
हसपुरा(औरंगाबाद):हसपुरा के प्राचीन दुर्गा मंदिर परिसर में रामलीला को लेकर प्रतिदिन पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।रामलीला के चौथे दिन बुधवार की रात श्रीराम और माता-सीता के विवाह प्रसंग का मंचन देख दर्शक भाव विभोर हो उठे। इस मौके पर मुख्य संरक्षक डॉ.संजय प्रसाद,कमिटी के अध्यक्ष अनिल आर्य,सांस्कृतिक प्रकोष्ठ प्रभारी सुरेश आर्य,कोषाध्यक्ष बैजू प्रसाद ने कहा कि समाज को नई दिशा देने के लिए रामलीला जैसे धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन जरूरी है।मौके पर समिति द्वारा अतिथियों को अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया।राम-सीता विवाह के मंचन में ग्रामीणों की सक्रियता ने आयोजन को रोचक बना दिया।विवाह की रस्मों में महिला-पुरुषों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।महिलाएं द्वारा मांगलिक गीतो से पूरा परिसर गूंज उठा।रामलीला के माहौल ने हसपुरा बाजार को राजा जनक की नगरी जनकपुर में तब्दील कर दिया।रामजी की बारात,द्वार पूजा, लक्ष्मण-परशुराम संवाद और विवाह की विभिन्न रस्मों का आकर्षक मंचन किया गया। महिलाओं ने पारंपरिक विवाह गीत प्रस्तुत किया। रस्मों में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।इससे कलाकारों और दर्शकों के बीच की दूरी मिट गई। पूरा आयोजन वास्तविक विवाह समारोह जैसा प्रतीत होने लगा।डॉ.अरविंद कुमार,अशोक ज्वाला, रोहित कुमार,प्रकाश कुमार, रंकज कुमार उपस्थित थे।