भारत-अमेरिका कृषि सहयोग को नई दिशा देने हेतु इफको अध्यक्ष दिलीप संघाणी के नेतृत्व में महत्वपूर्ण संवाद

वॉशिंगटन डी.सी. में आयोजित भारत-अमेरिका कृषि सहयोग बैठक के दौरान इफको अध्यक्ष दिलीप संघाणी के नेतृत्व में PHDCCI प्रतिनिधिमंडल एवं USIBC के प्रतिनिधि।

नई दिल्ली। वॉशिंगटन डी.सी. स्थितयू.एस.-इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूएसआईबीसी) द्वारा इफको के अध्यक्ष श्री दिलीप संघाणी के नेतृत्व में आए पीएचडीसीसीआई प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी किया जाना इस बैठक के महत्व और प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। बैठक के उपरांत यूएसआईबीसी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर इस संवाद को भारत-अमेरिका कृषि सहयोग को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

यूएसआईबीसी ने अपने संदेश में उल्लेख किया कि श्री दिलीप संघाणी के नेतृत्व में हुए विचार-विमर्श ने कृषि क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को नई ऊर्जा प्रदान करने, साझा चुनौतियों के समाधान तलाशने तथा उभरते अवसरों पर सार्थक चर्चा का मार्ग प्रशस्त किया। परिषद ने विशेष रूप से नवाचार-आधारित कृषि नीतियों, टिकाऊ कृषि विकास, खाद्य सुरक्षा तथा किसानों की समृद्धि के लिए दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी की आवश्यकता पर बल दिया।

यह उल्लेखनीय है कि अमेरिका के प्रतिष्ठित उद्योग एवं व्यापार संगठन यूएसआईबीसी द्वारा इस बैठक को सार्वजनिक रूप से प्रमुखता देना भारतीय सहकारिता आंदोलन की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता, इफको की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा तथा श्री दिलीप संघाणी के नेतृत्व में भारतीय किसानों के हितों को वैश्विक मंचों पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए जाने का प्रमाण है।

बैठक के दौरान कृषि उत्पादकता बढ़ाने, उन्नत कृषि तकनीकों के उपयोग, भूमि स्वास्थ्य सुधार, किसानों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने, नवाचार-आधारित कृषि समाधान विकसित करने तथा खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों देशों के कृषि विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं एवं उद्योग प्रतिनिधियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि भारत और अमेरिका के बीच बढ़ता सहयोग कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा तथा किसानों के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करेगा।

श्री दिलीप संघाणी के नेतृत्व में आयोजित यह संवाद भारत-अमेरिका कृषि साझेदारी को नई दिशा देने, सहकारिता आधारित कृषि विकास को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने तथा किसानों की आय, उत्पादकता और कृषि सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *