सुरक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार
अंचलाधिकारी एवं नगर पंचायत के पदाधिकारी ने किया स्थल का निरिक्षण
औरंगाबाद : सूर्य नगरी देव के काली स्थान शिवालय समिति के तत्वावधान में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समिति के लोग दिन रात रावण का पुतला बनाने में लगे हुए है।
इस बार लगभग 60 फ़ीट का ऊंचा रावण बनाया जा रहा है l इसके लिए देव के अंचलाधिकारी दीपक कुमार एवं नगर अध्यक्ष पिंटू साहिल सहित अन्य पदाधिकारीगण स्थल का निरिक्षण किये l
काली स्थान शिवालय समिति के अध्यक्ष दीपक धनराज,सचिव राहुल सिंह,संरक्षक गोरख साव,बिट्टू सिंह,दीपक गुप्ता,उमेश प्रजापत,रवि पेंटर,गुड्डू सिंह,राकेश राही,सोनू कुमार, राजू कुमार,अमरनाथ कुमार,मनीष कुमार,उपेंद्र यादव एवं अशोक यादव नें मजिस्ट्रेट को बताया कि विगत वर्ष के आयोजनों की समीक्षा करने के बाद इस वर्ष सुरक्षा काफी कडी होगी। देव थाना से लेकर थाना मोड़ तक पूरे मार्ग में आकर्षक और सुचारू लाइटिंग की मुकम्मल व्यवस्था की जाएगी।भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्यकर्ताओं को फोटोयुक्त पहचान पत्र दिए जाएंगे जिससे सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहे।
रावण दहन स्थल पर दर्शकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मजबूत कंडी से डबल बैरिकेडिंग की जाएगी।
किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से निपटने के लिए कार्यक्रम स्थल पर अग्निशामन गाड़ी की तैनाती की जाएगी।चिकित्सकीय सहायता के लिए देव अस्पताल के चिकित्सा कर्मी जीवन रक्षक दवाइयों के साथ कार्यक्रम स्थल पर मुस्तैद रहेंगे।
स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा जारी सभी नियमों और कानूनों का पूरी तरह से पालन करते हुए कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और सफल बनाया जाएगा।समिति ने बताया कि 20 अक्टूबर को दोपहर से ही विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके माध्यम से समाज को यह संदेश दिया जाएगा कि जब-जब पृथ्वी पर पाप बढ़ता है, तब-तब बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए भगवान श्रीराम स्वयं अवतार लेते हैं। रावण वध प्रसंग के दौरान भगवान श्रीराम की सेना यानी ‘बानर सेना’ के योगदान को विशेष झांकी के रूप में शामिल किया जाएगा।
प्रभु श्रीराम,लक्ष्मण,सीता और हनुमान का किरदार निभाने वाले कलाकार सबसे पहले देव स्थित ऐतिहासिक भगवान सूर्य मंदिर जाएंगे। वहाँ अपने कुलदेवता भगवान भास्कर का आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद वे रामलीला मैदान पहुंचेंगे और रावण वध की लीला संपन्न करेंगे।
इस सनातनी कार्यक्रम में सहयोग करने वाले दानदाताओं एवं कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने के लिए एक विशेष सम्मान समारोह का भी आयोजन किया जाएगा जिससे सनातन संस्कृति से जुड़े ऐसे आयोजनों में समाज का सहयोग लगातार करते रहें।