हंसराज कॉलेज में 16-17 अक्टूबर को सजेगी गरबा और डांडिया की महफिल
दिल्ली गरबा महोत्सव में गायक रवीन्द्र उपाध्याय की प्रस्तुति होगी खास आकर्षण नई दिल्ली। नवरात्रि के अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज में 16 और 17 अक्टूबर को ‘दिल्ली गरबा महोत्सव 2026’ का आयोजन किया जाएगा। नित्य अनुभूति मीडिया एंड एंटरटेनमेंट प्रा. लि. की ओर से दिल्ली टूरिज्म के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव में गरबा, डांडिया, संगीत और लजीज व्यंजनों का संगम देखने को मिलेगा। कार्यक्रम शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक चलेगा। महोत्सव का प्रमुख आकर्षण बॉलीवुड फिल्मों में पार्श्व गायन कर चुके गायक रवीन्द्र उपाध्याय की संगीतमय प्रस्तुति होगी। इसके अलावा, डीजे गुजराती लोकसंगीत, पारंपरिक गरबा धुनों और इंडी म्यूजिक के मिश्रण से दर्शकों को झूमने पर मजबूर करेंगे। आयोजन में विशेष फूड कोर्ट भी लगाया जाएगा, जहां भारतीय और कॉन्टिनेंटल व्यंजनों का स्वाद लिया जा सकेगा। आयोजकों के अनुसार, महोत्सव का उद्देश्य नवरात्रि की आध्यात्मिक भावना और भारतीय लोकसंस्कृति को बढ़ावा देना तथा युवाओं और परिवारों को पारंपरिक उत्सव से जोड़ना है।
राहुल सिंह बने राष्ट्रीय लोक मोर्चा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
उपेंद्र कुशवाहा ने मिठाई खिलाकर दी बधाई, कहा—युवा संगठन की रीढ़ और नई ऊर्जा के स्रोत हैं नई दिल्ली। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने राहुल सिंह को पार्टी के युवा मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बी.एस. सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने नियुक्ति पत्र जारी किया। इस अवसर पर उपेंद्र कुशवाहा ने राहुल सिंह को मिठाई खिलाकर नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि युवा किसी भी राजनीतिक दल की रीढ़ होते हैं और संगठन में नई ऊर्जा का संचार करते हैं। युवाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने राहुल सिंह पर विश्वास जताते हुए कहा कि वे युवाओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने और बिहार सहित देश के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए काम करें। छात्र राजनीति से राष्ट्रीय नेतृत्व तक का सफर राहुल सिंह छात्र राजनीति से जुड़े रहे हैं और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के छात्र मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। वे विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। उनके संगठनात्मक अनुभव, युवाओं के बीच सक्रियता और जनसंपर्क को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सिंह ने उपेंद्र कुशवाहा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पद उनके लिए युवाओं के विश्वास, अधिकारों और आकांक्षाओं से जुड़ा दायित्व है। उन्होंने युवा मोर्चा को सक्रिय और मजबूत संगठन बनाने तथा युवाओं को नेतृत्व, जनसेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का संकल्प जताया। छपरा और सारण में खुशी की लहर राहुल सिंह की नियुक्ति से उनके गृह क्षेत्र छपरा और सारण जिले में समर्थकों के बीच उत्साह है। एडवोकेट विकास सिंह, अरुण यादव, आकाश सिंह, सुमित कुशवाहा, मुकेश सिंह और जिलाध्यक्ष अशोक कुशवाहा ने उन्हें बधाई दी। भाजपा नेता राकेश सिंह ने भी इस नियुक्ति को जिले के लिए गौरव का विषय बताया। राहुल सिंह ने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है और युवाओं के सम्मान, अधिकारों तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी निष्ठा से काम करना उनकी प्राथमिकता होगी।
रील के लाइक्स नहीं, रियल लाइफ में आगे बढ़ने का रास्ता दिखाती हैं किताबें : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द की आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के हिंदी संस्करण का लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी ने किया विमोचन लखनऊ और गोरखपुर के पुस्तक मेलों में उमड़ी पाठकों की भीड़, मुख्यमंत्री योगी बोले- अवसर मिले तो किताबें खरीदते हैं लोग 14 अक्टूबर, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को सोशल मीडिया की आभासी दुनिया से निकलकर पुस्तकों से जुड़ने की सीख दी। उन्होंने कहा कि आज लोग स्मार्टफोन और सोशल मीडिया पर पांच से सात घंटे बिता रहे हैं। इसमें से एक-दो घंटे भी अच्छी पुस्तकें पढ़ने में लगाएं तो जीवन को नई दिशा मिल सकती है। सोशल मीडिया पर रील बनाकर लाइक्स जुटाने के बजाय अपनी रियल लाइफ में आगे बढ़ना अधिक उपयोगी है। अच्छी पुस्तकें जीवन की सबसे महत्वपूर्ण मार्गदर्शक होती हैं। युवाओं को महापुरुषों की जीवनी और आत्मकथाएं पढ़नी चाहिए, जिनसे संघर्षों के बीच आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री योगी बुधवार को लोकभवन सभागार में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द की आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के हिंदी संस्करण के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसे भारतीय की जीवनगाथा है, जिसने अभावों को अपनी ढाल नहीं बनाया, बल्कि संघर्ष, परिश्रम और पुरुषार्थ के बल पर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त किया। यह आत्मकथा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। गांवों तक पहुंच रही पुस्तकें, डिजिटल लाइब्रेरी का विस्तारमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में पुस्तकालय की व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में 57,600 ग्राम सचिवालय बन चुके हैं। इनमें एक कक्ष पुस्तकालय के लिए निर्धारित है, जहां गांव के बच्चे अध्ययन कर रहे हैं। डिजिटल लाइब्रेरी भी विकसित की जा रही हैं। बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों से लेकर महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों तक पुस्तकालयों का विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति की आत्मकथा भी व्यापक स्तर पर पुस्तकालयों तक पहुंचनी चाहिए। सरकार इस दिशा में प्रयास करेगी। गोरखपुर में लखनऊ से ज्यादा बिकी थीं पुस्तकेंमुख्यमंत्री योगी ने राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के पुस्तक मेलों का उल्लेख करते हुए कहा कि शुरुआत में आयोजकों को आशंका थी कि आज के दौर में पुस्तकें कौन खरीदेगा। लखनऊ में पुस्तक मेला लगा तो बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इसके बाद गोरखपुर में उससे भी अधिक पुस्तकें बिकीं। हाल में लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित पुस्तक मेले में भी युवाओं और विद्यार्थियों की अच्छी भागीदारी रही। उन्होंने कहा कि लोगों में पढ़ने की रुचि है, जरूरत उन्हें उचित मंच उपलब्ध कराने की है। अभावों को बनाया संघर्ष की ताकतमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कानपुर के परौंख गांव में गरीब परिवार में जन्मे रामनाथ कोविन्द ने बचपन में ही मां को खो दिया। गांव के विद्यालय से पढ़ाई शुरू की और उच्च शिक्षा प्राप्त कर अधिवक्ता के रूप में गरीबों तथा वंचितों की आवाज बने। भाजपा संगठन, राज्यसभा, बिहार के राज्यपाल और राष्ट्रपति के रूप में जिम्मेदारियां निभाईं। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बड़ा वही होता है, जिसमें संघर्ष का जज्बा हो। विपरीत परिस्थितियों से पलायन के बजाय उनका मुकाबला करना महानता की पहचान है। राष्ट्रपति बनने के बाद भी नहीं भूले गांव और पुराने साथीमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने के बाद भी रामनाथ कोविन्द का अपनी जन्मभूमि परौंख से लगाव बना रहा। वह अवसर मिलते ही गांव जाते हैं। पुराने साथियों और चाय-चाट वालों से भी उनके संबंध कायम हैं। उन्होंने गांव में शिक्षा सुविधाओं के विकास के लिए प्रयास किए। वहां के विद्यालय भवन को विकसित कर राज्य सरकार को समर्पित किया गया, जिसे आवासीय विद्यालय के रूप में आगे बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री योगी ने भगवान श्रीराम के जन्मभूमि प्रेम का उदाहरण देते हुए कहा कि जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर हैं। पद बड़ा हो, संस्कार नहीं बदलने चाहिए : केशव मौर्यउपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति की आत्मकथा सार्वजनिक जीवन में शुचिता, सादगी और अहंकार से मुक्त रहने की प्रेरणा देती है। व्यक्ति कितना भी बड़ा पद प्राप्त कर ले, उसके संस्कार और विचार नहीं बदलने चाहिए। रामनाथ कोविन्द का जीवन इसका उदाहरण है। गरीब परिवार का बेटा राष्ट्रपति बने, यही गणतंत्र की खूबसूरती : ब्रजेश पाठकउपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि कानपुर के छोटे से गांव में जन्मा गरीब परिवार का व्यक्ति अपनी योग्यता और कार्यक्षमता के बल पर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंच सकता है। यही भारतीय गणतंत्र की खूबसूरती है। पूर्व राष्ट्रपति का जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों और पारदर्शिता की मिसाल है। विधायकों के लिए मांगी पुस्तक की 500 प्रतियांविधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पूर्व राष्ट्रपति के जीवन को ‘कच्चे घर, पक्के इरादे’ की यात्रा बताया। उन्होंने प्रकाशक से विधानसभा सदस्यों के लिए पुस्तक की 500 प्रतियां उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। रूपा पब्लिकेशंस के प्रबंध निदेशक कपिश मेहरा ने कहा कि प्रदेश के विद्यालयों और पुस्तकालयों में अच्छी हिंदी पुस्तकों की पहुंच बढ़ी है। किताबें बच्चों तक पहुंच रही हैं। पूर्व राष्ट्रपति और उनकी पत्नी का किया सम्मानकार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय गीत के गायन से हुआ। मुख्यमंत्री योगी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। उनकी पत्नी सविता कोविन्द का भी स्वागत किया। पूर्व राष्ट्रपति ने अतिथियों के साथ आत्मकथा के हिंदी संस्करण का विमोचन किया। कार्यक्रम में ये रहे मौजूदसमारोह में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द, उनकी पत्नी सविता कोविन्द, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण और रूपा पब्लिकेशंस के प्रबंध निदेशक कपिश मेहरा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुशासन से यूपी के विकास को दी नई गति : पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द
लोकभवन में अपनी आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के हिंदी संस्करण के विमोचन समारोह में पूर्व राष्ट्रपति ने अतिथियों का जताया आभार मोदी-योगी सरकार ने करोड़ों गरीबों को पक्की छत के साथ दी गरिमा, टपकती छत के नीचे बीता था मेरा बचपन : पूर्व राष्ट्रपति 14 अक्टूबर, लखनऊ। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्यों और सुशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों को नई ऊर्जा दी है। उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के प्रयासों को अभूतपूर्व गति मिली है। एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और मेट्रो जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से आवागमन सुगम हुआ है। सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से गरीब परिवारों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के मुख्यमंत्री योगी के संकल्प की भी प्रशंसा की। पूर्व राष्ट्रपति बुधवार को लोकभवन सभागार में अपनी आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के हिंदी संस्करण के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने समारोह में उपस्थित अतिथियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह उनके लिए भावनात्मक अवसर है। इससे पहले अनेक मंचों से लोगों को संबोधित किया, लेकिन आज चर्चा का विषय उनका अपना जीवन है। इसी प्रदेश में जन्मे, यहीं की मिट्टी में पले-बढ़े और शिक्षा प्राप्त की। उत्तर प्रदेश ही उनकी कर्मभूमि भी बना। भाजपा में राष्ट्र सर्वोपरि, राजनीति का उद्देश्य राष्ट्रसेवापूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि राजनीति के लिए भाजपा को चुनने का प्रमुख कारण पार्टी में राष्ट्र सर्वोपरि की भावना है। यहां जातिवाद, क्षेत्रवाद और वंशवाद से ऊपर उठकर समावेशी विकास पर बल दिया जाता है। इसी पार्टी में साधारण शिक्षक का पुत्र अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री, कल्याण सिंह मुख्यमंत्री, गरीब परिवार में जन्मे योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और चाय बेचने वाले नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बन सकते हैं। समाज के कमजोर वर्ग से आने वाला व्यक्ति भी राष्ट्रपति बन सकता है। यही भारतीय गणतंत्र की सच्ची विजयगाथा है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने उनके जीवन पर गहरी छाप छोड़ी। उनसे राजनीति को सत्ता प्राप्त करने के बजाय राष्ट्रसेवा का माध्यम मानने की प्रेरणा मिली। टपकती छत के नीचे बीता बचपन, आज गरीबों को मिल रहे पक्के घरपूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने अपने बचपन को याद करते हुए कहा कि कानपुर देहात के छोटे से गांव में उनका साधारण घर था। बरसात में छत टपकती थी। वर्ष 2017 में राष्ट्रपति चुने जाने पर वे स्मृतियां फिर ताजा हो गई थीं। तब उन्होंने कहा था कि देश के किसी गांव में आज भी कोई छोटा-सा रामनाथ टपकती छत के नीचे खड़ा होकर बेहतर भविष्य के सपने देख रहा होगा। आज मोदी और योगी सरकार ने करोड़ों गरीबों को पक्के मकान के साथ गरिमा और सुरक्षा का एहसास कराया है। उन्होंने कहा कि उनके पिता शिक्षा को जीवन बदलने का माध्यम मानते थे। जमीन दान करने के बावजूद उन्होंने अपने बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया। गांव से मिले भाईचारे, संवेदना और बड़ों के सम्मान के संस्कार जीवनभर उनके साथ रहे। यूपी से राष्ट्रपति बनना करोड़ों लोगों के सपनों का सम्मानपूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने देश को कई प्रधानमंत्री दिए, लेकिन यहां जन्मे किसी व्यक्ति को राष्ट्रपति बनने का अवसर पहली बार मिला। इसे वह अपनी उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रदेश के करोड़ों लोगों के सपनों और आकांक्षाओं का सम्मान मानते हैं। उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ 2025 का उल्लेख करते हुए कहा कि इस आयोजन ने दुनिया को भारत की आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता की शक्ति दिखाई। उन्होंने बताया कि उनकी आत्मकथा आने वाले दिनों में देश की सभी क्षेत्रीय भाषाओं में प्रकाशित की जाएगी।
सपा को माफिया की कब्र पर आंसू बहाने की फिक्र, शिक्षकों के हितों की नहीं : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
वाराणसी में शिक्षक-स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए आयोजित महासम्मेलन को मुख्यमंत्री योगी ने भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में किया संबोधित राज्यसभा चुनाव में कहां चला गया सपा का पीडीए, एक सीट चाचा को दी और दूसरी मुंबई के धन्नासेठ को : मुख्यमंत्री योगी वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समाजवादी पार्टी पर शिक्षा, शिक्षकों और युवाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं, जो माफिया के पिछलग्गू हैं और माफिया के मरने पर उसकी कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ते हैं, उनसे शिक्षकों के हितों की उम्मीद कैसे की जा सकती है। सपा सरकार में शिक्षकों के पद खाली रहे, भर्ती आयोगों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ होता था। भाजपा सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ शिक्षकों की समस्याओं का समाधान किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल छात्र का भविष्य नहीं बनाता, बल्कि समाज, राष्ट्र और युग का निर्माण करता है। मुख्यमंत्री योगी वाराणसी में शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षक और स्नातक समाज के सजग प्रहरी हैं। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। शिक्षक युवाओं को दिशा देता है और युवा राष्ट्र का भविष्य तय करते हैं। शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं का समाधान किया गया है। कोई मुद्दा शेष रह जाएगा तो सरकार उसका भी समाधान निकालेगी। राज्यसभा चुनाव में कहां चला गया सपा का पीडीएमुख्यमंत्री योगी ने राज्यसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि दस में आठ सीटें भाजपा और दो सपा को मिलीं। भाजपा ने विभिन्न समाजों को प्रतिनिधित्व दिया, लेकिन पीडीए की बात करने वाली सपा ने एक सीट अपने चाचा रामगोपाल यादव को दे दी और दूसरी मुंबई के धन्नासेठ को। उन्होंने सवाल किया कि सपा को काशी, गाजीपुर या बलिया का कोई यादव, दलित या मुस्लिम प्रत्याशी क्यों नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने पीडीए को परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी और ‘पराया धन अपना’ बताते हुए सपा पर कथनी और करनी में अंतर होने का आरोप लगाया। सपा पर भरोसा करना मगरमच्छ से नदी पार कराने जैसामुख्यमंत्री योगी ने सपा पर वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि उस पर विश्वास करना मगरमच्छ से नदी पार कराने की उम्मीद करने जैसा है। मगरमच्छ नदी के बीच में ले जाकर क्या करेगा, यह सभी जानते हैं। उन्होंने सपा नेताओं पर बार-बार रंग बदलने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन्हें देखकर गिरगिट भी खुश होता होगा कि मनुष्य में उसकी जाति का कोई पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि सपा को प्रदेश की नहीं, केवल अपने परिवार की चिंता रही है। समाज में भेदभाव और बंटवारा पैदा करने वाली राजनीति से सावधान रहना चाहिए। सैफई सिंडिकेट ने युवाओं के भविष्य से किया खिलवाड़मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में भर्ती आयोगों और बोर्डों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था। चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकलती थी। वर्ष 2017 में बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 1.60 लाख पद खाली थे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने नियुक्तियां कीं और सेवानिवृत्ति से रिक्त होने वाले पदों पर भी भर्ती जारी है। प्रदेश में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। अगले छह महीने में एक लाख और नियुक्तियां देने का संकल्प है। बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में 32 हजार युवाओं का परिणाम घोषित हुआ है। शिक्षकों की समस्याएं उठाने वाला हो प्रतिनिधिमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विधान परिषद में ऐसा प्रतिनिधि होना चाहिए, जो शिक्षकों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से सरकार के सामने रख सके। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के टीईटी संबंधी निर्णय के बाद पुराने शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी की व्यवस्था करने का उल्लेख किया। कहा कि बेसिक से विश्वविद्यालय स्तर तक के शिक्षकों को पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है। स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षक भी इसमें शामिल हैं। वित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों के लिए 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक के बीमा कवर का भी उन्होंने उल्लेख किया। नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बन रहे युवामुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप थे, जबकि आज 24 हजार से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं। प्रदेश का युवा अब केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाला बन रहा है। निजी क्षेत्र में 65 लाख युवाओं को नौकरी मिली है और तीन करोड़ से अधिक लोग रोजगार तथा स्वरोजगार से जुड़े हैं। प्रदेश के 62 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन दिए गए हैं। सरकार ने दो करोड़ युवाओं तक यह सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। अब यूपी की पहचान दंगा-कर्फ्यू नहीं, धार्मिक पर्यटनमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में त्योहारों से पहले दंगे शुरू हो जाते थे। उत्सव से पहले उपद्रव प्रदेश की पहचान बन गया था। खराब कानून-व्यवस्था के कारण निवेशक नहीं आते थे। आज काशी विश्वनाथ धाम में औसतन एक लाख श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। प्रदेश की पहचान अब दंगा, कर्फ्यू और माफिया नहीं, बल्कि काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में राम जन्मभूमि, प्रयागराज महाकुंभ और मथुरा-वृंदावन से हो रही है। पेंशन खातों के लिए दस हजार करोड़ की व्यवस्थामुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2005 से 2017 तक शिक्षकों और कर्मचारियों की नई पेंशन योजना की राशि जमा नहीं की गई। खाते तक नहीं खोले गए थे। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद 14 लाख कार्मिकों के खाते खुलवाने के लिए दस हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई। नई पेंशन योजना में सरकार का अंशदान भी दस से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया गया। शिक्षित मतदाताओं का रुख देगा संकेत : सुरेश खन्नावित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षक और स्नातक मतदाताओं का रुख महत्वपूर्ण संकेत देगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में प्रदेश में हुए बदलावों का उल्लेख किया। अखिलेश यादव की अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के जवाब के बाद सपा प्रमुख की ओर से कोई उत्तर
मुगलसराय स्टेशन पर कांग्रेस नेताओं ने भगवती प्रसाद चौधरी का किया स्वागत
भाजपा सरकार पर लगाया भ्रष्टाचार और तानाशाही का आरोप, कहा—युवा जाग चुका है मुगलसराय। अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एससी विभाग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं बिहार सहित कई राज्यों के प्रभारी भगवती प्रसाद चौधरी का पटना जाते समय मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ पटना जा रहे उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव इश्तियाक अंसारी का भी स्वागत किया गया। इस अवसर पर भगवती प्रसाद चौधरी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए भ्रष्टाचार, तानाशाही और लूट-खसोट के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश में सरकार के खिलाफ बढ़ते विरोध से भाजपा नेता घबराए हुए हैं और अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश का युवा जाग चुका है और जब-जब नौजवानों ने अपनी आवाज बुलंद की है, तब-तब इतिहास बना है। चौधरी ने कहा कि अंग्रेजों के शासनकाल में तिरंगा फहराने पर लोगों पर लाठियां बरसाई जाती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी तिरंगा फहराने को लेकर लोगों पर पुलिस कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जनता भाजपा सरकार को इसका जवाब देगी। स्वागत करने वालों में दयाराम पटेल, शाहिद तौसीफ, उदय चौहान, विशुन सोनकर, अजीत मौर्य, गुड्डू पासवान और सत्येंद्र चौधरी सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अपनी मांगों को लेकर वकीलों का प्रदर्शन
नई दिल्ली। बार एसोसिएशन इंदौर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में वकीलों ने इंदौर फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश के अपमानजनक व्यवहार को लेकर अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे वकीलों का आरोप है कि संबंधित न्यायिक अधिकारी का अधिवक्ताओं के प्रति व्यवहार लंबे समय से अनुचित रहा है। अधिवक्ताओं के अनुसार अदालत में पैरवी के दौरान उनसे कथित तौर पर कहा जाता था। प्रदर्शनकारी वकीलों ने मांग किया की अदालतों में अधिवक्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उन्हें अपने पक्षकारों का पक्ष रखने के लिए निष्पक्ष एवं पर्याप्त अवसर दिया जाए। संगठन के अध्यक्ष अशोक दशोरा ने बताया कि संगठन के सदस्यों ने न्यायालय परिसर के मुख्य द्वार के बाहर प्रदर्शन किया और नारेबाजी के माध्यम से अधिवक्ताओं के प्रति एकजुटता व्यक्त की। दशोरा ने आरोप लगाया कि अदालतों में पुरुषों के साथ कथित अपमानजनक व्यवहार की घटनाएं चिंता का विषय रही हैं और अब अधिवक्ताओं को भी इसी तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने प्रदर्शनकारी वकीलों का समर्थन करते हुए उनके सम्मान और पेशेवर गरिमा को बनाए रखने की मांग की। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं का कहना है कि उनका विरोध अदालतों में सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने और वकीलों को कथित अपमान या अनावश्यक बाधा के बिना अपने मुवक्किलों का पक्ष रखने का अवसर दिलाने के उद्देश्य से है। इस समाचार में उल्लिखित आरोप प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं और सामाजिक संगठन ष्पौरुषष् के प्रतिनिधियों के बयानों पर आधारित हैं। समाचार लिखे जाने तक संबंधित न्यायिक अधिकारी का पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका था। निष्पक्षता के लिए उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाना चाहिए।
छठ पूजा की तैयारियां तेज, सभी 250 वार्डों में स्ट्रीट लाइट से जगमगाएंगे घाट
घाटों के आसपास सड़कें और गलियां होंगी दुरुस्त, सफाई के साथ मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए होगी फागिंग नई दिल्ली। स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने बताया कि दिल्ली में रह रहे पूर्वांचल के लोगों को छठ पूजा के दौरान स्वच्छ, सुरक्षित और रोशनी से जगमगाते घाट उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। घाटों तक जाने वाली सड़कों की मरम्मत, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निगम ने सभी 250 वार्डों में दो-दो छठ घाटों पर स्ट्रीट लाइट लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए बजट जारी करने के साथ ही विद्युत विभाग को घाट चिह्नित कर रोशनी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा घाटों और उनके आसपास की सड़कों व गलियों को दुरुस्त करने, साफ-सफाई सुनिश्चित करने और मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए फागिंग कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। एमसीडी की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने अधिकारियों को सभी तैयारियां समय रहते पूरी करने को कहा है। घाटों तक पहुंचने वाले रास्ते होंगे दुरुस्त स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि छठ महापर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुबह और शाम घाटों पर पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। ऐसे में घाटों के साथ-साथ वहां तक पहुंचने वाले रास्तों पर भी पर्याप्त रोशनी और बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घाटों और उनके आसपास की सड़कों व गलियों का निरीक्षण कर जहां मरम्मत की जरूरत है, वहां समय रहते काम पूरा कराया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो। सफाई के साथ होगी फागिंग छठ घाटों और आसपास के इलाकों में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था करने और कूड़े का नियमित उठान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यकतानुसार फागिंग कराने और मच्छरों के प्रजनन पर नियंत्रण के उपाय करने को कहा गया है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि पूजा के दौरान घाटों के आसपास स्वच्छता बनी रहे और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। पूजा से पहले पूरी होंगी तैयारियां एमसीडी के विद्युत विभाग को सभी 250 वार्डों में दो-दो छठ घाट चिह्नित कर वहां स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। सत्या शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि रोशनी, सड़क मरम्मत, सफाई और फागिंग सहित सभी जरूरी व्यवस्थाएं छठ पूजा से पहले पूरी कर ली जाएं। इस मामले में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में छठ महापर्व मना सकें।
25 अक्टूबर को होगा अल्पना सिंह की पुस्तकों का लोकार्पण
अल्पना सिंह ने लिखे तीन उपन्यास “मर्यादा”,”तुमसे मिलकर” एवं “पिया बसंती रे” औरंगाबाद : आगामी 25 अक्टूबर को जिले की प्रसिद्ध लेखिका अल्पना सिंह द्वारा रचित तीन उपन्यास “तुमसे मिलकर”, “मर्यादा” एवं “पिया बसंती रे” ब्लॉक मोड़ स्थित पृथ्वीराज चौहान स्मृति भवन के प्रांगण में राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था शब्दवीणा के तत्वावधान में किया जाएगा। शब्दवीणा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सह जिलाध्यक्ष सुरेश विद्यार्थी,सचिव सतीश कुमार पांडेय,लेखिका अल्पना सिंह एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक वेद प्रकाश पांडेय ने लोकार्पण समारोह की तैयारी के लिए बैठक किया।बैठक के बाद बताया कि आगामी 25 अक्टूबर को अपराह्न में आयोजित लोकार्पण समारोह में शब्दवीणा के राष्ट्रीय पदाधिकारी सहित औरंगाबाद जिले के नामचीन साहित्यिक हस्तियों की गरिमामई उपस्थिति होगी।विदित हो कि अल्पना सिंह ने गृहिणी का दायित्व निभाते हुए भी उन्होंने दो-तीन वर्ष पूर्व उपन्यास लेखन के क्षेत्र में अपने कदम रखे और अपनी लेखनी चलाई और अपनी लेखनी के बल पर उन्होंने उत्कृष्ट उपन्यास रच डालें जिनका प्रकाशन राष्ट्रीय स्तर के प्रकाशकों के द्वारा किया गया।इस संबंध में अल्पना सिंह ने बताया कि उन्हें लिखने की प्रेरणा आसपास के सामाजिक वातावरण में घटित होने वाली घटनाओं को देखकर हुआ।अंतर्मन में सामाजिक वेदनाओं की आवाज को मैंने पहचाना,वर्तमान परिदृश्य की जो सामाजिक समस्याएं हैं उनके बारे में नजदीक से देखा और उसे मैंने उतारने का प्रयास की हूं।
औरंगाबाद के रक्तसेवक बमेंद्र एवं किरण अयोध्या में सम्मानित हुए
रक्तदान जागरूकता और जरूरतमंदों तक रक्त पहुंचाने के लिए देशभर में चला रहे अभियान की सराहना औरंगाबाद: पूरे देश में रक्तदान का महत्व समझाने एवं मतदान के प्रति जागरूकता फैलाने एवं जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रहे औरंगाबाद के क्षत्रिय नगर निवासी एवं पथ प्रदर्शक संस्था के संस्थापक-सह-सचिव तथा रक्तसेवक बमेंद्र कुमार सिंह एवं उनकी पत्नी किरण सिंह को श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में सम्मानित किया गया।अयोध्या में श्रीराम कृष्ण फाउंडेशन द्वारा 12 एवं 13 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय रक्तदान महोत्सव सह सम्मान समारोह में बमेंद्र कुमार सिंह को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह में देश के 22 राज्यों से पहुंचे रक्तसेवकों एवं रक्तदाताओं के साथ अयोध्या के स्थानीय रक्तदाताओं को भी सम्मानित किया गया।बमेंद्र कुमार सिंह एवं किरण सिंह को रक्तदान के प्रति जागरूकता अभियान चलाने, रक्तदान शिविरों का आयोजन करने तथा जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने के लिए सम्मान मिला।सम्मान प्राप्त करने के बाद बमेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि रक्तदान ऐसी मानवीय सेवा है, जिसका प्रत्यक्ष लाभ किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने के रूप में मिलता है। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी किरण का सामाजिक सेवा में पूरा सहमति एवं योगदान रहता है। किरण खुद एक रक्तदानी है और अभी तक सात बार रक्तदान कर चुकी हैं। बमेंद्र ने इस सम्मान का श्रेय पथ प्रदर्शक से जुड़े सभी रक्तदाताओं एवं सहयोगियों को देते हुए कहा कि उनके सहयोग से ही लगातार रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं और जरूरतमंदों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है।