मथुरा में रेलवे स्टेशन पर सुबह दिखी अफरा-तफरी, कांग्रेस और सपा नेताओं ने सरकार पर लगाए मनमानी के आरोप
मथुरा। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर उत्तर मध्य रेलवे ने शनिवार को 14 ट्रेनों को रद्द कर दिया। अचानक ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल रहा, हालांकि बाद में यात्रियों की भीड़ कम हो गई।
उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि यातायात संबंधी एडवाइजरी के अनुसार, सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे तक नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आसपास जाम और भीड़ की आशंका थी। इसके मद्देनजर कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशन से ही रद्द करने का निर्णय लिया गया।
रद्द की गई प्रमुख ट्रेनों में मेवाड़ एक्सप्रेस, कोटा जनशताब्दी एक्सप्रेस, महाकौशल एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस, संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, निजामुद्दीन-जबलपुर एक्सप्रेस, निजामुद्दीन-इंदौर एक्सप्रेस और निजामुद्दीन-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस शामिल हैं। आगरा फोर्ट-गाजियाबाद और कोसी कलां-गाजियाबाद ईएमयू ट्रेनें भी रद्द रहीं।
अमृतसर जाने वाले यात्री दिनेश ने बताया कि उन्होंने पहले से रिजर्वेशन कराया था, लेकिन ट्रेन रद्द होने की जानकारी मिलने से उनकी यात्रा प्रभावित हुई।
इस बीच कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने सरकार पर विरोध की आवाज दबाने का आरोप लगाया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रदीप माथुर ने ट्रेनें रद्द किए जाने को आम जनता के अधिकारों से जुड़ा मामला बताया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन इसके कारण आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने दावा किया कि उन्हें गुरुवार से नजरबंद रखा गया है और शहर से बाहर जाने की अनुमति नहीं है। वहीं, सपा महानगर अध्यक्ष रितु गोयल ने भी नजरबंदी का आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों को अनावश्यक परेशानी हुई है।