
हसपुरा(औरंगाबाद): मां काली पूजा महोत्सव को लेकर हसपुरा में उत्साह तथा उमंग देखा जा रहा है।शनिवार को मां का पट खुल गया। दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई है।हसपुरा के बड़ी खेल मैदान में 5 वर्षों से लगातार मां काली पूजा महोत्सव हो रहा है।प्रखंड में मात्र एक ही जगह काली पूजा होती है।पहले प्रखंड में कहीं नही होती थी।हसपुरा में 2022 से काली महोत्सव की शुरुआत की गई है। महोत्सव बड़े ही श्रद्धा व उमंग के साथ मनाया जा रहा है।इसे सफल बनाने को लेकर कमिटी के साथ ग्रामीण भी सहयोग करते हैं।श्रद्धालू मां से आशीर्वाद लेने दूर-दूर से पहुंच रहे हैं।पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह चरम पर है।भक्तिगीतों से क्षेत्र गुंजायमान है। कमिटी के अध्यक्ष बैजू कुमार,कोषाध्यक्ष दिलीप कुमार,उप कोषाध्यक्ष शंकर गुप्ता,सचिव सरोज कुमार,उपाध्यक्ष संजीत कुमार समेत सभी सदस्य व श्रद्धालुओं की सक्रियता तेज हो गई है।बताया गया कि यहां 21 अक्टूबर को शोभा यात्रा व 22 को भंडारा है।यहां का भंडारा पूरे प्रखंड में प्रसिद्ध है।क्योंकि भंडारा का रूप भव्य होता है।कमिटी द्वारा भक्तिभाव से सभी को खिलाया जाता है।इसलिए महोत्सव से लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है।यहां का काली पूजा महत्वपूर्ण पूजा में से एक है। अन्य प्रखंडों तथा दूर-दूर से श्रद्धालुओं काली की पूजा करने आते हैं।यहां भक्तगणों को मां काली के विभिन्न स्वरूपों के बारे में जानकारी मिलती है। इनकी स्वयं की और शत्रुओं का नियंत्रण होता है। इनकी उपासना से तंत्र मंत्र के सारे असर समाप्त हो जाते हैं। आचार्य प.लालमोहन शास्त्री ने बताया कि मां काली की पूजा का उपयुक्त समय रात्रि काल होता है।पाप ग्रहों, विशेषकर राहु और केतु शनि की शांति के लिए मां काली की उपासना अचूक होती है।