ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस का राष्ट्रीय स्तर पर हुआ पुनर्गठन
पटना : ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस का राष्ट्रीय स्तर पर पुनर्गठन किया है ,जिनमें प्रत्येक प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष,महासचिव एवं संयोजक बनाये गए हैं। उपरोक्त जानकारी देते हुए ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि एक बार फिर से दीपक अभिषेक पर भरोसा जताते हुए उन्हें बिहार प्रदेश अध्यक्ष के साथ-साथ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेवारी दी गई है,वहीं नूतन सिन्हा को को असम प्रदेश की अध्यक्षा बनाया गया है,जबकि मुकेश श्रीवास्तव को छत्तीसगढ का प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश महासचिव की जवाबदेही ज्ञान प्रकाश को दी गयी है।श्री प्रसाद ने बताया संजय सिन्हा(गुजरात),रजनी श्रीवास्तव( हरियाणा),ब्रिगेडियर अनिल कायस्थ (हिमाचल),नीरज सहाय(झारखंड),नीतेश शरण (कर्नाटक),शैलेन्द्र श्रीवास्तव(मध्य प्रदेश),अशोक दास (पश्चिम बंगाल),गिरीश माथुर (राजस्थान),सुभाष कुमार श्रीवास्तव(तेलंगाना),शुभ्रांशु श्रीवास्तव (उत्तर प्रदेश)के प्रदेश अध्यक्ष बनाये गये हैं,इसके अतिरिक्त संजय कामता प्रसाद को महाराष्ट्र का प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।श्री प्रसाद ने बताया कि अनिल चंचल को महाराष्ट्र प्रदेश का संयोजक एवं सुनील कुमार को महाराष्ट्र प्रदेश का महासचिव बनाया गया है।ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस के राष्ट्रीय सचिव बृज भूषण श्रीवास्तव ने बताया कि सुनील श्रीवास्तव (असम),ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव (छत्तीसगढ),उत्कर्ष आनंद (कर्नाटक),रंजीत कर्ण (पश्चिम बंगाल),दीपेश भटनागर (राजस्थान) एवं राजीव सक्सेना को उत्तर प्रदेश का प्रदेश महासचिव बनाया गया है।
81 साल से जम्होर दुर्गा मैदान में आयोजित हो रही है दुर्गा पूजा
औरंगाबाद :सदर प्रखंड स्थित ग्राम जम्होर की हृदय स्थली दुर्गा मैदान के प्रांगण में नवरात्रि पर्व के निमित्त महा सप्तमी के अवसर पर मां दुर्गा का पट भक्तिमय वातावरण में खुला ।योग्य आचार्यों के सान्निध्य में वेद मंत्रोच्चार के साथ मां दुर्गा एवं अन्य देवी देवताओं की षोडशोपचार विधि विधान से विशेष पूजा अर्चना की गई। महाआरती की गई । महाआरती में माता के विभिन्न रूपों से संबंधित आरती की गयी ।जम्होर विकास मंच के संयोजक सुरेश विद्यार्थी ने बताया कि दुर्गा मैदान में 81 वर्षों से मां दुर्गा की पूजा- आराधना होते आ रही है। 1945 ईस्वी में इसकी शुरुआत की गई थी। शुरुआती दौर में दुर्गा मैदान के पूर्वी छोर के पास चबूतरा बनाकर मां दुर्गा की पूजा की जाती थी। बाद के वर्षों में इस स्थान पर भव्य एवं दिव्य दो मंजिली इमारत खड़ी की गई ।जम्होर के स्थानीय नागरिकों ने इस इमारत को खड़ा करने का कार्य किया था ।संध्या में प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाता है।
पट खुलते ही भक्तिमय हुआ हसपुरा क्षेत्र
हसपुरा(औरंगाबाद): मां काली पूजा महोत्सव को लेकर हसपुरा में उत्साह तथा उमंग देखा जा रहा है।शनिवार को मां का पट खुल गया। दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई है।हसपुरा के बड़ी खेल मैदान में 5 वर्षों से लगातार मां काली पूजा महोत्सव हो रहा है।प्रखंड में मात्र एक ही जगह काली पूजा होती है।पहले प्रखंड में कहीं नही होती थी।हसपुरा में 2022 से काली महोत्सव की शुरुआत की गई है। महोत्सव बड़े ही श्रद्धा व उमंग के साथ मनाया जा रहा है।इसे सफल बनाने को लेकर कमिटी के साथ ग्रामीण भी सहयोग करते हैं।श्रद्धालू मां से आशीर्वाद लेने दूर-दूर से पहुंच रहे हैं।पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह चरम पर है।भक्तिगीतों से क्षेत्र गुंजायमान है। कमिटी के अध्यक्ष बैजू कुमार,कोषाध्यक्ष दिलीप कुमार,उप कोषाध्यक्ष शंकर गुप्ता,सचिव सरोज कुमार,उपाध्यक्ष संजीत कुमार समेत सभी सदस्य व श्रद्धालुओं की सक्रियता तेज हो गई है।बताया गया कि यहां 21 अक्टूबर को शोभा यात्रा व 22 को भंडारा है।यहां का भंडारा पूरे प्रखंड में प्रसिद्ध है।क्योंकि भंडारा का रूप भव्य होता है।कमिटी द्वारा भक्तिभाव से सभी को खिलाया जाता है।इसलिए महोत्सव से लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है।यहां का काली पूजा महत्वपूर्ण पूजा में से एक है। अन्य प्रखंडों तथा दूर-दूर से श्रद्धालुओं काली की पूजा करने आते हैं।यहां भक्तगणों को मां काली के विभिन्न स्वरूपों के बारे में जानकारी मिलती है। इनकी स्वयं की और शत्रुओं का नियंत्रण होता है। इनकी उपासना से तंत्र मंत्र के सारे असर समाप्त हो जाते हैं। आचार्य प.लालमोहन शास्त्री ने बताया कि मां काली की पूजा का उपयुक्त समय रात्रि काल होता है।पाप ग्रहों, विशेषकर राहु और केतु शनि की शांति के लिए मां काली की उपासना अचूक होती है।
सांसद के अथक प्रयास से एन एच 139 को मिली मंजुरी
औरंगाबाद: भाजपा के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह राष्ट्रीय राजमार्ग-139 पटना औरंगाबाद-हरिहरगंज एन.एच को केन्द्र सरकार के द्वारा दिल्ली में हुई बैठक में स्वीकृति मिलने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी,केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी,बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी,भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग को हार्दिक आभार एवं धन्यवाद दिया। पूर्व सांसद ने कहा कि इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को स्वीकृति मिलना क्षेत्र की जनता के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह जनसमस्याओं को लोकतांत्रिक माध्यमों से निरंतर उठाने के प्रयासों की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। उन्होंने कहा कि मैं जब सांसद था उस समय लोकसभा में लगातार इस जनहितकारी योजना को पूर्ण करवाने के लिए जनता की आवाज को उठाया और क्षेत्र के विकास और जनहित के प्रति अपने संकल्प के अनुरूप इस सड़क परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किया एवं जनहित का संकल्प निभाया।इस परियोजना से औरंगाबाद,अरवल एवं पटना सहित आसपास के क्षेत्रों की लाखों जनता को बेहतर सड़क संपर्क और सुगम आवागमन मिलेगा तथा विकास के नए अवसर प्राप्त होंगे और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी और आम लोगों के आवागमन में सुविधा होगी। अपने क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और समाधान के लिए निरंतर प्रयास करना मेरी प्राथमिकता रही है।जनहित,विकास और क्षेत्र की प्रगति के लिए आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रयास करता रहूँगा ।इस परियोजना के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मंत्री नितिन गडकरी एवं सचिव वी,उमाशंकर एवं संबंधित अधिकारियों से मिलकर डी.पी.आर,बाईपास इत्यादि सभी महत्वपूर्ण बातों से अवगत कराया।इस एन.एच की स्वीकृति मिलने पर भाजपा एवं एनडीए के नेता,बुद्धिजीवी,समाजसे वी लोकसभा क्षेत्र एवं जिलेवासियों एवं सामाजिक संस्थाओं ने हर्ष ब्यक्त किया है।
पट खुलते ही मां दुर्गा के दर्शन को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, भक्तिमय हुआ दाउदनगर
दाउदनगर (औरंगाबाद)। शारदीय नवरात्र को लेकर दाउदनगर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक भक्तिमय माहौल बना हुआ है। सप्तमी तिथि को मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना के बीच मां दुर्गा का पट खुलते ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मां के दर्शन के लिए पूजा पंडालों में भक्तों का तांता लगा रहा।विभिन्न पूजा समितियों की ओर से आकर्षक पंडालों का निर्माण कराया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी और भव्य सजावट से पूजा स्थल जगमगा रहे हैं। वहीं, भक्ति गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना कर रहे हैं।शहर में डेढ़ दर्जन से अधिक स्थानों पर पूजा-अर्चनादाउदनगर शहर में डेढ़ दर्जन से अधिक स्थानों पर मां दुर्गा और मां काली की पूजा-अर्चना की जा रही है। पुराना शहर संघत, श्रीराम मंदिर, हनुमान मंदिर, बाजार समिति के पास स्थित दुर्गा मंदिर तथा महिला कॉलेज के समीप काली मंदिर सहित विभिन्न पूजा स्थलों पर श्रद्धालु पहुंचकर मां के दर्शन कर रहे हैं। वहीं, पूरे प्रखंड में कुल 46 स्थानों पर पूजा का आयोजन किया जा रहा है।नवरात्र में मां के विभिन्न स्वरूपों की आराधना का विशेष महत्वज्योतिषाचार्य तारिणी कुमार इंद्र गुरु ने बताया कि नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा का विशेष महत्व है। सप्तमी तिथि को मां कालरात्रि और अष्टमी तिथि को मां महागौरी की पूजा-अर्चना की जाती है। श्रद्धालु मां की आराधना कर जीवन के कष्टों से मुक्ति, सुख-समृद्धि और मंगलमय भविष्य की कामना करते हैं।नवरात्र को लेकर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है। पूजा पंडालों की आकर्षक सजावट और श्रद्धालुओं की उमड़ती भीड़ से पूरा दाउदनगर मां दुर्गा की भक्ति में सराबोर नजर आ रहा है।
यूपी में ‘रूल ऑफ माफिया’ मिटाकर स्थापित किया ‘रूल ऑफ लॉ’: मुख्यमंत्री
डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में बोले सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ, 17 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले माफियाराज का प्रभाव था, लेकिन अब प्रदेश में रूल ऑफ लॉ यानी कानून का राज स्थापित किया गया है। यही विकास, निवेश और आमजन के विश्वास की सबसे मजबूत नींव है। एक समय यूपी को बीमारू राज्यों की श्रेणी में रखा जाता था, निवेश तथा कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जाते थे, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रभावी कार्ययोजना से प्रदेश ने अपनी स्थिति बदली है। आज उत्तर प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री शनिवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ के पांचवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने युवा विधि स्नातकों से कहा कि वे कानून को केवल धाराओं और मुकदमों तक सीमित न रखें, बल्कि आम नागरिक के विश्वास, अधिकारों की रक्षा और न्याय की सुलभता को अपने कार्य का आधार बनाएं। विकसित भारत की कल्पना केवल सड़कों, कारखानों और एक्सप्रेसवे के निर्माण से साकार नहीं होगी। इसके लिए न्याय, अधिकारों और कर्तव्यों पर आधारित व्यवस्था को मजबूत करना होगा। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को बिना भेदभाव सहज और सुलभ न्याय मिलना चाहिए। कानून की सबसे बड़ी पूंजी उसकी धाराएं नहीं, बल्कि आमजन का विश्वास है। यह विश्वास निष्पक्षता, पीड़ित के सम्मान और विधिवेत्ताओं के आचरण से मजबूत होता है। विधिवेत्ताओं को सत्य, धर्म, निष्पक्षता और संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखनी होगी। पहले यूपी को लेकर थी नकारात्मक धारणामुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश को लेकर यह धारणा थी कि यहां निवेश सुरक्षित नहीं है, कनेक्टिविटी कमजोर है और विकास की संभावनाएं सीमित हैं। सबको यही लगता था कि उत्तर प्रदेश नहीं सुधर सकता। इस सोच को बदलने के लिए इच्छाशक्ति और परिणाम देने वाली कार्ययोजना जरूरी थी। प्रदेश में कानून का राज स्थापित करना इसी परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमने प्रदेश को माफियाराज से मुक्त कर कानून का शासन स्थापित किया। पहले हाल यह था कि प्रयागराज के एक माफिया के सामने प्रशासनिक और संवैधानिक पदों से जुड़े लोगों के काफिले तक रुक जाते थे। लेकिन, अब कानून के राज में प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। ‘विकसित भारत’ 2047 की पैरवी करेंगे विधि विद्यार्थीमुख्यमंत्री ने इस दीक्षांत समारोह को एक काल्पनिक मुकदमे के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा कि यदि ‘विकसित भारत 2047’ एक केस है, तो 140 करोड़ भारतीय उसके याची हैं और युवा विधिवेत्ता उनके अधिवक्ता हैं। इस मुकदमे में तथ्य, साक्ष्य, तर्क और ईमानदार पैरवी की आवश्यकता होगी। इसका प्रतिवादी कोई व्यक्ति या राजनीतिक दल नहीं, बल्कि वह यथास्थितिवादी सोच है, जो यह मानने को तैयार नहीं होती कि परिवर्तन संभव है। *मई 2014 के बाद देश में सुधारों को गति *सीएम योगी ने कहा कि देश की स्वतंत्रता, संविधान का लागू होना, आपातकाल, न्यायपालिका के ऐतिहासिक निर्णयों और देश में हुए सुधारों को हमारी यात्रा की महत्वपूर्ण तिथियों के रूप में देखा जा सकता है। 15 अगस्त 1947 को देश स्वतंत्र हुआ और 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ। 25 जून 1975 को आपातकाल लागू होने की घटना ने ‘रूल ऑफ लॉ’ और ‘रूलर के लॉ’ के बीच का अंतर स्पष्ट किया। मई 2014 के बाद देश में सुधारों की प्रक्रिया को गति मिली। अप्रासंगिक हो चुके 1,500 से अधिक कानून समाप्त किए गए। जन विश्वास अधिनियम के माध्यम से 42 कानूनों के 183 प्रावधानों में छोटी-छोटी चूकों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया। दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता, जीएसटी, अनुच्छेद 370 से संबंधित बदलाव और नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सुधार का अर्थ केवल नए कानून बनाना नहीं, बल्कि उन पुराने कानूनों को हटाना भी है जिनकी प्रासंगिकता समाप्त हो चुकी है। 2029-30 तक वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्यमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2013 में भारत को दुनिया की पांच नाजुक अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, जबकि आज वह दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। इस बदलाव ने भारत के प्रति वैश्विक विश्वास को मजबूत किया है। इसी तरह यूपी को अब वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विजन डॉक्यूमेंट जारी किया गया है और कार्ययोजना लागू की गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2029-30 तक यह लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा। कहा कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति और विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कानून के शासन, निष्पक्षता और आमजन के विश्वास को मजबूत बनाए रखना जरूरी है। पीड़ित को सम्मान देना और न्याय को सुलभ बनाना इस विश्वास के प्रमुख आधार हैं। एआई सहायक बने, अंतिम निर्णय मनुष्य के विवेक से होतकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक ने अपराध और साक्ष्य, दोनों का स्वरूप बदल दिया है। एआई ने शोध, आंकड़ों के विश्लेषण और संभावित परिणामों के आकलन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ नई चुनौतियां भी सामने आई हैं। डीपफेक के माध्यम से किसी व्यक्ति का चेहरा और आवाज इस तरह प्रस्तुत की जा सकती है कि देखने-सुनने वाला उसे वास्तविक मान ले। ऐसे में डिजिटल साक्ष्य की प्रामाणिकता की वैज्ञानिक जांच करना आवश्यक होगा। जब किसी दूसरे देश में बैठा अपराधी किसी व्यक्ति की जीवनभर की कमाई एक झटके में उड़ा लेता है, तो उसकी पहचान और उस तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इन परिस्थितियों में युवा विधिवेत्ताओं को तकनीक और कानून, दोनों की समझ विकसित करनी होगी। सभी 75 जनपदों में साइबर थाने स्थापितमुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में साइबर थाने स्थापित किए गए हैं। प्रदेश के 1,583 थानों में साइबर हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है। राज्य में फॉरेंसिक संस्थान भी स्थापित किया गया है। एआई प्रज्ञा कार्यक्रम के माध्यम से 10 लाख युवाओं को एआई, डेटा एनालिटिक्स और साइबर सिक्योरिटी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नए आपराधिक कानूनों में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को मान्यता दी गई है। सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले मामलों में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य है। सीएम ने कहा कि एआई
हाईवे-एक्सप्रेसवे पर बढ़ेगी सुरक्षा, शीतलहर-कोहरे में हादसे रोकने के लिए योगी सरकार ने शुरू की तैयारी
एंबुलेंस और रेस्क्यू वाहन, हाईवे-एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना संभावित जगहों पर रहेंगे तैनात कोहरे में सड़क सुरक्षा के लिए रिफ्लेक्टिव संकेतक और सफेद पट्टियां सही करने के निर्देश लखनऊ, 17 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में शीतलहर और घने कोहरे के दौरान हादसों पर अंकुश लगाने के लिए योगी सरकार ने सड़क सुरक्षा के इंतजाम मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना संभावित स्थलों के आस-पास पर्याप्त संख्या में पेट्रोलिंग वाहन, एंबुलेंस और रेस्क्यू वाहन उपलब्ध रखने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि हादसा होने की स्थिति में घायलों को तत्काल सहायता और समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। दुर्घटना संभावित स्थलों पर तैनात रहेंगे एंबुलेंस और रेस्क्यू वाहनराहत आयुक्त ने राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना संभावित स्थलों के आस-पास पर्याप्त संख्या में पेट्रोलिंग वाहन, एंबुलेंस और रेस्क्यू वाहन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य हादसे की स्थिति में घायलों तक जल्द पहुंचना और उन्हें बिना देरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। सर्दियों में घने कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में राहत एवं बचाव व्यवस्था को पहले से तैयार रखना महत्वपूर्ण है। रिफ्लेक्टिव संकेतक और सफेद पट्टियां स्पष्ट रखने के निर्देशसड़क सुरक्षा के लिए हाईवे और एक्सप्रेसवे पर लगे रिफ्लेक्टिव चिह्नों, कैट्स आई, दिशासूचक बोर्ड और अन्य संकेतकों की नियमित जांच करने के लिए कहा गया है। राहत आयुक्त ने सड़क की बॉर्डर लाइन और मध्य रेखा पर बनी सफेद पट्टियों को स्पष्ट रखने के निर्देश दिए हैं। धूल से ढकी, मिट चुकी या उखड़ी पट्टियों का तत्काल नवीनीकरण कराया जाएगा, ताकि कम दृश्यता के दौरान वाहन चालकों को सड़क की सीमा और दिशा समझने में परेशानी न हो। मोड़ और दुर्घटना संभावित स्थानों पर बढ़ेगी सतर्कताउन्होंने कहा कि प्रमुख चौराहों, तिराहों, क्रॉसिंग, मोड़ों और दुर्घटना संभावित स्थलों पर स्टॉप लाइन, जेब्रा क्रॉसिंग व यातायात संकेतकों को दुरुस्त रखा जाएगा। जरूरत के अनुसार चेतावनी संकेतक और गति सीमा से जुड़े बोर्ड भी लगाए जाएंगे। इन व्यवस्थाओं से कोहरे के दौरान वाहन चालकों को सड़क की स्थिति और संभावित खतरों के बारे में समय रहते जानकारी मिल सकेगी। अनफिट और असुरक्षित वाहनों के संचालन पर लगेगी रोकराहत आयुक्त ने निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं चलने वाले अनफिट वाहनों और जुगाड़ से निर्मित असुरक्षित वाहनों के संचालन पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस आपसी समन्वय से जांच और प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे, ताकि असुरक्षित वाहनों से होने वाले संभावित हादसों को रोका जा सके। फॉग लाइट और रिफ्लेक्टिव टेप के प्रति जागरूक होंगे चालकसड़क हादसों की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे। वाहन चालकों को फॉग लाइट और रिफ्लेक्टिव टेप का इस्तेमाल करने, आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त सुरक्षित दूरी बनाए रखने और गति नियंत्रित रखने के लिए जागरूक किया जाएगा। साथ ही, सड़क पर लगे चेतावनी संकेतकों और निर्धारित गति सीमा का पालन करने पर जोर दिया जाएगा। कोहरे में दृश्यता के अनुसार नियंत्रित रखनी होगी गतिराहत आयुक्त ने आगामी दिनों में घने कोहरे के दौरान दृश्यता के अनुरूप वाहनों की गति नियंत्रित रखने और आवश्यक यातायात प्रबंधन उपाय अपनाने पर जोर दिया है। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे अत्यधिक कोहरे में विशेष सावधानी बरतें और परिस्थितियों के अनुकूल ही वाहन चलाएं। कम दृश्यता में तेज गति और आगे चल रहे वाहन से कम दूरी दुर्घटना का जोखिम बढ़ा सकती है। राहत आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी इंतजामों की नियमित जांच करने और कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए हैं। यातायात नियमों के पालन की अपीलराहत आयुक्त ने आमजन और वाहन चालकों से अपील की है कि घने कोहरे में फॉग लाइट का प्रयोग करें, सुरक्षित गति बनाए रखें और आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी रखें। दृश्यता कम होने पर अतिरिक्त सतर्कता बरतें व यातायात नियमों का पालन करें।
बैलेट पेपर से हो रहा है चुनाव, न्याय के पक्ष में परिणाम देने का काम जनता-जनार्दन का: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लखनऊ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा सम्मेलन को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया संबोधित। लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह शिक्षा की घोषित दुश्मन है। शिक्षा व्यवस्था की उपेक्षा और शिक्षकों का अपमान उसकी राजनीति का आधार रहा है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के समय शिक्षण संस्थानों पर पेशेवर गुंडों का दबदबा था और युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा हुआ। इसके विपरीत, भाजपा सरकार ने शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए काम किया है। मुख्यमंत्री ने शिक्षक एवं स्नातक मतदाताओं से अपील की कि वे इस चुनाव में परिवारवाद और वंशवाद को नकारते हुए योग्य और सक्षम प्रतिनिधि चुनें। ‘शिक्षक-स्नातक सम्मेलन’ में जनता को किया संबोधितउत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगामी लखनऊ खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर लखनऊ में ‘शिक्षक-स्नातक सम्मेलन’ का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए एवं कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। यह सम्मेलन लखनऊ स्नातक क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह और लखनऊ शिक्षक क्षेत्र से प्रत्याशी उमेश द्विवेदी के समर्थन में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में पहुंचने पर क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, भाजपा प्रदेश महामंत्री दिलीप पटेल और दोनों प्रत्याशियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बुके भेंट कर भव्य स्वागत व अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र ,पुष्पगुच्छ भेंट किया गया और स्मृति चिह्न के रूप में भगवान श्रीराम की प्रतिमा भेंट की गई। मुख्यमंत्री ने लखनऊ खंड के मतदाता महासम्मेलन को संबोधित करते हुए सपा की नीतियों पर सवाल उठाए और शिक्षकों, युवाओं तथा अधिवक्ताओं के हित में सरकार की ओर से किए गए कार्यों का उल्लेख किया। ‘समाजवादी पार्टी शिक्षा की घोषित दुश्मन’मुख्यमंत्री ने कहा, “शिक्षा की व्यवस्था की उपेक्षा, शिक्षकों का अपमान, यहीं से समाजवादी पार्टी ने अपनी राजनीति की थी।” उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के समय शिक्षण संस्थानों में पेशेवर गुंडे हावी हो जाते थे और शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। उनके अनुसार, शिक्षा और युवा पिछली सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल नहीं थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की व्यवस्था कमजोर होने का असर केवल शिक्षकों और विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे समाज, प्रदेश और देश का भविष्य भी प्रभावित होता है। उन्होंने शिक्षकों के सम्मान, विद्यालयों की सुविधाओं और युवाओं के अवसरों को बेहतर बनाने की जरूरत पर जोर दिया। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ के मुकाबले वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्टमुख्यमंत्री ने सपा सरकार पर माफिया के प्रभाव को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा, “समाजवादी पार्टी ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ दिया, हमने ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ दिया, ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ दिया।” उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में माफिया जमीनों पर कब्जा कर लेते थे और आम लोगों, शिक्षकों तथा सरकारी संपत्तियों की जमीनों को भी निशाना बनाया जाता था। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने कानून-व्यवस्था में सुधार के साथ विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों के विस्तार, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश से रोजगार के अवसर बढ़ने का भी उल्लेख किया। ‘परिवारवाद और वंशवाद की विषबेल हटाइए’मुख्यमंत्री ने शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह और उमेश द्विवेदी के समर्थन में मतदान की अपील की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के मतदाताओं को ऐसा प्रतिनिधि चुनना चाहिए, जो उनकी समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठा सके और जिम्मेदारी के साथ काम करे। उन्होंने कहा, “आपका प्रतिनिधि वह बनेगा जिसमें जज्बा हो और जिसमें सामर्थ्य हो।” परिवारवाद और वंशवाद पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से इसे बढ़ावा देने वाली राजनीति को नकारने का आह्वान किया। उन्होंने दोनों प्रत्याशियों को शिक्षकों और स्नातकों की आवाज उठाने में सक्षम बताया। बैलेट पेपर से चुनाव, न्याय के पक्ष में परिणाम देने की अपीलमुख्यमंत्री ने कहा, एमएलसी चुनाव “ईवीएम से नहीं, बैलेट पेपर से हो रहा है और परिणाम न्याय के पक्ष में देने का काम आपको करना है।” उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने की प्रवृत्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि यह चुनाव उसका भी जवाब होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से सतर्क रहकर मतदान करने और अति-आत्मविश्वास से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनाव में प्रत्येक मत महत्वपूर्ण है और कार्यकर्ताओं को मतदाताओं तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास करना चाहिए। शिक्षकों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाजमुख्यमंत्री ने शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों और स्ववित्तपोषित संस्थानों सहित विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों तथा उनके परिवारों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि सरकारी और सहायता प्राप्त संस्थानों से जुड़े शिक्षकों, शिक्षामित्रों तथा अनुदेशकों के साथ किसी अनहोनी या दुर्घटना की स्थिति में परिवार को बीमा कवर के माध्यम से 40 लाख रुपये से लेकर 1.5 करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था है। रसोइयों के लिए भी दो लाख रुपये का सुरक्षा बीमा कवर उपलब्ध कराने का उल्लेख किया। ऑपरेशन कायाकल्प से स्कूलों में बेहतर सुविधाएं, ड्रॉपआउट दर 20 से घटकर तीन प्रतिशत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर करने के लिए काम किया है। बेसिक शिक्षा में ऑपरेशन कायाकल्प और निपुण भारत अभियान के तहत स्कूलों में बेहतर कक्षाएं, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, पेयजल, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर कक्ष जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, बेसिक शिक्षा में ड्रॉपआउट दर 20 प्रतिशत से घटकर तीन प्रतिशत रह गई है, जबकि सैचुरेशन का स्तर 36 प्रतिशत से बढ़कर 96 प्रतिशत हो गया है। माध्यमिक शिक्षा में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत राजकीय इंटर कॉलेजों, राजकीय बालिका इंटर कॉलेजों, सहायता प्राप्त कॉलेजों और संस्कृत महाविद्यालयों के भवनों का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण किया गया है। इन संस्थानों में प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, स्मार्ट क्लास और अटल टिंकरिंग लैब जैसी सुविधाओं का भी विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री ने अटल आवासीय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों और आश्रम
वायु प्रदूषण से निपटने के लिए स्टार्टअप की मदद लेगी सरकार, AI और ड्रोन से होगी निगरानी
नई दिल्ली, 17 अक्टूबर। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ड्रोन, सेंसर और उपग्रह आधारित तकनीकों की मदद से प्रदूषण के स्रोतों की पहचान और निगरानी मजबूत करने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शनिवार को स्टार्टअप कंपनियों और तकनीकी नवाचार करने वाली संस्थाओं के साथ बैठक कर प्रदूषण नियंत्रण के लिए किफायती और बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले तकनीकी समाधानों पर चर्चा की।पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, बैठक में औद्योगिक उत्सर्जन, वाहनों से होने वाले प्रदूषण, निर्माण स्थलों की धूल, सड़क की धूल, डीजल जनरेटर और पराली जलाने जैसी समस्याओं से निपटने के लिए नौ प्रमुख क्षेत्रों में तकनीकी समाधान तलाशे गए।औद्योगिक प्रदूषण पर AI से रखी जाएगी नजरबैठक में औद्योगिक इकाइयों से होने वाले उत्सर्जन की निगरानी और प्रदूषण नियंत्रण नियमों के उल्लंघन की पहचान के लिए AI आधारित प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया गया। ऑनलाइन उत्सर्जन निगरानी प्रणाली के आंकड़ों को औद्योगिक इकाइयों के संचालन संबंधी आंकड़ों से जोड़ने की जरूरत भी बताई गई, ताकि संभावित अनियमितताओं की पहचान की जा सके।इसके अलावा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना चलने वाले वाहनों और निर्धारित आयु-सीमा से पुराने वाहनों की स्वचालित पहचान करने वाली तकनीकों पर भी चर्चा हुई। यातायात जाम वाले क्षेत्रों की पहचान और प्रदूषण के संभावित हॉटस्पॉट का पूर्वानुमान लगाने में AI के इस्तेमाल पर जोर दिया गया।पराली जलाने की घटनाओं की चौबीसों घंटे निगरानीबैठक में पराली और अन्य कृषि अवशेषों को खुले में जलाने से रोकने के लिए चौबीसों घंटे निगरानी करने वाली तकनीकों पर भी चर्चा हुई। सरकार का जोर कृषि अवशेषों को जैव ऊर्जा, जैव ईंधन, खाद और पर्यावरण अनुकूल पैकेजिंग जैसे उपयोगी उत्पादों में बदलने पर है।निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे के पुनर्चक्रण, सड़क की धूल को नियंत्रित करने, कम लागत वाली मशीनीकृत सड़क सफाई और गड्ढों की तेजी से मरम्मत करने के उपायों पर भी विचार किया गया।स्टार्टअप के साथ मिलकर समाधान लागू करने की तैयारीभूपेंद्र यादव ने कहा कि सरकार और तकनीकी नवाचार करने वाली संस्थाओं के बीच सहयोग से नीतियों को लागू करने में एकरूपता और पारदर्शिता बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने स्टार्टअप कंपनियों से ऐसे समाधान विकसित करने का आह्वान किया, जिन्हें वास्तविक परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके और जिनका विस्तार पूरे दिल्ली-एनसीआर में किया जा सके।बैठक में केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा तथा पर्यावरण मंत्रालय, दिल्ली सरकार, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) सहित विभिन्न संस्थाओं के अधिकारी मौजूद रहे।सरकार के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य प्रदूषण की निगरानी से आगे बढ़कर उसके स्रोतों की पहचान, नियमों के प्रभावी अनुपालन और प्रदूषण नियंत्रण के व्यावहारिक उपायों को मजबूत करना है।
हाम्रो दशैं सांस्कृतिक महोत्सव’ में शामिल हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, वीर नारियों और पूर्व सैनिकों को किया सम्मानित
राकेश कुमार देहरादून, 17 अक्टूबर। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज गोर्खाली सुधार सभा द्वारा मानेकशा सभागार में आयोजित ‘हाम्रो दशैं सांस्कृतिक महोत्सव-2026’ में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने वीर नारियों, वीर माताओं, पूर्व सैनिकों तथा नेपाल में आई आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में योगदान देने वाले लोगों को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सभी को दशहरे और दीपावली की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गोर्खाली सुधार सभा कई वर्षों से समाजहित और सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गोर्खाली समाज का भारतीय सेना में महत्वपूर्ण योगदान रहा है और इस समाज के वीर जवानों ने देश की रक्षा में अपनी अहम भूमिका निभाई है। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ के प्रसिद्ध कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति कहता है कि उसे मौत से डर नहीं लगता, तो वह झूठ बोल रहा है या फिर गोरखा है। उन्होंने कहा कि यह कथन गोर्खाली सैनिकों के अदम्य साहस, वीरता और देश के प्रति समर्पण को दर्शाता है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसकी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से होती है। गोर्खाली सुधार सभा अपनी संस्कृति, परंपराओं और विरासत को संरक्षित रखने के साथ ही उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गोर्खाली समाज ने उन्हें सदैव प्रेम और स्नेह दिया है, जिसके लिए वह सभी के आभारी हैं। नेपाल आपदा राहत के लिए अपने एक माह का वेतन देने पर गोर्खाली सुधार सभा ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी को धन्यवाद एवं सम्मान पत्र भेंट कर आभार जताया। कार्यक्रम में दायित्वधारी ज्योति कोटिया, मंडल अध्यक्ष राजीव गुरुंग, सभा के अध्यक्ष पदम थापा, प्रभा शाह सहित गोर्खाली सुधार सभा के पदाधिकारी एवं अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।