
डीपीएसजी की मनमानी नहीं लिया आरटीई का दाखिला , आईपीए ने मुख्यमंत्री से की मान्यता रद्द करने की अपील
संवाददाता अनिल कुमार
गाज़ियाबाद। जिले के नामी स्कूलों की निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 ( आरटीई ) के अंतर्गत चयनित दुर्बल वर्ग एवं अलभित समूह के बच्चो को दाखिले नहीं देने की मनमानी लगातार जारी है मामला है मेरठ रोड स्थित नामी दिल्ली पब्लिक स्कूल गाजियाबाद का जिसमें अभिभावक अरुण कुमार शर्मा की पुत्री का आरटीई की लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से दुर्बल वर्ग में निःशुल्क प्रवेश के लिए 28 फरवरी 2026 को चयन हुआ था।अभिभावक का आरोप है कि 12 मार्च 2026 को आवंटन पत्र लेकर विद्यालय पहुंचने पर स्कूल प्रबंधन ने प्रवेश देने से मना कर दिया।जिसके बाद अभिभावक ने अपनी बेटी के दाखिले के लिए खंड शिक्षा अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिलाधिकारी से भी प्रार्थना पत्र देकर दाखिले की गुहार लगाई साथ ही अतिरिक्त, विद्या समीक्षा केंद्र (एसएसए- यूपी ) में शिकायत संख्या UP 26RTE00033 तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर संदर्भ संख्या 92614000012782 के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई गई। अभिभावक के अनुसार, कई बार शिकायत करने और अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटने के बावजूद अब तक प्रवेश सुनिश्चित नहीं हो सका जिसके बाद अभिभावक ने अपनी बेटी के दाखिले के लिए मुख्यमत्री दरबार में जाने का निर्णय लिया और 12 अक्टूबर को मुख्यमंत्री दरबार में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई हालांकि मुख्यमंत्री जी के गोरखपुर में होने के कारण उनसे मुलकात नहीं हो पाई लेकिन उपमुख्यमत्री बृजेश पाठक से मुलाकात कर उनको शिकायत पत्र दिया गया और उन्होंने अभिभावक को दाखिला कराने के लिए आश्वस्त किया है इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा त्यागी ने गाजियाबाद में शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (आरटीई) के तहत चयनित बच्ची को विद्यालय में प्रवेश नहीं दिए जाने के मामले में गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से विषय का संज्ञान लेकर बच्ची का दाखिला स्कूल में सुनिश्चित करा” बेटी बचाओ बटी पढ़ाओ ” के नारे को सार्थक करने की अपील एवं दाखिले नहीं लेने वाले स्कूलों की तत्काल प्रभाव से मान्यता रद्द करने की मांग की है।