रोज रामलीला देखने का समय नहीं, तो जनकपुरी में तीन घंटे में देखिए पूरी रामलीला
एआई समेत आधुनिक तकनीक का होगा इस्तेमाल, पांच दिन होगा विशेष हाईटेक मंचन नई दिल्ली। नवरात्रों में रामलीला देखने की इच्छा रखने वाले लेकिन रोजाना समय नहीं निकाल पाने वाले श्रद्धालुओं के लिए जनकपुरी में विशेष आयोजन किया जा रहा है। जनकपुरी रामलीला कमेटी इस बार महज तीन घंटे में राम जन्म से लेकर रावण वध और श्रीराम के राज्याभिषेक तक की संपूर्ण रामलीला प्रस्तुत करेगी। नवरात्रों के दौरान 15 से 20 अक्टूबर तक पांच दिन होने वाले इस मंचन की खासियत पारंपरिक रामलीला के साथ आधुनिक तकनीक का अद्भुत समन्वय होगी। रामलीला को इस बार पूरी तरह हाईटेक स्वरूप देने की तैयारी है। मंचन में आधुनिक डिजिटल तकनीक, अत्याधुनिक ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था और विजुअल इफेक्ट्स का इस्तेमाल किया जाएगा। तकनीक के माध्यम से रामायण के प्रमुख प्रसंगों को अधिक जीवंत और प्रभावशाली बनाने का प्रयास होगा, ताकि दर्शकों को मंच पर घटनाओं का सजीव अनुभव मिल सके। 29 वर्षों से रामलीला का मंचन कर रही जनकपुरी रामलीला कमेटी का उद्देश्य भगवान श्रीराम की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के साथ नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना है। इस बार तकनीक के माध्यम से खास तौर पर युवाओं और बच्चों को रामलीला से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। एक मंच पर पूरी रामायण के प्रमुख प्रसंग तीन घंटे के इस विशेष मंचन में राम जन्म, सीता स्वयंवर, श्रीराम का वनवास, सीता हरण, हनुमान जी का लंका पहुंचना, लंका दहन, राम-रावण युद्ध, रावण वध और श्रीराम का राज्याभिषेक प्रमुख आकर्षण होंगे। करीब 150 कलाकार विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाएंगे। कमेटी के अध्यक्ष अश्वनी खन्ना और महासचिव नरेंद्र चावला के अनुसार, आज की व्यस्त दिनचर्या में हर व्यक्ति के लिए नवरात्रों के दौरान रोजाना रामलीला देखना संभव नहीं है। ऐसे श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए तीन घंटे में संपूर्ण कथा का मंचन किया जा रहा है। इससे परिवार के साथ आने वाले दर्शक एक ही अवसर पर श्रीराम के जीवन, संघर्ष और आदर्शों की पूरी यात्रा देख सकेंगे। जनकपुरी रामलीला कमेटी ने दिल्लीवासियों से अपील की है कि वे परिवार सहित इस विशेष आयोजन में शामिल हों और परंपरा, संस्कृति और आधुनिक तकनीक के संगम से प्रस्तुत रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में सहभागी बनें।
नवरात्र पर यूपीकॉन की नई पहल, उद्यमिता की राह दिखाएगी ‘उद्यमी बडी’
यूथ अड्डा का मैस्कॉट ‘उद्यमी बडी’ लॉन्च, ‘मेरा सपना, मेरी शक्ति’ से युवाओं और बेटियों को मिला उद्यमिता का संदेश योगी सरकार के मिशन रोजगार को गति देने की पहल, युवाओं को स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं से जोड़ रहा यूपीकॉन लखनऊ, 13 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने के प्रयासों को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। इसी क्रम में नवरात्र के अवसर पर उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल कंसल्टेंट्स लिमिटेड (यूपीकॉन) ने युवाओं और महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश के विभिन्न यूथ अड्डा केंद्रों पर ‘उद्यमी बडी’ मैस्कॉट का शुभारंभ किया। इस पहल के जरिए युवाओं, विशेषकर बेटियों को अपने सपनों को पहचानने, कौशल विकसित करने और अपने विचारों को व्यवसाय में बदलने के लिए प्रेरित किया गया। लखनऊ, मुरादाबाद, आजमगढ़, मिर्जापुर, गोरखपुर, प्रयागराज, गोंडा और वाराणसी समेत विभिन्न जिलों के यूथ अड्डा केंद्रों पर आयोजित कार्यक्रमों में सैकड़ों युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें अपना व्यवसाय शुरू करने की इच्छुक युवतियों के साथ पहले से उद्यम कर रहीं महिला उद्यमी भी शामिल रहीं। ‘मेरा सपना, मेरी शक्ति’ से मिला आत्मनिर्भरता का संदेश कार्यक्रम के दौरान ‘मेरा सपना, मेरी शक्ति’ गतिविधि आयोजित की गई। प्रतिभागियों से अपने सपने लिखने और भविष्य में सीखना चाहने वाले कौशल की जानकारी देने को कहा गया। इसका उद्देश्य युवतियों और युवाओं को अपनी रुचि एवं क्षमता पहचानने तथा अपने विचारों को उद्यम के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित करना था। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया। नई पीढ़ी के सपनों का प्रतीक है ‘उद्यमी बडी’ ‘उद्यमी बडी’ एक युवा लड़की के रूप में तैयार किया गया मैस्कॉट है। यह नई पीढ़ी की उस सोच का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें युवा अपनी प्रतिभा और कौशल के आधार पर नए अवसर तलाशने के साथ अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं। नवरात्र के दौरान महिला शक्ति और आत्मनिर्भरता के संदेश के साथ इस पहल को जोड़कर युवतियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया गया। सरकारी योजनाओं से जोड़े जा रहे युवा कार्यक्रमों में प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा), मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (एनवाईएसवाई) और एमएसएमई विभाग की अन्य ऋण एवं सहायता योजनाओं की जानकारी दी गई। युवाओं को बताया गया कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन का लाभ लेकर वे अपने व्यावसायिक विचारों को धरातल पर उतार सकते हैं। यूथ अड्डा के माध्यम से युवाओं को उद्यमिता संबंधी जानकारी, मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे योगी सरकार के युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बनाने के संकल्प को भी मजबूती मिल रही है। रोजगार तलाशने के साथ रोजगार देने की सोच इस अवसर पर यूपीकॉन के प्रबंध निदेशक प्रवीण सिंह ने कहा कि यूपीकॉन की पहल का उद्देश्य युवाओं, विशेषकर महिलाओं को उद्यमिता के अवसरों से जोड़ना और उन्हें रोजगार तलाशने के साथ-साथ स्वयं रोजगार सृजित करने के लिए प्रेरित करना है। यूथ अड्डा के माध्यम से युवाओं को उद्यमिता संबंधी जानकारी, मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं से जुड़ने का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘उद्यमी बडी’ केवल एक मैस्कॉट नहीं, बल्कि युवाओं को सपने देखने, कौशल सीखने और अपने पैरों पर खड़े होने की प्रेरणा देने वाला संदेश है।
दंगा किया तो बाप-दादाओं की कमाई से भी धोना पड़ेगा हाथ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
बरेली क्लब ग्राउंड में भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो के समर्थन में शिक्षक सम्मेलन को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित 13 अक्टूबर, बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दंगाइयों को चेताया कि अब उत्तर प्रदेश में दंगा किया तो बाप-दादाओं की कमाई से भी हाथ धोना पड़ेगा। वर्ष 2017 से पहले बरेली में पर्व-त्योहार आते ही दंगे होते थे। अब दंगा करने वाले जेल में उर्स मना रहे हैं। उनका इशारा मौलाना तौकीर रजा की ओर था। उन्होंने कहा कि यूपी की पहचान अब उपद्रव से नहीं, उत्सव से है। कानून-व्यवस्था में बदलाव से प्रदेश के प्रति धारणा बदली है। मुख्यमंत्री योगी बरेली क्लब ग्राउंड में शिक्षक-एमएलसी चुनाव, बरेली/मुरादाबाद क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो के समर्थन में मंगलवार को शिक्षक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षक कर्मचारी नहीं, राष्ट्र और युग निर्माता हैं। उनके सम्मान और स्वास्थ्य की चिंता सरकार की जिम्मेदारी है। वर्ष 2017 से पहले शिक्षा व्यवस्था चौपट थी, लेकिन शिक्षकों ने शिक्षा की ज्योति बुझने नहीं दी। शिक्षकों को कैशलेस इलाज, बीमा कवर भीमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा और स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी गई है। शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइये भी इससे जुड़े हैं। माध्यमिक शिक्षकों को 80 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक बीमा कवर मिला है। रसोइयों को पांच लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य कवर और दो लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा दी गई है। राज्य शिक्षक पुरस्कार की राशि और संख्या भी बढ़ाई गई है। सपा राज में रिश्तेदारों के भरोसे था चयन बोर्डमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा में 1.60 लाख से अधिक पद रिक्त थे। सरकार ने साढ़े छह वर्षों में इतने ही शिक्षकों की पारदर्शी भर्ती की। सपा सरकार में चयन बोर्ड में परिवार और रिश्तेदारों को बैठाकर नियुक्तियां प्रभावित की जाती थीं। अब योग्य युवाओं को बिना भेदभाव नौकरी मिल रही है। उन्होंने कहा कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं पांच से 24 फरवरी के बीच होंगी। मुख्य परीक्षा 14 दिन में पूरी होगी और अगले 14 दिन में परिणाम आएगा। पहले छह महीने लगते थे। ग्रामीण विद्यार्थियों को भी आधुनिक शिक्षा के अवसरमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बदलाव केवल भवनों के निर्माण तक सीमित नहीं है। ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार से विद्यालयों में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और अटल टिंकरिंग लैब से ग्रामीण विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि गांव के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और वे आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ सकें। माफिया पर कार्रवाई से सपा को पीड़ामुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में मुख्यमंत्री आवास पर गरीबों और शिक्षकों के बजाय गैंगस्टर, दंगाई और फिरौती वसूलने वाले बुलाए जाते थे। अब माफिया पर कार्रवाई से सपा नेताओं को पीड़ा होती है। उन्होंने बरेली की नाथ नगरी के रूप में पहचान और संभल के 68 तीर्थ व 19 कूप के पुनर्जीवन का उल्लेख किया। हर जिले में विश्वविद्यालय देने की तैयारीमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना बढ़ी है। शाहजहांपुर में स्वामी सुखदेवानंद और मुरादाबाद में गुरु जंभेश्वर के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित हुए हैं। भदोही और कुशीनगर में भी विश्वविद्यालय दिए गए हैं। सरकार एक जिला-एक विश्वविद्यालय की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 23 अक्टूबर को शिक्षक मतदाताओं को मतदान के लिए अवकाश मिलेगा। उन्होंने डॉ. हरि सिंह ढिल्लो को सरदार के साथ असरदार बताते हुए जिताने की अपील की। शिक्षक चुनाव से मिलेगा विधानसभा चुनाव का संकेत : खन्नावित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि यह चुनाव विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षित वर्ग में भाजपा की लोकप्रियता का संकेत देगा। सरकार ने छह करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती देने वाले अखिलेश यादव मुख्यमंत्री योगी के जवाब के बाद चुप हैं। विपक्ष को नहीं दिखता विकास : गुलाब देवीमाध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने शिक्षकों के हित में ऐतिहासिक कार्य किए हैं। विपक्ष को प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के विकास कार्य नहीं दिखते। उल्लू को दिन में नहीं दिखता तो इसमें सूर्य का दोष नहीं है। डॉ. हरि सिंह ढिल्लो शिक्षकों के लिए सहज उपलब्ध हैं। कार्यक्रम में ये रहे मौजूदसम्मेलन में कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, जयेंद्र प्रताप सिंह राठौर, अरुण कुमार सक्सेना, संजय गंगवार, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार और राज्यसभा सदस्य श्रुति गंगवार मौजूद रहीं। अंत में धर्मपाल सिंह ने मुख्यमंत्री योगी को स्मृति चिह्न भेंट किया।
सीएम की सौगात, ग्राम प्रहरियों का बढ़ाया मानदेय, अब मिलेंगे 3500 रुपये
68 हजार ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की मिलेगी सुविधा 2017 से पहले जो सत्ता में थे, वही लूट-खसोट करते थे, जो रहनुमा थे वही चोर भी थे: सीएम योगी बरेली, 13 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेश के करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय एक हजार रुपये बढ़ाने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार ग्राम प्रहरियों व उनके परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये कैशलेस इलाज की सुविधा भी देने जा रही है। मानदेय में एकमुश्त 40 प्रतिशत की वृद्धि से अब उन्हें 2500 के बजाय 3500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इस तरह प्रत्येक ग्राम प्रहरी को सालाना 12 हजार रुपये की अतिरिक्त आय होगी। वर्ष 2017 में ग्राम प्रहरियों को महज 1500 रुपये मानदेय मिलता था, जिसे वर्ष 2019 में बढ़ाकर 2500 रुपये किया गया था। अब जिम्मेदारी के साथ सरकार उनकी सुविधाएं भी बढ़ा रही है। ग्राम प्रहरी गांव की सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनकी सजगता और समय पर दी गई सूचना किसी बड़ी अनहोनी को टाल सकती है। बरेली पुलिस लाइन में आयोजित भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के पहले जो लोग सत्ता में थे, वही लूट-खसोट भी करते थे। जो रहनुमा थे, वही चोर भी थे, वही डकैती डालते थे या डलवाते थे। तो जनता किससे उम्मीद करती? पुलिस भी मौन रह जाती थी। आज उत्तर प्रदेश में अपराधियों के मन में कानून का भय है। लोग बेखौफ होकर पर्व-त्योहार मनाते हैं। नवरात्रि पर मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इसका जीवंत उदाहरण है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था के प्रति देश-दुनिया की धारणा बदल चुकी है। बेटी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले या लूट-चेन स्नेचिंग करने वाले अपराधियों का गंभीर परिणाम भुगतना तय है। जिन लोगों ने बुराई पाली थी, जनता ने उनको जवाब दे दिया और जो अच्छाई लेकर के चले थे, वे प्रदेश को भी अच्छा बनाने में सफल हुए हैं। अब उपद्रव नहीं, उत्सव मनाता है उत्तर प्रदेशमुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की तृतीया तिथि पर मां चंद्रघंटा को नमन करते हुए कहा कि घंटे का नाद भयमुक्त वातावरण पैदा करता है। जगत जननी मां भगवती का यह स्वरूप असुरों, अराजक तत्वों, दंगाइयों और आतंकियों के मन में भय पैदा करने का प्रतीक है। यह गूंज घंटे की भी हो सकती है और हमारी कड़कदार आवाज की भी। वर्ष 2017 से पहले कोई पर्व या त्योहार आने से पहले ही उपद्रव शुरू हो जाता था। लोग उत्सव मनाने के बजाय अशांति की आशंका से चिंतित रहते थे। अब लोग उपद्रव भूल चुके हैं और प्रदेशभर में शारदीय नवरात्रि का आयोजन हर्षोल्लास से हो रहा है। देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में दर्शन कर पा रहे हैं, क्योंकि सरकार ने सुरक्षा की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की है। हजारों स्थानों पर स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं और पूजा पंडालों में आस्था का उत्सव इसी सुरक्षित वातावरण का प्रमाण है। यूपी के लोगों को अब पहचान छिपाने की जरूरत नहींमुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित उत्तर प्रदेश ने देश और दुनिया में अपनी छवि बदल दी है। पहले मुट्ठीभर लोगों के अपराधों का खामियाजा प्रदेश के 25 करोड़ लोगों को भुगतना पड़ता था। सबके सामने पहचान का संकट था। यूपी के बाहर जाने पर लोग अपनी पहचान छिपाने को मजबूर होते थे। स्थिति यह थी कि धर्मशालाओं और होटलों में कमरा मिलना मुश्किल होता था। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद सबसे बड़ी चिंता इस धारणा को बदलने की थी। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार ने इस दिशा में सफलता हासिल की है। अब उत्तर प्रदेश के लोगों को अपनी पहचान छिपाने की जरूरत नहीं है। जो लोग पहले यूपी से दूरी बनाते थे, आज वे उत्तर प्रदेश के करीब आना चाहते हैं। सुरक्षा का माहौल बनने से व्यापार बढ़ा है और निवेश को प्रोत्साहन मिला है। रोजगार के अवसर बढ़े और विकास की गति तेज हुई है। पुलिस के साथ होमगार्ड, पीआरडी और ग्राम प्रहरियों को भी सम्मानमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि पुलिस को अच्छी ट्रेनिंग और सुविधाएं मिलें तो होमगार्ड, पीआरडी जवानों, और ग्राम प्रहरियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। इन सभी को सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना आवश्यक है। वर्ष 2017 से पहले ग्राम प्रहरियों की कोई सुध लेने वाला नहीं था। उस समय प्रदेश में करीब 68 हजार ग्राम पंचायतें थीं। अनेक ग्राम पंचायतों के नगर निकायों में शामिल होने और प्रशासनिक बदलावों के बाद आज भी प्रदेश में 57,600 से अधिक ग्राम पंचायतें हैं। प्रदेश में करीब 1.05 लाख राजस्व गांव हैं। इतने बड़े ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम प्रहरियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि अंतिम पायदान पर बैठा व्यक्ति सजग और सचेत है, तो गांव में कोई भी अप्रिय घटना होने से पहले उसकी जानकारी मिल सकती है। ग्राम प्रहरी की भूमिका यहीं से शुरू होती है। ग्राम प्रहरी अपने गांव में सजग रहकर सूचनाएं एकत्र करें। किसी आपात स्थिति में फोन के माध्यम से थानाध्यक्ष या क्षेत्र के दरोगा को सूचना दें। थानाध्यक्ष अथवा क्षेत्र का दरोगा सप्ताह में कम से कम एक दिन ग्राम प्रहरियों के साथ बैठक कर सूचनाएं एकत्र करे और समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करे। सीसीटीवी कैमरे की तरह है ग्राम प्रहरियों की भूमिकामुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों की भूमिका को गांव की सुरक्षा व्यवस्था में सीसीटीवी कैमरे के समान महत्वपूर्ण बताया। ग्राम प्रहरी सजग रहकर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकते हैं। उन्हें किसी से उलझने या स्वयं कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है। उनका प्रमुख काम गांव में रहकर गतिविधियों पर नजर रखना, विश्वसनीय सूचना एकत्र करना और उसे समय पर पुलिस तक पहुंचाना है। कोई सूचना पूरी तरह पुष्ट न भी हो, लेकिन यदि कोई संदिग्ध बात सामने आई है तो उसकी जानकारी पुलिस को दी जा सकती है, ताकि उसकी सत्यता की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जा सकें। अफवाहों, वन्यजीवों और भू-माफिया पर भी रखें नजरमुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के समय गांवों में अफवाहें तेजी से फैलती हैं। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जैसे जिलों
नारी के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन के लिए समर्पित है सरकार: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने किया पोस्ट- नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाभिमान ही सशक्त-समृद्ध समाज का आधार नारी सशक्तीकरण के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रही डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री 2017 से पहले अराजकता के तांडव ने महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान पर लगा रखा था ग्रहण लखनऊ, 13 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की तृतीया पर मां चंद्रघंटा के स्वरूप की आराधना की। इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा कि डबल इंजन सरकार की हर पहल नारी के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन के लिए समर्पित है। मां चंद्रघंटा के दिव्य स्वरूप का संदेशमुख्यमंत्री ने लिखा कि नारी शक्ति के तेज, गरिमा और अदम्य साहस के प्रतीक के रूप में मां चंद्रघंटा का दिव्य स्वरूप हमें यह संदेश देता है कि नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाभिमान ही सशक्त और समृद्ध समाज का आधार है। इसी भावना को आत्मसात कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार सुशासन के माध्यम से नारी सशक्तीकरण के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। 2017 से पहले सत्ताधीशों के परिवारों का होता था सशक्तीकरणमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में फैले अराजकता के तांडव ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पर ग्रहण लगा रखा था। उस समय माताओं-बहनों के सशक्तीकरण के बजाय सत्ताधीशों के परिवारों का सशक्तीकरण ही मुख्य उद्देश्य हुआ करता था। मातृत्व को सहारा, इज्जत घर से गरिमा की रक्षामुख्यमंत्री ने कहा कि अब ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ से बेटियों के अस्तित्व की रक्षा, शिक्षा के प्रति जागरूकता, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से उनके उज्ज्वल भविष्य को संबल, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से विवाह को गरिमापूर्ण आधार, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मातृत्व को सहारा, उज्ज्वला से धुएं से मुक्ति, इज्जत घर से गरिमा की रक्षा, घरौनी से संपत्ति का अधिकार, 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए आजीवन निःशुल्क बस यात्रा और वृद्धावस्था पेंशन के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा तक, डबल इंजन सरकार की हर पहल नारी के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन के लिए समर्पित है।
मुख्यमंत्री के दरबार मे पहुंचा आरटीई के दाखिले का मामला , उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने दिया आश्वासन
डीपीएसजी की मनमानी नहीं लिया आरटीई का दाखिला , आईपीए ने मुख्यमंत्री से की मान्यता रद्द करने की अपील संवाददाता अनिल कुमार गाज़ियाबाद। जिले के नामी स्कूलों की निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 ( आरटीई ) के अंतर्गत चयनित दुर्बल वर्ग एवं अलभित समूह के बच्चो को दाखिले नहीं देने की मनमानी लगातार जारी है मामला है मेरठ रोड स्थित नामी दिल्ली पब्लिक स्कूल गाजियाबाद का जिसमें अभिभावक अरुण कुमार शर्मा की पुत्री का आरटीई की लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से दुर्बल वर्ग में निःशुल्क प्रवेश के लिए 28 फरवरी 2026 को चयन हुआ था।अभिभावक का आरोप है कि 12 मार्च 2026 को आवंटन पत्र लेकर विद्यालय पहुंचने पर स्कूल प्रबंधन ने प्रवेश देने से मना कर दिया।जिसके बाद अभिभावक ने अपनी बेटी के दाखिले के लिए खंड शिक्षा अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिलाधिकारी से भी प्रार्थना पत्र देकर दाखिले की गुहार लगाई साथ ही अतिरिक्त, विद्या समीक्षा केंद्र (एसएसए- यूपी ) में शिकायत संख्या UP 26RTE00033 तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर संदर्भ संख्या 92614000012782 के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई गई। अभिभावक के अनुसार, कई बार शिकायत करने और अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटने के बावजूद अब तक प्रवेश सुनिश्चित नहीं हो सका जिसके बाद अभिभावक ने अपनी बेटी के दाखिले के लिए मुख्यमत्री दरबार में जाने का निर्णय लिया और 12 अक्टूबर को मुख्यमंत्री दरबार में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई हालांकि मुख्यमंत्री जी के गोरखपुर में होने के कारण उनसे मुलकात नहीं हो पाई लेकिन उपमुख्यमत्री बृजेश पाठक से मुलाकात कर उनको शिकायत पत्र दिया गया और उन्होंने अभिभावक को दाखिला कराने के लिए आश्वस्त किया है इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा त्यागी ने गाजियाबाद में शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (आरटीई) के तहत चयनित बच्ची को विद्यालय में प्रवेश नहीं दिए जाने के मामले में गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से विषय का संज्ञान लेकर बच्ची का दाखिला स्कूल में सुनिश्चित करा” बेटी बचाओ बटी पढ़ाओ ” के नारे को सार्थक करने की अपील एवं दाखिले नहीं लेने वाले स्कूलों की तत्काल प्रभाव से मान्यता रद्द करने की मांग की है।
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना मे धूमधाम से निकली प्रभु श्री राम जी बारात
चेतन शर्माबुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना कस्बे में ऐतिहासिक रामलीला की परंपरा आज भी लोगों की आस्था और आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। लगभग 200 वर्षों से आयोजित हो रही इस रामलीला के दौरान हर साल विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग रामलीला और मेले का आनंद लेने के लिए पहुंचते हैं। इसी परंपरा के तहत इस वर्ष भी रामलीला कमेटी के अध्यक्ष आशीष जैन के नेतृत्व में भगवान श्रीराम की भव्य बारात निकाली गई।राम बारात में सजीव झांकियों और भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत तथा शत्रुघ्न के आकर्षक स्वरूपों ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। बारात के दौरान कस्बे में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा और जगह-जगह लोगों ने इसका स्वागत किया।चांदनी वाले मंदिर से शुरू हुई राम बारातरामलीला कमेटी के सदस्य मनीष शर्मा ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रीराम बारात धूमधाम से निकाली गई। बारात की शुरुआत चांदनी वाले मंदिर से हुई। इसके बाद बारात बुढ़ाना कस्बे के बड़े बाजार सहित विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। लगभग तीन से चार किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद बारात वापस चांदनी वाले मंदिर पहुंची, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ।बारात में शामिल सुंदर झांकियां और रामायण के प्रमुख पात्रों के आकर्षक स्वरूप लोगों के लिए विशेष आकर्षण रहे। रास्ते में स्थानीय लोगों ने बारात का स्वागत किया और धार्मिक आयोजन में भागीदारी निभाई।जगह-जगह की गई जलपान की व्यवस्थाराम बारात के स्वागत के लिए विभिन्न स्थानों पर जलपान की व्यवस्था की गई थी। रामलीला कमेटी के सदस्य मनीष शर्मा के अनुसार, लाला दिनेश आढ़ती के यहां भव्य नाश्ते का आयोजन किया गया। वहीं, राष्ट्रीय लोकदल की नेता अनुपमा चौधरी की ओर से भी बारात के लिए दावत की व्यवस्था की गई।आयोजन में प्रेम त्यागी, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष आशीष जैन, अरविंद सिंघल, आशीष सिंघल, राजेश शर्मा, राजू वर्मा और मनीष शर्मा सहित कमेटी के लगभग 150 सदस्य मौजूद रहे। इसके अलावा क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। रामलीला के पात्र निभा रहे हैं महत्वपूर्ण भूमिका इस वर्ष रामलीला में विभिन्न कलाकार रामायण के प्रमुख पात्रों की भूमिका निभा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भगवान श्रीराम की भूमिका लक्षित गोयल, लक्ष्मण की भूमिका वर्णित गोयल, भरत की भूमिका दामोदर शर्मा, शत्रुघ्न की भूमिका धर्मेंद्र गोयल और माता सीता की भूमिका माधव शर्मा निभा रहे हैं।इसी क्रम में राजा दशरथ की भूमिका आशीष गोयल, राजा जनक की भूमिका अंश त्यागी और विश्वामित्र की भूमिका टीनू गोयल निभा रहे हैं। बाणासुर की भूमिका चंचल त्यागी को सौंपी गई है। इसके अलावा राजेश शर्मा, टोनू गोयल, अनुराग सिंघल, सोनू कुमार शर्मा, वाला राजू शर्मा, दामोदर शर्मा, गौरव कुमार, अश्विनी त्यागी, प्रवीण कुमार कश्यप, अंकित बंसल और आर्यन सहित अन्य कलाकार भी रामलीला के आयोजन में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। देवताओं के पात्रों में सुनील ठाकुर, अनुराग सिंघल और नितिन मित्तल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। धार्मिक परंपरा से जुड़ा है बुढ़ाना का आयोजन बुढ़ाना की रामलीला स्थानीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। वर्षों से आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को देखने और समझने का अवसर मिलता है। राम बारात जैसे आयोजनों में स्थानीय लोगों की भागीदारी से धार्मिक उत्सव का माहौल बनता है।इस वर्ष भी रामलीला कमेटी के सदस्यों और क्षेत्रवासियों के सहयोग से श्रीराम बारात का आयोजन संपन्न हुआ। आयोजन में श्रद्धालुओं की भागीदारी ने बुढ़ाना की पुरानी रामलीला परंपरा को एक बार फिर सामने रखा।
चार स्वर्ण पदक जीतने वाले सूरज कुमार को पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने किया सम्मानित
औरंगाबाद। भाजपा के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने अपने आवासीय कार्यालय ‘सिंह कोठी’ में देव प्रखंड के रियासत पवई निवासी सूरज कुमार को नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित डब्ल्यूआरपी फेडरेशन वर्ल्ड कप पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में चार स्वर्ण पदक जीतने पर अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया और बधाई दी। पूर्व सांसद ने कहा कि सूरज कुमार ने अपनी शानदार उपलब्धि से देश और औरंगाबाद जिले का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है। 9 से 11 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में 67.5 किलोग्राम भार वर्ग के अंतर्गत सूरज कुमार ने कुल 560 किलोग्राम वजन उठाकर फुल पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा उन्होंने बेंच प्रेस में 127.5 किलोग्राम, स्क्वाट में 205 किलोग्राम और डेडलिफ्ट में 227.5 किलोग्राम वजन उठाकर तीन अन्य स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इस अवसर पर बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता सुनील सिंह, कोच सुबेस्टिन जॉन, पूर्व सांसद प्रतिनिधि अश्विनी सिंह, देव के पूर्व उप प्रमुख मनीष पाठक, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता आदित्य शेखर, युवा भाजपा नेता प्रवीर सिंह, शुभेन्दु शेखर, रवि सिंह, महेंद्र भगत, भाजपा जिलामंत्री सुबोध सिंह, भाजपा नेता पप्पू सिंह, आलोक सिंह, दीपक सिंह, धीरज पांडेय, पूर्व मुखिया विनय मिश्रा, रविंद्र शर्मा, अशोक सिंह और जिला मीडिया प्रभारी मितेंद्र सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने सूरज कुमार को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
भारतीय तटरक्षक बल का ऐतिहासिक पर्वतारोहण, 7,045 मीटर ऊंचे माउंट मुकुट ईस्ट पर फहराया उत्तराखंड का विशाल ध्वज
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में अभियान दल का किया फ्लैग-इन, 2027 के एवरेस्ट अभियान के लिए बढ़ाया उत्साह देहरादून। भारतीय तटरक्षक बल और हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट (एचएमआई), दार्जिलिंग के संयुक्त पर्वतारोहण अभियान दल ने 7,045 मीटर ऊंचे माउंट मुकुट ईस्ट का सफल आरोहण कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह भारतीय तटरक्षक बल के इतिहास में 7,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली किसी पर्वत चोटी पर पहला सफल आरोहण है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में अभियान दल का फ्लैग-इन कर सभी सदस्यों को बधाई दी। एचएमआई के प्राचार्य कर्नल रजनीश जोशी के नेतृत्व में संपन्न इस अभियान को उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 गौरवशाली वर्षों को समर्पित किया गया। अभियान दल ने माउंट मुकुट ईस्ट के शिखर पर 2,500 वर्ग फुट का विशाल उत्तराखंड ध्वज फहराकर प्रदेश का मान बढ़ाया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हिमालय की दुर्गम परिस्थितियों में इस तरह की सफलता पर्वतारोहियों के अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प, अनुशासन और टीम भावना का परिचायक है। यह उपलब्धि भारतीय तटरक्षक बल के साथ-साथ पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान साहस, शौर्य और समृद्ध पर्वतारोहण परंपरा से जुड़ी रही है। राज्य के रजत जयंती वर्ष को समर्पित इस अभियान की सफलता प्रदेश की गौरवशाली यात्रा और हिमालय के साथ उसके गहरे जुड़ाव को प्रदर्शित करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय तटरक्षक बल देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उसके जवानों द्वारा हिमालय की ऊंचाइयों पर इस तरह की उपलब्धि हासिल करना उनके उत्कृष्ट प्रशिक्षण और साहसिक क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस अभियान से प्राप्त अनुभव वर्ष 2027 में प्रस्तावित माउंट एवरेस्ट अभियान की तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एवरेस्ट अभियान की तैयारी का अहम पड़ाव एचएमआई, दार्जिलिंग के प्राचार्य एवं अभियान दल के नेतृत्वकर्ता कर्नल रजनीश जोशी ने बताया कि भारतीय तटरक्षक बल वर्ष 2027 में अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे करने जा रहा है। स्वर्ण जयंती के अवसर पर प्रस्तावित माउंट एवरेस्ट अभियान की तैयारियों के तहत माउंट मुकुट ईस्ट का आरोहण किया गया। पर्वतारोहियों के चयन और प्रशिक्षण की जिम्मेदारी हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट, दार्जिलिंग को सौंपी गई है। इस अवसर पर भारतीय तटरक्षक बल के अपर महानिदेशक आनंद प्रकाश बडोला, उप महानिरीक्षक हिमांशु नौटियाल, उप महानिरीक्षक डी.एस. चौहान, कमांडेंट अमित उनियाल, कमांडेंट विश्वजीत सिंह, एचएमआई के पासांग तेनजिंग शेरपा सहित अभियान दल के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कैप्शन: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में माउंट मुकुट ईस्ट का सफल आरोहण करने वाले भारतीय तटरक्षक बल एवं एचएमआई के संयुक्त पर्वतारोहण अभियान दल का फ्लैग-इन कर सम्मानित किया।
किसानों का पैसा हजम कर गए सपाई, उसी का श्राप ले डूबा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी ने गोरखपुर से 9,18,091 किसानों के खातों में भेजे 493 करोड़ रुपये, आपदा प्रभावितों को सौंपे सहायता राशि के चेक अतिवृष्टि, बाढ़ और चक्रवात से फसल क्षति पर महज 10 दिन में मुआवजा, इस वर्ष अब तक आपदा प्रभावितों को करीब एक हजार करोड़ की सहायता जाति के नाम पर समाज को बांटते रहे सपाई, किसानों के खून-पसीने की कमाई पर डालते थे डकैती : मुख्यमंत्री योगी हुदहुद चक्रवात में केंद्र ने भेजे 3200 करोड़, किसानों को सिर्फ 800 करोड़ बांट सकी थी सपा सरकार गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा राहत वितरण को लेकर पिछली सरकारों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि किसानों का पैसा हजम करने वाले सपाइयों को उन्हीं का श्राप ले डूबा। वर्ष 2014 में हुदहुद चक्रवात के दौरान केंद्र सरकार ने 3200 करोड़ रुपये भेजे थे, लेकिन तत्कालीन सपा सरकार किसानों को महज 800 करोड़ रुपये ही बांट सकी। शेष धनराशि किसानों तक नहीं पहुंची। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद इसकी पड़ताल कराई और अलग से धनराशि की व्यवस्था कर किसानों को बकाया मुआवजा दिलाया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सपाई जाति के नाम पर समाज को बांटते रहे, लेकिन किसानों के खून-पसीने की कमाई पर डकैती डालने से भी नहीं चूके। किसानों का पैसा हजम करने वालों को उन्हीं का श्राप ले डूबा। सोमवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में मुख्यमंत्री योगी ने बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात से प्रभावित प्रदेश के 9,18,091 किसानों के खातों में रिमोट का बटन दबाकर 493 करोड़ रुपये कृषि निवेश अनुदान हस्तांतरित किए। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने महज आठ से दस दिन में किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराया है। इस वर्ष बरसात के दौरान आपदा प्रभावित किसानों और नागरिकों को करीब एक हजार करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। कांग्रेस राज में 100 रुपये चलते थे, किसान तक पहुंचते थे 15मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस के शासन में 100 रुपये भेजे जाते थे तो लाभार्थी तक महज 15 रुपये पहुंचते थे। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी इसे स्वीकार किया था। बाकी पैसा कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के लोग हजम कर जाते थे। अब जिस किसान को 25 हजार रुपये स्वीकृत होते हैं, उसके खाते में पूरे 25 हजार पहुंचते हैं। न कोई बिचौलिया सेंध लगा सकता है और न किसी प्रकार की कटौती होती है। जनहानि पर 24 घंटे में चार लाख, दुर्घटना पर पांच लाख की सहायतामुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर परिवार को 24 घंटे के भीतर चार लाख रुपये उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। आकाशीय बिजली समेत दुर्घटना के मामलों में पात्र किसान, बटाईदार और उनके परिवारों को मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पांच लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त आवासों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना से 1.20 लाख रुपये अलग से दिए जा रहे हैं। आंशिक मकान क्षति और पशुहानि पर भी सहायता मिलेगी। पूर्व में 1,29,326 किसानों को फसल क्षति के लिए करीब 78 करोड़ रुपये तथा जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति के मामलों में 225.93 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। सड़कों की मरम्मत और कटान रोकने के लिए धन की कमी नहींमुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ से कटान रोकने के कार्य तत्काल शुरू करें। सिंचाई विभाग को पर्याप्त धनराशि दी गई है। पीडब्ल्यूडी, नगर विकास विभाग और विकास प्राधिकरण मौसम साफ होते ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत शुरू कराएं। आपदा राहत और आवागमन बहाल करने के लिए जितना धन चाहिए, सरकार उपलब्ध कराएगी। आकाशीय बिजली से बचाव के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम और वर्षा मापने के लिए रेन गेज लगाए गए हैं। नागरिकों को मोबाइल पर मौसम संबंधी अलर्ट भी भेजे जा रहे हैं। 15 अक्टूबर से प्रभावित जिलों में खुलेंगे धान क्रय केंद्रमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जिन जिलों में अतिवृष्टि हुई है, वहां 15 अक्टूबर से धान, ज्वार, बाजरा और मक्का के क्रय केंद्र खोले जाएंगे। अन्य जिलों में सोमवार से खरीद शुरू हो रही है। किसानों की उपज खरीदने की कोई सीमा नहीं होगी। भुगतान सीधे खाते में पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि सरकार 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये कर्ज माफ कर चुकी है। 16 लाख निजी नलकूपों की बिजली निशुल्क की गई है और 22 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को सौंपे सहायता राशि के चेकमुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम में आपदा प्रभावित लाभार्थियों को सहायता राशि के प्रतीकात्मक चेक सौंपे। इनमें सदर क्षेत्र की रेशमा देवी, चंदन कुमार पासवान, इंद्रावती, सविता देवी, चुन्नी देवी और सीमा देवी, कैंपियरगंज के बहराइची, बेचन प्रसाद, जोकखन, संपत और परमहंस शामिल रहे। इसके अलावा सदर क्षेत्र के चंद्रप्रकाश द्विवेदी और धरणीधर तथा गोला क्षेत्र के गिरजापति त्रिपाठी, कमलेश, रामदरश, जनार्दन प्रसाद और राणा प्रताप सिंह को भी चेक प्रदान किए गए। सहायता राशि डीबीटी से सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी गई। कृषि मंत्री बोले- किसानों के लिए खोला सरकार ने खजानाकृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार ने किसानों को प्राथमिकता दी है। अब तक कृषि क्षेत्र में 69,163 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। गन्ना मूल्य 280 से बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल किया गया। गन्ना किसानों को 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से नौ वर्षों में 6,125 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई है। सांसद रवि किशन बोले- संकट में किसानों के साथ सरकारसांसद रवि किशन ने कहा कि पिछली सरकारों में किसान कर्ज और आर्थिक संकट से परेशान रहते थे। योगी सरकार ने कर्जमाफी, गन्ना भुगतान और आपदा राहत को प्राथमिकता दी। अब किसानों को सहायता के लिए भटकना नहीं पड़ता। संकट आने पर सरकार उनके साथ खड़ी रहती है। मिशन शक्ति की रैली को दिखाई हरी झंडीमुख्यमंत्री योगी ने मिशन शक्ति के छठे चरण के अंतर्गत जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। स्कूटी सवार महिला पुलिसकर्मियों और महिलाओं ने रैली में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कृषि, उद्यान, मत्स्य पालन और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना समेत विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में ये रहे मौजूदकार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद रवि किशन, महापौर डॉ. मंगलेश