लिवप्योर ने नई दिल्ली में खोला एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट, स्मार्ट होम सॉल्यूशंस की पहुंच और मजबूत
नई दिल्ली। उपभोक्ताओं के बेहतर स्वास्थ्य और जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट होम सॉल्यूशंस उपलब्ध कराने वाली कंपनी लिवप्योर ने राष्ट्रीय राजधानी में अपना नया एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट लॉन्च किया है। इस नए स्टोर के माध्यम से ग्राहकों को पानी, हवा और किचन से जुड़े वेलनेस-केंद्रित उत्पादों की पूरी रेंज तक सीधी पहुंच मिलेगी और उन्हें खरीदारी का बेहतर अनुभव प्राप्त होगा। कंपनी के अनुसार, यह नया एक्सपीरियंस आधारित ब्रांड आउटलेट ग्राहकों को उत्पादों को करीब से देखने, समझने और सही जानकारी के साथ खरीदारी का निर्णय लेने का अवसर प्रदान करेगा। इस पहल के जरिए लिवप्योर उन संभावनाशील बाजारों में अपनी मौजूदगी और मजबूत कर रहा है, जहां अनुभव आधारित रिटेल और उपभोक्ताओं का भरोसा खरीदारी के फैसलों को प्रभावित कर रहा है। दिल्ली में खुले इस नए एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट से कंपनी की प्रमुख मेट्रो शहरों में विस्तार की रणनीति को भी मजबूती मिलेगी। राजधानी अब प्रीमियम होम अपग्रेड, तकनीक आधारित जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनती जा रही है। वर्ष 2026 में कई एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट्स की सफल शुरुआत के बाद यह स्टोर लिवप्योर की रिटेल ग्रोथ में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस अवसर पर लिवप्योर के प्रबंध निदेशक राकेश कौल ने कहा कि दिल्ली में एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट की शुरुआत भारत के तेजी से बढ़ते शहरी बाजारों में कंपनी की मौजूदगी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि राजधानी के उपभोक्ता तकनीक, स्वास्थ्य और सोच-समझकर किए गए निर्णयों को महत्व देते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए आउटलेट को इस तरह तैयार किया गया है कि ग्राहक पूरे उत्पाद पोर्टफोलियो को समझ सकें और अपनी जरूरत के अनुसार सही विकल्प चुन सकें। नई दिल्ली के इस आउटलेट में लिवप्योर के कई आधुनिक और तकनीक आधारित उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। यहां ग्राहक एआई और आईओटी आधारित समाधानों का अनुभव भी कर सकते हैं। इनमें कंपनी की ‘2X फिल्टर लाइफ’ वॉटर प्यूरीफायर रेंज, मेंटेनेंस-फ्री वॉटर प्यूरीफायर सीरीज़, वॉयस-इनेबल्ड किचन चिमनियां और ऊर्जा बचाने वाले स्मार्ट उपकरण शामिल हैं। आउटलेट में आने वाले ग्राहक उत्पादों का लाइव डेमो देख सकते हैं, उनके प्रदर्शन को समझ सकते हैं और प्रशिक्षित विशेषज्ञों से व्यक्तिगत सलाह भी ले सकते हैं। कंपनी का मानना है कि भारत जैसे विविध बाजारों में ग्राहकों का भरोसा जीतने में फिजिकल रिटेल की भूमिका आज भी बेहद महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए लिवप्योर देशभर में अपने रिटेल नेटवर्क का विस्तार करने की योजना बना रहा है। कंपनी का लक्ष्य अगले वित्त वर्ष के दौरान प्रमुख बाजारों में 100 एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट खोलने का है, ताकि अपने वेलनेस-केंद्रित उत्पादों को अधिक से अधिक भारतीय घरों तक पहुंचाया जा सके।
स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने शकरपुर वार्ड का किया निरीक्षण, सफाई व्यवस्था सुधारने और अतिक्रमण हटाने के दिए निर्देश
नई दिल्ली। स्थायी समिति की अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने शाहदरा (दक्षिणी) जोन वार्ड समिति के अध्यक्ष राम किशोर शर्मा के साथ शुक्रवार को शकरपुर वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान अतिरिक्त आयुक्त पंकज नरेश अग्रवाल, क्षेत्रीय उपायुक्त पुंशीबा सिंह सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण का उद्देश्य क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था, नागरिक सुविधाओं तथा चल रहे विकास कार्यों की स्थिति की समीक्षा करना और आवश्यक दिशा-निर्देश देना था। निरीक्षण के दौरान शकरपुर मार्केट के प्रवेश द्वार के पास नालियों की जाम और जर्जर स्थिति पाई गई। इससे बरसात के समय नालियों के ओवरफ्लो होने और गंदा पानी फैलने से बदबू की समस्या उत्पन्न होती है। इस पर सत्या शर्मा ने पीडब्ल्यूडी को पुनः पत्र लिखकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के क्रम में डीडीए की भूमि पर स्थित सीड बेड पार्क क्षेत्र का भी जायजा लिया गया, जहां अवैध रूप से संचालित मछली बाजार पाया गया। वहां अत्यंत अस्वच्छ स्थिति में मछलियां और मुर्गे रखे गए थे, जिससे आसपास के वातावरण में बदबू फैल रही थी और स्वास्थ्य संबंधी खतरे की आशंका बनी हुई थी। यह स्थान मूल रूप से फलों की बिक्री के लिए निर्धारित था, लेकिन वहां अतिक्रमण कर अवैध रूप से मछली बाजार संचालित किया जा रहा था। इस पर स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे स्पष्ट अतिक्रमण और नियमों का उल्लंघन बताया। उन्होंने क्षेत्रीय उपायुक्त को तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध मछली बाजार को बंद कराने और स्थल को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की अवैध गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सार्वजनिक स्थानों का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्य के अनुसार ही किया जाना चाहिए। सत्या शर्मा ने मार्केट क्षेत्र में रेहड़ी-पटरी के अतिक्रमण से उत्पन्न जाम की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने लाइसेंसिंग विभाग को अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने तथा बाजार में सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एक दुकानदार द्वारा किए गए अतिक्रमण को मौके पर ही हटाया गया। इसके अलावा गोयल ईटिंग प्वाइंट और हनुमान मंदिर के पास नालियों की खराब स्थिति का भी निरीक्षण किया गया और उनके पुनर्निर्माण के निर्देश दिए गए। वहीं शकरपुर मार्केट स्थित संजय पार्क जन रसोई परिसर में प्रस्तावित आयुष्मान आरोग्य मंदिर के निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराने के लिए अधिकारियों को आवश्यक बजट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान शकरपुर रेड लाइट के पास निर्माण एवं विध्वंस का मलबा पाए जाने पर अधिकारियों को उसे तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए। साथ ही सीड बेड पार्क क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित मछली बाजार की खराब स्वच्छता स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल बंद कराने को कहा गया।
एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने केजरीवाल समेत ‘आप’ नेताओं के आरोपमुक्त होने पर सदन में रखा बधाई प्रस्ताव
अदालत से केजरीवाल समेत ‘‘आप’’ नेताओं को आरोप मुक्त होना जाना सत्य-न्याय की जीत: अंकुश नारंग नई दिल्ली। एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने शुक्रवार को एमसीडी मुख्यालय स्थित सिविक सेंटर में आयोजित सदन की बैठक के दौरान आम आदमी पार्टी के नेताओं के अदालत से आरोपमुक्त होने पर बधाई प्रस्ताव रखा। इस दौरान उन्होंने कहा कि अदालत द्वारा देश के लोकप्रिय जननेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आरोपों से मुक्त किया जाना सत्य और न्याय की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता के लालच में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह सहित आम आदमी पार्टी के कई नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रची थी, लेकिन अंततः यह प्रयास विफल साबित हुआ। उन्होंने कहा कि हर कठिन समय में सच और ईमानदार राजनीति का साथ देने वाली दिल्ली की जागरूक जनता भी बधाई की पात्र है। यह जीत सत्य, लोकतंत्र और जनता के विश्वास की जीत है। सदन की बैठक के दौरान अंकुश नारंग ने कहा कि जब एमसीडी में आम आदमी पार्टी की सरकार थी, तब भाजपा के विपक्षी सदस्य अक्सर काली पट्टियां दिखाकर सदन में शोर-शराबा करते थे। उस समय तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष राजा इकबाल सिंह कथित शराब घोटाले के मुद्दे पर काली पट्टी लेकर विरोध जताते थे। इसी संदर्भ में आज उन्होंने सदन में बधाई प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से इस सदन के माध्यम से यह प्रस्ताव रखा जा रहा है कि देश के प्रसिद्ध जननेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को माननीय न्यायालय द्वारा बरी किए जाने के आदेश का सभी सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने हमेशा कानून और संविधान की मर्यादा का सम्मान किया है और यह फैसला देश के लिए महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक है। अंकुश नारंग ने कहा कि सत्ता के लालच में भाजपा ने पिछले दो वर्षों तक आम आदमी पार्टी को परेशान किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं में मनीष सिसोदिया को 17 महीने, संजय सिंह को छह महीने और अरविंद केजरीवाल को करीब पांच महीने जेल में रहना पड़ा। अंततः न्यायालय ने यह तय कर दिया कि यह मामला ही नहीं बनता और सभी नेताओं को बरी कर दिया गया। इसी कारण आम आदमी पार्टी की ओर से सदन में बधाई प्रस्ताव लाया गया है। दलित महिला पार्षद के साथ उत्पीड़न का आरोप अंकुश नारंग ने सदन में दिल्ली में एक दलित महिला पार्षद के साथ उत्पीड़न का मामला भी उठाया। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी की दलित महिला पार्षद ज्योति गौतम के साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब ज्योति गौतम रात करीब 1:30 बजे सड़क का निरीक्षण कर रही थीं, तब उनके साथ धक्का-मुक्की की गई, जिससे वह गिर गईं और उनके कपड़े फट गए। इस घटना में उन्हें चोटें आईं और उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। उनके एक सहयोगी को भी चोटें आईं। नारंग ने आरोप लगाया कि घटना के बावजूद पुलिस और प्रशासन द्वारा कोई जांच नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा के एक विधायक का नाम सामने आ रहा है, लेकिन प्रशासन कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्षद के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर सदन में मेयर से पार्षद ज्योति गौतम को बोलने का अवसर देने की मांग की गई, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया। इसी कारण आम आदमी पार्टी के पार्षदों को वेल में जाकर विरोध दर्ज कराना पड़ा। अंकुश नारंग ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के आरोपमुक्त होने पर उन्होंने सदन में बधाई प्रस्ताव पढ़ा है और इसमें हंगामा करने जैसी कोई बात नहीं थी। उन्होंने कहा कि पहले भाजपा के सदस्य सदन में काली पट्टियां लेकर हंगामा करते थे और कार्यवाही बाधित करते थे। अब जब अदालत का फैसला आ गया है, तो यह स्पष्ट हो गया है कि उस समय लगाए गए आरोप निराधार थे और सदन का बहुमूल्य समय व्यर्थ किया गया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी चाहती है कि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चले और जनता के मुद्दों पर चर्चा हो।
मशहूर सोशल एक्टिविस्ट शनाया शर्मा को “नारी अस्तित्व अवॉर्ड 2026” से सम्मानित किया गया
नई दिल्ली। जानी-मानी सोशल एक्टिविस्ट शनाया शर्मा को महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए “नारी अस्तित्व अवॉर्ड 2026” से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को दिया जाता है। यह पुरस्कार GSILEDU सोसाइटी, माँ सीता रसोई, नेकी की राह और सनातन पथ जैसी सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया जाता है। इन संस्थाओं का उद्देश्य समाजसेवा, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और जरूरतमंदों की सहायता करना है। शनाया शर्मा को यह सम्मान समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर महिलाओं के उत्थान के लिए उनके समर्पित प्रयासों और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव के लिए प्रदान किया गया। उन्होंने अपने कार्यों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। सम्मान प्राप्त करने के बाद शनाया शर्मा ने भावुक शब्दों में खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय उन सभी संस्थाओं और सहयोगियों को दिया, जिन्होंने उनके सामाजिक सफर में उनका मार्गदर्शन और सहयोग किया। उन्होंने जगत गुरु रामभद्राचार्य जी, GSILEDU सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. गौरव शर्मा, श्रीमती मनप्रीत कौर, माँ सीता रसोई के आयोजक आचार्य रामचंद्रदास जी महाराज, श्री चित्र विचित्र बिहारी दास जी महाराज, श्रीमद जगद्गुरु भैया जी महाराज (बल्लभगढ़), नेकी की राह और सनातन पथ से जुड़े सभी पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने इन संगठनों द्वारा सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और समाजहित में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। “नारी अस्तित्व अवॉर्ड 2026” महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से दिया जाता है। यह सम्मान शनाया शर्मा के निरंतर समर्पण, सेवा भाव और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। GSILEDU सोसाइटी शिक्षा के प्रसार और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत एक प्रतिष्ठित संस्था है। वहीं माँ सीता रसोई, नेकी की राह और सनातन पथ भी सेवा, संस्कार और सामाजिक सहयोग के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इस सम्मान के लिए शनाया शर्मा को विभिन्न सामाजिक संगठनों, सहयोगियों और शुभचिंतकों ने बधाई दी है। समाजसेवा के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान से अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिल रही है।
स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने वार्ड–70 (शास्त्री नगर) का किया निरीक्षण, स्वच्छता व नागरिक सुविधाएं दुरुस्त करने के निर्देश
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने वार्ड संख्या–70 (शास्त्री नगर) क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण कर स्वच्छता व्यवस्था, सार्वजनिक सुविधाओं और विकास कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान स्थानीय पार्षद मनोज कुमार जिंदल, सिटी-सदर पहाड़गंज जोन के उपायुक्त तथा संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय समस्याओं की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश देना था। निरीक्षण के क्रम में स्थायी समिति अध्यक्ष ने शास्त्री नगर स्थित ढलाव घर का दौरा किया। उन्होंने स्वच्छता अधीक्षक को निर्देशित किया कि ढलाव घर के भीतर और आसपास विशेष साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए तथा वहां से किसी प्रकार की दुर्गंध न आए। उन्होंने कहा कि मुख्य बाजार क्षेत्र में स्थित होने के कारण इस स्थल की नियमित सफाई अत्यंत आवश्यक है। साथ ही ढलाव घर की समय-समय पर पेंटिंग कराने के भी निर्देश दिए गए, ताकि परिसर साफ-सुथरा और व्यवस्थित दिखे। इसके बाद सत्या शर्मा ने सहायक आयुक्त, सिटी-सदर पहाड़गंज जोन को बाजार क्षेत्र की सड़कों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाजार क्षेत्र में तहबाज़ारी दुकानदारों द्वारा विभिन्न रंगों के तिरपाल के उपयोग पर चिंता जताई, जिससे बाजार का स्वरूप अव्यवस्थित दिखाई देता है। उन्होंने फुटपाथों के सौंदर्यीकरण पर बल देते हुए सुझाव दिया कि तहबाज़ारी दुकानदारों के लिए एकरूपता वाले शेड की व्यवस्था की जाए, ताकि क्षेत्र साफ, व्यवस्थित और आकर्षक बने। उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पुराने, सूखे एवं सड़कों पर झुके पेड़ों की नियमित छंटाई कराई जाए। इससे यातायात बाधित नहीं होगा और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। निरीक्षण के दौरान डिप्टी हेल्थ ऑफिसर को बाजार क्षेत्र में बिना वैध लाइसेंस संचालित नॉन-वेज दुकानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही खुले में मांसाहारी खाद्य पदार्थ बेचने वाली दुकानों को तत्काल बंद कराने को कहा गया। स्थायी समिति अध्यक्ष ने एमसीडी के अधीन संचालित सार्वजनिक शौचालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां स्वच्छता, साफ-सफाई और हाइजीन व्यवस्था को और बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने शास्त्री बूथ पार्क का भी दौरा किया, जहां पार्क के नवीनीकरण का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि स्थानीय निवासी सुबह-शाम टहलने, व्यायाम और अन्य गतिविधियों के लिए पार्क का उपयोग कर सकें। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों का भी जायजा लिया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं, जिससे आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान स्थानीय निवासियों ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव स्थायी समिति अध्यक्ष के समक्ष रखे। सत्या शर्मा ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित बनाना प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास करने होंगे।
मशहूर सोशल एक्टिविस्ट शनाया शर्मा को “नारी अस्तित्व अवॉर्ड 2026” से सम्मानित किया गया
नई दिल्ली। जानी-मानी सोशल एक्टिविस्ट शनाया शर्मा को महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए “नारी अस्तित्व अवॉर्ड 2026” से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को दिया जाता है। यह पुरस्कार GSILEDU सोसाइटी, माँ सीता रसोई, नेकी की राह और सनातन पथ जैसी सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया जाता है। इन संस्थाओं का उद्देश्य समाजसेवा, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और जरूरतमंदों की सहायता करना है। शनाया शर्मा को यह सम्मान समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर महिलाओं के उत्थान के लिए उनके समर्पित प्रयासों और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव के लिए प्रदान किया गया। उन्होंने अपने कार्यों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। सम्मान प्राप्त करने के बाद शनाया शर्मा ने भावुक शब्दों में खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय उन सभी संस्थाओं और सहयोगियों को दिया, जिन्होंने उनके सामाजिक सफर में उनका मार्गदर्शन और सहयोग किया। उन्होंने जगत गुरु रामभद्राचार्य जी, GSILEDU सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. गौरव शर्मा, श्रीमती मनप्रीत कौर, माँ सीता रसोई के आयोजक आचार्य रामचंद्रदास जी महाराज, श्री चित्र विचित्र बिहारी दास जी महाराज, श्रीमद जगद्गुरु भैया जी महाराज (बल्लभगढ़), नेकी की राह और सनातन पथ से जुड़े सभी पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने इन संगठनों द्वारा सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और समाजहित में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। “नारी अस्तित्व अवॉर्ड 2026” महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से दिया जाता है। यह सम्मान शनाया शर्मा के निरंतर समर्पण, सेवा भाव और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। GSILEDU सोसाइटी शिक्षा के प्रसार और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत एक प्रतिष्ठित संस्था है। वहीं माँ सीता रसोई, नेकी की राह और सनातन पथ भी सेवा, संस्कार और सामाजिक सहयोग के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इस सम्मान के लिए शनाया शर्मा को विभिन्न सामाजिक संगठनों, सहयोगियों और शुभचिंतकों ने बधाई दी है। समाजसेवा के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान से अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिल रही है।
पश्चिमी आज़ाद नगर में नगर निगम की स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा का निरीक्षण, आयुष्मान आरोग्य मंदिर के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने शाहदरा (दक्षिणी ज़ोन) के वार्ड संख्या 214 स्थित पश्चिमी आज़ाद नगर क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संबंधित विकास एवं स्वास्थ्य कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस अवसर पर अतिरिक्त आयुक्त पंकज नरेश अग्रवाल, क्षेत्रीय उप आयुक्त पुंशीबा सिंह, क्षेत्रीय पार्षद सुश्री नीलम चौधरी तथा वार्ड के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान उस सामुदायिक केंद्र के रखरखाव एवं उन्नयन कार्यों का भी जायजा लिया गया, जिसे आयुष्मान आरोग्य मंदिर में परिवर्तित किया जा रहा है। स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए, ताकि स्थानीय नागरिकों को शीघ्र ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने सामुदायिक केंद्र में संचालित एमसीडी औषधालयों का भी निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, दवाओं की उपलब्धता एवं बुनियादी सुविधाओं का मूल्यांकन किया। अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और विस्तार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। सत्या शर्मा ने कहा कि दिल्ली नगर निगम का उद्देश्य नागरिकों को सुलभ एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनने से स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण उपचार सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ जल्द से जल्द मिल सके।
नारी तू नारायणी
विधु गर्ग भारतीय परिप्रेक्ष्य में “नारी तू नारायणी” एक वाक्यांश नहीं, अपितु एक संस्कार है। यह संस्कार अत्यंत पढ़ी-लिखी, ऊंचे पद पर कार्य करने वाली अथवा जीवन के किसी भी क्षेत्र में, अपना उत्कर्ष देने वाली नारी पर ही, लागू नहीं होता अपितु समाज के अति सामान्य और किसी भी वर्ग अथवा क्षेत्र से आने वाली नारी पर भी लागू होता है। नारी “मां” होती है। मातृत्व से पोषण करती है। फिर चाहे वह संतान हो, परिवार हो अथवा राष्ट्र और समाज हो। पाश्चात्य अवधारणा के विपरीत भारतीय समाज में नारी को पुरुष से बराबरी करने की आवश्यकता नहीं है। वे स्वाभाविक रूप से ही मान-सम्मान से प्रतिष्ठित है। भारतीय समाज में स्त्री और पुरुष एक दूसरे के प्रतिद्वंद्वी ना होकर एक दूसरे के पूरक होते हैं। भगवान शिव का “अर्धनारीश्वर स्वरूप” इसी बात को प्रतिष्ठित करता हुआ प्रतीत होता है। स्त्री, पुरुष के साथ मिलकर संपूर्ण होती है और पुरुष, स्त्री के साथ संपूर्ण माना जाता है। स्त्री-पुरुष “समाज रूपी रथ” के दो पहिए हैं, जिन्हें “संस्कार रूपी सारथी” के माध्यम से चलाया जाता है। पिछले 1000 वर्ष के गुलामी के दौर और आक्रांताओं के अत्याचारों के कारण , निश्चित रूप से भारतीय नारी पर भी कुछ प्रतिबंध लगे और उनके दुष्प्रभावों से अभी तक भी, मुक्त नहीं हुआ जा सका है। लेकिन मूल रूप से मान-सम्मान उसी रूप में प्रतिष्ठित है। नारी जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की पोषक है । जब वह अपनी संतान के पोषण के साथ-साथ , अपनी परंपराओं, रीति-रिवाजों, तीज़-त्योहारों के माध्यम से, अपनी क्षमता के अनुसार दान-दक्षिणा देती है, भेंट-उपहार देती है अथवा बर्तन-कपड़ों से लेकर स्वर्ण-आभूषणों और महंगे आधुनिक उपकरणों की खरीददारी करती है, तो वह न केवल उत्पादन को प्रोत्साहित करती है, अपितु निर्बाध “मुद्रा-संचरण” के माध्यम से “अर्थव्यवस्था” को भी पोषित करती है। नारी “मां” के रूप में अपनी संतान की “प्रथम गुरु” होती है । जब वह नदी, वृक्ष, गऊ इत्यादि को पूजती है, तो यह समाज को पर्यावरण चेतना से जोड़ती है । शिक्षा के क्षेत्र में नारी-शक्ति का वर्चस्व स्पष्ट दृष्टिगोचर है। नारी “मां” होने के कारण अपनी संतान की नकारात्मक दुर्बुद्धि का शमन करती है और सुबुद्धि को परिष्कृत करने का कार्य करती है। समाज में इसी भाव को विस्तारित करने के उद्देश्य से रक्षा-सुरक्षा के कार्यों में लग जाती है। नारी-चेतना जब जागृत हो जाती है , तब मातृत्व-कर्तृत्व और नेतृत्व के माध्यम से, समाज और राष्ट्र का उत्थान निश्चित हो जाता है। इसके लिए किसी औपचारिक शिक्षा, धन-संपत्ति अथवा कोई उच्च पद की आवश्यकता नहीं होती है । वर्ष 1936 में मातृत्व भाव से एक-दूसरे को जोड़ने के लिए “राष्ट्र सेविका समिति” की स्थापना एक बहुत ही सामान्य नारी “लक्ष्मी बाई केलकर जी” द्वारा की गई। कर्तृत्व भाव से संगठित करते-करते “राष्ट्र सेविका समिति” को एक विशाल संगठन बना करके, “वंदनीय लक्ष्मी बाई केलकर जी” ने, संगठन की शक्ति को स्थापित किया और जीवन पर्यंत नेतृत्व करके, सुप्त पड़ी “नारी-चेतना” को जागृत किया। “नारी” जब स्वयं और परिवार से विस्तृत होकर, समाज के लिए भी, कार्य करती है तो वह स्वत: ही “नारायणी” स्वरूपा हो जाती है । वर्तमान समय में जीवन के हर क्षेत्र में, भारतीय महिला बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रही है। हर क्षेत्र में हमें आज चर्चित महिलाएं दृष्टिगोचर हैं । चाहे वह खेल का मैदान हो या हिमालय की ऊंचाई, राजनीति की बिसात हो या कला की कोमलाई । उद्योग, वित्त, व्यापार, विज्ञान, तकनीक, कृषि, रक्षा-सुरक्षा इत्यादि सभी क्षेत्रों में, महिलाएं अपने योगदान को ‘मील का पत्थर’ बना रही हैं । चर्चा में रहने के कारण , नई पीढ़ी को प्रोत्साहित भी कर रही हैं । किंतु इन चर्चित विभूतियों के अतिरिक्त भी, बहुत सी महिलाएं, स्थानीय स्तर पर बहुत महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। ये महिलाएं , स्थानीय स्तर पर अपने आसपास के लोगों और समाज को प्रभावित भी कर रही हैं। पिछले कुछ वर्षों से इन महिलाओं के योगदान को पद्म पुरस्कार देकर प्रतिष्ठित किया जा रहा है। जिससे यह राष्ट्रीय स्तर पर भी, सब की प्रेरणा स्रोत बन रही हैं । इन पद्म पुरस्कारों से सम्मानित कुछ महिलाओं का परिचय इस प्रकार है:- त्रिपुरा की स्मृति रेखा चकमा जी हैं, जो स्थानीय पारंपरिक बुनाई पर गहन कार्य कर रही हैं ।असम की पार्वती बरुआ जी हाथियों को प्रशिक्षण देने का कार्य करती हैं, इन्होंने वैज्ञानिक तरीके से स्थानीय स्तर पर, हाथी और मनुष्य के टकराव को रोकने में अपनी भूमिका निभाई है ।बिहार की दुलारी देवी जी मिथिला पेंटिंग्स पर कार्य कर रही हैं ।उड़ीसा की सरूबाई के नाम से लोकप्रिय गायिका पूर्णमासी जी हैं, जिन्होंने 50000 से अधिक भक्ति गीतों की रचना भी की है।आंध्र प्रदेश की एन सुमंथी जी ,अपने जुनून से पहली महिला मृदंग वादिका के रूप में जानी जाती हैं।महाराष्ट्र की सिंधुताई सपकाल जी ने 1500 से अधिक बेघर बच्चों को मां का प्यार देकर के, पालन पोषण किया है । यह वे कुछ गुमनाम से नाम हैं ,जो अपने कार्य के योगदान से सामान्य “नारी” को जोश-उत्साह-विश्वास की प्रेरणा से “नारायणी” स्वरूपा हो जाते हैं। आवश्यकता इस बात की है कि, आज की आधुनिक नारी पश्चिमी विमर्श भ्रम में ना उलझे। सिगरेट, शराब लिव इन रिलेशन, बहसबाजी आदि की बराबरी के चक्कर में पड़कर अपने सम्मान को कम ना करे। स्वतंत्रता के उपरांत भारतीय संविधान ने स्त्री पुरुष को समान अधिकार प्रदान किए हुए हैं। स्पष्ट है भारत में स्त्री अधिकारों का हनन संवैधानिक तौर पर भी एक अपराध ही माना जाएगा । अतः अपने अधिकारों को लेकर, स्त्री को भयाक्रांत रहने की कतई आवश्यकता नहीं है। स्त्री और पुरुष के अपने-अपने प्राकृतिक गुण और संरचना होती है। यह सामान्य रूप से दिखाई भी देती है और वैज्ञानिक रूप से सत्य भी सिद्ध होती है। इसलिए स्त्री को चाहिए कि वह अपने स्वाभाविक गुणों का विकास करें , ना कि आधुनिकता की होड़ में, हर बात में पुरुष के साथ बराबरी का दंभ भरे। अपने अंदर कौशल विकास करते हुए हर स्त्री को , मातृत्व कृर्तृत्व और नेतृत्व के गुणों को आत्मसात करने के साथ , हर दिन, कुछ मिनट अथवा कुछ घंटे बिना किसी लाभ आकांक्षा के समाज के उत्थान के लिए अवश्य देने का प्रयास करना चाहिए । समाज
महिला दिवस पर एमसीडी का ‘स्वदेशी हाट’, महिला उद्यमियों को मिला मंच
कार्यक्रम का उद्घाटन स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने किया। इस दौरान महिला कल्याण एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष रेखा रानी भी मौजूद रहीं। नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा ‘स्वदेशी हाट’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने किया। इस दौरान महिला कल्याण एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष रेखा रानी भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम में महिला स्वयं सहायता समूहों, एनजीओ और प्रशिक्षण केंद्रों द्वारा स्वदेशी उत्पादों के स्टॉल लगाए गए, जिनमें साड़ियां, वस्त्र, बैग, ज्वेलरी, बेकरी उत्पाद और हस्तनिर्मित वस्तुएं प्रदर्शित की गईं। लोगों ने इन उत्पादों की सराहना करते हुए खरीदारी भी की। स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने भी विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण किया, वहां से खरीदारी की तथा महिला उद्यमियों और विक्रेताओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच महिलाओं को अपने हुनर और स्वदेशी उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनने में मदद मिलती है। महिला कल्याण एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती रेखा रानी ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को प्रोत्साहित करना तथा स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना है। हमें गर्व है कि बड़ी संख्या में महिला उद्यमियों ने इस ‘स्वदेशी हाट’ में भाग लेकर अपनी प्रतिभा और उत्पादों का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया, जहां लोगों के लिए हेल्थ चेकअप की सुविधा उपलब्ध कराई गई। सत्या शर्मा ने स्टॉलों का भ्रमण कर महिला उद्यमियों का उत्साहवर्धन किया और कहा कि ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
गोलियों की खनक में बचपन की चमक
-डॉ शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी की कलम से गर्मी की दोपहर, धूल भरी गली, और जेब में खनखनाती काँच की गोलियाँ — बस यही तो था हमारा खज़ाना। “गोलियाँ” या “काँचा” खेलना केवल खेल नहीं था, वह हमारी दोस्ती, प्रतिस्पर्धा और मासूम खुशियों का उत्सव था। ज़मीन पर उँगली से छोटा सा गड्ढा बनाना, निशाना साधते समय सांस रोक लेना, और जैसे ही अपनी गोली सटीक टकराती — मन में विजयी मुस्कान खिल उठती। कभी हारते तो उदासी भी होती, पर अगले ही पल फिर चुनौती देने को तैयार। न कोई मोबाइल, न कोई स्क्रीन — बस मिट्टी की सोंधी खुशबू और दोस्तों की खिलखिलाहट। आज जब उन पलों को याद करता हूँ, तो लगता है कि असली अमीरी जेब में नहीं, उन रंग-बिरंगी गोलियों और बेफिक्र हँसी में थी। बचपन की वही छोटी-सी दुनिया, सच में सबसे बड़ी दुनिया थी।