जब नारीशक्ति स्वस्थ-शिक्षित और समर्थ होती है, तभी राष्ट्र का वर्तमान सुरक्षित और भविष्य उज्ज्वल: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने मां स्कंदमाता को बताया वात्सल्य, ममता और पोषण की अधिष्ठात्री देवी बेटियों की शिक्षा में निवेश उनके आत्मविश्वास और प्रदेश के भविष्य को सशक्त बनाने का जरिया: सीएम 2017 से पहले बेटियों को संबल देने के बजाय अपने राजनीतिक कुनबे को पोषित करने में व्यस्त थीं पूर्ववर्ती सरकारें: मुख्यमंत्री लखनऊ, 15 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जगतजननी मां भगवती के स्कंदमाता स्वरूप को वात्सल्य, ममता और पोषण की अधिष्ठात्री देवी बताया। उन्होंने कहा कि मां स्कंदमाता की आराधना हमें यह पावन संदेश देती है कि जब नारीशक्ति स्वस्थ, शिक्षित और समर्थ होती है, तभी राष्ट्र का वर्तमान सुरक्षित और भविष्य उज्ज्वल होता है। 2017 से पहले सिर्फ उपेक्षा एवं भ्रष्टाचारसीएम ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि वर्ष 2017 से पहले बेटियों को संबल देने के बजाय पूर्ववर्ती सरकारें केवल अपने राजनीतिक कुनबे को पोषित करने में व्यस्त थीं। प्रदेश में माताओं का स्वास्थ्य और बेटियों की शिक्षा घोर उपेक्षा एवं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी। अस्पतालों की बदहाली, दवाओं का अभाव और संस्थागत प्रसव की लचर व्यवस्था के कारण मातृ-शिशु मृत्यु दर चिंताजनक स्थिति में थी। डबल इंजन सरकार ने बनाया समग्र सुरक्षा एवं कल्याण चक्रमुख्यमंत्री ने लिखा कि विगत साढ़े 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदला है। पहले सुविधाओं के अभाव में प्रदेश की लाखों बेटियां पढ़ाई छोड़ने को मजबूर थीं, लेकिन विगत 9.5 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा और सुरक्षित मातृत्व तक समग्र सुरक्षा एवं कल्याण चक्र तैयार किया है। बदले परिदृश्य पर कराया ध्यानाकर्षणमुख्यमंत्री ने 2017 के बाद बदले परिदृश्य पर भी ध्यानाकर्षण कराया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प से प्राथमिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का सैचुरेशन 36 से बढ़कर 96 फीसदी से अधिक हो गया है। स्कूल ड्रॉपआउट रेट 20 से घटकर 3 प्रतिशत से भी कम रह गया है। अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से श्रमिक व वंचित वर्ग की बेटियों को आधुनिक, विश्वस्तरीय आवासीय शिक्षा मिल रही है। कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में कक्षा 12 तक पढ़ाई की सुविधा के विस्तार से बेटियों को अपनी शिक्षा पूरी करने के अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की शिक्षा में निवेश, उनके आत्मविश्वास और प्रदेश के भविष्य को सशक्त बनाने का निवेश है।

माफिया की जगह सिर्फ मिट्टी, कब्जाई जमीन पर गरीबों की बनेंगी हवेलियां: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

वाराणसी में विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी के 76 दिवसीय वार्ड प्रवास अभियान के समापन एवं स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित स्वच्छता कर्मियों का पैसा काटने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, न्यूनतम 16 हजार रुपये मानदेय की व्यवस्था वाराणसी, 15 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माफिया की जगह सिर्फ मिट्टी में है। जिन जमीनों पर कभी माफिया का कब्जा था, वहां अब गरीबों की हवेलियां बनेंगी। प्रयागराज में माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों, वंचितों और दलितों के लिए बहुमंजिला आवासीय इमारतों के निर्माण का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘अब माफिया नहीं, माफिया की जगह मिट्टी में है, अब गरीबों के लिए बड़ी-बड़ी हवेलियां बनेंगी।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार गरीबों के हितों के संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने स्वच्छता कर्मियों के मानदेय में कटौती करने वालों को भी चेताया। कहा कि उत्तर प्रदेश में तय कर दिया गया है कि कोई भी व्यक्ति स्वच्छता कर्मियों का पैसा काटेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री योगी गुरुवार को वाराणसी दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी के 76 दिवसीय वार्ड प्रवास अभियान के समापन एवं स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अभियान के चौथे संस्करण की सराहना करते हुए इसे अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणादायक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता के बीच रहकर उसकी समस्याओं का समाधान करें, सरकारी निर्माण कार्यों का संरक्षण सुनिश्चित करें और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दस स्वच्छता कर्मियों को अंगवस्त्र पहनाकर और बैग भेंटकर सम्मानित किया। परिवार को ही प्रदेश मानने वालों की दुर्गति तयमुख्यमंत्री योगी ने जनप्रतिनिधियों की सक्रियता का उल्लेख करते हुए परिवारवाद पर तंज कसा। उनका इशारा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की तरफ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि ही दोपहर 12 बजे सोकर उठेगा, नेतृत्व देने वाला भी 12 बजे सोकर उठेगा, अपने परिवार के बीच मस्त रहेगा और परिवार को ही समाज व प्रदेश मानने की भूल करेगा तो दुर्गति होनी ही है। उन्होंने कहा कि जो समाज, प्रदेश और देश को अपना परिवार मानते हैं, वही परिवर्तन ला सकते हैं। मुख्यमंत्री ने उन जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधा, जो एक बार चुने जाने के बाद लखनऊ में पड़े रहते हैं और दोबारा अपने क्षेत्र में झांकने नहीं पहुंचते। स्वच्छता कर्मियों का मानदेय काटा तो होगी कड़ी कार्रवाईमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले स्वच्छता कर्मियों से काम लेने के बाद उनकी मजदूरी और मानदेय में कटौती कर दी जाती थी। कई बार पूरा पैसा भी नहीं दिया जाता था। अब ऐसी मनमानी नहीं चलेगी। सरकार ने मानदेय में कटौती पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स कॉरपोरेशन के माध्यम से कर्मियों को न्यूनतम 16 हजार रुपये मानदेय देने की व्यवस्था की गई है। उन्हें ईएसआई के तहत अस्पतालों में उपचार, सुरक्षा बीमा और पीएफ का लाभ भी मिलेगा। दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को आर्थिक सहायता मिल सकेगी। पीएफ की व्यवस्था से सेवानिवृत्ति के बाद कर्मियों के पास अपनी पूंजी होगी और उन्हें दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। स्वच्छता मित्र नींव के पत्थर, उन्हीं पर टिकी भव्य व्यवस्थामुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्वच्छता कर्मी तब सड़कों और मोहल्लों की सफाई करते हैं, जब अधिकांश लोग सो रहे होते हैं। सर्दी, गर्मी, बरसात, आंधी और त्योहारों में भी वे पहले दूसरों के लिए स्वच्छ वातावरण तैयार करते हैं। प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन के बावजूद स्वच्छता की प्रशंसा हुई। इसके पीछे स्वच्छता कर्मियों का परिश्रम था। उन्होंने कहा कि नींव का पत्थर दिखाई नहीं देता, लेकिन पूरी भव्य इमारत उसी पर खड़ी होती है। स्वच्छता कर्मियों का योगदान भी ऐसा ही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह नगर निगमों के कार्यक्रमों में स्वच्छता मित्रों का सम्मान कराने पर विशेष जोर देते हैं। 403 विधानसभा क्षेत्रों में चले ऐसा अभियानमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि डॉ. नीलकंठ तिवारी का 76 दिवसीय वार्ड प्रवास अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा है। प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर जनप्रतिनिधि इसी जागरूकता के साथ कार्य करें तो जनता के मन में नकारात्मकता पैदा नहीं होगी। लोकप्रिय जनप्रतिनिधि वही है, जिसकी पहुंच हर घर तक हो। शासन की योजनाएं उपलब्ध हैं, लेकिन कई पात्र लोगों को उनकी जानकारी तक नहीं होती। ऐसे में जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि शिविर लगवाकर वृद्धों, निराश्रित महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड और अन्य योजनाओं का लाभ दिलाएं। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान गाली-गलौज या मारपीट से नहीं, संवाद से निकलता है। प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर जनहित के काम कराए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बदली काशी की तस्वीरमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले काशी की गलियों में गंदगी, सड़कों पर जाम और बिजली का संकट आम बात थी। निराश्रित गोवंश सड़कों पर घूमते थे। भू-माफिया गरीबों और व्यापारियों की जमीन-मकान पर कब्जा कर भय का वातावरण बनाते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी का कायाकल्प हुआ है। अब यह अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए नई आभा के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य सरकार करा सकती है, लेकिन उनके संरक्षण की जिम्मेदारी जागरूक समाज की है। समय पर सफाई और मरम्मत से सार्वजनिक सुविधाओं की उपयोगिता बढ़ती है। 76 दिनों में 24 वार्डों तक पहुंचा अभियानविधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बताया कि लगातार चौथे वर्ष आयोजित वार्ड प्रवास अभियान में दक्षिणी विधानसभा के सभी 24 वार्ड शामिल किए गए। 19 जुलाई से दो अक्टूबर तक चले अभियान में प्रत्येक वार्ड में तीन से चार दिन प्रवास किया गया। इस दौरान 11 रविवार को जनकल्याण शिविर लगाए गए। अभियान में 800 से अधिक पौधे रोपे गए। करीब दो हजार लोगों की निशुल्क जांच कर चश्मे वितरित किए गए। पीएम स्वनिधि और पीएम विश्वकर्मा सहित विभिन्न योजनाओं से लाभार्थियों को जोड़ा गया। पेयजल, सीवर और सफाई संबंधी समस्याओं के समाधान की भी पहल हुई। दस स्वच्छता मित्रों को किया सम्मानितमुख्यमंत्री योगी ने समारोह में वसीम, रोहित रावत, राजकुमार, पुनवासी, आशुतोष, दिनेश, सुनील, रेखा, अल्पना और चिंता देवी को अंगवस्त्र पहनाकर तथा बैग भेंटकर

जनसमस्याओं के समाधान के रास्ते का बैरियर है सपा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मीरजापुर में शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी ने भरी हुंकार, भाजपा प्रत्याशियों के लिए मांगा समर्थन मीरजापुर, 15 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी को विकास और जनसमस्याओं के समाधान के रास्ते का बैरियर करार दिया। उन्होंने कहा कि अच्छा जनप्रतिनिधि चुनने से आधी से अधिक समस्याओं के समाधान का रास्ता खुल जाता है, जबकि गलत प्रतिनिधि चुनने से समाधान के मार्ग में बाधा खड़ी हो जाती है। समाजवादी पार्टी ऐसा ही बैरियर है। सपा ने मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर, विश्वविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों, पुलों और घाटों के निर्माण में रोड़े अटकाए। इनका काम ही विकास में बाधा डालना है। ऐसे लोगों को बैरियर ही बने रहने दीजिए, चुनकर मत भेजिए। इनके बैरियर को एक झटके में उखाड़कर बाहर कर देंगे। मुख्यमंत्री योगी मीरजापुर में वाराणसी खंड शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिक्षक सीट से भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद मिश्रा और स्नातक सीट से केदारनाथ सिंह के समर्थन में आयोजित सम्मेलन में कहा कि दोनों प्रत्याशी पिछला चुनाव नहीं जीतने के बावजूद शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं को लेकर लगातार उनके पास आते रहे। उन्होंने 23 अक्टूबर को सुबह आठ से शाम चार बजे तक होने वाले मतदान में भागीदारी का आह्वान किया। कहा कि इनके माध्यम से आने वाली शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं के समाधान का रास्ता सरकार निकालेगी। पीडीए का नारा, टिकट परिवार और धन्ना सेठ कोमुख्यमंत्री योगी ने सपा के पीडीए के नारे पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव में इसका वास्तविक चेहरा सामने आ गया। दो प्रत्याशी बनाने थे तो एक टिकट अपने चाचा को और दूसरा मुंबई के धन्ना सेठ को दे दिया। न दलित को टिकट दिया, न पिछड़े को और न ही मुसलमान को। दूसरी ओर भाजपा ने आठ टिकटों में तीन सामान्य वर्ग, तीन पिछड़े वर्ग और दो अनुसूचित जाति को दिए। सभी आठ प्रत्याशी जीते। सपा ने परिवार और धन्ना सेठ को प्राथमिकता दी तो पीडीए की हवा निकल गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने खुद को नेहरू परिवार और सपा ने सैफई परिवार तक सीमित रखा। दोनों ने प्रदेश को बेगाना बनाया तो जनता ने भी इन्हें बेगाना बना दिया। माफिया के सामने नाक रगड़ने वाले दे रहे उपदेशमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जिन लोगों ने प्रदेश के सामने पहचान का संकट खड़ा किया, जो माफिया के सामने गिड़गिड़ाते, घुटने टेकते और नाक रगड़ते थे, वे आज कानून-व्यवस्था पर उपदेश दे रहे हैं। सपा शासन में न सड़क थी, न बिजली, न पानी और न शिक्षा की समुचित व्यवस्था। नवरात्र में दुर्गा प्रतिमा स्थापित करने के लिए भी श्रद्धालुओं को मशक्कत करनी पड़ती थी। मंदिरों में गंदगी और अव्यवस्था रहती थी। आज सरकार जनता के साथ खड़ी है। सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रत्येक ब्लॉक में शिविर लगाकर पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ा गया। सैफई सिंडिकेट के कब्जे से मुक्त हुई नौकरियांमुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि सपा शासन में नौकरियों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था। जिसे सिंडिकेट चाहता था, उसी को नौकरी मिलती थी। तत्कालीन आयोग अध्यक्ष अनिल यादव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अयोग्य व्यक्ति को अध्यक्ष बनाया गया, जिसे हाई कोर्ट ने पद से हटाया। नौजवान सड़कों पर आंदोलन करते थे और अखिलेश सरकार उनकी आवाज अनसुनी करती थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। 65 लाख लोगों को रोजगार मिला और एक जिला एक उत्पाद योजना से तीन करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर विकसित हुए। अब युवा स्टार्टअप के माध्यम से नौकरी देने वाला भी बन रहा है। चुनाव के बाद फिर शुरू होगा टैबलेट वितरणमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विधान परिषद चुनाव संपन्न होने के बाद बड़े कार्यक्रम आयोजित कर स्नातक युवाओं को फिर टैबलेट वितरित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य दो करोड़ युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराना है। अब तक 62 लाख युवाओं को टैबलेट दिए जा चुके हैं। डिजिटल अभियान को और तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत नीट, आईआईटी-जेईई, यूपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी कराई जा रही है। युवा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से इसका लाभ उठा सकते हैं। 15 लाख शिक्षकों को स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षामुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले शिक्षकों को न सम्मान मिलता था, न स्वास्थ्य सुविधाएं। अब बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा और स्ववित्तपोषित संस्थानों के 15 लाख शिक्षकों को परिवार सहित प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर दिया गया है। दुर्घटना की स्थिति में 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक सामाजिक सुरक्षा की गारंटी है। प्रोजेक्ट अलंकार से माध्यमिक विद्यालयों में नए भवन, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस और सपा को शिक्षा विरोधी बताते हुए कहा कि इनके शासन में शिक्षण संस्थानों की उपेक्षा हुई और युवाओं को पलायन करना पड़ा। तीन जिलों में न मेडिकल कॉलेज था, न विश्वविद्यालयमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सपा को चार बार प्रदेश में सरकार चलाने का अवसर मिला, लेकिन विकास उसके एजेंडे में नहीं था। वर्ष 2017 से पहले मीरजापुर मंडल के तीनों जिलों में न मेडिकल कॉलेज था, न विश्वविद्यालय। अब मीरजापुर और सोनभद्र में मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय और भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय प्रारंभ हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आस्था के केंद्र आर्थिक समृद्धि का माध्यम बन रहे हैं। प्रयागराज महाकुंभ, काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या इसके उदाहरण हैं। राम मंदिर का विरोध करने वाले आज अयोध्या पर उपदेश दे रहे हैं। पहले जमीनों पर कब्जे में होता था धन का दुरुपयोगमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर और त्रिकोण क्षेत्र के विकास से श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिली हैं। प्रतिदिन दो लाख श्रद्धालु दर्शन कर पा रहे हैं। गंगा के पक्के घाट बनने से दुर्घटनाओं की समस्या दूर हुई है। पहले विकास की यही धनराशि गरीबों की जमीनों पर कब्जे के लिए दुरुपयोग की जाती थी। उन्होंने नवरात्र की पंचमी पर मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए और विकास कार्यों तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं की समीक्षा भी की। नंदी बोले- माफिया की जगह उत्पाद से पहचानकैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि

राहुल गांधी नोट कर लें, सिर्फ नेहरू ही नहीं, मसुरियादीन पासी भी गए थे जेलः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, संविधान सभा के सदस्य व पूर्व सांसद मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का किया अनावरण सीएम ने कहा, अब मसुरियादीन जी के नाम पर होगा चौराहा, सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं प्रयागराज, 15 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को तेलियरगंज चौराहे पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, ब्रिटिश जरायम पेशा कानून को समाप्त कराने वाले संविधान सभा के सदस्य एवं पूर्व सांसद महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी नोट कर लें कि देश की आजादी के लिए केवल नेहरू जी ही नहीं, बल्कि मसुरियादीन जी भी जेल गए थे। इनकी आयु 66-67 वर्ष रही, जिसमें 9 वर्ष (1932-1944) वह आजादी की अलख जगाने के लिए जेल में रहे। रिहा होने पर भी वह जन-जागरण करते रहे थे। अब मसुरियादीन जी के नाम पर होगा चौराहासीएम ने महापौर से प्रस्ताव मांगा और कहा कि जहां मसुरियादीन जी की प्रतिमा लगी है, वह चौराहा उनके नाम पर बनेगा। प्रयागराज की किसी एक अच्छी संस्था का नाम भी महाशय मसुरियादीन के नाम पर किया जाएगा। वहां भी उनकी भव्य प्रतिमा लगेगी, क्योंकि महापुरुषों को सम्मान देकर ही समाज आगे बढ़ सकता है। भूत को सम्मान देकर वर्तमान संवर सकता है और वर्तमान के संवरने से ही भविष्य उज्ज्वल होगा। महाशय का सम्मान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान है, इसमें कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। महापुरुषों को विस्मृत नहीं करती भाजपा सरकारसीएम योगी ने कहा कि 2 अक्टूबर 1911 को महाशय मसुरियादीन पासी का भी जन्म हुआ था। इतिहास के कालचक्र ने इन्हें विस्मृत कर दिया था, लेकिन विकास व विरासत पर विश्वास करने वाली भाजपा सरकार महापुरुषों को विस्मृत नहीं करती। हमने उनकी स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए प्रतिमा का अनावरण किया है। पं. नेहरू व मसुरियादीन जी साथ चुनकर गए थे संसदसीएम ने बताया कि मसुरियादीन जी 1946 में यूपी विधानसभा के सदस्य बने, फिर स्वतंत्र भारत में 1952 से 1972 तक चार बार चुनकर संसद गए। 1952 में जब एक सीट पर दो सांसद चुने जाते थे तो पं. नेहरू व मसुरियादीन जी एक साथ चुनकर गए थे। उन्होंने काले कानून के खिलाफ 1952 में ही आवाज उठाई थी। 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर में मुंह की खाने के बाद अंग्रेजों ने 1871 में जरायम पेशा कानून बनाकर पासी समेत तमाम जातियों को अपमानित किया था। बाबा साहेब व मसुरियादीन जी ने उस कानून के खिलाफ लड़ाई लड़ी और अंततः उसे समाप्त कर पासी, सोनकर, वंचित, दलित समाज को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़कर सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। पासी समाज के शौर्य व पराक्रम की गाथामुख्यमंत्री ने कहा कि पासी समाज के शौर्य व पराक्रम की गाथा को हर कोई जानता है। महाराजा बिजली पासी ने 12वीं सदी में लखनऊ व आसपास के क्षेत्र में 12 किले बनाए थे। विदेशी आक्रांताओं से लड़ने के लिए इसे रणनीति का हिस्सा बनाया था। वीर मक्का पासी आजादी की लड़ाई लड़ते वीरगति को प्राप्त हुए तो उनकी पत्नी वीरांगना ऊदा देवी ने मोर्चा संभालते हुए अंग्रेजों के छुक्के छुड़ाए। अंततः उनका भी बलिदान हो गया। सम्मान किसी परिवार की बपौती नहींसीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने लखनऊ स्थित महाराजा बिजली पासी के किले का पुनरुद्धार किया। डबल इंजन सरकार लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी के नाम पर पीएसी बटालियन गठित कर रही है। वहां भी उनकी अश्वारोही भव्य प्रतिमा लगाई जा रही है। सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं है। जिन्होंने दलितों, वंचितों की आवाज को आगे बढ़ाया और देश-समाज के लिए जीवन समर्पित किया, उन्हें सम्मान मिलना चाहिए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, नंदगोपाल गुप्ता ‘नंदी’, महापौर उमेश चंद्र ‘गणेश केसरवानी’, फूलपुर सांसद प्रवीण पटेल, विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी, पीयूष रंजन निषाद, वाचस्पति पासी, दीपक पटेल, गुरु प्रसाद मौर्या, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, सुरेंद्र चौधरी, मसुरियादीन जी की पुत्री कमला कुमारी, पौत्र सचिन कुमार आदि मौजूद रहे।

मां काली के दरबार में प्रतिदिन हो रही महाआरती, उमड़ रहे श्रद्धालु

दाउदनगर (औरंगाबाद) दाउदनगर-पटना रोड स्थित राष्ट्रीय स्कूल खेल मैदान में मां काली नवयुवक संघ द्वारा निर्मित भव्य पूजा पंडाल में प्रतिदिन महाआरती का आयोजन किया जा रहा है। बुधवार की रात भी मां काली की भव्य महाआरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त एवं श्रद्धालु शामिल हुए।आयोजकों ने बताया कि प्रतिदिन महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। पूजा समिति की ओर से प्रत्येक दिन अलग-अलग अतिथियों को आमंत्रित किया जा रहा है, जिससे धार्मिक आयोजन की रौनक और बढ़ रही है।उल्लेखनीय है कि मां काली नवयुवक संघ द्वारा जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर भव्य एवं आकर्षक पूजा पंडाल का निर्माण कराया गया है। यहां मां काली की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है। पूजा समिति की ओर से पंडाल के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी आकर्षक सजावट की गई है।एनएच-139 स्थित औरंगाबाद-पटना मुख्य मार्ग से लेकर भखरुआं बाजार रोड पर नहर पुल के बगल से नहर रोड होते हुए पूजा स्थल तक भव्य सजावट की गई है। पूरे मार्ग पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की गई है, जिससे शाम होते ही पूरा इलाका रोशनी से जगमगा उठता है।मां काली के दर्शन, महाआरती और आकर्षक पंडाल को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंच रही है। धार्मिक आयोजन को लेकर क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।

ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह द्वारा विभागीय योजनाओं की समीक्षा की गई

निर्माण कार्यों में प्रगति एवं भावी कार्ययोजना पर हुई चर्चा औरंगाबाद : गुरुवार को ग्रामीण कार्य विभाग,बिहार सरकार के सचिव अभय कुमार सिंह की अध्यक्षता में स्थानीय सर्किट हाउस में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा उपस्थित थी,साथ ही ग्रामीण कार्य विभाग के सभी संबंधित कार्यपालक अभियंता,सहायक अभियंता एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में औरंगाबाद जिले में ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। सचिव द्वारा योजनावार कार्यों की प्रगति वर्तमान स्थिति तथा कार्यान्वयन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर संबंधित पदाधिकारियों से जानकारी प्राप्त की गई, साथ ही, योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं एवं उनके निराकरण के उपायों पर भी चर्चा की गई।इसके अलावे जिले में ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत भविष्य में प्रस्तावित कार्यों एवं विकास की संभावनाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक में जिले की आवश्यकताओं के अनुरूप ग्रामीण सड़क संपर्कता को सुदृढ़ करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के विकास से संबंधित भावी कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।सचिव ने विभागीय योजनाओं की प्रभावी निगरानी,कार्यों के समयबद्ध निष्पादन तथा संबंधित पदाधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय के महत्व पर बल दिया। बैठक का उद्देश्य जिले में ग्रामीण कार्य विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा एवं आधारभूत संरचना को और अधिक सुदृढ़ करना रहा।

रामलीला में विवाह गीत से गूंजा मंडप

हसपुरा(औरंगाबाद):हसपुरा के प्राचीन दुर्गा मंदिर परिसर में रामलीला को लेकर प्रतिदिन पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।रामलीला के चौथे दिन बुधवार की रात श्रीराम और माता-सीता के विवाह प्रसंग का मंचन देख दर्शक भाव विभोर हो उठे। इस मौके पर मुख्य संरक्षक डॉ.संजय प्रसाद,कमिटी के अध्यक्ष अनिल आर्य,सांस्कृतिक प्रकोष्ठ प्रभारी सुरेश आर्य,कोषाध्यक्ष बैजू प्रसाद ने कहा कि समाज को नई दिशा देने के लिए रामलीला जैसे धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन जरूरी है।मौके पर समिति द्वारा अतिथियों को अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया।राम-सीता विवाह के मंचन में ग्रामीणों की सक्रियता ने आयोजन को रोचक बना दिया।विवाह की रस्मों में महिला-पुरुषों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।महिलाएं द्वारा मांगलिक गीतो से पूरा परिसर गूंज उठा।रामलीला के माहौल ने हसपुरा बाजार को राजा जनक की नगरी जनकपुर में तब्दील कर दिया।रामजी की बारात,द्वार पूजा, लक्ष्मण-परशुराम संवाद और विवाह की विभिन्न रस्मों का आकर्षक मंचन किया गया। महिलाओं ने पारंपरिक विवाह गीत प्रस्तुत किया। रस्मों में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।इससे कलाकारों और दर्शकों के बीच की दूरी मिट गई। पूरा आयोजन वास्तविक विवाह समारोह जैसा प्रतीत होने लगा।डॉ.अरविंद कुमार,अशोक ज्वाला, रोहित कुमार,प्रकाश कुमार, रंकज कुमार उपस्थित थे।

जिलाधिकारी ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल अस्पताल का किया निरीक्षण

औरंगाबाद: गुरुवार को जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने सदर अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल अस्पताल भवन का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया तथा संबंधित विभागीय पदाधिकारियों,बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड(बी.एम.सी.एल.) के अभियंताओं एवं संवेदक के प्रतिनिधि को आवश्यक निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि निर्माणाधीन एम.सी.एच.अस्पताल का कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करते हुए दिसंबर 2026 तक इसे हैंडओवर करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को आपसी समन्वय स्थापित कर शेष कार्यों को तेजी से पूरा करने तथा गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया।जिलाधिकारी द्वारा सदर अस्पताल परिसर में सात निश्चय योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन जीएनएम एवं पैरामेडिकल संस्थान का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की तथा संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्यकारी एजेंसी को शेष कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया,साथ ही, कार्य में आ रही बाधाओं के निराकरण के लिए संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं चिकित्सा शिक्षा से संबंधित आधारभूत संरचनाओं का समयबद्ध निर्माण जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप पूर्ण हों,जिससे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ चिकित्सा एवं पैरामेडिकल प्रशिक्षण की व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जा सके।निरीक्षण के क्रम में सिविल सर्जन,औरंगाबाद डॉ कृष्ण कुमार एवं डीपीएम स्वास्थ्य उपस्थित थे।

एकबार फिर विद्यार्थी अध्यक्ष एवं संजय सचिव निर्वाचित हुए

लालमोहन सिंह बने उपाध्यक्ष औरंगाबाद: गुरुवार को स्थानीय अधिवक्ता संघ भवन में अधिवक्ता संघ की कार्यसमिति का दोवर्षीय चुनाव चुनाव समिति के अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह के निर्देशन में सम्पन्न हुआ।चुनाव पश्चात आज ही चुनाव परिणाम घोषित किया गया,जिसमें तीन पदों के लिए हुए चुनाव में कुल 56 मतदाताओं में से 55 मतदाताओं ने मतदान में भाग लिया।चुनाव समिति के अध्यक्ष अजित कुमार सिंह ने बताया कि अध्यक्ष पद पर पूर्व सचिव सिद्धेश्वर विद्यार्थी को 30 वोट मिले और सुरेंद्र प्रसाद मेहता को 25 वोट मिले इस तरह से पांच वोट से सिद्धेश्वर विधार्थी विजयी घोषित हुए।वही सचिव पद पर हुये चुनाव में पूर्व अध्यक्ष संजय कुमार सिंह को 28 वोट मिले और कृष्ण प्रताप सिंह को 27 वोट मिले ।इस तरह से कांटे के टक्कर में संजय कुमार सिंह सचिव के रूप में निर्वाचित घोषित हुए ।इसी तरह उपाध्यक्ष पद पर हुए चुनाव में लाल मोहन सिंह को 38 वोट और मधुरेन्द्र कुमार सिंह को 17 वोट मिले इस तरह से लाल मोहन सिंह विजयी घोषित हुए, चुनाव समिति के सहायक सदस्य द्रेवेन्द्र कुमार सिंह,इबरार अहमद,राणा शिवम् ने बताया कि पिछले पन्द्रह साल में पहली बार चुनाव द्वारा कार्यसमिति का चुनाव हुआ और वह बहुत शान्ति पूर्ण रहा।आपको मालूम कि कोषाध्यक्ष पद पर सत्येन्द्र कुमार सिन्हा, संयुक्त सचिव पद पर गिरजेश नारायण सिंह और कार्यकारणी सदस्य पद पर पंकज कुमार पांडेय निर्विरोध निर्वाचित घोषित किये गये है अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि सिध्देश्वर विधार्थी ने अध्यक्ष बनने पर अधिवक्ता संघ के तमाम सदस्यों के शान्तिपूर्ण मतदान पर और चुनाव समिति के द्वारा निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने पर आभार व्यक्त किया है और कहा है कि अधिवक्ता संघ काफी मजबूत संघ है और इसे मॉडल संघ बनाने के लिए प्रयासरत रहेंगे।महासचिव निर्वाचित होने पर पूर्व अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने इसे अधिवक्ता संघ के अधिवक्ताओ के जीत बताया और कहा कि अधिवक्ता संघ के विकास और अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए यथासंभव कदम उठाएंगे।जिला विधिक संघ,औरंगाबाद के अध्यक्ष विजय कुमार पाण्डेय, महासचिव जगनरायण सिंह,लोक अभियोजक अजय कुमार संतोष, पूर्व लोक अभियोजक पुष्कर अग्रवाल, प्रमोद कुमार सिंह और जीपी वृजा प्रसाद,स्पेशल पीपी शक्ति कुमार, अधिवक्ता संघ के प्रभात कुमार सिंह, जयकृष्ण सिंह, मातादीन पटनीया, शहदेव मंडल,रामाश्रय सिंह,सत्येन्द्र सिंह,यशवंत कुमार सिंह,युवा अधिवक्ता मनीष कुमार सिंह,सुमन सौरभ,अजीत कुमार,प्रवीण कुमार पाण्डेय,विकास राज और रंजीत कुमार सहित अन्य ने बधाई देते हुए शुभकामनाएं प्रकट किया है

जिला स्तरीय रबी प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई

महिला किसान दिवस-2026 का जिला पदाधिकारी ने किया शुभारंभ औरंगाबाद: गुरुवार को स्थानीय नगर भवन में जिला स्तरीय वासंतिक (रबी) प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला एवं महिला किसान दिवस-2026 का शुभारंभ जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।दीप प्रज्वलित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को रबी मौसम में संचालित कृषि योजनाओं, उन्नत कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती तथा कृषि उत्पादन एवं किसानों की आय में वृद्धि के उपायों से अवगत कराना है।इस अवसर पर जिलधिकारी द्वारा प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली तीन महिला कृषकों को सम्मानित किया गया साथ ही जिले में नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण हुई फसल क्षति के आलोक में कुल 4,011 कृषकों के बीच 1 करोड़ 92 लाख रुपए की कृषि इनपुट अनुदान राशि अंतरित किए जाने की जानकारी दी गई। फसल क्षति के आकलन एवं अनुदान वितरण कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच प्रखंडों के प्रखंड कृषि पदाधिकारियों, कृषि समन्वयकों एवं अन्य संबंधित कर्मियों को भी सम्मानित किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने उपस्थित सभी कृषकों,महिला कृषकों, कृषि विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कृषि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। कृषि क्षेत्र के समग्र विकास, उत्पादन में वृद्धि तथा किसानों की आय में सुधार के लिए वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, आधुनिक तकनीकों एवं विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।उन्होंने कहा कि कृषि का विकास केवल फसल उत्पादन तक सीमित नहीं है,बल्कि पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य कृषि आधारित गतिविधियां भी किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कृषि विभाग एवं इससे संबंधित विभिन्न शाखाओं द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाकर कृषि को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है।जिला कृषि पदाधिकारी ने बेबी कॉर्न एवं स्वीट कॉर्न की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए जिले को प्राप्त लक्ष्य के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक फसलों की खेती को बढ़ावा देने से किसानों को कृषि उत्पादन एवं आय में वृद्धि के अतिरिक्त अवसर प्राप्त हो सकते हैं।कार्यक्रम में बिहार कृषि ऐप के संबंध में जानकारी देते हुए जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि औरंगाबाद जिले में अब तक लगभग 42,000 किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जिले के अधिकाधिक किसानों को इस ऐप से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं, सुविधाओं एवं आवश्यक सूचनाओं की जानकारी एक ही डिजिटल माध्यम से प्राप्त हो सके।इस अवसर पर अनुमंडल कृषि पदाधिकारी,सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी,प्रखंड कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार,कृषि विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी तथा बड़ी संख्या में कृषक एवं महिला कृषक उपस्थित रहे।