भारत में महिला-नेतृत्व विकास- सशक्तिकरण से नेतृत्व तक

सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और निर्णयकारी भूमिका में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही नई दिल्ली। भारत में महिला सशक्तिकरण का उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से स्वतंत्र, शिक्षित और समान अधिकार संपन्न बनाना है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मुद्रा योजना और महिला आरक्षण जैसे प्रयासों से निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी बढ़ी है। हालांकि, पितृसत्तात्मक सोच और सुरक्षा चुनौतियाँ अभी भी मौजूद हैं, लेकिन शिक्षा व कानूनी सुधारों से बदलाव आ रहा है।भारत में महिलाओं के सशक्तिकरण की सोच अब एक व्यापक और जीवन-चक्र आधारित दृष्टिकोण में विकसित हो चुकी है, जहाँ जन्म से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और नेतृत्व तक महिलाओं की आवश्यकताओं को समग्र रूप से संबोधित किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाएँ अब केवल कल्याण तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि वे महिलाओं को आत्मनिर्भर और निर्णयकारी भूमिका में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही हैं। यह बदलाव “वेलफेयर” से “एम्पावरमेंट” और अब “वूमेन-लेड डेवलपमेंट” की ओर भारत की विकास यात्रा को दर्शाता है।स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में मिशन पोषण 2.0, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान जैसी पहलों ने महत्वपूर्ण सुधार सुनिश्चित किए हैं। वर्ष 2017 से फरवरी 2026 तक प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत लगभग 4.27 करोड़ महिलाओं को 20,101 करोड़ रूपये की सशर्त सहायता प्रदान की गई है। वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत 7.26 करोड़ से अधिक गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क जांच की गई है। देशभर में 14.03 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 8.97 करोड़ से अधिक लाभार्थियों तक पोषण सेवाएँ पहुँच रही हैं, जबकि मिशन इंद्रधनुष के प्रभाव से बाल मृत्यु दर 48 से घटकर 28 और नवजात मृत्यु दर 28 से घटकर 17 हो गई है।“पोषण भी पढ़ाई भी” कार्यक्रम के तहत 8.55 लाख कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है तथा सक्षम आंगनवाड़ी योजना के माध्यम से 1.03 लाख केंद्रों को उन्नत किया जा चुका है। वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और स्टैंड-अप इंडिया योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई है।प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत 57.93 करोड़ खातों में से 32.29 करोड़ खाते महिलाओं के नाम हैं, जो वित्तीय समावेशन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत वितरित कुल ऋणों में लगभग 68 प्रतिशत महिलाओं को दिए गए हैं, जिनकी कुल राशि 14.72 लाख करोड़ रूपये से अधिक है। स्टैंड-अप इंडिया योजना के तहत स्वीकृत ऋणों में 83 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएँ हैं, जिनकी राशि 47,704 करोड़ रूपये से अधिक है।दीनदयाल अंत्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 10.05 करोड़ महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं, जबकि “लखपति दीदी” पहल के माध्यम से 3.07 करोड़ महिलाएँ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर हुई हैं। “नमो ड्रोन दीदी योजना” के तहत 1,094 ड्रोन वितरित कर महिलाओं को आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा जा रहा है।दैनिक जीवन में गरिमा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने व्यापक बदलाव लाया है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत 2.90 करोड़ से अधिक घर महिलाओं के नाम आवंटित किए गए हैं, जिससे उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिला है। उज्ज्वला योजना के तहत 10.5 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, जिससे महिलाओं को धुएँ से मुक्ति और स्वास्थ्य लाभ मिला है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 12.11 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण हुआ है, जिससे महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। जल जीवन मिशन के माध्यम से 15.83 करोड़ से अधिक घरों तक नल जल की सुविधा पहुँचाई गई है, जिससे महिलाओं के दैनिक श्रम में उल्लेखनीय कमी आई है।शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जैसी पहलों ने सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित किया है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के परिणामस्वरूप जन्म के समय लिंगानुपात 918 से बढ़कर 929 हो गया है। सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत 4.6 करोड़ से अधिक खाते खोले गए हैं, जिनमें 3.40 लाख करोड़ रूपये से अधिक की राशि जमा है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के 5,316 स्कूलों में 7.58 लाख से अधिक छात्राएँ अध्ययनरत हैं। उच्च शिक्षा में महिलाओं का सकल नामांकन अनुपात 30.2 प्रतिशत तक पहुँच गया है, जबकि पीएचडी में महिलाओं के नामांकन में 135.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। । AICTE प्रगति योजना के तहत 35,998 छात्राएँ लाभान्वित हुई हैं तथा विज्ञान ज्योति योजना से 80,000 से अधिक छात्राओं को प्रोत्साहन मिला है।महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षा के लिए मिशन शक्ति के अंतर्गत “सम्बल” और “समर्थ्य” दो स्तंभों पर कार्य किया जा रहा है। वन स्टॉप सेंटरों की संख्या 926 तक पहुँच चुकी है, जहाँ 13.90 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता प्रदान की गई है। महिला हेल्पलाइन (181 और 112) के माध्यम से 99.09 लाख महिलाओं को सहयोग मिला है। SHe-Box पोर्टल से 1.63 लाख कार्यस्थल जुड़े हैं, जिससे कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। वहीं “समर्थ्य” घटक के अंतर्गत 416 शक्ति सदन और 531 सखी निवास संचालित किए जा रहे हैं, जो महिलाओं को सुरक्षित आश्रय और पुनर्वास प्रदान कर रहे हैं।अंततः भारत में महिला सशक्तिकरण अब केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का आधार बन चुका है।

OK मॉडल स्कूल, उत्तम नगर में शनाया शर्मा और अजय हुड्डा को ‘सेलिब्रिटी गेस्ट’ के रूप में सम्मान

यह सम्मान समाज में उनके उल्लेखनीय योगदान और प्रेरणादायक कार्यों के लिए प्रदान किया गया। नई दिल्ली। OK मॉडल स्कूल में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान अभिनेत्री, मॉडल एवं सामाजिक कार्यकर्ता शनाया शर्मा तथा हरियाणवी गायक अजय हुड्डा को ‘सेलिब्रिटी गेस्ट’ के रूप में सम्मानित किया गया। यह सम्मान समाज में उनके उल्लेखनीय योगदान और प्रेरणादायक कार्यों के लिए प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान शनाया शर्मा ने अपने संबोधन में स्कूल प्रबंधन का आभार जताते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि OK मॉडल स्कूल जैसी संस्थाएं शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों को भी मजबूत करने का कार्य कर रही हैं, जो सराहनीय है। उन्होंने स्कूल द्वारा सांस्कृतिक और नैतिक शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे मंच युवाओं को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही, उन्होंने अपने परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों के समर्थन को अपनी सफलता का आधार बताया। इस अवसर पर अजय हुड्डा की उपस्थिति ने भी कार्यक्रम में उत्साह का संचार किया। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सहयोग, शिक्षा के महत्व और युवा पीढ़ी को प्रेरित करने पर विशेष जोर दिया गया। स्कूल प्रशासन ने बताया कि इस तरह के आयोजन छात्रों को प्रेरित करने और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों को समझाने में सहायक सिद्ध होते हैं।

दिल्ली बजट से एमसीडी को बड़ी राहत: ₹11,266 करोड़ फंड से विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार: सत्या शर्मा

स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता का किया का किया आभार व्यक्त नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को ₹11,266 करोड़ से अधिक का फंड देने के फैसले का स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इस बजट को जनहित और विकास पर केंद्रित बताते हुए कहा कि यह राजधानी के समग्र विकास को नई दिशा देगा। सत्या शर्मा ने कहा कि निगम को मिला यह वित्तीय सहयोग उसकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा और लंबे समय से लंबित देनदारियों को कम करने में मददगार साबित होगा। इससे एमसीडी अपने दायित्वों का निर्वहन अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेगा और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि इस फंड से स्वच्छता, सड़कों के रखरखाव, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार आएगा। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में चल रही विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और नई योजनाओं को लागू करने में भी गति मिलेगी। सत्या शर्मा ने बजट में सड़कों के निर्माण के लिए किए गए ₹1000 करोड़ के प्रावधान को भी सराहनीय बताया। उनके अनुसार, इससे सड़क व्यवस्था बेहतर होगी, यातायात सुगम बनेगा और धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि एमसीडी के सहयोग से 5 नई आधुनिक पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे शहर में पार्किंग की समस्या को कम किया जा सकेगा और यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। उन्होंने बजट में 1000 स्मार्ट टॉयलेट बनाने की घोषणा को भी अहम कदम बताया। उनके अनुसार, इससे स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी, नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और खुले में शौच जैसी समस्याओं पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। अंत में सत्या शर्मा ने कहा कि यह बजट दिल्ली के बुनियादी ढांचे, स्वच्छता और विकास को मजबूत करने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से राजधानी को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।

जनहित के मुद्दों पर अनावश्यक राजनीति कर रही है आप: सत्या शर्मा

नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह जनहित से जुड़े अहम मुद्दों पर भी अनावश्यक राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज इस मामले को बेवजह राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। सत्या शर्मा ने स्पष्ट किया कि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के सामने स्थित पार्किंग क्षेत्र में संदिग्ध और अवैध गतिविधियों का खुलासा पूरी तरह जनता की सुरक्षा, पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा मामला है, न कि राजनीति का। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए यह मुद्दा उठाया, लेकिन आम आदमी पार्टी इसे भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे यह साफ होता है कि आम आदमी पार्टी हर गंभीर विषय को भी राजनीतिक नजरिए से देखने की आदी हो चुकी है। सत्या शर्मा ने सौरभ भारद्वाज को सलाह दी कि वे बयानबाजी के बजाय दिल्ली की जनता के हित में सकारात्मक कार्यों पर ध्यान दें। उन्होंने दावा किया कि भाजपा हमेशा जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देती रही है और अवैध गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाना उसका दायित्व है। चांदनी चौक क्षेत्र में किए गए निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताओं और संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा हुआ है, जो प्रशासनिक सख्ती की आवश्यकता को दर्शाता है। सत्या शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी को इन कार्रवाइयों से असहजता हो रही है, जिससे यह सवाल उठता है कि कहीं इन गतिविधियों से उसके कुछ नेताओं के संबंध तो नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए भी आम आदमी पार्टी ने जनता के हितों की अनदेखी की और अब विपक्ष में आने के बाद भी उसका रवैया नहीं बदला है। उनके अनुसार, पार्टी के शासनकाल में दिल्ली में भ्रष्टाचार चरम पर था, जिससे आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आगे उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए बेबुनियाद आरोप लगाते हैं। यदि पार्टी इसी तरह केवल राजनीतिक बयानबाजी में उलझी रही, तो आगामी चुनावों में उसका जनाधार और कमजोर होगा। सत्या शर्मा ने दावा किया कि दिल्ली की जनता पहले ही आम आदमी पार्टी की कार्यशैली से निराश होकर उसे सत्ता से बाहर कर चुकी है और एमसीडी में भी उसके कई पार्षद पार्टी छोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की निष्क्रियता और कमजोर कार्यप्रणाली के कारण उसका जनाधार लगातार घट रहा है। पंजाब, गोवा और गुजरात जैसे राज्यों में भी पार्टी की स्थिति कमजोर होती दिख रही है। अंत में सत्या शर्मा ने कहा कि भाजपा दिल्ली के समग्र विकास, पारदर्शी प्रशासन और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि आम आदमी पार्टी आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में उलझी हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में दिल्ली की जनता भाजपा के विकास कार्यों पर फिर से भरोसा जताएगी।

चांदनी चौक में स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा का औचक निरीक्षण, अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने दंगल मैदान पार्किंग और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के सामने स्थित क्लब पार्किंग का जायजा लिया। नई दिल्ली। सत्या शर्मा ने सदर पहाड़गंज जोन के चांदनी चौक क्षेत्र में औचक निरीक्षण कर अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान उनके साथ स्थानीय पार्षद सुमन कुमार गुप्ता, क्षेत्रीय उपायुक्त कनिका और निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने दंगल मैदान पार्किंग और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के सामने स्थित क्लब पार्किंग का जायजा लिया। जांच में पाया गया कि पार्किंग स्थलों का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के विपरीत ट्रांसपोर्टरों द्वारा अवैध रूप से सामान की लोडिंग-अनलोडिंग के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा क्लब पार्किंग क्षेत्र में अवैध झुग्गियों का निर्माण और सड़क किनारे अतिक्रमण कर अवैध शराब बिक्री भी सामने आई। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए सत्या शर्मा ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अध्यक्ष ने क्षेत्रीय उपायुक्त को निर्देश दिया कि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के आसपास के सभी अतिक्रमण तुरंत हटाए जाएं। साथ ही, लाहौरी गेट थाना प्रभारी को मौके पर बुलाकर अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति का भी जायजा लिया गया। संबंधित अधिकारियों को नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अतिरिक्त उपायुक्त (आर.पी. सेल) को निर्देश दिया गया कि क्लब पार्किंग और दंगल मैदान पार्किंग के टेंडर तत्काल निरस्त किए जाएं और संबंधित एजेंसियों पर भारी जुर्माना लगाया जाए। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि एमसीडी के कुछ पुराने भवन जर्जर अवस्था में हैं और मानव उपयोग के लिए असुरक्षित हो चुके हैं। इस पर अध्यक्ष ने ऐसे भवनों का विस्तृत निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई और भूमि के बेहतर उपयोग के लिए योजना बनाने के निर्देश दिए। इस मौके पर सत्या शर्मा ने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण और अवैध गतिविधियां किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने बताया कि वह लगातार विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं, ताकि जमीनी स्तर पर समस्याओं की पहचान कर उनका त्वरित समाधान किया जा सके। वहीं, पार्षद सुमन कुमार गुप्ता ने कहा कि चांदनी चौक क्षेत्र में अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों से स्थानीय लोगों और व्यापारियों को काफी परेशानी हो रही थी। निगम की इस कार्रवाई से व्यवस्था में सुधार होगा और आम जनता को राहत मिलेगी।

नरेला जोन के दौरे पर स्थायी समिति की अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा, स्वास्थ्य व शिक्षा सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश

नई दिल्ली। स्थायी समिति की अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने नरेला जोन के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और अन्य नागरिक सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान जोन वार्ड समिति की अध्यक्ष बबीता डबास, क्षेत्रीय उपायुक्त राघवेंद्र मीणा तथा संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण का उद्देश्य विकास कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश देना था। दौरे के दौरान सफाई व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। अध्यक्ष ने अधिकारियों द्वारा किए जा रहे स्वच्छता कार्यों की सराहना करते हुए निर्देश दिया कि नियमित कूड़ा उठान, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई को इसी प्रकार जारी रखा जाए, ताकि क्षेत्र में स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बना रहे। निरीक्षण की शुरुआत कुतबगढ़ स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर से हुई। यहां ओपीडी में डॉक्टरों की उपस्थिति और दवाइयों की उपलब्धता संतोषजनक पाई गई, लेकिन वाशरूम की खराब स्थिति पर उन्होंने संबंधित स्वच्छता अधिकारी को फटकार लगाते हुए तुरंत सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बड़े परिसर में स्थित इस केंद्र को भविष्य में अस्पताल, मैटरनिटी होम या मातृ-शिशु केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा सकता है। इसके बाद मंगेशपुर स्थित निगम स्टोर का निरीक्षण किया गया, जो जर्जर अवस्था में पाया गया। अध्यक्ष ने इसे किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। वहीं स्टोर के पीछे स्थित मंदिर तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को होने वाली परेशानी पर भी चर्चा हुई। इस पर क्षेत्रीय उपायुक्त ने बताया कि ग्रामीणों से अनुमति मिलने के बाद भूमि उपयोग परिवर्तन और हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। दौरे के क्रम में औचंदी स्थित निगम प्राथमिक विद्यालय भवन का निरीक्षण किया गया, जो परित्यक्त हालत में मिला। स्थानीय लोगों ने विद्यालय के पुनर्निर्माण की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। इस पर अध्यक्ष ने मरम्मत के बजाय नया विद्यालय भवन बनाने का निर्देश दिया और क्षेत्रीय शिक्षा निदेशक को एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव तैयार कर क्षेत्रीय उपायुक्त को भेजने को कहा। बाजितपुर डबास गांव में स्थित ढलावघर भी जर्जर अवस्था में पाया गया। इस संबंध में अधिकारियों ने बताया कि यहां कम्पैक्टर स्टेशन बनाकर जल्द ही इसे चालू कराया जाएगा। साथ ही क्षेत्र में चल रहे सड़क और नाली निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। ग्रामीणों ने होशियार सिंह आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में दवाइयों की कमी की शिकायत भी की, जिस पर व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए। इसके बाद अध्यक्ष सलाहपुर माजरा स्थित जर्जर स्कूल भवन पहुंचीं। उन्होंने भवन को हटाकर वहां ओल्ड एज होम, लाइब्रेरी या अन्य सामुदायिक सुविधाएं विकसित करने के लिए योजना तैयार करने को कहा। साथ ही पूरे परिसर की सफाई कराने और भूमि उपयोग से जुड़ी प्रक्रिया की जांच करने के निर्देश दिए। दौरे के अंतिम चरण में माजरा डबास स्थित मल्टीपरपज सोसायटी भवन का निरीक्षण किया गया, जो कई वर्षों से जर्जर अवस्था में पड़ा है। अध्यक्ष ने इसे हटाकर वहां आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी बनाने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने बताया कि भूमि रिकॉर्ड की जांच के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर सत्या शर्मा ने कहा कि क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करना निगम की प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों पर संबंधित विभागों को जल्द कार्रवाई करनी होगी, ताकि लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाएं मिल सकें। वहीं जोन चेयरमैन बबीता डबास ने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों को तेज करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय समस्याओं के समाधान के साथ-साथ स्वच्छता, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ काम कर रहे हैं।

लिवप्योर ने नई दिल्ली में खोला एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट, स्मार्ट होम सॉल्यूशंस की पहुंच और मजबूत

नई दिल्ली। उपभोक्ताओं के बेहतर स्वास्थ्य और जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट होम सॉल्यूशंस उपलब्ध कराने वाली कंपनी लिवप्योर ने राष्ट्रीय राजधानी में अपना नया एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट लॉन्च किया है। इस नए स्टोर के माध्यम से ग्राहकों को पानी, हवा और किचन से जुड़े वेलनेस-केंद्रित उत्पादों की पूरी रेंज तक सीधी पहुंच मिलेगी और उन्हें खरीदारी का बेहतर अनुभव प्राप्त होगा। कंपनी के अनुसार, यह नया एक्सपीरियंस आधारित ब्रांड आउटलेट ग्राहकों को उत्पादों को करीब से देखने, समझने और सही जानकारी के साथ खरीदारी का निर्णय लेने का अवसर प्रदान करेगा। इस पहल के जरिए लिवप्योर उन संभावनाशील बाजारों में अपनी मौजूदगी और मजबूत कर रहा है, जहां अनुभव आधारित रिटेल और उपभोक्ताओं का भरोसा खरीदारी के फैसलों को प्रभावित कर रहा है। दिल्ली में खुले इस नए एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट से कंपनी की प्रमुख मेट्रो शहरों में विस्तार की रणनीति को भी मजबूती मिलेगी। राजधानी अब प्रीमियम होम अपग्रेड, तकनीक आधारित जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनती जा रही है। वर्ष 2026 में कई एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट्स की सफल शुरुआत के बाद यह स्टोर लिवप्योर की रिटेल ग्रोथ में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस अवसर पर लिवप्योर के प्रबंध निदेशक राकेश कौल ने कहा कि दिल्ली में एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट की शुरुआत भारत के तेजी से बढ़ते शहरी बाजारों में कंपनी की मौजूदगी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि राजधानी के उपभोक्ता तकनीक, स्वास्थ्य और सोच-समझकर किए गए निर्णयों को महत्व देते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए आउटलेट को इस तरह तैयार किया गया है कि ग्राहक पूरे उत्पाद पोर्टफोलियो को समझ सकें और अपनी जरूरत के अनुसार सही विकल्प चुन सकें। नई दिल्ली के इस आउटलेट में लिवप्योर के कई आधुनिक और तकनीक आधारित उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। यहां ग्राहक एआई और आईओटी आधारित समाधानों का अनुभव भी कर सकते हैं। इनमें कंपनी की ‘2X फिल्टर लाइफ’ वॉटर प्यूरीफायर रेंज, मेंटेनेंस-फ्री वॉटर प्यूरीफायर सीरीज़, वॉयस-इनेबल्ड किचन चिमनियां और ऊर्जा बचाने वाले स्मार्ट उपकरण शामिल हैं। आउटलेट में आने वाले ग्राहक उत्पादों का लाइव डेमो देख सकते हैं, उनके प्रदर्शन को समझ सकते हैं और प्रशिक्षित विशेषज्ञों से व्यक्तिगत सलाह भी ले सकते हैं। कंपनी का मानना है कि भारत जैसे विविध बाजारों में ग्राहकों का भरोसा जीतने में फिजिकल रिटेल की भूमिका आज भी बेहद महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए लिवप्योर देशभर में अपने रिटेल नेटवर्क का विस्तार करने की योजना बना रहा है। कंपनी का लक्ष्य अगले वित्त वर्ष के दौरान प्रमुख बाजारों में 100 एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट खोलने का है, ताकि अपने वेलनेस-केंद्रित उत्पादों को अधिक से अधिक भारतीय घरों तक पहुंचाया जा सके।

स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने शकरपुर वार्ड का किया निरीक्षण, सफाई व्यवस्था सुधारने और अतिक्रमण हटाने के दिए निर्देश

नई दिल्ली। स्थायी समिति की अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने शाहदरा (दक्षिणी) जोन वार्ड समिति के अध्यक्ष राम किशोर शर्मा के साथ शुक्रवार को शकरपुर वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान अतिरिक्त आयुक्त पंकज नरेश अग्रवाल, क्षेत्रीय उपायुक्त पुंशीबा सिंह सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण का उद्देश्य क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था, नागरिक सुविधाओं तथा चल रहे विकास कार्यों की स्थिति की समीक्षा करना और आवश्यक दिशा-निर्देश देना था। निरीक्षण के दौरान शकरपुर मार्केट के प्रवेश द्वार के पास नालियों की जाम और जर्जर स्थिति पाई गई। इससे बरसात के समय नालियों के ओवरफ्लो होने और गंदा पानी फैलने से बदबू की समस्या उत्पन्न होती है। इस पर सत्या शर्मा ने पीडब्ल्यूडी को पुनः पत्र लिखकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के क्रम में डीडीए की भूमि पर स्थित सीड बेड पार्क क्षेत्र का भी जायजा लिया गया, जहां अवैध रूप से संचालित मछली बाजार पाया गया। वहां अत्यंत अस्वच्छ स्थिति में मछलियां और मुर्गे रखे गए थे, जिससे आसपास के वातावरण में बदबू फैल रही थी और स्वास्थ्य संबंधी खतरे की आशंका बनी हुई थी। यह स्थान मूल रूप से फलों की बिक्री के लिए निर्धारित था, लेकिन वहां अतिक्रमण कर अवैध रूप से मछली बाजार संचालित किया जा रहा था। इस पर स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे स्पष्ट अतिक्रमण और नियमों का उल्लंघन बताया। उन्होंने क्षेत्रीय उपायुक्त को तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध मछली बाजार को बंद कराने और स्थल को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की अवैध गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सार्वजनिक स्थानों का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्य के अनुसार ही किया जाना चाहिए। सत्या शर्मा ने मार्केट क्षेत्र में रेहड़ी-पटरी के अतिक्रमण से उत्पन्न जाम की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने लाइसेंसिंग विभाग को अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने तथा बाजार में सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एक दुकानदार द्वारा किए गए अतिक्रमण को मौके पर ही हटाया गया। इसके अलावा गोयल ईटिंग प्वाइंट और हनुमान मंदिर के पास नालियों की खराब स्थिति का भी निरीक्षण किया गया और उनके पुनर्निर्माण के निर्देश दिए गए। वहीं शकरपुर मार्केट स्थित संजय पार्क जन रसोई परिसर में प्रस्तावित आयुष्मान आरोग्य मंदिर के निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराने के लिए अधिकारियों को आवश्यक बजट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान शकरपुर रेड लाइट के पास निर्माण एवं विध्वंस का मलबा पाए जाने पर अधिकारियों को उसे तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए। साथ ही सीड बेड पार्क क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित मछली बाजार की खराब स्वच्छता स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल बंद कराने को कहा गया।

एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने केजरीवाल समेत ‘आप’ नेताओं के आरोपमुक्त होने पर सदन में रखा बधाई प्रस्ताव

अदालत से केजरीवाल समेत ‘‘आप’’ नेताओं को आरोप मुक्त होना जाना सत्य-न्याय की जीत: अंकुश नारंग नई दिल्ली। एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने शुक्रवार को एमसीडी मुख्यालय स्थित सिविक सेंटर में आयोजित सदन की बैठक के दौरान आम आदमी पार्टी के नेताओं के अदालत से आरोपमुक्त होने पर बधाई प्रस्ताव रखा। इस दौरान उन्होंने कहा कि अदालत द्वारा देश के लोकप्रिय जननेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आरोपों से मुक्त किया जाना सत्य और न्याय की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता के लालच में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह सहित आम आदमी पार्टी के कई नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रची थी, लेकिन अंततः यह प्रयास विफल साबित हुआ। उन्होंने कहा कि हर कठिन समय में सच और ईमानदार राजनीति का साथ देने वाली दिल्ली की जागरूक जनता भी बधाई की पात्र है। यह जीत सत्य, लोकतंत्र और जनता के विश्वास की जीत है। सदन की बैठक के दौरान अंकुश नारंग ने कहा कि जब एमसीडी में आम आदमी पार्टी की सरकार थी, तब भाजपा के विपक्षी सदस्य अक्सर काली पट्टियां दिखाकर सदन में शोर-शराबा करते थे। उस समय तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष राजा इकबाल सिंह कथित शराब घोटाले के मुद्दे पर काली पट्टी लेकर विरोध जताते थे। इसी संदर्भ में आज उन्होंने सदन में बधाई प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से इस सदन के माध्यम से यह प्रस्ताव रखा जा रहा है कि देश के प्रसिद्ध जननेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को माननीय न्यायालय द्वारा बरी किए जाने के आदेश का सभी सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने हमेशा कानून और संविधान की मर्यादा का सम्मान किया है और यह फैसला देश के लिए महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक है। अंकुश नारंग ने कहा कि सत्ता के लालच में भाजपा ने पिछले दो वर्षों तक आम आदमी पार्टी को परेशान किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं में मनीष सिसोदिया को 17 महीने, संजय सिंह को छह महीने और अरविंद केजरीवाल को करीब पांच महीने जेल में रहना पड़ा। अंततः न्यायालय ने यह तय कर दिया कि यह मामला ही नहीं बनता और सभी नेताओं को बरी कर दिया गया। इसी कारण आम आदमी पार्टी की ओर से सदन में बधाई प्रस्ताव लाया गया है। दलित महिला पार्षद के साथ उत्पीड़न का आरोप अंकुश नारंग ने सदन में दिल्ली में एक दलित महिला पार्षद के साथ उत्पीड़न का मामला भी उठाया। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी की दलित महिला पार्षद ज्योति गौतम के साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब ज्योति गौतम रात करीब 1:30 बजे सड़क का निरीक्षण कर रही थीं, तब उनके साथ धक्का-मुक्की की गई, जिससे वह गिर गईं और उनके कपड़े फट गए। इस घटना में उन्हें चोटें आईं और उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। उनके एक सहयोगी को भी चोटें आईं। नारंग ने आरोप लगाया कि घटना के बावजूद पुलिस और प्रशासन द्वारा कोई जांच नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा के एक विधायक का नाम सामने आ रहा है, लेकिन प्रशासन कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्षद के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर सदन में मेयर से पार्षद ज्योति गौतम को बोलने का अवसर देने की मांग की गई, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया। इसी कारण आम आदमी पार्टी के पार्षदों को वेल में जाकर विरोध दर्ज कराना पड़ा। अंकुश नारंग ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के आरोपमुक्त होने पर उन्होंने सदन में बधाई प्रस्ताव पढ़ा है और इसमें हंगामा करने जैसी कोई बात नहीं थी। उन्होंने कहा कि पहले भाजपा के सदस्य सदन में काली पट्टियां लेकर हंगामा करते थे और कार्यवाही बाधित करते थे। अब जब अदालत का फैसला आ गया है, तो यह स्पष्ट हो गया है कि उस समय लगाए गए आरोप निराधार थे और सदन का बहुमूल्य समय व्यर्थ किया गया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी चाहती है कि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चले और जनता के मुद्दों पर चर्चा हो।

मशहूर सोशल एक्टिविस्ट शनाया शर्मा को “नारी अस्तित्व अवॉर्ड 2026” से सम्मानित किया गया

नई दिल्ली। जानी-मानी सोशल एक्टिविस्ट शनाया शर्मा को महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए “नारी अस्तित्व अवॉर्ड 2026” से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को दिया जाता है। यह पुरस्कार GSILEDU सोसाइटी, माँ सीता रसोई, नेकी की राह और सनातन पथ जैसी सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया जाता है। इन संस्थाओं का उद्देश्य समाजसेवा, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और जरूरतमंदों की सहायता करना है। शनाया शर्मा को यह सम्मान समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर महिलाओं के उत्थान के लिए उनके समर्पित प्रयासों और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव के लिए प्रदान किया गया। उन्होंने अपने कार्यों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। सम्मान प्राप्त करने के बाद शनाया शर्मा ने भावुक शब्दों में खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय उन सभी संस्थाओं और सहयोगियों को दिया, जिन्होंने उनके सामाजिक सफर में उनका मार्गदर्शन और सहयोग किया। उन्होंने जगत गुरु रामभद्राचार्य जी, GSILEDU सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. गौरव शर्मा, श्रीमती मनप्रीत कौर, माँ सीता रसोई के आयोजक आचार्य रामचंद्रदास जी महाराज, श्री चित्र विचित्र बिहारी दास जी महाराज, श्रीमद जगद्गुरु भैया जी महाराज (बल्लभगढ़), नेकी की राह और सनातन पथ से जुड़े सभी पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने इन संगठनों द्वारा सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और समाजहित में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। “नारी अस्तित्व अवॉर्ड 2026” महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से दिया जाता है। यह सम्मान शनाया शर्मा के निरंतर समर्पण, सेवा भाव और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। GSILEDU सोसाइटी शिक्षा के प्रसार और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत एक प्रतिष्ठित संस्था है। वहीं माँ सीता रसोई, नेकी की राह और सनातन पथ भी सेवा, संस्कार और सामाजिक सहयोग के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इस सम्मान के लिए शनाया शर्मा को विभिन्न सामाजिक संगठनों, सहयोगियों और शुभचिंतकों ने बधाई दी है। समाजसेवा के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान से अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिल रही है।