
हसपुरा(औरंगाबाद):नवरात्रा को लेकर हसपुरा के प्राचीन दुर्गा मंदिर में चल रहे रामलीला में प्रतिदिन दूर दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।श्रद्धालुओं से देर रात तक प्रतिदिन कार्यक्रम से चिपके नजर आते हैं।शनिवार की रात सातवें दिन यूपी मिर्जापुर के कलाकारों ने लंका दहन का भव्य मंचन किया। हनुमान की वीरता, संवादों और सोने की लंका को जलाने के दृश्य ने सबका मन मोह लिया।कलाकारों के अभिनय से सीता की खोज में वन में भटक रहे भगवान राम और लक्ष्मण की हनुमान से भेंट दृश्य से दर्शक मोहित हुए। हनुमान साधु का वेश धारण कर दोनों भाइयों से मिलते हैं और उनके वन में भटकने का कारण पूछते हैं। अंत में भगवान राम अपना परिचय देते हैं। हनुमान अपने वास्तविक स्वरूप में आकर उनकी भेंट वनराज सुग्रीव से करवाते हैं।श्री राम सुग्रीव को पूरा वृत्तांत सुनाकर माता सीता की खोज में सहयोग मांगते हैं। हनुमान को उनकी शक्तियों का स्मरण कर वह समुद्र पार कर लंका पहुंचते हैं। अशोक वाटिका में माता सीता को खोज लेते हैं। वहां माता सीता श्रीराम का स्मरण कर रही होती हैं। भगवान राम की ओर हनुमान को दी गई मुद्रिका से विश्वास हो जाता है कि हनुमान उनके दूत हैं।हनुमान अशोक वाटिका के फल खाने लगते हैं। पूरी वाटिका को तहस-नहस कर देते हैं। सूचना रावण तक पहुंचती है।हनुमान को बंदी बनाकर रावण के दरबार में ले जाया जाता है। रावण द्वारा हनुमान की पूंछ में आग लगाने के आदेश देने के बाद पूंछ में आग लगा दी जाती है।हनुमान पूरी लंका में आग लगा देते हैं और देखते ही देखते सोने की लंका जलकर राख हो जाती है। मंडली के लीडर पुष्पराज द्वारा डॉ कुणाल कामाख्या नारायण,मोहन प्रसाद,उप सरपंच सोनू गुप्ता, उपाध्यक्ष केदार प्रसाद, कोषाध्यक्ष बैजू कुमार को सम्मानित किया। अध्यक्ष अनिल आर्य, संरक्षक संजय शौंडिक,बैजू कुमार, राजू भारती,रंजन कुमार,सुरेश आर्य,राजू भारती ने योगदान के लिये आभार प्रकट किया।कहा कि ग्रामीणों का सहयोग का परिणाम है कि कार्यक्रम सफल है।