
कुलदीप कुमार
देहरादून: देहरादून के एक निजी होटल में आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी सांसद कुमारी शैलजा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, कैंपेन कमेटी अध्यक्ष प्रीतम सिंह सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय, कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच, प्रदेश में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, भर्ती घोटालों, पलायन और उत्तराखंड के संसाधनों की कथित लूट जैसे मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरा।
कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड की जनता के सम्मान, महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के भविष्य और प्रदेश के संसाधनों की रक्षा के लिए कांग्रेस सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय की मांग, वीआईपी की भूमिका पर जवाब दे सरकार
उन्होंने ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक बेटी को न्याय दिलाने का मामला नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता, महिलाओं की सुरक्षा और सत्ता की जवाबदेही का सवाल है। परिवार द्वारा उठाए जा रहे कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब अब तक नही मिला है।
उन्होंने भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि अंकिता प्रकरण से जुड़े सवालों के बीच इस नियुक्ति ने उत्तराखंड की जनता की भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक प्रभाव या पद के कारण जांच से परे रखने के कारण ये कदम उठाया गया है और कांग्रेस पार्टी के साथ समस्त उत्तराखंड की जनता का विरोध करती है। यहां तक कि अब सिक्किम में भी दुष्यंत गौतम के गवर्नर पद पर नियुक्ति का विरोध हो रहा है। भाजपा सरकार इस मामले में प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता की न्याय की लड़ाई को कमजोर करने की कोशिश को नाकाम करेगी कांग्रेस और जब अंकिता के माता-पिता दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने पर पहुंचे तो राहुल गांधी और प्रियंका गांधी मैं कहां पहुंच कर उनसे मुलाकात की और कांग्रेस पहले से इस लड़ाई को लड़ रही है और इस लड़ाई को लड़ती रहेगी जब तक न्याय नहीं मिलता।
उन्होंने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल द्वारा गांधी जी की प्रतिमा के समक्ष उपवास सहित लगातार विरोध कार्यक्रमों, वरिष्ठ नेताओं के प्रदर्शनों, ज्ञापन सौंपने और विभिन्न जिलों में कैंडल मार्च के माध्यम से जनता की आवाज उठाई जा रही है।
14 अक्टूबर को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा अंकिता के माता-पिता के समर्थन में पहुंचना तथा राहुल गांधी द्वारा राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग करना इस संघर्ष को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और सरकार को साफ संदेश है की पूरी कांग्रेस अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए उनके साथ खड़ी है।
15 अक्टूबर को वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी मांगें दोहराईं। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ टकराव और धक्का-मुक्की के बीच कांग्रेसजन ज्ञापन सौंपने में सफल रहे। 16 अक्टूबर को निकाली गई विशाल बाइक रैली के माध्यम से भी न्याय की मांग बुलंद की गई।
उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय मिलने और परिवार के सवालों का संतोषजनक उत्तर मिलने तक पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।
उत्तराखंड के सम्मान और अस्मिता से समझौता नहीं
कुमारी शैलजा ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों ने उत्तराखंड की जनता की भावनाओं और सम्मान को लगातार नजरअंदाज किया है। उत्तराखंड राज्य का निर्माण जनता के संघर्ष और बलिदान से हुआ था, लेकिन आज प्रदेश के नागरिक भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, पलायन और संसाधनों की लूट से परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के साथ-साथ प्रदेश के व्यापक जनहित के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। कांग्रेस सेवादल द्वारा दिल्ली में 17 अक्टूबर को निकाले गए कैंडल मार्च तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित विरोध कार्यक्रम इसी संघर्ष का हिस्सा हैं।
भ्रष्टाचार, भूमि और खनन माफिया पर सरकार जवाब दे
कुमारी शैलजा ने प्रदेश में सड़कों के निर्माण, सरकारी ठेकों और विकास कार्यों में भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमि संबंधी बड़े सौदों में प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है और खनन माफिया को संरक्षण मिलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जमीन, प्राकृतिक संसाधन और सार्वजनिक धन जनता की संपत्ति हैं। इनका इस्तेमाल प्रदेश के विकास के लिए होना चाहिए, न कि चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए।
कांग्रेस ने मांग की कि संदिग्ध भूमि सौदों, सरकारी ठेकों और खनन गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो।
बेरोजगारी, पेपर लीक और पलायन पर युवाओं को जवाब चाहिए
कुमारी शैलजा ने कहा कि प्रदेश के युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं के भविष्य और भरोसे को चोट पहुंचाई है। दूसरी ओर, पहाड़ के अनेक गांव पलायन के कारण खाली होते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गांवों में बुनियादी सुविधाओं, रोजगार और आजीविका के अवसरों की कमी के कारण लोगों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार को रोजगार सृजन, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और पलायन रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों की आवाज को हर स्तर पर उठाया जा रहा है और प्रदेश सरकार को उनके सवालों का जवाब देना होगा।
बद्रीनाथ के चढ़ावे के मामले में निष्पक्ष जांच हो
कुमारी शैलजा ने बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता प्रकरण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा धर्म और आस्था के नाम पर राजनीति करती है और चुनावों में वोटों के लिए ध्रुवीकरण का सहारा लेती है और भाजपा ही धार्मिक संस्थानों से जुड़े चंदे पर डाका डालती है। चढ़ावे की चोरी की सत्यता छुपाई जा रही है।
उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, जिम्मेदारी तय की जाए और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े धन का हिसाब सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि आस्था के नाम पर राजनीतिक ध्रुवीकरण और वित्तीय अनियमितताओं पर पर्दा डालने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।
महिला एवं बाल कल्याण से जुड़े खर्चों की जांच हो
कुमारी शैलजा ने महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य से जुड़े विभागों में कथित वित्तीय अनियमितताओं के उनके पति द्वारा आरोपों को लेकर सवाल उठाए। नेताओं ने राशन वितरण, मध्याह्न भोजन योजना, राष्ट्रीय खेलों से संबंधित खर्चों तथा अन्य विभागीय मदों में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की।
उन्होंने सवाल किया कि यदि संबंधित विभागों में गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई हैं, तो सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की है? क्या सरकार इतनी निकम्मी है कि मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों को इन शिकायतों की जानकारी नहीं थी, या फिर कार्रवाई जानबूझकर टाली गई? और क्या उनको भी इसमें हिस्सा मिल रहा था?
पार्टी ने एसआईटी की जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच का उद्देश्य सच्चाई सामने लाना होना चाहिए, न कि किसी को बचाना। उन्होंने मांग की कि आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।