
अदालत से केजरीवाल समेत ‘‘आप’’ नेताओं को आरोप मुक्त होना जाना सत्य-न्याय की जीत: अंकुश नारंग
नई दिल्ली। एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने शुक्रवार को एमसीडी मुख्यालय स्थित सिविक सेंटर में आयोजित सदन की बैठक के दौरान आम आदमी पार्टी के नेताओं के अदालत से आरोपमुक्त होने पर बधाई प्रस्ताव रखा। इस दौरान उन्होंने कहा कि अदालत द्वारा देश के लोकप्रिय जननेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आरोपों से मुक्त किया जाना सत्य और न्याय की बड़ी जीत है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता के लालच में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह सहित आम आदमी पार्टी के कई नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रची थी, लेकिन अंततः यह प्रयास विफल साबित हुआ। उन्होंने कहा कि हर कठिन समय में सच और ईमानदार राजनीति का साथ देने वाली दिल्ली की जागरूक जनता भी बधाई की पात्र है। यह जीत सत्य, लोकतंत्र और जनता के विश्वास की जीत है।
सदन की बैठक के दौरान अंकुश नारंग ने कहा कि जब एमसीडी में आम आदमी पार्टी की सरकार थी, तब भाजपा के विपक्षी सदस्य अक्सर काली पट्टियां दिखाकर सदन में शोर-शराबा करते थे। उस समय तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष राजा इकबाल सिंह कथित शराब घोटाले के मुद्दे पर काली पट्टी लेकर विरोध जताते थे। इसी संदर्भ में आज उन्होंने सदन में बधाई प्रस्ताव रखा है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से इस सदन के माध्यम से यह प्रस्ताव रखा जा रहा है कि देश के प्रसिद्ध जननेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को माननीय न्यायालय द्वारा बरी किए जाने के आदेश का सभी सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने हमेशा कानून और संविधान की मर्यादा का सम्मान किया है और यह फैसला देश के लिए महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक है।
अंकुश नारंग ने कहा कि सत्ता के लालच में भाजपा ने पिछले दो वर्षों तक आम आदमी पार्टी को परेशान किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं में मनीष सिसोदिया को 17 महीने, संजय सिंह को छह महीने और अरविंद केजरीवाल को करीब पांच महीने जेल में रहना पड़ा। अंततः न्यायालय ने यह तय कर दिया कि यह मामला ही नहीं बनता और सभी नेताओं को बरी कर दिया गया। इसी कारण आम आदमी पार्टी की ओर से सदन में बधाई प्रस्ताव लाया गया है।
दलित महिला पार्षद के साथ उत्पीड़न का आरोप
अंकुश नारंग ने सदन में दिल्ली में एक दलित महिला पार्षद के साथ उत्पीड़न का मामला भी उठाया। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी की दलित महिला पार्षद ज्योति गौतम के साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब ज्योति गौतम रात करीब 1:30 बजे सड़क का निरीक्षण कर रही थीं, तब उनके साथ धक्का-मुक्की की गई, जिससे वह गिर गईं और उनके कपड़े फट गए। इस घटना में उन्हें चोटें आईं और उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। उनके एक सहयोगी को भी चोटें आईं।
नारंग ने आरोप लगाया कि घटना के बावजूद पुलिस और प्रशासन द्वारा कोई जांच नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा के एक विधायक का नाम सामने आ रहा है, लेकिन प्रशासन कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्षद के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर सदन में मेयर से पार्षद ज्योति गौतम को बोलने का अवसर देने की मांग की गई, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया। इसी कारण आम आदमी पार्टी के पार्षदों को वेल में जाकर विरोध दर्ज कराना पड़ा।
अंकुश नारंग ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के आरोपमुक्त होने पर उन्होंने सदन में बधाई प्रस्ताव पढ़ा है और इसमें हंगामा करने जैसी कोई बात नहीं थी। उन्होंने कहा कि पहले भाजपा के सदस्य सदन में काली पट्टियां लेकर हंगामा करते थे और कार्यवाही बाधित करते थे। अब जब अदालत का फैसला आ गया है, तो यह स्पष्ट हो गया है कि उस समय लगाए गए आरोप निराधार थे और सदन का बहुमूल्य समय व्यर्थ किया गया।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी चाहती है कि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चले और जनता के मुद्दों पर चर्चा हो।