समाज के प्रति कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना ही सच्चा कर्मयोग : आलोक कुमार

पूर्वोत्तर भारत में 55 वर्षों से समाजसेवा कर रहे लैश्रम जात्रा सिंह को मिला स्वामी विवेकानन्द स्मृति कर्मयोगी पुरस्कार 2026

नई दिल्ली। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट आलोक कुमार ने कहा कि राष्ट्र, समाज और संस्कृति के प्रति समर्पण प्रत्येक नागरिक का महत्वपूर्ण दायित्व है। समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना ही वास्तविक अर्थों में कर्मयोग है। निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करने वाले व्यक्ति ही राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वह शनिवार को नई दिल्ली स्थित कंस्टीट्यूशन क्लब के मावलंकर सभागृह में आयोजित स्वामी विवेकानन्द स्मृति कर्मयोगी पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर पूर्वोत्तर भारत में पिछले 55 वर्षों से कठिन एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में समाजसेवा और राष्ट्रहित के कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लैश्रम जात्रा सिंह को स्वामी विवेकानन्द स्मृति कर्मयोगी पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया।

समारोह में गीता मनीषी ज्ञानानंद जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता एडवोकेट आलोक कुमार ने की। राज्यसभा सांसद डॉ. के. लक्ष्मण विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं दिल्ली प्रभारी विनय सहस्रबुद्धे तथा मणिपुर भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद शारदा देवी भी मंच पर मौजूद रहीं।

युवाओं को स्वामी विवेकानन्द के विचार अपनाने का आह्वान

मुख्य अतिथि गीता मनीषी ज्ञानानंद जी ने अपने संबोधन में युवाओं से स्वामी विवेकानन्द के विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने सेवा, आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रभक्ति का जो संदेश दिया, वह आज भी प्रासंगिक है। उनके बताए मार्ग पर चलकर युवा समाज और राष्ट्र के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

राज्यसभा सांसद डॉ. के. लक्ष्मण ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत के नागरिक देश के अन्य हिस्सों के नागरिकों की तरह ही गौरवशाली भारतीय हैं। भारत की एकता और अखंडता में पूर्वोत्तर क्षेत्र का विशेष योगदान है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और स्वस्थ, सशक्त एवं विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

निस्वार्थ सेवा ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि निस्वार्थ भाव से किए जाने वाले सामाजिक कार्य राष्ट्र की वास्तविक शक्ति हैं। समाज के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले लोगों का सम्मान करना अन्य लोगों को भी सेवा कार्यों के लिए प्रेरित करता है।

मणिपुर भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद शारदा देवी ने देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक समृद्धि में पूर्वोत्तर भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक विविधता भारतीय विरासत को और समृद्ध बनाती है।

55 वर्षों की समाजसेवा को मिला सम्मान

पुरस्कार प्राप्त करने के बाद लैश्रम जात्रा सिंह ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने समाज और राष्ट्र की सेवा के कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया। पूर्वोत्तर भारत में साढ़े पांच दशकों से अधिक समय तक विपरीत परिस्थितियों में किए गए उनके सामाजिक योगदान को समारोह में विशेष रूप से सराहा गया।

कार्यक्रम के संकल्पनाकार एवं माय होम इंडिया के संस्थापक सुनील देवधर ने आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वामी विवेकानन्द के विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना और लोगों में सेवा, समर्पण तथा राष्ट्र निर्माण की भावना को प्रोत्साहित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने लैश्रम जात्रा सिंह के जीवन और कार्यों को सच्चे कर्मयोग की प्रेरणादायी मिसाल बताया।

समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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