दुर्गा पूजा को लेकर शांति समिति की बैठक, डीजे पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

डीएम और एसपी ने शांतिपूर्ण आयोजन के लिए दिए निर्देश, सीसीटीवी और ड्रोन से होगी निगरानी औरंगाबाद। आगामी दुर्गा पूजा के शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण आयोजन को लेकर समाहरणालय स्थित योजना भवन में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक हुई। इसमें प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पूजा समिति के आयोजक और शांति समिति के सदस्य शामिल हुए। बैठक में सड़क, पुल-पुलिया, यातायात, अतिक्रमण और जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याएं उठाई गईं। जिलाधिकारी ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए कहा कि पूजा पर्व आपसी भाईचारे और धार्मिक सौहार्द के साथ मनाया जाए। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रमुख स्थलों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की जाएगी। डीएम ने डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने, शहर के लिए ट्रैफिक प्लान तैयार करने और पूजा पंडालों में सीसीटीवी लगाने का निर्देश दिया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात रहेंगी। एसपी ने कहा कि प्रमुख स्थलों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी होगी। लाउडस्पीकर एक्ट का पालन करना अनिवार्य होगा। डीजे बजाने पर आयोजकों और संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। कैप : दुर्गा पूजा की तैयारियों को लेकर शांति समिति की बैठक में निर्देश देते जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किया सम्मानित

सीएम ने चेक, चाबी, लैपटॉप, स्वीकृति पत्र आदि प्रदान किया मुख्यमंत्री ने कराया बच्चों का अन्नप्राशन, स्टॉल आदि का अवलोकन भी किया बलरामपुर, 10 अक्टूबरः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर की विकास यात्रा पर आधारित लघु फिल्म भी देखी। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, चाबी, लैपटॉप, स्वीकृति पत्र आदि प्रदान किया। सीएम ने बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया। महिलाओं को फलों समेत पोषण की पोटली दी। उन्होंने यहां विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉल आदि का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कराया बच्चों का अन्नप्राशनमुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर बच्चों का अन्नप्राशन कराया। साथ ही महिलाओं को फलों समेत पोषण पोटली दी। उन्होंने यहां लगे विभिन्न विभागों के स्टॉल आदि का भी अवलोकन किया। सभी से जनपदों में चल रहे विभागीय कार्यों की जानकारी भी ली। सीएम के हाथों इन्हें मिला सम्मान विकास यादव- उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना- लैपटॉपमो. शादाब- उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना- लैपटॉपकिरन वर्मा- कस्टम हायरिंग सेंटर- चाबीहिमांशु यादव- कस्टम हायरिंग सेंटर- चाबीअजय कुमार पाल- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेकहसन रजा- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेकगुफरान अंसारी- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेककिशना देवी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्रउर्मिला देवी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्रसंगीता- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्रननका देवी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्रगुड़िया वर्मा/पिंकी- एनआरएलएम के तहत 45 लाख का चेक ।

देश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार है ‘अन्नदाता’: सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 के पश्चात कृषि क्षेत्र में आए अभूतपूर्व परिवर्तन से प्रदेशवासियों को कराया अवगत 80 लाख से अधिक किसानों से खरीदा गया 519 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान, ₹1,03,833 करोड़ से अधिक भुगतान: मुख्यमंत्री लखनऊ।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 के बाद कृषि क्षेत्र में आए अभूतपूर्व परिवर्तन से प्रदेशवासियों को अवगत कराया। उन्होंने अन्नदाता किसान को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार भी बताया। किसान को बीज से लेकर बाजार तक की सुविधामुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार आज अन्नदाता किसान को बीज से लेकर बाजार तक की सुविधा उपलब्ध करा रही है। वर्ष 2017 से पहले जो अन्नदाता किसान कर्ज, बदहाली व लाचारी में डूबा रहता था और बिचौलियों के चक्कर लगाने को मजबूर था, आज वही अन्नदाता किसान कर्ज से मुक्त होकर उन्नत बीज, सिंचाई, और डीबीटी के माध्यम से एमएसपी एवं पीएम सम्मान निधि का लाभ ले रहा है। 8 से बढ़कर 18 प्रतिशत हुई कृषि विकास दरमुख्यमंत्री ने बताया कि दशकों से लटकी सिंचाई परियोजनाएं पूर्ण हुई हैं। प्रदेश, देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में 21 प्रतिशत का योगदान कर रहा है। कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हुई है। दुग्ध, गन्ना, गेहूं आदि के उत्पादन में यूपी देश में प्रथम स्थान पर है। धान किसानों को किया गया ₹1,03,833 करोड़ से अधिक का भुगतानमुख्यमंत्री ने बताया कि अन्नदाता किसान की मेहनत का सम्मान एवं उसकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करते हुए वर्ष 2017 से मार्च 2026 के बीच प्रदेश में 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की गई और ₹1,03,833 करोड़ से अधिक का सीधा भुगतान किया गया। उसी प्रतिबद्धता के साथ इस बार भी धान के समर्थन मूल्य में 71 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। किसान की खुशहाली सरकार की प्राथमिकतामुख्यमंत्री ने डबल इंजन सरकार के लिए अन्नदाता किसान को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार बताया। उन्होंने कहा कि इसीलिए अन्नदाता किसान के अधिकार की रक्षा और उसकी खुशहाली हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

विरोध प्रदर्शन के चलते उत्तर मध्य रेलवे ने रद्द कीं 14 ट्रेनें, यात्रियों को हुई परेशानी

मथुरा में रेलवे स्टेशन पर सुबह दिखी अफरा-तफरी, कांग्रेस और सपा नेताओं ने सरकार पर लगाए मनमानी के आरोप मथुरा। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर उत्तर मध्य रेलवे ने शनिवार को 14 ट्रेनों को रद्द कर दिया। अचानक ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल रहा, हालांकि बाद में यात्रियों की भीड़ कम हो गई। उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि यातायात संबंधी एडवाइजरी के अनुसार, सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे तक नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आसपास जाम और भीड़ की आशंका थी। इसके मद्देनजर कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशन से ही रद्द करने का निर्णय लिया गया। रद्द की गई प्रमुख ट्रेनों में मेवाड़ एक्सप्रेस, कोटा जनशताब्दी एक्सप्रेस, महाकौशल एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस, संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, निजामुद्दीन-जबलपुर एक्सप्रेस, निजामुद्दीन-इंदौर एक्सप्रेस और निजामुद्दीन-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस शामिल हैं। आगरा फोर्ट-गाजियाबाद और कोसी कलां-गाजियाबाद ईएमयू ट्रेनें भी रद्द रहीं। अमृतसर जाने वाले यात्री दिनेश ने बताया कि उन्होंने पहले से रिजर्वेशन कराया था, लेकिन ट्रेन रद्द होने की जानकारी मिलने से उनकी यात्रा प्रभावित हुई। इस बीच कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने सरकार पर विरोध की आवाज दबाने का आरोप लगाया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रदीप माथुर ने ट्रेनें रद्द किए जाने को आम जनता के अधिकारों से जुड़ा मामला बताया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन इसके कारण आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने दावा किया कि उन्हें गुरुवार से नजरबंद रखा गया है और शहर से बाहर जाने की अनुमति नहीं है। वहीं, सपा महानगर अध्यक्ष रितु गोयल ने भी नजरबंदी का आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों को अनावश्यक परेशानी हुई है।

सेवा ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कर राजनाथ सिंह ने शुरू की सेवा ज्योति कलश यात्रा

राजनाथ सिंह बोले- राजनीति का उद्देश्य केवल सरकार बनाना नहीं, देश का निर्माण करना होना चाहिएगाजियाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा एवं देशसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को घंटाघर स्थित रामलीला मैदान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेवा ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कर सेवा ज्योति कलश यात्रा का शुभारंभ किया। रामलीला मैदान में हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भी सुना। कार्यक्रम स्थल पर रक्षा मंत्री का विद्यालय की छात्राओं ने बैंड वादन के साथ स्वागत किया। मंच पर अतिथियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद राजनाथ सिंह ने जनसमूह को संबोधित किया। रक्षा मंत्री ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल सरकार बनाना नहीं, बल्कि देश का निर्माण करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी निष्ठा और सेवा भाव के साथ देश की सेवा की है और यह साबित किया है कि राजनीति देश निर्माण का माध्यम भी हो सकती है। राजनाथ सिंह ने कहा कि वह नरेंद्र मोदी को वर्ष 2001 से जानते हैं और उनके अनुसार प्रधानमंत्री ने लगातार देशसेवा को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बात को गंभीरता से सुना जाता है और दुनिया भारत का रुख जानना चाहती है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा, राज्यसभा सदस्य संगीता यादव, राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप, सांसद अतुल गर्ग, महापौर सुनीता दयाल, जिला पंचायत अध्यक्ष ममता त्यागी, विधायक नंदकिशोर गुर्जर, संजीव शर्मा, अजीत पाल त्यागी, डॉ. मंजू सिवाच सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। सेवा ज्योति यात्रा में युवाओं और नागरिकों ने भी सहभागिता की।

चिप क्रान्ति: सुनहरे भविष्य का द्वार

Made in India चिप्स, संभावनाएँ अपार धर्मेन्द्र तिवारी, आईआईएस क्रान्तियाँ अति आवश्यक हैं। इतिहास गवाह है कि विश्व के हर देश को आत्मनिर्भर बनने के लिए अनेकों क्रान्तियों से गुजरना पड़ा है। जिन देशों ने औद्योगिक क्रांति के समय पुरुषार्थ दिखाया, वे आज भी विश्व के राजनीतिक व आर्थिक परिदृश्य में महती भूमिका निभा रहे हैं। भारत की बात करें तो स्वतंत्रता के बाद हरित क्रांति की बदौलत हमने खाद्य सुरक्षा पाई। श्वेत क्रांति न होती तो आज क्या हाल होता? विश्व का कोई भी देश तीव्र गति से तभी अग्रसर होता है जब उसके नागरिकों में उद्यम की भावना हो, क्रांति का ज़ज्बा हो। उद्यमी बाजार समझे, सरकार आधुनिक तकनीक समझे, दोनों वैश्विक बाजार समझें और बाजार के अनुरूप साहस भरे क्रान्तिकारी निर्णय लें। तभी वह देश किसी एक क्षेत्र में अग्रणी गिना जाता है। ऐसी ही एक उद्यम गाथा आज भारत में लिखी जा रही है। नाम है चिप क्रान्ति। GenZ और आने वाली GenAlpha+ पीढ़ियों के लिए यह चिप क्रांति मील का पत्थर साबित होगी। क्योंकि आज भारत वैश्विक चिप बाजार में सिर्फ उपभोक्ता नहीं रहा। AI युग में हम न सिर्फ सटीक तथा अतित्वरित गणना करने वाले आधुनिक सुपरकंप्यूटर बना रहे हैं, बल्कि सस्ती दरों पर Made in India चिप्स भी। ये चिप्स घरेलू खपत और वैश्विक बाजार में बढ़ती माँग को देखते हुए बनाई जा रही हैं। किसी भी मशीन के लिए चिप उसका दिमाग होती है। जहाँ भारतीय उद्यमी दुनिया भर के बाजार को ध्यान में रख सभी जरूरी चिप्स बनाने में जुटे हैं, वहीं सरकार व उसके शोध संस्थान सुपर चिप बनाने में लगे हैं ताकि कम दरों पर अति त्वरित व सटीक गणना करने वाले सुपरकंप्यूटर पूरी तरह देश में ही बन सकें। सितंबर माह की 17 से 19 तारीख के बीच Semicon 2026 प्रदर्शनी में मैंने इस क्रांति के प्रमाण देखे। दिल्ली में लगी इस प्रदर्शनी के कई स्टॉल्स में बेहद सस्ती चिप्स थीं। मैं कई उद्यमियों से मिला। एक भारतीय कंपनी के स्टॉल पर मात्र 100 रुपये की Made in India चिप थी। हमारे घर और दफ्तर को WiFi स्मार्ट बनाने में यह बेहद कारगर है। किसी रिहाइशी सोसाइटी में एक ब्रॉडबैंड कनेक्शन से कई लोगों को WiFi देना हो तो जो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगती है, उसकी यह मदर चिप है। ऐसी चिप्स अब तक हम आयात करते थे। अब भारत में ही कई मदर चिप्स बनने लगी हैं। अहीसा नाम की यह चिप अब कई देशों में निर्यात भी हो रही है। आज के युवा वैज्ञानिकों को नए इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद सोचने व उन्हें मूर्त रूप देने के लिए कई अद्वितीय चिप्स चाहिए। मोबाइल तथा लैपटॉप कुछ ऐसे ही उत्पाद हैं जो मदर चिप्स की बदौलत ही काम करते हैं। सर्किट में जुड़े अन्य पुर्जों की सहायता से हर चिप उपलब्ध विकल्पों के आधार पर कार्य निष्पादन के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेती है। निर्णय लेने का यही गुण किसी भी चिप को उस डिवाइस का समझदार दिमाग बनाता है। इन्सानों के दिए किसी भी काम को आसानी से व तुरन्त करने में यह एक महत्वपूर्ण कड़ी होती है। पिछले कई दशकों तक भारत रोजमर्रा के इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में लगने वाली चिप्स देश में नहीं बनाता था। ये विदेशों से आती थीं। कुछ बहुत जरूरी व शोध से जुड़ी चिप्स ही देश में बनती थीं जो राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरिक्ष उपयोग में काम आती थीं। हम मुख्यतः उपभोक्ता थे। किंतु पिछले दो-तीन दशकों में इलेक्ट्रॉनिक बाजार बदला है। तेजी से हर उत्पाद का इलेक्ट्रॉनिकीकरण हुआ है। कारें व बसें अब सिर्फ गाड़ी नहीं हैं। इसके कई भाग इलेक्ट्रॉनिक हैं। यात्रियों को आरामदायक अनुभव देने के लिए कई डिजिटल सुविधाएँ उपलब्ध हैं। चिप इसी डिजिटल क्रांति की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है जो AI युग में किसी भी उत्पाद को स्मार्ट बनाती है। आज चिप अति सटीक गणना कर कम समय में बड़ा काम समझदारी से कर रही है। AI युग में ये बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि कई जटिल प्रश्नों के उत्तर के लिए इन्हें सटीक व त्वरित दोनों होना होता है। अपने इसी गुण के कारण वैश्विक बाजार में अत्याधुनिक चिप्स की भारी माँग है। मौजूदा AI युग में कोई भी देश नहीं चाहेगा कि रसोई से लेकर सेहत तक, मनोरंजन से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा तक, लगभग सभी क्षेत्रों में प्रयोग हो रही यह चिप वह आयात करे। इसीलिए भारत सरकार ने सेमीकन्डक्टर मिशन चलाया ताकि उद्यमियों को आत्मनिर्भरता की क्रांति करने का मौका मिल सके। परिणाम Semicon 2026 में प्रत्यक्ष दिखे। प्रदर्शनी में देश भर से हजारों युवाओं का पहुँचना एक बेहद सुखद अनुभूति थी। सरकारी उपक्रम भी पीछे नहीं थे। चिप क्रांति के पीछे की उत्कृष्ट शोध करने वाले C-DAC व C-MET के स्टाल आत्मनिर्भरता की क्रान्ति बयां कर रहे थे। अत्याधुनिक सुपरकंप्यूटर परम विद्या प्रदर्शनी में C-DAC के स्टाल में दिखाया गया था। वहाँ वैज्ञानिकों ने भारतीय सर्वर “रुद्र” भी दिखाया और समझाया कि कैसे भारत लगातार सटीक तथा अति त्वरित होती सुपरकम्प्यूटिंग की बदौलत स्वयं को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने के काफी करीब है। ओम नामक माइक्रो प्रोसेसर के बनते ही रुद्र जैसे सर्वर जो देश के शोध छात्रों तक देश-दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थानों की जानकारियाँ पहुँचाते हैं, शत प्रतिशत भारतीय हो जाएंगे। प्रदर्शनी में सूचना प्रौद्योगिकी व इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी अमितेश सिन्हा मिले। उन्होंने बताया कि पिछले करीब पाँच वर्षों में Semiconductor मिशन के तहत काफी काम हुआ है। आज हम एक इन्फ्लेक्शन पॉइंट पर हैं। चिप क्रांति हमारे युवाओं के लिए असीमित द्वार खोलती है। यह सुनहरा अवसर है कि देश के अनेकों क्षेत्रों से विद्वान किसी न किसी तरीके से इस क्रांति से जुड़ें। चिप्स सचमुच जादुई हैं क्योंकि ये मनुष्य के दिमाग से भी तेज गणना करने में सक्षम हैं। इंजीनियरिंग सोच वाले युवा इन सस्ती चिप्स से अनेकों इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बना कर हमारे घर व कार्यालय को स्मार्ट बना रहे हैं। इसी तरह C-MET पर मैंने भारत में पाई जाने वाली क्रांतिक धातु हाफनियम देखी। इसका एक बहुत छोटा सा टुकड़ा कई लाख का था। इलेक्ट्रॉनिक तकनीक में उपयोग होने वाले पदार्थों की शुद्धता बढ़ाने व हाफनियम जैसे अति महत्व के पदार्थों पर C-MET शोध करता है। महानिदेशक आर रतीश ने बताया कि प्रदर्शनी में कई उद्यमियों ने हाफनियम में

नवरात्र के दौरान रामलीला स्थलों एवं मंदिरों के आसपास विशेष स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश

स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने निगम आयुक्त को लिखा पत्र नवरात्र के दौरान मंदिरों के आसपास मांस की दुकानों को अनिवार्य रूप से बंद रखने के निर्देश दिए जाए। नई दिल्ली : स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने नवरात्र के दौरान रामलीला स्थलों एवं मंदिरों के आसपास विशेष स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस संबंध में निगम आयुक्त को पत्र लिखकर, कहा की त्योहारों मेंसभी जोन में विशेष सफ़ाई अभियान चलाए जाए। श्रीमती सत्या शर्मा ने सभी क्षेत्रीय उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार में स्थित रामलीला स्थलों एवं मंदिरों का निरीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करें। रामलीला स्थलों, मंदिरों एवं उनके आसपास नियमित सफाई कराई जाए उन्होंने कार्यक्रम स्थलों पर पर्याप्त संख्या में कूड़ेदान रखने तथा कूड़े-कचरे का नियमित एवं समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि श्रद्धालुओं एवं नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और आयोजन स्थलों के आसपास स्वच्छ वातावरण बना रहे। स्थायी समिति अध्यक्ष ने मच्छरों एवं अन्य कीटों की रोकथाम के लिए रामलीला स्थलों, मंदिरों एवं आसपास के क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार एंटी-लार्वा दवाइयों का छिड़काव एवं फॉगिंग कराने के भी निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने नवरात्र के दौरान मंदिरों के आसपास मांस की दुकानों को अनिवार्य रूप से बंद रखने के निर्देश दिए जाए। श्रीमती सत्या शर्मा ने संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को नवरात्र के दौरान रामलीला आयोजन स्थलों का नियमित निरीक्षण कर सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी करने को कहा है। उन्होंने कहा की किया कि उपरोक्त सभी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि नवरात्र एवं रामलीला आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं और नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश के विकास में सहभागी उद्यमियों का किया सम्मान

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विकास में सहभागी उद्यमियों का मंच पर सम्मान किया। उन्होंने भारत इनोवेट्स में हिस्सा लेने वाले उद्यमियों को सम्मानित किया। उन्होंने स्टार्टअप प्रोत्साहन, इन्क्यूबेटर्स प्रोत्साहन राशि के चेक का वितरण किया। साथ ही इन्क्यूबेटर मान्यता प्रमाण पत्र व यूपी स्टार्टअप फंड समर्थित स्टार्टअप्स का भी सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने किया स्टार्टअप प्रोत्साहन राशि के चेक का वितरणमुख्यमंत्री ने मंच पर 5 स्टार्टअप को प्रोत्साहन राशि के चेक का वितरण किया। उन्होंने सिंह डायनमिक प्रा. लि. की अनुषी वर्मा, डिकोड सॉफ्टवेयर्स प्रा. लि. की रिया कुमारी वंशगोपाल, त्रिशूल स्पेस के दिव्यम, जीनोमिकी सॉल्यूशन प्रा. लि. की डॉ. दीक्षा भारती व पीएचएसआई टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च प्रा. लि. के तुषार राज को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इन्क्यूबेटर्स प्रोत्साहन राशि के चेक का भी किया वितरणसीएम ने इन्क्यूबेटर्स प्रोत्साहन राशि के चेक का भी वितरण किया। इसके अंतर्गत उन्होंने नवयुग नवाचार फाउंडेशन, आईईटी लखनऊ के डॉ. पुष्कर व एनआईईटी के डॉ. संजय कुमार को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने दिया इन्क्यूबेटर मान्यता प्रमाण पत्रमुख्यमंत्री ने इन्क्यूबेटर मान्यता प्रमाण पत्र भी प्रदान किया। उन्होंने मंच पर वीबीएसपीयू इन्क्यूबेशन एंड इनोवेशन जौनपुर के राकेश सिंह/अविनाश, एमएसयू एकेडमिक फाउंडेशन सहारनपुर की डॉ. विमला वाई व अभिनव पुंडीर को सम्मानित किया। सीएम ने यूपी स्टार्टअप फंड (यूपीएसएफ) समर्थित स्टार्टअप्स का किया सम्मानसीएम ने यूपी स्टार्टअप फंड (यूपीएसएफ) समर्थित स्टार्टअप्स का भी सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने मंच पर मैग्नम टेक्नोलॉजी के तरुण सेनानी, अल्फाड्रायड इंडिया के अक्षत राज व गौरव जोशी को सम्मानित किया। सीएम ने ब्रिस्क ओलिफ के सुनील प्रेमजी को लेटर ऑफ इंटेंट प्रदान किया। सीएम ने भारत इनोवेट्स में हिस्सा लेने वाले उद्यमियों को सम्मानित कियासीएम योगी ने मंच पर भारत इनोवेट्स में हिस्सा लेने वाले उद्यमियों को भी सम्मानित किया। उन्होंने अननंत सिस्टम्स, एंड्योर एयरसिस्टम्स, सूयो मैन्युफेक्चरिंग, राफे, वर्वेसमी मिक्स्ड सिग्नल के प्रतिनिधियों को भी मंच पर सम्मानित किया।

यूपी के स्टार्टअप्स को योगी सरकार का भरोसा, फाउंडर्स बोले- बढ़ेगा इनोवेशन का दायरा

ड्रोन से क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन तक, यूपी में नए आइडिया को मिल रहा सरकार का साथ चेक के साथ सीएम योगी का भरोसा, स्टार्टअप फाउंडर्स बोले – यूपी में बढ़ा है अवसर योगी सरकार की नीति से महिला फाउंडर्स को प्रोत्साहन, एडूबुक ने 50 प्रतिशत महिला स्टाफ को दिया मौका लखनऊ, 27 अगस्त। उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार के प्रयासों को उस समय और मजबूती मिली, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्टार्टअप फाउंडर्स और उनकी टीमों से सीधे संवाद कर उन्हें सरकार के हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने 107 स्टार्टअप्स को 3.42 करोड़ रुपये से अधिक और 9 इनक्यूबेटर्स को 1.79 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि के चेक सौंपे। कार्यक्रम में मौजूद कई स्टार्टअप प्रमुखों ने भी सरकार की नीतियों, सहयोग और प्रोत्साहन व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे यूपी के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए अहम कदम बताया। एडूबुक के सह-संस्थापक एवं सीईओ अपूर्व बजाज और सीओओ शिवानी मल्होत्रा ने आयोजन के दौरान योगी सरकार की स्टार्टअप नीति की सराहना की। उन्होंने बताया कि उनका स्टार्टअप साइबर सिक्योरिटी, ब्लॉकचेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स की शिक्षा देता है। इसके साथ ही इस क्षेत्र में बच्चों की बायोडाटा तैयार कराकर देश-विदेश में जॉब मेलों के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। उनके पोर्टल के जरिए छात्रों का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन भी तुरंत हो जाता है, जिसमें पहले आमतौर पर 20 दिन से अधिक समय लगता था। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए योगी सरकार की ओर से 4.50 लाख रुपये का अनुदान मिला है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स की सुविधा के लिए सरकार की ओर से शुरू किया गया ‘वन पोर्टल, वन विंडो’ अच्छा कदम है। इससे उत्तर प्रदेश में उनके जैसे स्टार्टअप्स के लिए काम करना और फंडिंग प्राप्त करना आसान होगा। उन्होंने बताया कि कंपनी में अब तक 80 लाख रुपये तक का निवेश किया जा चुका है। कंपनी में महिलाओं को 50 प्रतिशत रोजगारशिवानी मल्होत्रा ने कहा कि योगी सरकार ने महिला स्टार्टअप फाउंडर्स को भी प्रोत्साहित किया है। इसका सीधा असर प्रदेश में महिलाओं के रोजगार पर पड़ेगा। उनके लखनऊ स्थित कार्यालय में भी 50 प्रतिशत स्टाफ में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। पाइप लाइन से घर-घर तक पानी पहुंचाने का विजनवीडीटी पाइपलाइन के प्रबंध निदेशक भुवनेश शर्मा ने कहा कि उनकी कंपनी उत्तर प्रदेश में तेल, पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने का काम कर रही है। इसके लिए पाइपलाइन व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यूपी स्टार्टअप समिट में आकर वह काफी खुश हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनसे बातचीत की और प्रदेश के घर-घर तक पानी पहुंचाने को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए उनकी टीम पाइपलाइन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर काम करेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री ने जमीन और फंड उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। टीम के अब तक के कार्य के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र भी मिला। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को बीमारू प्रदेश के तौर पर देखा जाता था, लेकिन अब प्रदेश तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। स्टार्टअप इकोसिस्टम का हो रहा विस्तारसीएम योगी ने सिंह डायनेमिक्स प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक डॉ. अनुशी वर्मा और डॉ. हिमांशु सिंह को स्टार्टअप प्रोत्साहन के तौर पर 4.50 लाख रुपये का चेक सौंपा। डॉ. हिमांशु सिंह ने कहा कि उनकी कंपनी सुरक्षा बलों के लिए छोटे हथियार बनाने का काम कर रही है। इस राशि से कारोबार को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश का स्टार्टअप इकोसिस्टम लगातार विकसित होगा और उनकी कंपनी उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास में योगदान दे सकेगी। यूपी में मिलेगा भरपूर सहयोगएंड्योरएयर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ रामा कृष्णा ने बताया कि उनकी कंपनी सुरक्षा बलों के लिए ड्रोन बनाने का काम करती है। इनमें लॉजिस्टिक्स, सर्विलांस और अटैक ड्रोन शामिल हैं। उनकी कंपनी में करीब 150 लोग काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से साफ हो गया है कि उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप्स को पहले से भी ज्यादा सहयोग मिलने वाला है। योगी सरकार की नई स्टार्टअप नीति काफी अच्छी है। इसमें जमीन, सुविधाएं, फंडिंग और पूंजी की जरूरतों का पूरा ध्यान रखा गया है। योगी सरकार का विजन सराहनीयत्रिशूल पल्सेशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक दियांम को स्टार्टअप में प्रोटोटाइप विकास के लिए पांच लाख रुपये का प्रोत्साहन चेक मिला। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन पर काम कर रही है। साथ ही, उनके उत्पाद एक विदेशी कंपनी को भी सप्लाई किए जा रहे हैं। प्रोटोटाइप तैयार करने में योगी सरकार से मिली ग्रांट काफी उपयोगी साबित हुई है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार का विजन और उसके लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। योगी सरकार में पूरा हो रहा सपनाजेनोमिक्स सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड की सह-संस्थापक डॉ. दीक्षा भारतीया को मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप प्रोत्साहन के रूप में 4.50 लाख रुपये का चेक सौंपा। उन्होंने बताया कि वह नवजात शिशुओं में होने वाली दुर्लभ बीमारियों पर काम कर रही हैं। भारत में करोड़ों बच्चे ऐसी बीमारियों से प्रभावित हैं। उनका स्टार्टअप नए इनोवेशन के जरिए जन्म के समय बच्चों की हेल्थ स्क्रीनिंग कर रहा है, जिससे बीमारियों की समय रहते पहचान की जा सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश की कई लैब और अस्पतालों को अपने साथ जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अपने उत्पाद के लिए पेटेंट भी फाइल किया गया है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने इस सपने को पूरा करने के लिए वित्तीय सहायता के साथ अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई हैं। इसका परिणाम है कि उत्तर प्रदेश में नवाचार और स्टार्टअप्स की संख्या लगातार बढ़ रही है।

नेपाल की आपदा में फंसे यूपी के नागरिकों को निकालने के लिए योगी सरकार ने संभाला मोर्चा

सीएम योगी की सक्रियता से राहत-बचाव का कार्य तेजी पर, नेपाल पहुंची एसडीआरएफ, पीएसी मुख्यमंत्री की निगरानी में राहत-बचाव का व्यापक इंतजाम, परिजनों के लिए 1070 हेल्पलाइन 4 रबर बोट के साथ नेपाल भेजी जा रही एल्युमिनियम बोट लखनऊ, 27 अगस्त। नेपाल में बाढ़ व प्राकृतिक आपदा के बीच उत्तर प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने मोर्चा संभाल लिया है। नेपाल में फंसे यूपी के नागरिकों को सुरक्षित निकालने और उन्हें तत्काल राहत पहुंचाने के लिए सरकार ने संसाधनों के साथ राहत-बचाव टीमों को सक्रिय किया है। राहत आयुक्त कार्यालय के कंट्रोल रूम से नेपाल सीमावर्ती जिलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री की निगरानी में राहत-बचाव का व्यापक इंतजाम योगी सरकार ने नेपाल में राहत-बचाव अभियान के लिए एसडीआरएफ की एक प्लाटून भेजी है। इसमें 32 जवान शामिल हैं। इसके अलावा पीएसी की 26वीं बटालियन के 22 जवानों को भी नेपाल भेजा गया है। सरकार ने जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त बल और संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी की है, जिससे प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में किसी तरह की कमी न रहे। 4 रबर बोट के साथ एल्युमिनियम बोट भी भेजी जा रही सीएम योगी के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू अभियान को प्रभावी बनाने के लिए मौके पर चार रबर बोट मौजूद हैं। अतिरिक्त एसडीआरएफ प्लाटून के साथ एल्युमिनियम बोट भी नेपाल भेजी जा रही है। सिंधुरिया क्षेत्र में राहत-बचाव अभियान की तैयारियां की जा रही हैं। सरकार का पूरा फोकस फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित निकालने और जरूरतमंदों तक तत्काल सहायता पहुंचाने पर है। नेपाल की बाढ़ और वहां की स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। नेपाल में फंसे यूपी के नागरिकों के परिजन किसी भी सूचना या सहायता के लिए 1070 पर संपर्क कर सकते हैं।