अनेकता में एकता है भारत की पहचान : डा दिनेश शर्मा

लोगों के बीच में एकता और देश के प्रति समर्पण है प्रगति का आधार

अंडमान ने किया वीबी राम जी योजना में सबसे अधिक रोजगार सृजन

श्री विजय पुरम अंडमान/ लखनऊ : अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल , डा दिनेश शर्मा ने द्वीप समूह के स्थापना दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि अनेकता में एकता भारत की पहचान है। भारत की संस्कृति जोडने की संस्कृति है तथा वही इस देश की आत्मा है। अंडमान आने वाले समय में देश की सुरक्षा और सम्पन्नता का द्वार बनने जा रहा है। पर्यटन के क्षेत्र में दुनिया के पटल पर अमिट पहचान बनाएगा।
उपराज्यपाल ने द्वीप समूह के स्थापना दिवस पर टैगोर कॉलेज ,श्री विजय पुरम, अंडमान निकोबार में आयोजित भव्य स्थापना दिवस कार्यक्रम में कहा कि आज देश के 10 राज्यों जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख, आंध्र प्रदेश, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, कर्नाटक, केरलम, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, पंजाब, तमिलनाडु आदि) केन्द्र शासित तथा अन्य प्रदेशों का स्थापना दिवस है जिसे देश के लोग मिलकर मना रहे हैं । देश प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एकता की अनुभूति कर रहा है। त्योहार के समय में जनजातीय समूह के मन में विकास की नई उमंग दिख रही है। लोग एक बार फिर से मिलकर विकसित भारत के स्वप्र को पूरा करने का संकल्प ले रहे हैं। जिस प्रकार से सुरो के संगम से शानदार संगीत बनता है उसी प्रकार अंडमान में अलग अलग धर्म के पर्वो को समय समय पर साथ में मनाने से जीवन में नई उमंग पैदा होती है।
समारोह में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना दिवस को एक साथ मनाकर देश में एकता का संदेश दिया गया। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा , कर्नाटक , केरलम , मध्य प्रदेश, पंजाब , तमिलनाडु राज्य और दिल्ली , चंडीगढ़ , जम्मू कश्मीर, लद्दाख, लक्ष्यद्वीप , पुदुचेरी के मूल निवासियों ने जो अंडमान में आकर बसे हैं उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से वहाँ की संस्कृति की झलक प्रस्तुत की।

उन्होंने कहा कि भारत अलग अलग संस्कृतियों का समूह है । भारत माता को गंगा माता , गऊ माता और धरती माता का त्रिकोण बताते हुए कहा कि देश तीन प्रकार की संस्कृतियों का समागम है।अंडमान में भारत की सभी संस्कृतियों का वास है जिससे यहंा पर विविधता में एकता तथा लघु भारत के दर्शन होते हैं।
डा शर्मा ने कहा कि भारत को आक्रान्ताओं ने लूटा जरूर पर वे यहाँ की संस्कृति साहित्य और परम्परा को नष्ट नहीं कर सके। जो भारत को लूटने आए थे वे बरबाद हो गए है। ब्रिटेन जिसने भरत पर राज किया वह कमजोर हुआ है और भारत सात प्रतिशत से भी अधिक की जीडीपी के साथ दुनिया की बडी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है। भारत की इस तरक्की का कारण निवासियों के बीच में एकता , समन्वय और देश के प्रति समर्पण का भाव है।
उनका कहना था कि अंडमान काला पानी नहीं बल्कि अब अमृत वाणी और अमृत पानी के लिए जाना जाएगा। यही इसकी सांस्कृतिक पहचान भी है। देश को आगे लेकर जाने का बडा अभियान चल रहा है। सेल्यूलर जेल में वीर सावरकर तथा अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को मिली यातनाओं को याद करते हुए कहा कि देश को आजादी उनके त्याग का परिणाम है। देश की स्वतंत्रता में तमाम ज्ञात अज्ञात सेनानियों का योगदान है। देश से अग्रेज तो चले गए पर मानसिकता यही रह गई। उसका दुष्प्रभाव देश में दिखाई देता है। देश के लोगों को अपनी भाषा एवं हिन्दी का अधिकतम प्रयोग करना चाहिए यही उनकी प्रगति का आधार है। ये भाषा का नहीं बल्कि मानसिकता का विरोध है। जब तक पाश्चात्य संस्कृति के प्रति लगाव रहेगा तब तक देश की प्रगति बाधित होती रहेगी। हर व्यक्ति को अपने देश एवं संास्कृतिक विरासत पर गौरव होना चाहिए। स्थापना दिवस अपने गौरव व परम्पराओं को याद करने का दिन है।
उपराज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल को गौरवशाली बताते हुए कहा कि इस समय में ही देश ने आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढाये हैं। विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने का यज्ञ आरभ हो चुका है। इस कडी में अंडमान ने बडी उपलब्धि हासिल करते हुए वीबी-जी राम जी योजना के तहत रोजगार सृजन में देश में पहला स्थान हासिल किया है। द्वीप समूह के दो स्थान यूनेस्कों ने अपनी संभावित सूची में शामिल किया है। आज का भारत श्रेष्ठ भारत हो तथा दुनिया में इसका नाम हो इसके लिए काम किया जाए। अब अंडमान देश की मुख्यधारा में शामिल हो चुका है। देश में द्वीप समूह के प्रति आकर्षण बढ रहा है। आने वाले समय में द्वीप समूह को सभी सुविधाओं से युक्त बनाने का काम तेजी से होगा जिससे यहां की दशा और दिशा में सकारात्मक बदलाव आए।

डा शर्मा ने कहा कि आज का भारत नक्सलमुक्त है। जिसमें किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है। ये नया भारत है जो डरता भी नहीं और डराता भी नहीं है। आज पाकिस्तान की गोली का जवाब गोले से दिया जाता है। पहले के समय में पाकिस्तानी हमले का जवाब शान्ति के प्रतीक कबूतर को उडाकर दिया जाता है।

इस अवसर पर सांसद श्री विष्णुपद राय , सचिव कला संस्कृति श्रीमती ज्योति कुमारी , उपायुक्त अंडमान पूर्वा गर्ग , पुलिस अधीक्षक श्वेता के सुगथन, इतिहासकार डॉ रशीदा इकबाल, आई ए एस नीरज भारती , सतनाम सिंह, प्रवेश रंजन आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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