प्रज्ञा, डॉ. सुरेश चव्हाणके और जान्हवी सिंह ने युवाओं से किया संवाद ‘बम लहरी’ की धुन पर झूमे जेन-जी युवा, भजन क्लबिंग और रहस्य बैंड की प्रस्तुति बनी आकर्षण सनातन परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक युवा ऊर्जा को जोड़ने के उद्देश्य से 18 शहरों में होगा आयोजन आगरा, 4 नवंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, युवा शक्ति और विकास की नई उपलब्धियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश युवा महोत्सव- सनातन शंखनाद’ का दूसरा पड़ाव आगरा में भव्यता के साथ संपन्न हुआ। उत्तर प्रदेश युवा सनातन संघ राष्ट्रीय मंच की ओर से आयोजित इस महोत्सव में हजारों युवाओं और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, सनातन परंपराओं और बदलते उत्तर प्रदेश से जोड़ने का प्रयास किया गया। इससे पहले 21 अक्टूबर को ग्रेटर नोएडा में महोत्सव का आयोजन किया गया था, जिसमें 7,000 से अधिक युवाओं ने सहभागिता की थी। इसके बाद आगरा में आयोजित दूसरे कार्यक्रम के जरिए युवाओं को वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में हुए विकास, कानून-व्यवस्था में सुधार और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में आगरा के सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल की विशेष उपस्थिति रही। साध्वी प्रज्ञा, डॉ. सुरेश चव्हाणके और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जान्हवी सिंह ने भी युवा संवाद में हिस्सा लिया। युवा संवाद में गूंजी विकास और कानून-व्यवस्था की बात महोत्सव का प्रमुख आकर्षण युवा संवाद रहा। इसमें वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में हुए बदलावों, विकास, कानून-व्यवस्था, सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में अपराध के खिलाफ अपनाई गई सख्त नीतियों और बुलडोजर कार्रवाई का मुद्दा भी उठा। युवाओं ने इसे कानून-व्यवस्था और अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई के प्रतीक के रूप में समर्थन दिया। वक्ताओं ने प्रदेश के विकास में युवा शक्ति की भागीदारी और सांस्कृतिक चेतना के महत्व पर भी जोर दिया। साध्वी प्रज्ञा, डॉ. सुरेश चव्हाणके और जान्हवी सिंह ने युवाओं से संवाद करते हुए उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने, राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने और अपनी आवाज को मजबूती से रखने का संदेश दिया। बम लहरी पर झूमे युवा, भजन क्लबिंग बना आकर्षण कार्यक्रम में भजन क्लबिंग ने युवाओं का खासा ध्यान खींचा। रहस्य बैंड की प्रस्तुति पर पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। ‘बम लहरी’ की धुन पर बड़ी संख्या में मौजूद जेन-जी युवाओं ने जमकर उत्साह दिखाया। आधुनिक संगीत और भक्ति के इस अनूठे संगम ने दिखाया कि नई पीढ़ी सनातन परंपराओं को अपने आधुनिक अंदाज में भी अपना रही है। इसके साथ ही सांस्कृतिक और नृत्य प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का मन मोह लिया। परिकल्पना प्रदेश के 18 शहरों तक पहुंचने की है उत्तर प्रदेश युवा महोत्सव सनातन शंखनाद केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं को उनकी विरासत, संस्कृति और विकास यात्रा से जोड़ने का एक व्यापक प्रयास है। इस महोत्सव की परिकल्पना प्रदेश के 18 शहरों तक पहुंचने की है, ताकि अलग-अलग क्षेत्रों के युवाओं को एक साझा मंच मिल सके। ग्रेटर नोएडा और आगरा के बाद यह यात्रा उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में भी आगे बढ़ेगी। आयोजन के माध्यम से भक्ति, संस्कृति, युवा संवाद और राष्ट्र निर्माण के विचारों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। आगरा में हजारों युवाओं की भागीदारी और उनके उत्साह ने इस आयोजन को एक यादगार स्वरूप दिया। सनातन परंपरा और आधुनिक युवा ऊर्जा के इस संगम ने एक बार फिर संदेश दिया कि संस्कृति से जुड़कर भी नई पीढ़ी अपने आधुनिक अंदाज में उत्सव मना सकती है।