पांच दिवसीय कला महोत्सव का होगा भव्य आयोजन

21 अक्टूबर से सभी प्रखंडों में ऑडिशन, 25 अक्टूबर को होगा फाइनल मुकाबला; संगीत और नृत्य की प्रतिभाओं को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर पर पहचान

औरंगाबाद : आगामी 25 अक्टूबर को राष्ट्रीय कला दिवस के अवसर पर पांच दिवसीय कला महोत्सव आयोजित किया जायेगा। कला महोत्सव की तैयारियों को लेकर अधिवक्ता संघ सभागार में एक बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता कला कौशल मंच के संरक्षक एवं वरिष्ठ कवि लवकुश प्रसाद सिंह ने की। बैठक में महोत्सव के आयोजन, प्रखंडवार ऑडिशन, प्रतियोगिताओं की रूपरेखा और कलाकारों को सम्मानित करने सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक का संचालन करते हुए कला कौशल मंच के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक आदित्य श्रीवास्तव ने बताया कि महोत्सव की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। इस बार राष्ट्रीय कला दिवस के अवसर पर कला महोत्सव को व्यापक स्तर पर आयोजित करने की योजना बनाई गई है। पांच दिवसीय कला महोत्सव का मुख्य उद्देश्य जिले में छिपी हुई कलात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना तथा उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का एक शुभ अवसर उपलब्ध कराना है।
आदित्य श्रीवास्तव ने बताया कि महोत्सव में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के चयन के लिए 21 अक्टूबर से प्रखंडवार ऑडिशन आयोजित किए जाएंगे। पहले चरण में 21 अक्टूबर को दाउदनगर में ऑडिशन होगा, जिसमें हसपुरा, गोह, ओबरा और दाउदनगर प्रखंड के प्रतिभागी शामिल होंगे।दूसरे चरण का ऑडिशन 22 अक्टूबर को नवीनगर में आयोजित किया जाएगा। इसमें नवीनगर, कुटुंबा, अंबा और बारुण क्षेत्र के प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इसके बाद देव में आयोजित ऑडिशन में रफीगंज, मदनपुर और देव क्षेत्र के प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। 24 अक्टूबर को जिला स्तरीय ऑडिशन आयोजित किया जाएगा,जबकि 25 अक्टूबर को चयनित कलाकारों के बीच फाइनल मुकाबला होगा।
इस बार कला महोत्सव में संगीत और नृत्य की विधाओं को विशेष रूप से शामिल किया गया है। संगीत प्रतियोगिता में शास्त्रीय संगीत एवं लोकगीत के प्रतिभागी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे,वहीं,नृत्य प्रतियोगिता में कथक और भरतनाट्यम विधाओं को प्रमुख स्थान दिया गया है।संगीत प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विजेता बनने वाले प्रतिभागियों को ‘सुरों का बादशाह’ सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। वहीं, नृत्य प्रतियोगिता के विजेताओं को ‘भरतनाट्यम नृत्य सम्मान’ प्रदान किया जाएगा। आयोजन समिति का उद्देश्य इन प्रतिभाओं को प्रोत्साहित कर उनकी पहचान जिले से आगे राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है।
इसके अतिरिक्त, जिले के नामचीन एवं वरिष्ठ कलाकारों को भी महोत्सव के मंच से ‘कला गौरव सम्मान’ प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। इसके माध्यम से कला और संस्कृति के क्षेत्र में लंबे समय से योगदान दे रहे कलाकारों के प्रति सम्मान प्रकट किया जाएगा।
महोत्सव परिवार के प्रमुख एवं महोत्सव पुरुष सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने कहा कि कला महोत्सव का मुख्य उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को उचित मंच प्रदान करना, उनकी प्रतिभा को निखारना और कला-संस्कृति की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाना है।
बैठक में महोत्सव के सफल संचालन के लिए विभिन्न पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। कार्यक्रम प्रभारी के रूप में राम श्लोक रामा तथा सह प्रभारी के रूप में अक्षय पाठक को जिम्मेदारी दी गई। कार्यक्रम प्रमुख के रूप में मुकेश चौबे,राम श्याम और धर्मेंद्र यादव को दायित्व सौंपा गया। वहीं, महिला कार्यक्रम प्रमुख के रूप में कंचन,प्रज्ञा और सविता सिन्हा सहित अन्य सहयोगियों को जिम्मेदारी दी गई।

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