सीएम की सौगात, ग्राम प्रहरियों का बढ़ाया मानदेय, अब मिलेंगे 3500 रुपये
68 हजार ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की मिलेगी सुविधा 2017 से पहले जो सत्ता में थे, वही लूट-खसोट करते थे, जो रहनुमा थे वही चोर भी थे: सीएम योगी बरेली, 13 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेश के करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय एक हजार रुपये बढ़ाने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार ग्राम प्रहरियों व उनके परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये कैशलेस इलाज की सुविधा भी देने जा रही है। मानदेय में एकमुश्त 40 प्रतिशत की वृद्धि से अब उन्हें 2500 के बजाय 3500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इस तरह प्रत्येक ग्राम प्रहरी को सालाना 12 हजार रुपये की अतिरिक्त आय होगी। वर्ष 2017 में ग्राम प्रहरियों को महज 1500 रुपये मानदेय मिलता था, जिसे वर्ष 2019 में बढ़ाकर 2500 रुपये किया गया था। अब जिम्मेदारी के साथ सरकार उनकी सुविधाएं भी बढ़ा रही है। ग्राम प्रहरी गांव की सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनकी सजगता और समय पर दी गई सूचना किसी बड़ी अनहोनी को टाल सकती है। बरेली पुलिस लाइन में आयोजित भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के पहले जो लोग सत्ता में थे, वही लूट-खसोट भी करते थे। जो रहनुमा थे, वही चोर भी थे, वही डकैती डालते थे या डलवाते थे। तो जनता किससे उम्मीद करती? पुलिस भी मौन रह जाती थी। आज उत्तर प्रदेश में अपराधियों के मन में कानून का भय है। लोग बेखौफ होकर पर्व-त्योहार मनाते हैं। नवरात्रि पर मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इसका जीवंत उदाहरण है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था के प्रति देश-दुनिया की धारणा बदल चुकी है। बेटी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले या लूट-चेन स्नेचिंग करने वाले अपराधियों का गंभीर परिणाम भुगतना तय है। जिन लोगों ने बुराई पाली थी, जनता ने उनको जवाब दे दिया और जो अच्छाई लेकर के चले थे, वे प्रदेश को भी अच्छा बनाने में सफल हुए हैं। अब उपद्रव नहीं, उत्सव मनाता है उत्तर प्रदेशमुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की तृतीया तिथि पर मां चंद्रघंटा को नमन करते हुए कहा कि घंटे का नाद भयमुक्त वातावरण पैदा करता है। जगत जननी मां भगवती का यह स्वरूप असुरों, अराजक तत्वों, दंगाइयों और आतंकियों के मन में भय पैदा करने का प्रतीक है। यह गूंज घंटे की भी हो सकती है और हमारी कड़कदार आवाज की भी। वर्ष 2017 से पहले कोई पर्व या त्योहार आने से पहले ही उपद्रव शुरू हो जाता था। लोग उत्सव मनाने के बजाय अशांति की आशंका से चिंतित रहते थे। अब लोग उपद्रव भूल चुके हैं और प्रदेशभर में शारदीय नवरात्रि का आयोजन हर्षोल्लास से हो रहा है। देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में दर्शन कर पा रहे हैं, क्योंकि सरकार ने सुरक्षा की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की है। हजारों स्थानों पर स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं और पूजा पंडालों में आस्था का उत्सव इसी सुरक्षित वातावरण का प्रमाण है। यूपी के लोगों को अब पहचान छिपाने की जरूरत नहींमुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित उत्तर प्रदेश ने देश और दुनिया में अपनी छवि बदल दी है। पहले मुट्ठीभर लोगों के अपराधों का खामियाजा प्रदेश के 25 करोड़ लोगों को भुगतना पड़ता था। सबके सामने पहचान का संकट था। यूपी के बाहर जाने पर लोग अपनी पहचान छिपाने को मजबूर होते थे। स्थिति यह थी कि धर्मशालाओं और होटलों में कमरा मिलना मुश्किल होता था। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद सबसे बड़ी चिंता इस धारणा को बदलने की थी। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार ने इस दिशा में सफलता हासिल की है। अब उत्तर प्रदेश के लोगों को अपनी पहचान छिपाने की जरूरत नहीं है। जो लोग पहले यूपी से दूरी बनाते थे, आज वे उत्तर प्रदेश के करीब आना चाहते हैं। सुरक्षा का माहौल बनने से व्यापार बढ़ा है और निवेश को प्रोत्साहन मिला है। रोजगार के अवसर बढ़े और विकास की गति तेज हुई है। पुलिस के साथ होमगार्ड, पीआरडी और ग्राम प्रहरियों को भी सम्मानमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि पुलिस को अच्छी ट्रेनिंग और सुविधाएं मिलें तो होमगार्ड, पीआरडी जवानों, और ग्राम प्रहरियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। इन सभी को सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना आवश्यक है। वर्ष 2017 से पहले ग्राम प्रहरियों की कोई सुध लेने वाला नहीं था। उस समय प्रदेश में करीब 68 हजार ग्राम पंचायतें थीं। अनेक ग्राम पंचायतों के नगर निकायों में शामिल होने और प्रशासनिक बदलावों के बाद आज भी प्रदेश में 57,600 से अधिक ग्राम पंचायतें हैं। प्रदेश में करीब 1.05 लाख राजस्व गांव हैं। इतने बड़े ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम प्रहरियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि अंतिम पायदान पर बैठा व्यक्ति सजग और सचेत है, तो गांव में कोई भी अप्रिय घटना होने से पहले उसकी जानकारी मिल सकती है। ग्राम प्रहरी की भूमिका यहीं से शुरू होती है। ग्राम प्रहरी अपने गांव में सजग रहकर सूचनाएं एकत्र करें। किसी आपात स्थिति में फोन के माध्यम से थानाध्यक्ष या क्षेत्र के दरोगा को सूचना दें। थानाध्यक्ष अथवा क्षेत्र का दरोगा सप्ताह में कम से कम एक दिन ग्राम प्रहरियों के साथ बैठक कर सूचनाएं एकत्र करे और समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करे। सीसीटीवी कैमरे की तरह है ग्राम प्रहरियों की भूमिकामुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों की भूमिका को गांव की सुरक्षा व्यवस्था में सीसीटीवी कैमरे के समान महत्वपूर्ण बताया। ग्राम प्रहरी सजग रहकर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकते हैं। उन्हें किसी से उलझने या स्वयं कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है। उनका प्रमुख काम गांव में रहकर गतिविधियों पर नजर रखना, विश्वसनीय सूचना एकत्र करना और उसे समय पर पुलिस तक पहुंचाना है। कोई सूचना पूरी तरह पुष्ट न भी हो, लेकिन यदि कोई संदिग्ध बात सामने आई है तो उसकी जानकारी पुलिस को दी जा सकती है, ताकि उसकी सत्यता की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जा सकें। अफवाहों, वन्यजीवों और भू-माफिया पर भी रखें नजरमुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के समय गांवों में अफवाहें तेजी से फैलती हैं। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जैसे जिलों
नारी के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन के लिए समर्पित है सरकार: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने किया पोस्ट- नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाभिमान ही सशक्त-समृद्ध समाज का आधार नारी सशक्तीकरण के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रही डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री 2017 से पहले अराजकता के तांडव ने महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान पर लगा रखा था ग्रहण लखनऊ, 13 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की तृतीया पर मां चंद्रघंटा के स्वरूप की आराधना की। इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा कि डबल इंजन सरकार की हर पहल नारी के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन के लिए समर्पित है। मां चंद्रघंटा के दिव्य स्वरूप का संदेशमुख्यमंत्री ने लिखा कि नारी शक्ति के तेज, गरिमा और अदम्य साहस के प्रतीक के रूप में मां चंद्रघंटा का दिव्य स्वरूप हमें यह संदेश देता है कि नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाभिमान ही सशक्त और समृद्ध समाज का आधार है। इसी भावना को आत्मसात कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार सुशासन के माध्यम से नारी सशक्तीकरण के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। 2017 से पहले सत्ताधीशों के परिवारों का होता था सशक्तीकरणमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में फैले अराजकता के तांडव ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पर ग्रहण लगा रखा था। उस समय माताओं-बहनों के सशक्तीकरण के बजाय सत्ताधीशों के परिवारों का सशक्तीकरण ही मुख्य उद्देश्य हुआ करता था। मातृत्व को सहारा, इज्जत घर से गरिमा की रक्षामुख्यमंत्री ने कहा कि अब ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ से बेटियों के अस्तित्व की रक्षा, शिक्षा के प्रति जागरूकता, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से उनके उज्ज्वल भविष्य को संबल, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से विवाह को गरिमापूर्ण आधार, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मातृत्व को सहारा, उज्ज्वला से धुएं से मुक्ति, इज्जत घर से गरिमा की रक्षा, घरौनी से संपत्ति का अधिकार, 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए आजीवन निःशुल्क बस यात्रा और वृद्धावस्था पेंशन के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा तक, डबल इंजन सरकार की हर पहल नारी के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन के लिए समर्पित है।
मुख्यमंत्री के दरबार मे पहुंचा आरटीई के दाखिले का मामला , उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने दिया आश्वासन
डीपीएसजी की मनमानी नहीं लिया आरटीई का दाखिला , आईपीए ने मुख्यमंत्री से की मान्यता रद्द करने की अपील संवाददाता अनिल कुमार गाज़ियाबाद। जिले के नामी स्कूलों की निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 ( आरटीई ) के अंतर्गत चयनित दुर्बल वर्ग एवं अलभित समूह के बच्चो को दाखिले नहीं देने की मनमानी लगातार जारी है मामला है मेरठ रोड स्थित नामी दिल्ली पब्लिक स्कूल गाजियाबाद का जिसमें अभिभावक अरुण कुमार शर्मा की पुत्री का आरटीई की लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से दुर्बल वर्ग में निःशुल्क प्रवेश के लिए 28 फरवरी 2026 को चयन हुआ था।अभिभावक का आरोप है कि 12 मार्च 2026 को आवंटन पत्र लेकर विद्यालय पहुंचने पर स्कूल प्रबंधन ने प्रवेश देने से मना कर दिया।जिसके बाद अभिभावक ने अपनी बेटी के दाखिले के लिए खंड शिक्षा अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिलाधिकारी से भी प्रार्थना पत्र देकर दाखिले की गुहार लगाई साथ ही अतिरिक्त, विद्या समीक्षा केंद्र (एसएसए- यूपी ) में शिकायत संख्या UP 26RTE00033 तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर संदर्भ संख्या 92614000012782 के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई गई। अभिभावक के अनुसार, कई बार शिकायत करने और अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटने के बावजूद अब तक प्रवेश सुनिश्चित नहीं हो सका जिसके बाद अभिभावक ने अपनी बेटी के दाखिले के लिए मुख्यमत्री दरबार में जाने का निर्णय लिया और 12 अक्टूबर को मुख्यमंत्री दरबार में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई हालांकि मुख्यमंत्री जी के गोरखपुर में होने के कारण उनसे मुलकात नहीं हो पाई लेकिन उपमुख्यमत्री बृजेश पाठक से मुलाकात कर उनको शिकायत पत्र दिया गया और उन्होंने अभिभावक को दाखिला कराने के लिए आश्वस्त किया है इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा त्यागी ने गाजियाबाद में शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (आरटीई) के तहत चयनित बच्ची को विद्यालय में प्रवेश नहीं दिए जाने के मामले में गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से विषय का संज्ञान लेकर बच्ची का दाखिला स्कूल में सुनिश्चित करा” बेटी बचाओ बटी पढ़ाओ ” के नारे को सार्थक करने की अपील एवं दाखिले नहीं लेने वाले स्कूलों की तत्काल प्रभाव से मान्यता रद्द करने की मांग की है।
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना मे धूमधाम से निकली प्रभु श्री राम जी बारात
चेतन शर्माबुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना कस्बे में ऐतिहासिक रामलीला की परंपरा आज भी लोगों की आस्था और आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। लगभग 200 वर्षों से आयोजित हो रही इस रामलीला के दौरान हर साल विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग रामलीला और मेले का आनंद लेने के लिए पहुंचते हैं। इसी परंपरा के तहत इस वर्ष भी रामलीला कमेटी के अध्यक्ष आशीष जैन के नेतृत्व में भगवान श्रीराम की भव्य बारात निकाली गई।राम बारात में सजीव झांकियों और भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत तथा शत्रुघ्न के आकर्षक स्वरूपों ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। बारात के दौरान कस्बे में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा और जगह-जगह लोगों ने इसका स्वागत किया।चांदनी वाले मंदिर से शुरू हुई राम बारातरामलीला कमेटी के सदस्य मनीष शर्मा ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रीराम बारात धूमधाम से निकाली गई। बारात की शुरुआत चांदनी वाले मंदिर से हुई। इसके बाद बारात बुढ़ाना कस्बे के बड़े बाजार सहित विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। लगभग तीन से चार किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद बारात वापस चांदनी वाले मंदिर पहुंची, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ।बारात में शामिल सुंदर झांकियां और रामायण के प्रमुख पात्रों के आकर्षक स्वरूप लोगों के लिए विशेष आकर्षण रहे। रास्ते में स्थानीय लोगों ने बारात का स्वागत किया और धार्मिक आयोजन में भागीदारी निभाई।जगह-जगह की गई जलपान की व्यवस्थाराम बारात के स्वागत के लिए विभिन्न स्थानों पर जलपान की व्यवस्था की गई थी। रामलीला कमेटी के सदस्य मनीष शर्मा के अनुसार, लाला दिनेश आढ़ती के यहां भव्य नाश्ते का आयोजन किया गया। वहीं, राष्ट्रीय लोकदल की नेता अनुपमा चौधरी की ओर से भी बारात के लिए दावत की व्यवस्था की गई।आयोजन में प्रेम त्यागी, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष आशीष जैन, अरविंद सिंघल, आशीष सिंघल, राजेश शर्मा, राजू वर्मा और मनीष शर्मा सहित कमेटी के लगभग 150 सदस्य मौजूद रहे। इसके अलावा क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। रामलीला के पात्र निभा रहे हैं महत्वपूर्ण भूमिका इस वर्ष रामलीला में विभिन्न कलाकार रामायण के प्रमुख पात्रों की भूमिका निभा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भगवान श्रीराम की भूमिका लक्षित गोयल, लक्ष्मण की भूमिका वर्णित गोयल, भरत की भूमिका दामोदर शर्मा, शत्रुघ्न की भूमिका धर्मेंद्र गोयल और माता सीता की भूमिका माधव शर्मा निभा रहे हैं।इसी क्रम में राजा दशरथ की भूमिका आशीष गोयल, राजा जनक की भूमिका अंश त्यागी और विश्वामित्र की भूमिका टीनू गोयल निभा रहे हैं। बाणासुर की भूमिका चंचल त्यागी को सौंपी गई है। इसके अलावा राजेश शर्मा, टोनू गोयल, अनुराग सिंघल, सोनू कुमार शर्मा, वाला राजू शर्मा, दामोदर शर्मा, गौरव कुमार, अश्विनी त्यागी, प्रवीण कुमार कश्यप, अंकित बंसल और आर्यन सहित अन्य कलाकार भी रामलीला के आयोजन में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। देवताओं के पात्रों में सुनील ठाकुर, अनुराग सिंघल और नितिन मित्तल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। धार्मिक परंपरा से जुड़ा है बुढ़ाना का आयोजन बुढ़ाना की रामलीला स्थानीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। वर्षों से आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को देखने और समझने का अवसर मिलता है। राम बारात जैसे आयोजनों में स्थानीय लोगों की भागीदारी से धार्मिक उत्सव का माहौल बनता है।इस वर्ष भी रामलीला कमेटी के सदस्यों और क्षेत्रवासियों के सहयोग से श्रीराम बारात का आयोजन संपन्न हुआ। आयोजन में श्रद्धालुओं की भागीदारी ने बुढ़ाना की पुरानी रामलीला परंपरा को एक बार फिर सामने रखा।
चार स्वर्ण पदक जीतने वाले सूरज कुमार को पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने किया सम्मानित
औरंगाबाद। भाजपा के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने अपने आवासीय कार्यालय ‘सिंह कोठी’ में देव प्रखंड के रियासत पवई निवासी सूरज कुमार को नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित डब्ल्यूआरपी फेडरेशन वर्ल्ड कप पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में चार स्वर्ण पदक जीतने पर अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया और बधाई दी। पूर्व सांसद ने कहा कि सूरज कुमार ने अपनी शानदार उपलब्धि से देश और औरंगाबाद जिले का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है। 9 से 11 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में 67.5 किलोग्राम भार वर्ग के अंतर्गत सूरज कुमार ने कुल 560 किलोग्राम वजन उठाकर फुल पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा उन्होंने बेंच प्रेस में 127.5 किलोग्राम, स्क्वाट में 205 किलोग्राम और डेडलिफ्ट में 227.5 किलोग्राम वजन उठाकर तीन अन्य स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इस अवसर पर बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता सुनील सिंह, कोच सुबेस्टिन जॉन, पूर्व सांसद प्रतिनिधि अश्विनी सिंह, देव के पूर्व उप प्रमुख मनीष पाठक, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता आदित्य शेखर, युवा भाजपा नेता प्रवीर सिंह, शुभेन्दु शेखर, रवि सिंह, महेंद्र भगत, भाजपा जिलामंत्री सुबोध सिंह, भाजपा नेता पप्पू सिंह, आलोक सिंह, दीपक सिंह, धीरज पांडेय, पूर्व मुखिया विनय मिश्रा, रविंद्र शर्मा, अशोक सिंह और जिला मीडिया प्रभारी मितेंद्र सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने सूरज कुमार को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।