एमएमजी जिला अस्पताल का किया निरीक्षण, आपातकालीन वार्ड में मरीजों से जाना स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल; निर्माणाधीन भवन का कार्य शीघ्र पूरा कराने के दिए निर्देश
अनिल कुमार
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने जनपद गाजियाबाद के भ्रमण के दौरान विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की ओर से आयोजित अखिल भारतीय खेलकूद समारोह-2026 का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने एमएमजी जिला अस्पताल पहुंचकर वहां उपलब्ध चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनके उपचार और मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पुष्पगुच्छ भेंट कर किया स्वागत
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के एमएमजी जिला अस्पताल पहुंचने पर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर सांसद अतुल गर्ग, विधायक संजीव शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन चंद्र वैश्य, सीएमएस डॉ. राकेश कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
आपातकालीन वार्ड में मरीजों से जाना स्वास्थ्य सेवाओं का हाल
उपमुख्यमंत्री ने अस्पताल के आपातकालीन वार्ड का निरीक्षण किया और वहां भर्ती मरीजों से उनके स्वास्थ्य, उपचार तथा अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान अधिकांश मरीज बुखार एवं मौसमी बीमारियों से पीड़ित पाए गए। उन्होंने मरीजों को खानपान पर विशेष ध्यान देने, साफ-सफाई बनाए रखने और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह दी।
मरीजों एवं उनके तीमारदारों ने अस्पताल में मिल रही चिकित्सा सेवाओं और चिकित्सकीय स्टाफ के व्यवहार पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उन्हें उपचार के दौरान बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।
इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री ने दुर्घटना में घायल एक मरीज से भी बातचीत की, जो शराब के सेवन के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुआ था और अस्पताल में उपचाराधीन था। उन्होंने मरीज को नशे से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि नशा व्यक्ति को उसकी जिम्मेदारियों से विमुख करता है और इसका दुष्प्रभाव केवल व्यक्ति पर ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार पर पड़ता है। उन्होंने मरीज से अपने स्वास्थ्य और परिवार के प्रति जिम्मेदारियों को समझने तथा भविष्य में नशे से पूरी तरह दूर रहने की अपील की।
निर्माणाधीन नए भवन का निरीक्षण, शीघ्र कार्य पूरा कराने के निर्देश
उपमुख्यमंत्री ने अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन नए भवन का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य की प्रगति और वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि भवन निर्माण निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप शीघ्र पूरा कराया जाए, ताकि इसका लाभ आमजन को जल्द मिल सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्माण कार्य में बजट की कोई समस्या आ रही है तो इसकी जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाए। आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त बजट का प्रस्ताव शासन को भेजा जाए, ताकि धनराशि की उपलब्धता सुनिश्चित कर निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जा सके।
पुराने भवनों की पीडब्ल्यूडी से तकनीकी जांच कराने के निर्देश
उपमुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन नए भवन के आसपास स्थित अन्य भवनों एवं पुराने निर्माणों की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन भवनों की लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के माध्यम से तकनीकी जांच कराई जाए। जांच में यदि कोई भवन ध्वस्तीकरण योग्य पाया जाता है तो नियमानुसार उसे ध्वस्त कराया जाए। वहीं, उपयोग योग्य भवनों का आवश्यकतानुसार जीर्णोद्धार एवं मरम्मत कार्य कराया जाए।
उन्होंने कहा कि इन कार्यों के लिए आवश्यक बजट की व्यवस्था जनपद अथवा शासन स्तर से नियमानुसार सुनिश्चित की जाए, ताकि अस्पताल परिसर की आधारभूत संरचना को बेहतर बनाया जा सके।
चिकित्सकों की कमी दूर करने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जोर
उपमुख्यमंत्री ने जनपद में चिकित्सकों की उपलब्धता और रिक्त पदों की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन चिकित्सकीय पदों पर कमी है, उन्हें भरने के लिए शासन को तत्काल आवश्यक पत्र भेजे जाएं।
उन्होंने कहा कि आमजन को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए। अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए और मरीजों को उपचार के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं, ताकि आम नागरिकों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।