
चेतन शर्मा
बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना कस्बे में ऐतिहासिक रामलीला की परंपरा आज भी लोगों की आस्था और आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। लगभग 200 वर्षों से आयोजित हो रही इस रामलीला के दौरान हर साल विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग रामलीला और मेले का आनंद लेने के लिए पहुंचते हैं। इसी परंपरा के तहत इस वर्ष भी रामलीला कमेटी के अध्यक्ष आशीष जैन के नेतृत्व में भगवान श्रीराम की भव्य बारात निकाली गई।
राम बारात में सजीव झांकियों और भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत तथा शत्रुघ्न के आकर्षक स्वरूपों ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। बारात के दौरान कस्बे में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा और जगह-जगह लोगों ने इसका स्वागत किया।
चांदनी वाले मंदिर से शुरू हुई राम बारात
रामलीला कमेटी के सदस्य मनीष शर्मा ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रीराम बारात धूमधाम से निकाली गई। बारात की शुरुआत चांदनी वाले मंदिर से हुई। इसके बाद बारात बुढ़ाना कस्बे के बड़े बाजार सहित विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। लगभग तीन से चार किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद बारात वापस चांदनी वाले मंदिर पहुंची, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ।
बारात में शामिल सुंदर झांकियां और रामायण के प्रमुख पात्रों के आकर्षक स्वरूप लोगों के लिए विशेष आकर्षण रहे। रास्ते में स्थानीय लोगों ने बारात का स्वागत किया और धार्मिक आयोजन में भागीदारी निभाई।
जगह-जगह की गई जलपान की व्यवस्था
राम बारात के स्वागत के लिए विभिन्न स्थानों पर जलपान की व्यवस्था की गई थी। रामलीला कमेटी के सदस्य मनीष शर्मा के अनुसार, लाला दिनेश आढ़ती के यहां भव्य नाश्ते का आयोजन किया गया। वहीं, राष्ट्रीय लोकदल की नेता अनुपमा चौधरी की ओर से भी बारात के लिए दावत की व्यवस्था की गई।
आयोजन में प्रेम त्यागी, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष आशीष जैन, अरविंद सिंघल, आशीष सिंघल, राजेश शर्मा, राजू वर्मा और मनीष शर्मा सहित कमेटी के लगभग 150 सदस्य मौजूद रहे। इसके अलावा क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
रामलीला के पात्र निभा रहे हैं महत्वपूर्ण भूमिका
इस वर्ष रामलीला में विभिन्न कलाकार रामायण के प्रमुख पात्रों की भूमिका निभा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भगवान श्रीराम की भूमिका लक्षित गोयल, लक्ष्मण की भूमिका वर्णित गोयल, भरत की भूमिका दामोदर शर्मा, शत्रुघ्न की भूमिका धर्मेंद्र गोयल और माता सीता की भूमिका माधव शर्मा निभा रहे हैं।
इसी क्रम में राजा दशरथ की भूमिका आशीष गोयल, राजा जनक की भूमिका अंश त्यागी और विश्वामित्र की भूमिका टीनू गोयल निभा रहे हैं। बाणासुर की भूमिका चंचल त्यागी को सौंपी गई है। इसके अलावा राजेश शर्मा, टोनू गोयल, अनुराग सिंघल, सोनू कुमार शर्मा, वाला राजू शर्मा, दामोदर शर्मा, गौरव कुमार, अश्विनी त्यागी, प्रवीण कुमार कश्यप, अंकित बंसल और आर्यन सहित अन्य कलाकार भी रामलीला के आयोजन में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। देवताओं के पात्रों में सुनील ठाकुर, अनुराग सिंघल और नितिन मित्तल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
धार्मिक परंपरा से जुड़ा है बुढ़ाना का आयोजन
बुढ़ाना की रामलीला स्थानीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। वर्षों से आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को देखने और समझने का अवसर मिलता है। राम बारात जैसे आयोजनों में स्थानीय लोगों की भागीदारी से धार्मिक उत्सव का माहौल बनता है।
इस वर्ष भी रामलीला कमेटी के सदस्यों और क्षेत्रवासियों के सहयोग से श्रीराम बारात का आयोजन संपन्न हुआ। आयोजन में श्रद्धालुओं की भागीदारी ने बुढ़ाना की पुरानी रामलीला परंपरा को एक बार फिर सामने रखा।