25 अक्टूबर को होगा अल्पना सिंह की पुस्तकों का लोकार्पण
अल्पना सिंह ने लिखे तीन उपन्यास “मर्यादा”,”तुमसे मिलकर” एवं “पिया बसंती रे” औरंगाबाद : आगामी 25 अक्टूबर को जिले की प्रसिद्ध लेखिका अल्पना सिंह द्वारा रचित तीन उपन्यास “तुमसे मिलकर”, “मर्यादा” एवं “पिया बसंती रे” ब्लॉक मोड़ स्थित पृथ्वीराज चौहान स्मृति भवन के प्रांगण में राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था शब्दवीणा के तत्वावधान में किया जाएगा। शब्दवीणा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सह जिलाध्यक्ष सुरेश विद्यार्थी,सचिव सतीश कुमार पांडेय,लेखिका अल्पना सिंह एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक वेद प्रकाश पांडेय ने लोकार्पण समारोह की तैयारी के लिए बैठक किया।बैठक के बाद बताया कि आगामी 25 अक्टूबर को अपराह्न में आयोजित लोकार्पण समारोह में शब्दवीणा के राष्ट्रीय पदाधिकारी सहित औरंगाबाद जिले के नामचीन साहित्यिक हस्तियों की गरिमामई उपस्थिति होगी।विदित हो कि अल्पना सिंह ने गृहिणी का दायित्व निभाते हुए भी उन्होंने दो-तीन वर्ष पूर्व उपन्यास लेखन के क्षेत्र में अपने कदम रखे और अपनी लेखनी चलाई और अपनी लेखनी के बल पर उन्होंने उत्कृष्ट उपन्यास रच डालें जिनका प्रकाशन राष्ट्रीय स्तर के प्रकाशकों के द्वारा किया गया।इस संबंध में अल्पना सिंह ने बताया कि उन्हें लिखने की प्रेरणा आसपास के सामाजिक वातावरण में घटित होने वाली घटनाओं को देखकर हुआ।अंतर्मन में सामाजिक वेदनाओं की आवाज को मैंने पहचाना,वर्तमान परिदृश्य की जो सामाजिक समस्याएं हैं उनके बारे में नजदीक से देखा और उसे मैंने उतारने का प्रयास की हूं।
औरंगाबाद के रक्तसेवक बमेंद्र एवं किरण अयोध्या में सम्मानित हुए
रक्तदान जागरूकता और जरूरतमंदों तक रक्त पहुंचाने के लिए देशभर में चला रहे अभियान की सराहना औरंगाबाद: पूरे देश में रक्तदान का महत्व समझाने एवं मतदान के प्रति जागरूकता फैलाने एवं जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रहे औरंगाबाद के क्षत्रिय नगर निवासी एवं पथ प्रदर्शक संस्था के संस्थापक-सह-सचिव तथा रक्तसेवक बमेंद्र कुमार सिंह एवं उनकी पत्नी किरण सिंह को श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में सम्मानित किया गया।अयोध्या में श्रीराम कृष्ण फाउंडेशन द्वारा 12 एवं 13 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय रक्तदान महोत्सव सह सम्मान समारोह में बमेंद्र कुमार सिंह को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह में देश के 22 राज्यों से पहुंचे रक्तसेवकों एवं रक्तदाताओं के साथ अयोध्या के स्थानीय रक्तदाताओं को भी सम्मानित किया गया।बमेंद्र कुमार सिंह एवं किरण सिंह को रक्तदान के प्रति जागरूकता अभियान चलाने, रक्तदान शिविरों का आयोजन करने तथा जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने के लिए सम्मान मिला।सम्मान प्राप्त करने के बाद बमेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि रक्तदान ऐसी मानवीय सेवा है, जिसका प्रत्यक्ष लाभ किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने के रूप में मिलता है। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी किरण का सामाजिक सेवा में पूरा सहमति एवं योगदान रहता है। किरण खुद एक रक्तदानी है और अभी तक सात बार रक्तदान कर चुकी हैं। बमेंद्र ने इस सम्मान का श्रेय पथ प्रदर्शक से जुड़े सभी रक्तदाताओं एवं सहयोगियों को देते हुए कहा कि उनके सहयोग से ही लगातार रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं और जरूरतमंदों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है।
दाउदनगर में पहली बार निकाली गई माँ दुर्गा के नौ रूपों की भव्य झाँकी, नारी शक्ति का दिया संदेश
दाउदनगर (औरंगबाद)शहर के लाल मार्केट स्थित लक्ष्मी हर्बल ब्यूटी पार्लर की ओर से नवरात्र के पावन अवसर पर पहली बार माँ दुर्गा के नौ रूपों की भव्य झाँकी निकाली गई। पार्लर की प्रोपराइटर उमा देवी के नेतृत्व में आयोजित इस अनूठी झाँकी ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और नारी शक्ति का संदेश दिया।झाँकी लक्ष्मी हर्बल ब्यूटी पार्लर से निकलकर मेन मार्केट होते हुए मौलाबाग स्थित सूर्य मंदिर परिसर पहुँची, जहाँ माँ दुर्गा के नौ रूपों को भव्य रूप में प्रस्तुत किया गया। इस दौरान श्रद्धा, आस्था और नारी शक्ति की झलक देखने को मिली।प्रशिक्षित सहकर्मियों ने निभाई अहम भूमिकामाँ दुर्गा के नौ रूपों की आकर्षक रूप-सज्जा में पार्लर की प्रशिक्षित सहकर्मियों सुनीता कुमारी, आरती कुमारी एवं सीमा कुमारी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं, नवदुर्गा के नौ रूपों में ज्योति कुमारी, खुशबू कुमारी, प्रियंका कुमारी, सोनम कुमारी, पुष्पा कुमारी, खुशी कुमारी, पूजा कुमारी, रूपा कुमारी एवं सरस्वती कुमारी ने अपनी भूमिका निभाई।‘जब है नारी में शक्ति सारी, तो फिर क्यों नारी को कहें बेचारी’इस अवसर पर लक्ष्मी हर्बल ब्यूटी पार्लर की प्रोपराइटर उमा देवी ने कहा, “जब है नारी में शक्ति सारी, तो फिर क्यों नारी को कहें बेचारी।” उन्होंने कहा कि इस झाँकी के माध्यम से नारी की शक्ति, प्रतिभा और सामर्थ्य को प्रदर्शित करने का प्रयास किया गया है।उन्होंने बताया कि झाँकी निकालने का मुख्य उद्देश्य पार्लर के कार्यों का प्रचार-प्रसार करना और लोगों को आकर्षक रूप-सज्जा की सेवाओं से परिचित कराना था।
सीता स्वयंवर के मंचन में उमड़ी भीड़
हसपुरा: हसपुरा बाजार के मां दुर्गा मंदिर परिसर में चल रहे दस दिवसीय रामलीला को लेकर प्रतिदिन रामलीला देखने आने वाले हजारों की तादाद में श्री राम भक्तों का हुजूम प्रति दिन पांडाल में उमड़ रहा है।रामलीला के तीसरे दिन मंगलवार की रात भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।इसका शुभारंभ रामलीला के मुख्य संरक्षक डॉ.संजय प्रसाद के नेतृत्व में राम दरबार की आरती के साथ हुआ।मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) के कलाकारों ने श्रीराम द्वारा धनुष तोड़ने व सीता के स्वयंवर का मंचन किया गया। राम-सीता के प्रथम परिचय से लेकर धनुष भंग व वरमाला तक के प्रसंगों को मंच पर जीवंत कर दिया।धार्मिक प्रसंगों की भावपूर्ण प्रस्तुति देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे।श्रीराम द्वारा धनुष उठाते ही वह टूट गया।धनुष टूटते ही पूरे पांडाल में जयश्री राम के गगनभेदी नारे लगने लगते हैं। तभी भरी सभा वहां क्रोधित परशुराम पहुंच जाते हैं और धनुष के टूटने पर क्रोधित हो उठते हैं। इसके बाद लक्ष्मण और परशुराम के बीच तीखा संवाद होता है। इसके पश्चात धूमधाम से भगवान श्रीराम व सीता जी का विवाह संपन्न होता है।कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष अनिल आर्य,सचिव राजू भारती, केदार प्रसाद,बैजू कुमार, सुरेश आर्य ने अतिथियों को सम्मानित किया।पूर्व जिप सदस्य रामाश्रय सिंह,पूर्व मुखिया विजय अकेला,शालिग्राम मिश्रा ने कि हसपुरा में रामलीला की शुरुआत एक अच्छी पहल है।इससे श्री के आदर्शों पर चलने के लिए समाज को प्रेरणा मिलेगी।उपमुखिया विकास गुप्ता,शिक्षक रामजीत प्रसाद,गया प्रसाद सहित कई सदस्य उपस्थित थे।
सीतयोग यूनिवर्सिटी के डांडिया नाइट्स ने जीता औरंगाबाद के लोगों का दिल
बिहार-झारखंड के सबसे बड़े डांडिया नाइट्स में जुटे हजारों लोग, अविस्मरणीय यादें छोड़ गया आयोजन डांडिया और गरबा की धुनों पर झूमे शहरवासी, सांस्कृतिक कार्यक्रम में मचा धमाल औरंगाबाद। स्थानीय सीतयोग यूनिवर्सिटी के खेल मैदान में बुधवार, 14 अक्टूबर को आयोजित डांडिया नाइट्स ने औरंगाबाद के लोगों का दिल जीत लिया। दुर्गापूजा के अवसर पर आयोजित इस भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। आस्था, प्रेम, भक्ति और शक्ति के पर्व पर आयोजित डांडिया नाइट्स लोगों के लिए कई अविस्मरणीय यादें छोड़ गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सीतयोग यूनिवर्सिटी के कुलाध्यक्ष कुमार योगेंद्र नारायण सिंह, उनकी धर्मपत्नी सीता देवी, कुलाधिपति डॉ. राजेश कुमार सिंह, कुलपति डॉ. पारसनाथ सिंह, प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार झा, प्रो. विजय कुमार सिंह, औरंगाबाद चैंबर ऑफ कॉमर्स के जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार गुप्ता, संगठन प्रभारी जितेंद्र कुमार गुप्ता, डांडिया नाइट्स के कोऑर्डिनेटर विशाल सिंह चौहान, रिपोर्टर चितरंजन कुमार तथा कार्यक्रम के एंकर चंदन कुमार भारती ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर कुलाध्यक्ष कुमार योगेंद्र नारायण सिंह, कुलाधिपति डॉ. राजेश कुमार सिंह, कुलपति डॉ. पारसनाथ सिंह, प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार झा, प्रो. विजय कुमार सिंह, प्रो. सुधीर कुमार मिश्र, मुकेश कुमार गुप्ता, जितेंद्र कुमार गुप्ता, बृजा प्रसाद सिंह, विजय कुमार पांडेय, अजय कुमार, विशाल सिंह चौहान, वैभव कुमार, रिशु कुमारी, अमिताभ राजन और विकास रंजन सहित दो दर्जन विशिष्ट लोगों को सम्मानित किया गया। कोलकाता से आए डीजे पीयूष और गया के जाने-माने कोरियोग्राफर अमित कुमार तथा उनकी टीम ने डांडिया और गरबा गीतों से समां बांध दिया। संगीत की धुनों पर दो हजार से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक नृत्य किया। पूरे मैदान में उत्सव, उमंग और उल्लास का माहौल बना रहा। ज्ञात हो कि इस भव्य आयोजन की तैयारी पिछले महीने से ही जोर-शोर से चल रही थी। कार्यक्रम को सफल बनाने और इसकी भव्यता सुनिश्चित करने के लिए सीतयोग खबर और औरंगाबाद चैंबर ऑफ कॉमर्स की टीम ने व्यापक तैयारियां की थीं। डांडिया वर्कशॉप और आयोजन की तैयारियों में ममता गुप्ता, अर्चना गुप्ता, रेखा अग्रवाल, सोनी कुमारी, काजल कुमारी, स्वीटी कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, सोनम कुमारी, श्यामा कुमारी, सिम्पी कुमारी, वैष्णवी कुमारी, सत्यम कुमार, आयुष कुमार, रविंद्र कुमार और अंकित पाल सहित एक हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सीतयोग यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. राजेश कुमार सिंह, सीतयोग खबर की ओर से कार्यक्रम कोऑर्डिनेटर विशाल सिंह चौहान, फैकल्टी सदस्य वैभव कुमार, उप-संयोजक चितरंजन कुमार और चंदन कुमार भारती की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं, औरंगाबाद चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से जिलाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक मुकेश कुमार गुप्ता, जितेंद्र कुमार गुप्ता और उनकी पूरी टीम ने सक्रिय योगदान दिया। आयोजन ने शहर में सांस्कृतिक उत्सव की एक नई छाप छोड़ी।